क्यों प्रसिद्ध है राजघाट बुद्धा नदी के किनारे बेलहर क्षेत्र में स्थित श्री राम जानकी मंदिर और बाबा मोहकम दास जी का स्थान!

संत कबीर नगर के बेलहर क्षेत्र में स्थित राजघाट बुद्धा नदी के किनारे श्री राम जानकी मंदिर और बाबा मोहकम दास जी का स्थान है। यहां भगवान राम जानकी का भव्य मंदिर बना हुआ है और मंदिर के तीन तरफ नदी का किनारा है। जो आगे 1 किमी० चलकर आमी नदी में इसका संगम होता है। वह स्थान त्रिमोहानी के नाम से जाना जाता है। त्रिमोहानी एक गांव है। उस गांव में भी एक भव्य मंदिर है,जो बाबा मोहकम दास जी के द्वारा निर्माण कराया गया था, इस मंदिर पर सावन माह में हर वर्ष बड़े स्तर पर भंडारा तथा मेला लगता है।
अब बात करते हैं, “बाबा मोहकम दास” मंदिर राजघाट यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आते हैं। इस स्थान पर वर्ष में दो बार विशाल मेला का आयोजन होता है, और मेले में लाखों श्रद्धालु आते हैं, तथा राजघाट मंदिर पर प्रतिवर्ष फरवरी के अंतिम सप्ताह और मार्च के पहले सप्ताह में विशाल “श्री विष्णु महायज्ञ” का आयोजन होता है ।इस यज्ञ में हजारों की संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने आते हैं!
हर वर्ष अयोध्या धाम से राम कथा वाचक बुलाए जाते हैं, और सारे श्रोतागण श्रीमद् भागवत कथा, श्रीरामचरितमानस, शिव पुराण, विष्णु पुराण तथा इस यज्ञ में राम विवाह की अद्भुत झांकी बहुत बड़े स्तर पर निकल जाती है, और इस आयोजन में सीता स्वयंवर /राम विवाह ढोल- बाजा, डीजे के साथ बारातियों का स्वागत किया जाता है तथा “राम विवाह” संपन्न कराया जाता है।
8 दिनों के इस विशाल “महायज्ञ” के अंतिम दिन बहुत बड़े स्तर पर भंडारा किया जाता है, जो सैकड़ो गांव के लोग इस भंडारे में सम्मिलित होते हैं। इस मंदिर की मान्यता है, जो सच्चे दिल/मन से बाबा मोहकम दास का चिंतन करता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं!
इस मंदिर में मेला श्रीमद् भागवत कथा तथा साथ में शादियां भी संपन्न कराई जाती हैं। इसके साथ “छठ महापर्व” पर राजघाट मंदिर पर अपार भीड़ लगती है। आसपास के सैकड़ो गांव के लोग छठी मैया के इस पावन महापर्व का हिस्सा बनती हैं। इस समय राजघाट मंदिर की भव्यता देखते ही बनती है।
संत कबीर नगर के बेलहर विकास क्षेत्र का यह प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिर राजघाट बाबा मोहकम दास जी का स्थान है।अगर आप कभी संत कभी नगर जिले की यात्रा कर रहे हैं, तो इस मंदिर पर जरूर जाएं। आपकी सारी मनोकामनाएं जल्द पूर्ण होगी।
