कुल्फा, नोनी या अमलोनी: वह “जादुई साग” जिसे हम खरपतवार समझकर फेंक देते हैं!

अक्सर जिसे हम अपने बगीचों या खेतों के किनारे एक साधारण “खरपतवार” समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, वह वास्तव में धरती पर मौजूद सबसे पौष्टिक पौधों में से एक है। हम बात कर रहे हैं कुल्फा की, जिसे भारत के अलग-अलग हिस्सों में नोनी, अमलोनी, नोनिया या लूणी साग के नाम से जाना जाता है। अंग्रेजी में इसे पर्सलेन (Purslane) कहते हैं।

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खान सर की “इंसानियत पहले” मुहीम: पटना में क्लासरूम से ₹7 में ब्लड टेस्ट तक का सफर

पटना के विख्यात शिक्षक खान सर ने अपनी सामाजिक मुहीम को नया विस्तार देते हुए स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कदम रखा है। अप्रैल 2026 में, उन्होंने गांधी मैदान के पास ‘खान ब्लड बैंक’ और एक अत्याधुनिक अस्पताल का उद्घाटन किया। इस पहल का मुख्य आकर्षण मात्र ₹7 में ब्लड टेस्ट की सुविधा है, जो निजी लैब की तुलना में बेहद सस्ती है।

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लू लगने से पहले शरीर देता है ये 5 बड़े संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी!

लू अचानक हमला करने से पहले शरीर को कुछ चेतावनी संकेत (Warning Signs) देता है। यदि समय रहते इन संकेतों को पहचान लिया जाए, तो गंभीर खतरे से बचा जा सकता है।

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9 लाख की नौकरी को ‘बाय-बाय’, एक महीने में कमाए ₹1.5 लाख: अंशिका की साहसी कहानी!

क्या आप भी 9-5 की जॉब से परेशान हैं? अंशिका से सीखें रिस्क लेना।
एक महीने में ₹1.5 लाख की कमाई, लेकिन फिर भी अंशिका ने दी ये बड़ी चेतावनी!
कंटेंट क्रिएशन बना नया करियर: अंशिका की सफलता के पीछे के 3 बड़े मंत्र।
नौकरी छोड़ने से पहले जरूर पढ़ें अंशिका की ये सलाह: इमरजेंसी फंड और नेटवर्क का खेल।
जॉब छोड़ी, जुनून चुना: अंशिका की Viral Story!
9 लाख की सैलरी Vs डिजिटल फ्रीडम: कौन जीता?

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पूर्वोत्तर का गौरव: डॉ. अतनु नाथ ने जीता ‘विज्ञान का ऑस्कर’, muon g-2 शोध के लिए मिला ब्रेकथ्रू प्राइज

मुऑन क्या है?: यह एक मूलभूत कण है जो इलेक्ट्रॉन की तरह व्यवहार करता है लेकिन वजन में उससे 200 गुना भारी होता है। अपनी भारी प्रकृति के कारण, यह ब्रह्मांड के अदृश्य बलों और कणों के प्रति बहुत संवेदनशील होता है।

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वीरपुर खरहरा: आजादी के दशकों बाद भी सरयू नहर पर पुल का इंतजार, ग्रामीणों ने विधायक से लगाई गुहार

बस्ती (उत्तर प्रदेश): हर्रैया विधानसभा के ग्रामसभा वीरपुर खरहरा और मल्लुपुर घोरसाय के हजारों ग्रामीणों के लिए विकास की राह में ‘सरयू नहर’ एक बड़ी बाधा बनी हुई है। नहर पर पक्का पुल न होने के कारण ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। शुक्रवार को ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक श्री अजय सिंह को मांग पत्र सौंपकर जल्द से जल्द पक्के पुल के निर्माण की अपील की।

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आम आदमी पार्टी में बड़ी बगावत: राघव चड्ढा समेत तीन राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल

नई दिल्ली | 24 अप्रैल, 2026भारतीय राजनीति के गलियारों में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब आम आदमी पार्टी (AAP) के तीन दिग्गज राज्यसभा सांसदों—राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल—ने आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। इसे AAP के 12 साल के इतिहास […]

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फल और सब्जियों पर कीटनाशकों के उपयोग से कैंसर का बढ़ता खतरा!

