उत्तर प्रदेश ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना 2026: ऑनलाइन आवेदन
उत्तर प्रदेश एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना राज्य के पारंपरिक उद्योगों, स्थानीय शिल्पकलाओं और क्षेत्रीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ-साथ ग्रामीण व शहरी युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की उत्तर प्रदेश सरकार की एक अत्यंत क्रांतिकारी और कल्याणकारी पहल है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस (24 जनवरी 2018) को “एक जनपद एक उत्पाद (One District One Product – ODOP)” योजना का शुभारंभ किया गया था। इस मूल योजना को धरातल पर अधिक प्रभावी बनाने तथा स्थानीय शिल्पियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा “ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना” का संचालन किया जा रहा है [diupmsme.upsdc.gov.in]।
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों की अपनी एक अनूठी और ऐतिहासिक पहचान है। जैसे अलीगढ़ के ताले, भदोही के कालीन, कन्नौज का इत्र, मुरादाबाद के पीतल के बर्तन और वाराणसी की रेशमी साड़ियाँ दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। आधुनिकता, मशीनरी की कमी और उचित प्रशिक्षण न होने के कारण ये पारंपरिक उद्योग दम तोड़ रहे थे। इसी समस्या का स्थायी समाधान करने और स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता (Local for Vocal) को बढ़ावा देने के लिए योजना के तहत पात्र कारीगरों और कुशल युवाओं को 10 दिन का निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है, प्रशिक्षण के दौरान दैनिक मानदेय (Stipend) प्रदान किया जाता है और सफलतापूर्वक कोर्स पूरा करने पर आधुनिक और उन्नत तकनीकों से युक्त उन्नत टूलकिट (मुफ्त टूलकिट वितरण) प्रदान की जाती है [diupmsme.upsdc.gov.in]।
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योजना की विस्तृत रूपरेखा एवं प्रमुख विवरण
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी 75 जनपदों के विशिष्ट ओडीओपी उत्पादों से जुड़े कारीगरों को सशक्त करने के लिए इस योजना का ढांचा तैयार किया है [diupmsme.upsdc.gov.in]:
| योजना का नाम | संचालित करने वाला मुख्य विभाग | प्रमुख घटक और लाभ | लक्षित लाभार्थी समूह |
|---|---|---|---|
| ODOP प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना | सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग, उत्तर प्रदेश | 10 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण, दैनिक स्टाइपेंड, उन्नत डिजिटल टूलकिट वितरण और रियायती बैंक ऋण सहायता। | जिले के चिन्हित ओडीओपी उत्पाद (जैसे चिकनकारी, पीतल बर्तन, कालीन, चमड़ा उद्योग आदि) से जुड़े पारंपरिक कारीगर एवं युवा। |
उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों के चिन्हित ODOP उत्पाद (Sample List of Products)
योजना के तहत प्रदेश के सभी 75 जनपदों के लिए एक विशिष्ट उत्पाद का चयन किया गया है। यहाँ कुछ प्रमुख जनपदों और उनके उत्पादों की सूची दी गई है ताकि आवेदक अपने जिले के उत्पाद के अनुसार आवेदन कर सकें:
- लखनऊ: चिकनकारी एवं ज़री-ज़रदोज़ी का काम।
- वाराणसी: बनारसी रेशम साड़ियाँ।
- भदोही: हस्तनिर्मित कालीन (Carpets)।
- मुरादाबाद: पीतल के बर्तन (Brassware)।
- अलीगढ़: ताले एवं हार्डवेयर (Locks and Hardware)।
- कानपुर नगर / उन्नाव: चमड़े के उत्पाद (Leather Products)।
- कन्नौज: इत्र एवं सुगंधित तेल (Intr / Perfume)।
- गोरखपुर: टेराकोटा (Terracotta/मिट्टी के बर्तन और मूर्तियाँ)।
- आगरा: चमड़े के उत्पाद और पेठा उद्योग।
