एक इश्क ऐसा भी – कौन जानता था पत्नी यूँ अकेला छोड़कर चली जायेगी
एक एक करके घर आये सभी मेहमान जा चुके थे. अब बस घर में सुहानी और उसके बाबू जी हरिदास ही बचे थे. मम्मी के यूँ अचानक परलोक सिधार जाने से जहां सुहानी को कोई सहारा नजर नहीं आ रहा था वहीँ हरिदास जी तो जैसे बेजान से बूत मात्र […]
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