कीटनाशक क्या हैं और उनका उपयोग क्यों किया जाता है? कीटनाशक वे रासायनिक पदार्थ होते हैं जिनका उपयोग फसलों को कीटों, खरपतवारों और बीमारियों से बचाने के लिए किया जाता है। ये फसल की पैदावार बढ़ाने और उसे बेहतर दिखने में मदद करते हैं। हालांकि, इन रसायनों का अंधाधुंध उपयोग पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है।

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क्यों प्रसिद्ध है राजघाट बुद्धा नदी के किनारे बेलहर क्षेत्र में स्थित श्री राम जानकी मंदिर और बाबा मोहकम दास जी का स्थान!

संत कबीर नगर के बेलहर क्षेत्र में स्थित राजघाट बुद्धा नदी के किनारे श्री राम जानकी मंदिर और बाबा मोहकम दास जी का स्थान है। यहां भगवान राम जानकी का भव्य मंदिर बना हुआ है और मंदिर के तीन तरफ नदी का किनारा है। जो आगे 1 किमी० चलकर आमी नदी में इसका संगम होता है । वह स्थान त्रिमोहानी के नाम से जाना जाता है।

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मुकुल चौधरी के पिता से जुड़ी यह कहानी रुला देगी – घर बेचा, जेल गए, अपनों ने साथ नहीं दिया फिर भी हौसला नहीं छोड़ा!

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मुकुल चौधरी राजस्थान के एक छोटे से गांव खेदारो की ढाणी के रहने रहने वाले हैं जहां उनके पिता दिलीप चौधरी ने अपना सब कुछ गांव पर लगा दिया मुकुल चौधरी को क्रिकेट बनाने के लिए यह कहानी सुनकर आपकी आंखों में आंसू आ जाएगा उन्होंने क्या कुछ नहीं बर्दाश्त किया, उन्होंने अपना सब कुछ दावं पर लगा दिया, घर बेच दिया, उन्हें जेल भी जाना पड़ा! आईए जानते हैं उनकी पूरी कहानी!

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महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता एवं महत्व – आत्मनिर्भरता एवं निर्णय लेने की क्षमता

महिला सशक्तिकरण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को निर्णय लेने की क्षमता, आर्थिक स्वतंत्रता, शिक्षा और समानता प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाना है

महिला सशक्तिकरण की बात हर ओर गूंजती है। महिला सशक्तिकरण का प्रयास जो समाज में हुआ है, वह सफल रहा है। आज के समय में महिलाएं अपने घरों की दहलीज के बाहर ही नहीं आई है अपितु राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की हैं

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कहानी एक महत्त्वाकांक्षी महिला उद्यमी की सफलता की

कोई व्यक्ति फंसा हुआ महसूस कर रहा है, निराश है और प्रगति करने में असमर्थ है? वास्तव में, बहुत काम पूरा करने की तलाश में हर कोई अंधेरे में चारों ओर ठोकर खा रहा है। आपके शुरुआती 20 के दशक में ऐसा क्यों महसूस होता है कि आपके जीवन के […]

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क्या आप अपने बच्चों के स्वास्थ्य की चिंता करते हैं? आहार विशेषज्ञ सृष्टि अरोड़ा आपकी चिंता दूर कर रही हैं।

child Health

21 वीं सदी में हर माता-पिता के लिए बच्चे का स्वास्थ्य चिंता का कारण है। अच्छी तरह से भोजन करना बच्चे की स्वस्थ वृद्धि और विकास का समर्थन कर सकता है समग्र विकास एक बच्चे की प्लेट में है और वे इसे कैसे खाते हैं। क्या आप जानते हैं कि […]

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चीन से युद्ध के लिए कितनी है भारत की तैयारी !