- मेरठ: खेल का सामान (Sports Goods)।
- फिरोजाबाद: काँच के उत्पाद (विशेषकर चूड़ियाँ)।
- सहारनपुर: लकड़ी पर नक्काशी (Wood Carving)।
योजना के अंतर्गत मिलने वाले मुख्य लाभ और विशेषताएं (Benefits Breakdown)
ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना पारंपरिक कारीगरों को एक आधुनिक उद्यमी (Entrepreneur) के रूप में ढालने के लिए बहुआयामी सहायता प्रदान करती है [diupmsme.upsdc.gov.in]:
1. 10 दिवसीय निःशुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण
चयनित अभ्यर्थियों को उनके जिले के विशिष्ट ओडीओपी उत्पाद से संबंधित तकनीक और निर्माण कौशल को उन्नत करने के लिए 10 दिनों का गहन और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। यह प्रशिक्षण प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) या प्रमाणित प्रशिक्षण केंद्रों में विशेषज्ञों द्वारा दिया जाता है। इसमें डिजाइनिंग, आधुनिक मशीनरी का संचालन, गुणवत्ता नियंत्रण और डिजिटल मार्केटिंग (जैसे उत्पादों को अमेज़न या फ्लिपकार्ट पर बेचना) की बुनियादी बातें सिखाई जाती हैं।
2. दैनिक मानदेय / वित्तीय स्टाइपेंड (Daily Allowance)
प्रशिक्षण अवधि के दौरान गरीब कारीगरों और श्रमिकों की दैनिक दिहाड़ी या मजदूरी का नुकसान न हो, इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिदिन के हिसाब से ₹200 से ₹300 तक का निर्धारित मानदेय/स्टाइपेंड दिया जाता है। 10 दिनों की ट्रेनिंग समाप्त होने के बाद यह कुल राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है [diupmsme.upsdc.gov.in]।
3. उन्नत और आधुनिक मुफ्त टूलकिट वितरण
प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने और अंतिम मूल्यांकन परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद, सरकार द्वारा प्रत्येक लाभार्थी को उनके संबंधित ओडीओपी उत्पाद से जुड़ी आधुनिक एवं उच्च गुणवत्ता वाली टूलकिट का पूरा सेट 100% मुफ्त प्रदान किया जाता है [diupmsme.upsdc.gov.in]। उदाहरण के लिए, लखनऊ में चिकनकारी के कारीगरों को आधुनिक डिजाइनिंग फ्रेम और सुई सेट, सहारनपुर के लकड़ी कारीगरों को इलेक्ट्रिक नक्काशी टूल्स, और मुरादाबाद के पीतल कारीगरों को आधुनिक पॉलिशिंग और बफिंग मशीनें दी जाती हैं।
4. ओडीओपी मार्जिन मनी लोन योजना (Financial Backing)
टूलकिट मिलने के बाद यदि कोई कारीगर अपने व्यवसाय को एक छोटे कारखाने या दुकान के रूप में विस्तारित करना चाहता है, तो उसे ओडीओपी मार्जिन मनी योजना के तहत बैंकों के माध्यम से ₹25 लाख से लेकर अधिकतम ₹5 करोड़ तक का ऋण प्राथमिकता के आधार पर दिया जाता है। इस लोन पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 10% से 25% तक की भारी मार्जिन मनी (सब्सिडी/अनुदान) प्रदान की जाती है, जिससे छोटे उद्यमियों पर कर्ज का बोझ बहुत कम हो जाता है।
योजना के लिए आवश्यक पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है [diupmsme.upsdc.gov.in]:
- मूल निवास: आवेदक अनिवार्य रूप से उत्तर प्रदेश का मूल और स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आयु सीमा: आवेदन करने वाले युवक, युवती या कारीगर की आयु न्यूनतम 18 वर्ष होनी चाहिए। अधिकतम आयु की कोई निर्धारित सीमा नहीं है, बशर्ते व्यक्ति कार्य करने के लिए शारीरिक रूप से सक्षम हो।
- शैक्षणिक योग्यता: योजना के तहत सामान्य प्रशिक्षण के लिए कोई कड़ा शैक्षणिक मानदंड नहीं है, लेकिन कुछ विशेष तकनीकी उत्पादों के लिए न्यूनतम साक्षरता (8वीं या 10वीं पास) को प्राथमिकता दी जा सकती है।
