वाणिज्यिक श्रेणी में आने वाले विद्यमान या प्रस्तावित कूप/बोरिंग के लिए उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबंधन एवं विनियमन) अधिनियम 2019 उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबंधन […]
Journey Towards Light
विंध्याचल स्थान और देवी विंध्यवासिनी का उल्लेख भारत के कई प्राचीन ग्रंथो में मिलता है, इनमें से कुछ प्रमुख ग्रंथ महाभारत, वामन पुराण, मार्कंडेय पुराण, मत्स्य पुराण, देवी भागवत, हरिवंश पुराण, स्कंद पुराण, कादंबरी और कई ग्रंथ हैं, इन ग्रंथो में देवी विंध्यवासिनी का विशेष महत्व है।देवी दुर्गा और राक्षस राजा महिषासुर के बीच बहुत प्रसिद्ध युद्ध विंध्याचल में हुआ था, इस युद्ध का आध्यात्मिक और समसामयिक महत्व है,यह घटना विंध्याचल क्षेत्र में बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
गोरखपुर उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख जिला है,जो राप्ती नदी के किनारे बसा हुआ है, और ये उत्तर प्रदेश का जिला राजधानी से लगभग 270 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। महान संत गोरक्षनाथ जी के नाम पर इस शहर का नाम गोरखपुर रखा गया है, इस शहर की मुख्य नदी राप्ती नदी है। साथ ही गोरखपुर में और भी बहुत सारी नदियां बहती हैं, गोरखपुर में घाघरा, रोहणी कुआनो आदि नदियां भी बहती हैं, गोरखपुर में कई सारे पर्यटन स्थल हैं जहां काफी दूर से लोग घूमने आते हैं।
यह भगवान कृष्ण की जन्मस्थली है, जहां कंस के कारागार में उनका जन्म हुआ था, और बाद में कृष्ण ने कंस का संहार करके अग्रसेन को मथुरा का राजा बनाया ।
अयोध्या एक प्राचीन तथा ऐतिहासिक नगर है, जो उत्तर प्रदेश राज्य में “सरयू” नदी के किनारे पर स्थित है । अयोध्या भगवान “राम” का जन्म स्थान है ,भगवान “राम” को मर्यादा पुरुषोत्तम “श्री राम” भी कहा जाता है अर्थात जिसका मतलब है ! पुरुषों में उत्तम पुरुष।
मणिकर्णिका घाट बनारस के सबसे प्रसिद्ध घाटों में से एक है क्यों? क्योंकि यहां मोक्ष (जन्म–मृत्यु) के चक्र से मुक्ति मिलती है,जहां मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार करने से आत्मा सीधे स्वर्ग लोक की प्राप्ति करती है, और माना जाता है कि पौराणिक कथाओं के अनुसार यह वह स्थान है ,जहां देवी सती (पार्वती) की मणिकर्णिका (कान की बाली) यहीं पर गिरी थी, जिसके कारण इसका नाम “मणिकर्णिका” पड़ा और यहां निरंतर “चिता” की अग्नि जलती रहती है जो कभी नहीं बुझती है |
प्रयागराज इलाहाबाद को तीर्थ का राजा यानी तीर्थराज इसलिए कहा गया है क्योंकि यहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों का पवित्र संगम है जिसे त्रिवेणी संगम के नाम से जाना जाता है।
“बनारस”, “वाराणसी” और “काशी” तीनों एक ही शहर के नाम है | यह विश्व का सबसे पुराना शहर माना जाता है जहां भगवान शिव जी का निवास स्थान माना जाता है
वाणिज्यिक श्रेणी में आने वाले विद्यमान या प्रस्तावित कूप/बोरिंग के लिए उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबंधन एवं विनियमन) अधिनियम 2019 उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबंधन एवं विनियमन) […]
गरीब नागरिकों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण दस्तावेज है राशन कार्ड, जिसके द्वारा उन्हें हर महीने सरकार द्वारा बहुत ही सस्ते दाम पर राशन और अनाज […]
भूगर्भ जल प्रबंधन एवं विनियमन अधिनियम 2019 के लागू होने के उपरांत पूरे उत्तर प्रदेश में जितने भी नलकूप, बोरवेल (बोरिंग) एवं सब्मर्सिबल पम्प है चाहे वह […]