वर्ल्ड क्लास : दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे हाईवे की खासियत

रोजाना मेरठ से दिल्ली आने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है, मेरठ-दिल्ली एक्प्रेस-वे के पहले चरण का काम पूरा हो गया ह,आज 27 मई को यह एक्सप्रेस-वे पब्लिक के लिए खोल दिया गया है।

यह भारत का पहला 14 लेन का दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे है, इस दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे पर 14 लेन के अलावा 2.5 मीटर का साइकिल ट्रैक भी है, दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेस-वे बनाने के लिए 7566 करोड़ रुपये का बजट पास लिया गया है, ये देश का पहला राजमार्ग है जहां पर ये व्यवस्था की गयी है
१. सौर बिजली से रोड लाइट की व्यवस्था है।
२. प्रत्येक 500 मीटर पर वर्षा जल संचयन की व्यवस्था रोड के दोनों तरफ है।
३. साथ ही 36 राष्ट्रीय स्मारकों को भी जगह जगह पर लगाया गया है ।
४. 40 झरने लगाएं गए हैं।
५. 8 सौर संयंत्र भी लगाएं गए हैं, जिनकी क्षमता 4 मेगावाट है (वर्टिकल गार्डन, सोलर पावर सिस्टम और ड्रिप सिंचाई)।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे की खास बातें:

१. 135 किलोमीटर लंबा है ये एक्सप्रेस-वे और सिग्नल फ्री कनेक्टिविटी हर सिटी के बीच।
२. एक्सप्रेस-वे पर लाइटिंग सोलर पैनल से की जाएगी जिसका दृश्य बेहद सुंदर है जिसके किनारों पर लगभग 2.5 लाख पेड़ लगाए जा रहे है।
३. यूपी से हरियाणा तथा हरियाणा से यूपी जाने वाले वाहन प्रतिदिन दिल्ली से होकर जाते थे जसके वजह से दिल्ली में प्रदूषण कंट्रोल में काफी दिक्कत आ रही थी।
४. नेशनल एक्सप्रेस-वे 2 का नाम दिया गया है इस एक्सप्रेस-वे को जिस मार्ग पर पेट्रोल पंप, होटल, रेस्तरां, रेस्ट एरिया, रिपेयर सर्विसेज, दुकानों और चाय के दुकानों की सुविधा होगी।
५. रेनवॉटर हार्वेस्टिंग: हर 500 मीटर की दूरी पर रेनवॉटर हार्वेस्टिंग की इसकी व्यवस्था की गयी है, ड्रिप इरिगेशन से पेड़ों की सिंचाई भी होगी।
६. हर 2.5 किलोमीटर की दूरी पर टॉयलेट्स, 6 इंटरचेंज, 4 फ्लाईओवर, 71 अंडरपास और 6 आरओबी है।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस का काम रिकॉर्ड 17 महीने (जो की तकरीबन 500 दिन) में काम पूरा हुआ ।

निजामुद्दीन ब्रिज से गाजियाबाद तक 6 लेन है जिसमे से 4-4 लेन हाईवे की हैं इसके दोनों ओर 2.5 मीटर चौड़ा साइकिल और पैदल यात्रियों के लिए 1.5 मीटर चौड़ा ट्रैक बनाया गया है, दिल्ली से मेरठ जाने वालों को भारी जाम से पूरी तरह निजात मिलेगी और यही नहीं 45 मिनट में दिल्ली से मेरठ आराम से पहुंच सकेंगे

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