- पारंपरिक जुड़ाव या रुचि: आवेदक वास्तविक रूप से अपने जिले के चिन्हित ओडीओपी उत्पाद के निर्माण, बिक्री या कला से जुड़ा होना चाहिए, या वह उस उत्पाद के क्षेत्र में अपना नया स्वरोजगार शुरू करने की तीव्र इच्छा रखता हो।
- परिवार में लाभ की सीमा: योजना के नियमानुसार, एक परिवार के केवल एक ही सदस्य को इस योजना के तहत प्रशिक्षण और टूलकिट का लाभ दिया जा सकता है। (परिवार का अर्थ पति, पत्नी और आश्रित बच्चों से है)।
- सरकारी सेवा में न होना: आवेदक या उसके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में कार्यरत नहीं होना चाहिए।
- पूर्व लाभ की स्थिति: आवेदक ने पिछले 3 वर्षों के भीतर केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य समान योजना (जैसे विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना या प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना) के तहत टूलकिट या वित्तीय अनुदान का लाभ न लिया हो [diupmsme.upsdc.gov.in]।
आवश्यक दस्तावेज (Required Documents List)
ऑनलाइन आवेदन करते समय और भौतिक सत्यापन के समय निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट डिजिटल प्रतियों की आवश्यकता होती है [diupmsme.upsdc.gov.in]:
- पहचान पत्र: आवेदक का आधार कार्ड (अनिवार्य)।
- निवास का प्रमाण: उत्तर प्रदेश का वैध निवास प्रमाण पत्र, वोटर आईडी, या राशन कार्ड।
- बैंक विवरण: आवेदक के नाम पर संचालित सक्रिय बैंक खाते की पासबुक के प्रथम पृष्ठ की प्रति या कैंसिल्ड चेक (जिसमें खाता संख्या और आईएफएससी कोड स्पष्ट हो) क्योंकि स्टाइपेंड और लोन इसी खाते में आते हैं [diupmsme.upsdc.gov.in]।
- शैक्षणिक प्रमाण पत्र (यदि लागू हो): न्यूनतम योग्यता (8वीं, 10वीं या 12वीं) की मार्कशीट।
- ओडीओपी उत्पाद से जुड़े होने का प्रमाण: ग्राम प्रधान, वार्ड पार्षद या स्थानीय उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारा जारी किया गया यह प्रमाण पत्र कि आवेदक वास्तविक रूप से संबंधित ओडीओपी उत्पाद के कार्य से जुड़ा है।
- शपथ पत्र (Affidavit): एक निर्धारित प्रारूप में स्व-घोषणा पत्र जिसमें यह स्पष्ट लिखा हो कि परिवार के किसी अन्य सदस्य ने इस योजना का लाभ नहीं लिया है।
- फोटो और हस्ताक्षर: हाल ही में खींचा गया पासपोर्ट साइज फोटो और डिजिटल सिग्नेचर।
आवेदन की पूरी प्रक्रिया (Step-by-Step Online Application Process)
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग ने इस योजना की पूरी आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इसे उद्योग साथी पोर्टल पर ऑनलाइन कर दिया है [diupmsme.upsdc.gov.in]।
ऑनलाइन आवेदन करने के चरण:
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय उत्तर प्रदेश के आधिकारिक पोर्टल diupmsme.upsdc.gov.in पर जाएं [diupmsme.upsdc.gov.in]।
- लॉगिन और पंजीकरण: होमपेज पर “लॉगिन” टैब के अंतर्गत “ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना” का चयन करें और ‘नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण’ (New User Registration) पर क्लिक करें [diupmsme.upsdc.gov.in]।
- क्रेडेंशियल्स जनरेट करें: अपना नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल और अपने जिले का चुनाव करके फॉर्म सबमिट करें। आपके मोबाइल पर एक यूजर आईडी और पासवर्ड प्राप्त होगा [diupmsme.upsdc.gov.in]।
- मुख्य आवेदन फॉर्म भरें: प्राप्त आईडी के साथ लॉगिन करें। इसके बाद फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता, बैंक खाता संख्या और अपने जिले के विशिष्ट ओडीओपी उत्पाद (जैसे चिकनकारी, पीतल बर्तन आदि) का चुनाव ध्यानपूर्वक करें [diupmsme.upsdc.gov.in]।