Indian Army

भारत के अपने पड़ोसी देश चीन से सीमा विवाद को लेकर तनातनी के बीच युद्ध जैसे हालात निर्मित हो गए हैं और दोनों देशों की सेनाएं भी आमने सामने आ जाने से स्थिति गंभीर है, अब हर भारतवासी के मन में ये प्रश्न उठ रहा होगा कि भारत के पास […]

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Success Story: गांव के इस लड़के ने जुगाड़ से बनाने शुरू किये वीडियो और अब Entrepreneur बनकर कर रहा है ऑनलाइन कमाई

MN Hemant Success Story

कल्पना करिये कि आप किसी ऐसे परिवार से ताल्लुक रखते हों जहाँ आपके पिता खेतों में काम करके आपको पढ़ाने लिखाने और आपके भविष्य के सपनों को पंख देने के लिए पाई पाई जोड़ने में लगे हों और आपकी माता स्कूल में खाना बनाती हों और उनके मन में भी […]

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२१ जून को योग दिवस के साथ पड़ने से विशेष होगा ये सूर्य ग्रहण

सूर्य ग्रहण Surya Grahan and Yog Diwwas

वैसे तो २१ जून साल का सबसे बड़ा दिन होता है, इस तारीख को दिन सबसे बड़ा और रात सबसे छोटी होती है। लेकिन इस बार यानि २०२० में कुछ ऐसा संयोग बन रहा है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के साथ ही सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) भी इसी दिन पड़ […]

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गुलाबो सिताबो: लॉकडाउन में चलो लखनऊ घूम आये

गुलाबो सिताबो - Gulabo Sitabo ki kahani

लखनऊ अदब /तहजीब और पहले आप वाला लब्बोलुआब केवल इतना ही नही है, लखनऊ की तहजीब के ऊपर बेहद कम फ़िल्म बनी है जिनमे से एक गुलाबो सिताबो है। लखनऊ की लोककला गुलाबो सिताबो दो कैरेक्टर हैं जो सौत है और उनमें नोक झोंक होती रहती है, इस नोकझोक को […]

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जो आनंद इन बेर को खाने में है वो स्वाद बड़े बड़े मन को लुभाने वाले बाजारी बेर में कहाँ है।

आनंद बेर को खाने में है

बचपन में इन बेर को खाने और तोड़ने के लिए न जाने कितनी बार नानी से डाँट खाई है फिर भी पता नहीं कितने कांटो की चुभन सहकर इन्हें तोड़ने का सफल प्रयास किया है। हमारा गांव छोटा था वहाँ झरबेरी के पेड़ बहुत कम थे हमारे साथियों को पता […]

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पर्यावरण व हरियाली की जंग लड़ता, पूर्व नौसैनिक

पर्यावरण: जगह जगह पौधारोपण के कार्यक्रम किए जा रहे हैं

पर्यावरण को लेकर हर छोटे बड़े मंच पर चिंताएं झलकती है, जागरूकता अभियान चलते हैं मगर बिना ईमानदार कोशिश के कोई मिशन मुक़ाम तक पहुँच नहीं सकता। आज जब पूरा विश्व पर्यावरण दिवस माना रहा है । जगह जगह पौधारोपण के कार्यक्रम किए जा रहे हैं तब उत्तर प्रदेश के […]

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जनसंख्या नियंत्रण बिल: अचानक से इस मुद्दे ने क्यों हवा पकड़ी

जनसंख्या नियंत्रण बिल जरुरी क्यों

पिछले एक दो वर्षो से जनसंख्या नियंत्रण पर एक बड़ी चर्चा विभिन्न पटल पर उभर कर आ रही है और ये चर्चा यूँ ही नही उभर कर आई है। जनसँख्या के ऊपर आंकड़े हर 10 साल में आते रहते है। पिछले आंकड़े 2011 में आये थे लेकिन अब अचानक से […]

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प्रकृति ने एक झन्नाटेदार तमाचा जड़ा और सारी हेंकड़ी निकल गई

LOCKDOWN IMPACT - lockdown ki maar

प्रकृति ने एक झन्नाटेदार तमाचा जड़ा और आप सीधे धरती पर आ पड़े, सारी हेंकड़ी निकल गई, लोकडाउन की शुरुवात में तो सबको बडा ही मजा आया था, खासकर जो लोग लम्बी छुट्टी को तरसते रहते थे, लेकिन कुछ दिन बाद ही बोरियत शुरू हो गई. फिर आगे चलकर दूसरे […]

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हर्ड इम्युनिटी: क्या कोरोना समय के साथ कमजोर पड़ रहा है?

