क्यों प्रसिद्ध है राजघाट बुद्धा नदी के किनारे बेलहर क्षेत्र में स्थित श्री राम जानकी मंदिर और बाबा मोहकम दास जी का स्थान!

संत कबीर नगर के बेलहर क्षेत्र में स्थित राजघाट बुद्धा नदी के किनारे श्री राम जानकी मंदिर और बाबा मोहकम दास जी का स्थान है। यहां भगवान राम जानकी का भव्य मंदिर बना हुआ है और मंदिर के तीन तरफ नदी का किनारा है। जो आगे 1 किमी० चलकर आमी नदी में इसका संगम होता है । वह स्थान त्रिमोहानी के नाम से जाना जाता है।

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भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल एवं बौद्ध धर्म के चार सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक कुशीनगर कहां है?

Kushinagar

कुशीनगर, बौद्ध धर्म के चार प्रमुख प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक अभिन्न अंग है, जो तीर्थ यात्रियों और उत्साही लोगों को भगवान बुद्ध के पवित्र पद चिन्ह पर चलने के लिए आमंत्रित करता है। यह उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में गोरखपुर से लगभग 50–51 किमी० दूर स्थित एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बौद्ध तीर्थ स्थल है यह प्रसिद्ध है, क्योंकि यहां पर भगवान बुद्ध ने 483 ईसा पूर्व में महापरिनिर्वाण (देहवासन) प्राप्त किया था, यहां बुद्ध की अंतिम प्रतिमा रामभर स्तूप है और कई देशों के बने बौद्ध मंदिर प्रमुख आकर्षण हैं। A premier Buddhist pilgrimage site is Kushinagar, where Lord Buddha attained Mahaparinirvana (final nirvana).

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भगवान गौतम बुद्ध की पावन धरती सिद्धार्थनगर कहां है?

gautam ki nagari siddharthnagar

सिद्धार्थनगर, भारत के उत्तर– प्रदेश राज्य के उत्तर पूर्वी सीमा पर स्थित एक जिला है, यह मुख्य रूप से भगवान गौतम बुद्ध के बचपन के स्थान “कपिलवस्तु” (वर्तमान पिपरहवा) के कारण प्रसिद्ध है, जहां उन्होंने अपना प्रारंभिक जीवन व्यतीत किया था।

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Vindhyachal – विंध्याचल में घूमने लायक प्रसिद्ध जगह

vindhyachal famous places

विंध्याचल स्थान और देवी विंध्यवासिनी का उल्लेख भारत के कई प्राचीन ग्रंथो में मिलता है, इनमें से कुछ प्रमुख ग्रंथ महाभारत, वामन पुराण, मार्कंडेय पुराण, मत्स्य पुराण, देवी भागवत, हरिवंश पुराण, स्कंद पुराण, कादंबरी और कई ग्रंथ हैं, इन ग्रंथो में देवी विंध्यवासिनी का विशेष महत्व है।देवी दुर्गा और राक्षस राजा महिषासुर के बीच बहुत प्रसिद्ध युद्ध विंध्याचल में हुआ था, इस युद्ध का आध्यात्मिक और समसामयिक महत्व है,यह घटना विंध्याचल क्षेत्र में बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

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Gorakhpur – गोरखपुर में घूमने की प्रसिद्ध जगह

Gorakhpur Khas

गोरखपुर उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख जिला है,जो राप्ती नदी के किनारे बसा हुआ है, और ये उत्तर प्रदेश का जिला राजधानी से लगभग 270 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। महान संत गोरक्षनाथ जी के नाम पर इस शहर का नाम गोरखपुर रखा गया है, इस शहर की मुख्य नदी राप्ती नदी है। साथ ही गोरखपुर में और भी बहुत सारी नदियां बहती हैं, गोरखपुर में घाघरा, रोहणी कुआनो आदि नदियां भी बहती हैं, गोरखपुर में कई सारे पर्यटन स्थल हैं जहां काफी दूर से लोग घूमने आते हैं।

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मथुरा– वृंदावन में घूमने की प्रसिद्ध जगह, दर्शनीय स्थल जाने का समय

Mathura Darshan

यह भगवान कृष्ण की जन्मस्थली है, जहां कंस के कारागार में उनका जन्म हुआ था, और बाद में कृष्ण ने कंस का संहार करके अग्रसेन को मथुरा का राजा बनाया ।

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जाने अयोध्या में घूमने की प्रसिद्ध जगह, दर्शनीय स्थल, खर्चा, जाने का समय

अयोध्या दर्शन Ayodhya Darshan

अयोध्या एक प्राचीन तथा ऐतिहासिक नगर है, जो उत्तर प्रदेश राज्य में “सरयू” नदी के किनारे पर स्थित है । अयोध्या भगवान “राम” का जन्म स्थान है ,भगवान “राम” को मर्यादा पुरुषोत्तम “श्री राम” भी कहा जाता है अर्थात जिसका मतलब है ! पुरुषों में उत्तम पुरुष।

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मणिकार्णिका घाट: बनारस के घाटों में क्यों प्रसिद्ध है ?

मणिकार्णिका घाट

मणिकर्णिका घाट बनारस के सबसे प्रसिद्ध घाटों में से एक है क्यों? क्योंकि यहां मोक्ष (जन्म–मृत्यु) के चक्र से मुक्ति मिलती है,जहां मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार करने से आत्मा सीधे स्वर्ग लोक की प्राप्ति करती है, और माना जाता है कि पौराणिक कथाओं के अनुसार यह वह स्थान है ,जहां देवी सती (पार्वती) की मणिकर्णिका (कान की बाली) यहीं पर गिरी थी, जिसके कारण इसका नाम “मणिकर्णिका” पड़ा और यहां निरंतर “चिता” की अग्नि जलती रहती है जो कभी नहीं बुझती है |

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प्रयागराज खास: सभी तीर्थ में प्रयागराज को क्यों कहा गया है “तीर्थराज”

Prayagraj Khas

प्रयागराज इलाहाबाद को तीर्थ का राजा यानी तीर्थराज इसलिए कहा गया है क्योंकि यहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों का पवित्र संगम है जिसे त्रिवेणी संगम के नाम से जाना जाता है।

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बनारस क्यों है खास – पवित्र काशी में दर्शन की सही जानकरी

Kashi-Vishwanath-Special

“बनारस”, “वाराणसी” और “काशी” तीनों एक ही शहर के नाम है | यह विश्व का सबसे पुराना शहर माना जाता है जहां भगवान शिव जी का निवास स्थान माना जाता है

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