खान सर की “इंसानियत पहले” मुहीम: पटना में क्लासरूम से ₹7 में ब्लड टेस्ट तक का सफर

पटना, बिहार – मशहूर शिक्षक और डिजिटल क्रांति के अग्रदूत खान सर ने शिक्षा के साथ-साथ अब स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भी एक बड़ी मिसाल पेश की है। पटना में उनके द्वारा शुरू किया गया ‘खान ब्लड बैंक’ और अस्पताल इस अप्रैल से पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य गरीबों को सस्ती और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देना है।

मुख्य बिंदु:

  • सस्ती चिकित्सा सेवा: अस्पताल में ECG ₹25, एक्स-रे ₹35 और MRI ₹1,000 जैसी न्यूनतम दरों पर उपलब्ध हैं।
  • अत्याधुनिक तकनीक: यहाँ इलाज के लिए जर्मनी और जापान की एडवांस मशीनों का उपयोग किया गया है।
  • शिक्षा में भी क्रांति: उनके प्लेटफॉर्म खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) से 2.4 करोड़ से ज्यादा छात्र जुड़े हैं, जहाँ वे ₹200 में UPSC जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं।
  • सिद्धांतवादी नेतृत्व: खान सर ने व्यावसायिक लाभ के बजाय सेवा को प्राथमिकता देते हुए ₹107 करोड़ के बड़े ऑफर को ठुकरा दिया और युवाओं को मतदान जैसे नागरिक कर्तव्यों के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं।

खान सर ने पटना में एक गैर-लाभकारी (नॉन-प्रॉफिट) अस्पताल शुरू किया है, ताकि पैसे की कमी किसी के इलाज में बाधा न बने। अपनी माँ के सेवा भाव से प्रेरित होकर उन्होंने ऐसी दरें तय की हैं जो निजी और सरकारी अस्पतालों से भी काफी कम हैं:

  • ब्लड टेस्ट: ₹7 (बाजार में इसकी कीमत ₹200–₹300 है)
  • ईसीजी (ECG): ₹25
  • एक्स-रे (X-Ray): ₹35
  • अल्ट्रासाउंड: लगभग ₹100
  • एमआरआई (MRI): ₹1,000
  • सीटी स्कैन (CT Scan): लगभग ₹900

यह अस्पताल पटना के गांधी मैदान के पास ‘डबल डेकर बिल्डिंग’ में स्थित है, जहाँ जर्मनी और जापान की अत्याधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने के लिए खान सर ने खुद इस ब्लड बैंक में पहला रक्तदान किया।

शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ता प्रभाव: खान ग्लोबल स्टडीज

स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ खान सर खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) के जरिए अपनी शैक्षणिक यात्रा भी जारी रखे हुए हैं। ₹200 जैसी मामूली फीस में UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले उनके यूट्यूब चैनल पर अब 24 मिलियन (2.4 करोड़) से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं।

  • मुनाफे से ऊपर सेवा: खबरों के मुताबिक, उन्होंने हाल ही में एक बड़ी एड-टेक कंपनी का ₹107 करोड़ का ऑफर ठुकरा दिया ताकि वे बच्चों को सस्ती शिक्षा देना जारी रख सकें।
  • छात्रों से अटूट रिश्ता: इस साल रक्षाबंधन पर एक नया रिकॉर्ड बना जब पटना में करीब 15,000 छात्राओं ने उन्हें राखी बांधी।

समाज और नागरिक कर्तव्य

खान सर अब नागरिक कर्तव्यों को लेकर भी युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं। बिहार चुनाव के दौरान, उन्हें पटना में मतदान करते देखा गया, जहाँ उन्होंने युवाओं से वोट डालने की अपील की। उन्होंने कहा कि मतदान ही वह समय है जब देश का हर नागरिक बराबरी के पायदान पर खड़ा होता है।

इतनी शोहरत के बावजूद खान सर एक सादा जीवन जीते हैं। उन्होंने हाल ही में अपने गृहनगर देवरिया (उत्तर प्रदेश) में एक घर बनाया है, लेकिन उनका सारा ध्यान आज भी बिहार के छात्रों और मरीजों की सेवा पर केंद्रित है।

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