Herd Immunity

बंधुओँ, जैसा कि मैंने पहले ही चेताया था कि भारत में अंततः कोरोना के प्रकोप से बचेगा कोई भी नहीं, आगे या पीछे. घनी आबादी वाले शहरोँ में तो यह सोशल स्प्रेड होगा, ज्योमेट्रिकल प्रोग्रेसन के तहत मल्टिप्लाई होकर आगे लाखोँ-करोडोँ लोग इससे संक्रमित हों जायेंगे. लेकिन अब इसका उजला […]

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जनसंख्या वृद्धि और अनावश्यक खर्चों पर लगाम से होगा सामाजिक बदलाव

Pollation Control

जनसंख्या के बारे में दो बाते उभर कर सामने आती है, पहली ये कि जनसंख्या का असमान केंद्रीकरण रोकना चाहिये और दूसरी ये कि जनसंख्या की चक्रवर्ती वृद्धि पर लगाम कसी जाये. आजादी के समय हम पूरी तरह से कंगाल थे और ना ही शासन का कोई अनुभव ही था. […]

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एक इश्क ऐसा भी – कौन जानता था पत्नी यूँ अकेला छोड़कर चली जायेगी

Old Husband Wife Love Story

​एक एक करके घर आये सभी मेहमान जा चुके थे. अब बस घर में सुहानी और उसके बाबू जी हरिदास ही बचे थे. मम्मी के यूँ अचानक परलोक सिधार जाने से जहां सुहानी को कोई सहारा नजर नहीं आ रहा था वहीँ हरिदास जी तो जैसे बेजान से बूत मात्र […]

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रोटी: रोजी रोटी की तलाश में जब वह पहली बार शहर आया

Roti ki talash me shaher aya

रोजी रोटी की तलाश में दीना ने अपनी जन्मभूमि से दूर जहां उसका बचपन और युवाववस्था के कई साल गुजरे, बचपन के संगी साथी और घर परिवार के लोगों का साथ छूटा I इस बात से भी गुरेज नहीं किया. उसको याद है जब वह पहली बार शहर आया तो […]

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तेजाबी हमला – जिस्मानी और दिमागी हत्या

तेजाबी हमला: जिस्मानी और दिमागी हत्या

यू तो समाज में महिलाओं पर बहुत से हमले हुआ करते हैं। कभी बलात्कार, दहेज हत्या, घरेलू हिंसा, सामुहिक दुष्कर्म, यौन शोषण, खरीद फरोख्त आदि लेकिन इन सबसे भी एक दर्दनाक और खौफनाक हमला है “तेजाबी हमला” इसमे न सिर्फ शरीर जलता है बल्कि पूरा जीवन एक मौत का जीवन […]

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कोरोना और लॉकडाउन का आर्थिक पक्ष: भाग- 2

कोरोना और लॉकडाउन का आर्थिक पक्ष

दुनियाँ की प्रायः सभी उन्नत देशो की सरकारे अपने बजट में आपदा कोष का प्रोविजन रखती है, जिसका इस्तेमाल युद्ध या आकस्मिक प्राकृतिक आपदा के लिये किया जाता है. भारत में भी रिजर्व बैंक के पास तिल-तिल कर जोडा गया आपदा कोष था. लेकिन दुर्भाग्य से अभी पिछले साल ही […]

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कोरोना और लॉकडाउन का उजला पक्ष

कोरोना और लॉकडाउन का आर्थिक पक्ष

बंधुओ, एक तरफ जहाँ पूरी दुनिया कोरोना के कहर से त्रस्त है, लेकिन मैं उसका उजला पक्ष भी देख-समझ पा रहा हूँ. और भविष्य के लिये आशांवित भी हूँ. हो सकता है कि किसी दिन मैं भी इसकी चपेट में आ जाऊँ, लेकिन शायद मेरे बाद भी यह धरती सबक […]

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लकड़ी से बनाई गाड़ी पर 8 महीने की गर्भवती पत्नी और बेटी को 800 KM खींचकर घर पंहुचा मजदूर

Migrant Labor

हाल ही में बालाघाट के पास एक प्रवासी मजदूर की दिल को छू लेने वाली तस्वीर सामने आयी। हैदराबाद में नौकरी करने वाला बालाघाट का एक मजदूर लकड़ी से बनी एक गाड़ी पर अपनी पत्नी और बच्ची को बैठाकर गाड़ी खींचता हुआ बालाघाट पहुंच गया। उसकी पत्नी ८ माह की […]

