काम के बदले दाम देना होगा, वरना होगा काम तमाम”: श्रमवीर गौरव समारोह में सीएम योगी की सख्त चेतावनी

योगी सरकार का श्रमिकों को बड़ा भरोसा: “काम के बदले दाम देना ही होगा, वरना होगा काम तमाम”

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भव्य ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के निर्माण और प्रगति में अपना खून-पसीना बहाने वाले श्रमिकों का सम्मान किया और उनके अधिकारों की सुरक्षा को लेकर कड़ा संदेश दिया।

श्रमिकों के अधिकारों पर कोई समझौता नहीं

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश के विकास की नींव हमारे ‘श्रमवीर’ हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “श्रमिकों के अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। हर श्रमिक को उसके काम का उचित दाम समय पर मिलना ही चाहिए।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जो लोग श्रमिकों का शोषण करेंगे या उनका हक मारने की कोशिश करेंगे, सरकार उनके खिलाफ बेहद सख्त कदम उठाएगी। उन्होंने दो टूक कहा, “काम के बदले दाम देना ही होगा, अन्यथा सरकार ऐसे लोगों का काम तमाम करने में संकोच नहीं करेगी।”

श्रमवीरों के लिए ‘कवच’ बनी सरकार

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है। उन्होंने कहा कि आज श्रमिक के बच्चों के लिए आधुनिक ‘अटल आवासीय विद्यालय’ बन रहे हैं, ताकि मजदूर का बच्चा भी अफसर और इंजीनियर बन सके। इसके अलावा, कन्या विवाह सहायता योजना और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाओं के माध्यम से सरकार हर कदम पर श्रमिकों के साथ खड़ी है।

समारोह की मुख्य बातें:

  • सफलता का सम्मान: समारोह के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले दर्जनों श्रमिकों को ‘श्रमवीर पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
  • तकनीकी मदद: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि श्रमिकों के पंजीकरण और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके बैंक खातों (DBT) में भेजने की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया गया है।
  • सुरक्षा का वादा: योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यस्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा के मानकों की नियमित जांच की जाए।

आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का आधार

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, और इसका श्रेय हमारे मेहनतकश श्रमिकों को जाता है। उन्होंने श्रमिकों को ‘राष्ट्र निर्माता’ बताते हुए आह्वान किया कि वे प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपना योगदान देते रहें और सरकार उनकी हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘श्रमवीर गौरव समारोह’ में श्रमिकों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा की। यहाँ उन प्रमुख योजनाओं का विस्तार से विवरण दिया गया है, जिनका सीधा लाभ श्रमिकों के परिवारों को मिल रहा है!

Shramvir Gaurav Samaroh 2026: यूपी के श्रमिकों के लिए सीएम योगी की बड़ी घोषणाएं और कल्याणकारी योजनाएं!

1. अटल आवासीय विद्यालय योजना (Atal Residential Schools)

यह मुख्यमंत्री की सबसे महत्वाकांक्षी योजना है, जो श्रमिकों के बच्चों के भविष्य को बदलने के लिए बनाई गई है।

  • उद्देश्य: पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को मुफ्त और विश्वस्तरीय शिक्षा देना।
  • सुविधाएं: इन स्कूलों में बच्चों के रहने, खाने और पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार उठाती है। यह पूरी तरह से बोर्डिंग स्कूल की तरह हैं।
  • प्रभाव: वर्तमान में उत्तर प्रदेश के सभी 18 मंडलों में ये स्कूल चालू हैं, जहाँ मजदूर का बच्चा भी IAS, इंजीनियर या डॉक्टर बनने का सपना देख सकता है।

2. मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना

श्रमिकों की बेटियों की शादी के बोझ को कम करने के लिए यह योजना काफी लोकप्रिय है।

  • आर्थिक सहायता: योजना के तहत श्रमिक की पुत्री के विवाह के लिए ₹55,000 से लेकर ₹75,000 तक की आर्थिक मदद सीधे बैंक खाते में दी जाती है।
  • सामूहिक विवाह: सरकार समय-समय पर सामूहिक विवाह कार्यक्रमों का आयोजन भी करती है, जिसका पूरा खर्च सरकार वहन करती है और नव-दंपति को घरेलू सामान व उपहार भी देती है।

3. मुख्यमंत्री जन आरोग्य एवं स्वास्थ्य बीमा

श्रमिकों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दर-दर न भटकना पड़े, इसके लिए सुरक्षा कवच दिया गया है।

  • इलाज की सुविधा: पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों को ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज सूचीबद्ध अस्पतालों में मिलता है।
  • दुर्घटना बीमा: काम के दौरान या किसी दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को ₹5 लाख और स्थायी विकलांगता पर ₹3 लाख तक की सहायता राशि दी जाती है।

4. मातृत्व एवं शिशु हितलाभ योजना

  • प्रसव सहायता: महिला श्रमिक को प्रसव (delivery) के समय आर्थिक मदद दी जाती है।
  • शिशु आहार: बच्चे के जन्म के बाद उसके पोषण और पढ़ाई के लिए शुरुआती कुछ वर्षों तक मासिक वित्तीय सहायता का भी प्रावधान है।

5. कौशल विकास (Skill Development)

योगी सरकार अब श्रमिकों को केवल मजदूरी तक सीमित नहीं रखना चाहती। सरकार उन्हें नई तकनीकों का प्रशिक्षण दे रही है ताकि वे ‘कुशल श्रमिक’ (Skilled Labor) बनकर अपनी कमाई बढ़ा सकें।

मुख्यमंत्री का संदेश:
योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए श्रमिक का ‘ई-श्रम’ पोर्टल या श्रम विभाग में पंजीकरण होना अनिवार्य है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर “श्रमवीर” जागरूक हो और अपने हक की लड़ाई में सरकार को अपने साथ पाए।

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