वाणिज्यिक श्रेणी में आने वाले विद्यमान या प्रस्तावित कूप/बोरिंग के लिए उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबंधन एवं विनियमन) अधिनियम 2019 उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबंधन […]
Journey Towards Light
मुकुल चौधरी राजस्थान के एक छोटे से गांव खेदारो की ढाणी के रहने रहने वाले हैं जहां उनके पिता दिलीप चौधरी ने अपना सब कुछ गांव पर लगा दिया मुकुल चौधरी को क्रिकेट बनाने के लिए यह कहानी सुनकर आपकी आंखों में आंसू आ जाएगा उन्होंने क्या कुछ नहीं बर्दाश्त किया, उन्होंने अपना सब कुछ दावं पर लगा दिया, घर बेच दिया, उन्हें जेल भी जाना पड़ा! आईए जानते हैं उनकी पूरी कहानी!
महिला सशक्तिकरण की बात हर ओर गूंजती है। महिला सशक्तिकरण का प्रयास जो समाज में हुआ है, वह सफल रहा है। आज के समय में महिलाएं अपने घरों की दहलीज के बाहर ही नहीं आई है अपितु राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की हैं
राज्यसभा में राष्ट्रिय पार्टी का डिप्टी लीडर या उपनेता उस राष्ट्रिय पार्टी का सबसे बढ़ा संसदीय पद होता है। यदि मुख्य नेता किसी कारणवश राज्यसभा में अनुपस्थित है तो उपनेता का ही पद पार्टी को लीड करता है। यह उपनेता का पद किसी भी प्रकार के चुनाव द्वारा नहीं चुना जाता है।
कुशीनगर, बौद्ध धर्म के चार प्रमुख प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक अभिन्न अंग है, जो तीर्थ यात्रियों और उत्साही लोगों को भगवान बुद्ध के पवित्र पद चिन्ह पर चलने के लिए आमंत्रित करता है। यह उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में गोरखपुर से लगभग 50–51 किमी० दूर स्थित एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बौद्ध तीर्थ स्थल है यह प्रसिद्ध है, क्योंकि यहां पर भगवान बुद्ध ने 483 ईसा पूर्व में महापरिनिर्वाण (देहवासन) प्राप्त किया था, यहां बुद्ध की अंतिम प्रतिमा रामभर स्तूप है और कई देशों के बने बौद्ध मंदिर प्रमुख आकर्षण हैं। A premier Buddhist pilgrimage site is Kushinagar, where Lord Buddha attained Mahaparinirvana (final nirvana).
सिद्धार्थनगर, भारत के उत्तर– प्रदेश राज्य के उत्तर पूर्वी सीमा पर स्थित एक जिला है, यह मुख्य रूप से भगवान गौतम बुद्ध के बचपन के स्थान “कपिलवस्तु” (वर्तमान पिपरहवा) के कारण प्रसिद्ध है, जहां उन्होंने अपना प्रारंभिक जीवन व्यतीत किया था।
विंध्याचल स्थान और देवी विंध्यवासिनी का उल्लेख भारत के कई प्राचीन ग्रंथो में मिलता है, इनमें से कुछ प्रमुख ग्रंथ महाभारत, वामन पुराण, मार्कंडेय पुराण, मत्स्य पुराण, देवी भागवत, हरिवंश पुराण, स्कंद पुराण, कादंबरी और कई ग्रंथ हैं, इन ग्रंथो में देवी विंध्यवासिनी का विशेष महत्व है।देवी दुर्गा और राक्षस राजा महिषासुर के बीच बहुत प्रसिद्ध युद्ध विंध्याचल में हुआ था, इस युद्ध का आध्यात्मिक और समसामयिक महत्व है,यह घटना विंध्याचल क्षेत्र में बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
गोरखपुर उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख जिला है,जो राप्ती नदी के किनारे बसा हुआ है, और ये उत्तर प्रदेश का जिला राजधानी से लगभग 270 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। महान संत गोरक्षनाथ जी के नाम पर इस शहर का नाम गोरखपुर रखा गया है, इस शहर की मुख्य नदी राप्ती नदी है। साथ ही गोरखपुर में और भी बहुत सारी नदियां बहती हैं, गोरखपुर में घाघरा, रोहणी कुआनो आदि नदियां भी बहती हैं, गोरखपुर में कई सारे पर्यटन स्थल हैं जहां काफी दूर से लोग घूमने आते हैं।
यह भगवान कृष्ण की जन्मस्थली है, जहां कंस के कारागार में उनका जन्म हुआ था, और बाद में कृष्ण ने कंस का संहार करके अग्रसेन को मथुरा का राजा बनाया ।
अयोध्या एक प्राचीन तथा ऐतिहासिक नगर है, जो उत्तर प्रदेश राज्य में “सरयू” नदी के किनारे पर स्थित है । अयोध्या भगवान “राम” का जन्म स्थान है ,भगवान “राम” को मर्यादा पुरुषोत्तम “श्री राम” भी कहा जाता है अर्थात जिसका मतलब है ! पुरुषों में उत्तम पुरुष।
मणिकर्णिका घाट बनारस के सबसे प्रसिद्ध घाटों में से एक है क्यों? क्योंकि यहां मोक्ष (जन्म–मृत्यु) के चक्र से मुक्ति मिलती है,जहां मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार करने से आत्मा सीधे स्वर्ग लोक की प्राप्ति करती है, और माना जाता है कि पौराणिक कथाओं के अनुसार यह वह स्थान है ,जहां देवी सती (पार्वती) की मणिकर्णिका (कान की बाली) यहीं पर गिरी थी, जिसके कारण इसका नाम “मणिकर्णिका” पड़ा और यहां निरंतर “चिता” की अग्नि जलती रहती है जो कभी नहीं बुझती है |