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लॉकडाउन 4.0 से पहले योगी सरकार के 3 तीन शहरों में दिए गए ज्यादा सख्ती के आदेश के मायने

Lockdown 4.0 will change your life style

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधित करते ही लोगों ने लॉकडाउन 4.0 की अटकलें लगानी शुरू कर दी। इसी बीच यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए और ज्यादा सख्ती से नियमों को लागू करने पर विचार कर रही है। जैसा की हम सभी को पता […]

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ग्लोबल vs. लोकल: एक ग्लोबल बीमारी ने देश को इतना लोकल कैसे बना दिया

In India Global vrs Local Product

माननीय प्रधानमंत्री जी का Lockdown के तीसरे चरण के लगभग उत्तरार्ध पर बेहद सधा हुआ आवाहन था। आवाहन कई तरह से महत्वपूर्ण था और आगे की दिशा दिखाने वाला भी। ये बात और है कि आगे की दिशा पर प्रकाश तीसरे चरण की घोषणा के साथ पड़ चुका है। वैश्विक […]

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गौना – बिदाई रस्म की एक सत्य कहानी

Gauna ki ek satya Kahani hai

शाम को थकी हारी सुधा ऑफिस से घर लौटी पर्स सोफे पर फेंक कर टॉवल उठाया और फ्रेश होने के लिए बाथरूम में घुस गई। फ्रेश होकर वापस आयी मोबाईल उठाया तो देखा, मम्मी की दो मिस्ड कॉल आयी थी। जबसे जॉब के सिलसिले में सुधा घर से दूर शहर […]

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लॉकडाउन की चुनौती को अवसर में बदल दिया !

Lockdown Best Pic

हम सब जानते हैं की पूरा विश्व इस समय एक महामारी ” कोरोना ” से संघर्ष कर रहा है जिसके चलते पुरे विश्व और भारत में लॉकडाउन की स्थिति बनी हुई है और हम सब अपने अपने घरों में बंद हैं , लेकिन इसका मतलब यह नहीं है की हमारी […]

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जब माँ ने पूछा पाजेब कहाँ गयी – बचपन की बात

paajeb Story images

उन दिनों की बात है जब मैं मुश्किल से 10 साल की थी और मुझसे छोटा मेरा भाई। हम दोनों जून के महीने की भरी दोपहर में सबके सो जाने पर अक्सर चुपके से तालाब में नहाने जाते थे। एक दिन उसी तरह दोनों भाई बहन तालाब में नहाने गए […]

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कविता – तुमसे बेहतर लिखती हूँ, पर जज़्बात तुम्हारे अच्छे हैं

Best Poem of the Year 2020

कविता – तुमसे बेहतर लिखती हूँ, पर जज़्बात तुम्हारे अच्छे हैं: मैं तुमसे बेहतर लिखती हूँ, पर जज़्बात तुम्हारे अच्छे हैं ! मैं तुमसे बेहतर दिखती हूँ, पर अदा तुम्हारी अच्छी है !! मैं खुश हरदम रहती हूँ, पर मुस्कान तुम्हारी अच्छी है ! मैं अपने उसूलों पर चलती हूँ, […]

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समय की जरूरत – बचे हुए खाने को पार्सल करा कर जरुरतमंदों को दें

Robin Hood Army is a great NGO

जब कभी मैं रेस्टोरेंट में जाता हूँ तब मैं जो भी खाने के लिए आर्डर करता हूँ तो उसमे कुछ बच जाता है और वो बचा हुआ खाना मैं पार्सल करा लेता हूँ और किसी जरूरत मंद को दे देता हूँ. एक दिन मेरे दिमाग में आया की हम सब […]

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दो पीढ़ियों का अंतर – हमारा और हमारे बच्चों का बचपन

Do pidhiyon ka bachpan

छोटा सा गांव मेरा, मुट्ठी भर लोग चारो तरफ धन धान्य से परिपूर्ण खेत, फलदार बाग, फूलों से भरे बगीचे, दूर तक हरी चादर ओढ़े जमीन, लबालब पानी भरे ताल तलैया और इस जन्नत जैसी जमी के बीच मेरा घर मेरा अपना घर और उस घर मे मैं इकलौती बच्ची […]

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गांव का बचपन और बचपन की कुछ यादें

VillagePrimarySchool

चलिये थोड़ा गांव का बचपन याद करते हैं…जानते हैं ये क्या है ? हाहाहा… जितने लोग हमारे जैसे प्राइमरी स्कूल में पढ़े होंगे वो सब बहुत ही अच्छी तरह से इसे पहचानते होंगे। जी हां ये वही “बेहया” है जिसके बिना मास्टर साहब का सिखाया गया पाठ याद नहीं होता […]

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देश प्रेम: जिनके लिए देश पहले आता है – पूर्व नौसैनिक संदीप पाण्डेय

कोरोना की त्रासदी से समूचा देश जूझ रहा है

आज कोरोना की त्रासदी से समूचा देश जूझ रहा है। सरकार लोगों को बचाने के प्रयासों में जी जान से जुटी है। इन सरकारी प्रयासों के साथ ही समाज के कुछ योद्धाओं का सेवाभाव और जुनून सरकार के लिये बड़ा मददगार साबित हो रहा है। इनमें ही एक है संदेश […]

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कोरोना लॉकडाउन: मानव जाति के लिए अभिशाप व प्रकृति संतुलन के लिये वरदान

लॉकडाउन का सकारात्मक पक्ष क्या है

जैसा कि हम जानते हैं कि नदियों की सफाई, जलवायु संरक्षण या प्रदूषण नियंत्रण आदि के नाम पर हर साल भारत सरकार या विश्व कि अन्य सरकार के द्वारा करोड़ों अरबों रुपए खर्च किए जाते हैं। हम इनसे संबधित मंचो, कार्यालयों आदि को व्यवस्थित करने और विचार विमर्श के कार्यान्वयन […]

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लॉकडाउन का शानदार उपयोग: गांव वालों ने मिलकर १ महीने में बना दी अच्छी सड़क

लॉकडाउन का शानदार उपयोग

बात करें अगर लॉकडाउन की और आपसे पूछा जाये की इस लॉकडाउन वाले समय को बिताने के लिए आप ने क्या किया तो ज्यादातर लोगों का जबाब मिलेगा की घर पर खाली बैठे हैं कुछ लोग बोलेंगे की बोर हो रहे हैं, कुछ टीवी देख रहे हैं, कुछ सोशल ऍप […]

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व्यापार की ये चार कड़ियां: भूमि, पूंजी, श्रम और उद्यम – श्रमिक दिवस विशेष

व्यापार की ये चार कड़ियां: भूमि, पूंजी, श्रम और उद्यम - श्रमिक दिवस विशेष

भूमि, पूंजी, श्रम और उद्यम – किसी भी व्यापार की ये चार कड़ियां जो 18वी शताब्दी में आत्मसात की गई थी, आज भी उतनी ही सार्थक है। समय के साथ भूमि की परिभाषा में परिवर्तन आया है और इसकी व्यापकता पूंजी की परिभाषा से जा कर मिलने लगी है। लेकिन […]

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माँ का प्यार : जिसके एक हाथ से थप्पड़ और दूसरे हाथ से रोटी खायी है

Mother's Day best photo of 2020

माँ एक ऐसा शब्द जिसको सुनते ही चेहरे पर अनायास मुस्कान आ जाती है, आज तक कोई भी माँ के प्यार को शब्दों में नहीं पिरो पाया है। माँ का प्यार जितना अनंत है उसको बया करना उतना ही आसान। ये इस धरा पर वो प्यार की मूर्ति है जो […]

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माँ : मेरे जीवन में माँ का स्थान – मातृ दिवस विशेष

मेरे जीवन में मेरी माँ का स्थान

माँ…! सभी की माँ उसके लिए बहुत प्यारी होती है। उसी प्रकार मेरी माँ भी मेरे लिए बहुत कुछ है। यह शब्द सभी की जिंदगी की शुरुआत से ही जुड़ा होता है। माँ के स्नेह में हर वो ख़ुशी मिलती है जो किसी जन्नत से बढ़कर है और जिसका कोई […]

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