- दस्तावेज अपलोड करें: मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेजों (आधार, बैंक पासबुक, प्रधान का प्रमाण पत्र, फोटो और हस्ताक्षर) को निर्दिष्ट साइज (प्रायः 200KB से कम) में स्पष्ट रूप से स्कैन करके अपलोड करें [diupmsme.upsdc.gov.in]।
- फाइनल सबमिट: पूरी जानकारी की समीक्षा करने के बाद ‘फाइनल सबमिट’ बटन पर क्लिक करें। आवेदन सफल होने पर एक आवेदन संख्या (Application Number) जनरेट होगी, जिसे भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रख लें [diupmsme.upsdc.gov.in]।
भौतिक सत्यापन और चयन प्रक्रिया (Selection Process)
- ऑनलाइन आवेदन सबमिट होने के बाद आपका फॉर्म आपके जिले के जिला उद्योग केंद्र (DIC – District Industries Centre) के उपायुक्त के पास ऑनलाइन स्क्रूटनी के लिए जाता है।
- जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा आवेदनों की जांच के बाद वास्तविक कारीगरों का साक्षात्कार (Interview) या भौतिक सत्यापन के माध्यम से चयन किया जाता है।
- चयनित अभ्यर्थियों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस (SMS) के माध्यम से प्रशिक्षण बैच, तिथि और स्थान की जानकारी भेज दी जाती है।
योजना का आर्थिक एवं सामाजिक प्रभाव
उत्तर प्रदेश एक जनपद एक उत्पाद प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना ने राज्य के औद्योगिक परिदृश्य में अभूतपूर्व बदलाव लाया है [diupmsme.upsdc.gov.in]:
- ग्लोबल मार्केट तक पहुँच: आधुनिक टूल्स और पैकेजिंग के प्रशिक्षण मिलने से स्थानीय स्तर पर बने उत्पाद अंतरराष्ट्रीय मानकों (Export Quality) को पूरा कर रहे हैं, जिससे राज्य का निर्यात (Export) तेजी से बढ़ा है।
- स्थानीय रोजगार सृजन: ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के कारीगरों को अपने ही गृह जनपद में हुनर के आधार पर आजीविका मिल रही है, जिससे बड़े महानगरों (जैसे दिल्ली, मुंबई) की ओर होने वाला कामगारों का पलायन काफी हद तक रुका है।
- सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण: गोरखपुर के टेराकोटा या भदोही के कालीन जैसी प्राचीन और पारंपरिक कलाएँ जो नई पीढ़ी के अरुचि के कारण लुप्त हो रही थीं, वे अब आधुनिक और आकर्षक आय का जरिया बनकर युवाओं की पहली पसंद बन रही हैं।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश की एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना राज्य के पारंपरिक शिल्पकलाओं को पुनर्जीवित करने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बेहद मील का पत्थर साबित हुई है [diupmsme.upsdc.gov.in]। शून्य निवेश पर 10 दिनों का विश्वस्तरीय व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना, दैनिक भत्ता देना और काम शुरू करने के लिए आधुनिक टूलकिट मुफ्त में बांटना राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। यह योजना न केवल उत्तर प्रदेश को ‘उद्यम प्रदेश’ बनाने का मार्ग प्रशस्त कर रही है, बल्कि स्थानीय कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त कर आत्मनिर्भर भारत के सपने को धरातल पर साकार कर रही है। यदि आप भी उत्तर प्रदेश के किसी भी जिले के पारंपरिक उत्पाद से जुड़े हैं, तो आपको इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाने के लिए तुरंत ऑनलाइन आवेदन अवश्य करना चाहिए [diupmsme.upsdc.gov.in]।
उत्तर प्रदेश एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs):
1. पात्रता और उत्पाद संबंधी प्रश्न (Eligibility & Products FAQs)
- यह योजना मुख्य रूप से किस विभाग द्वारा संचालित की जाती है?
यह योजना सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा संचालित की जाती है [diupmsme.upsdc.gov.in]. - इस योजना के तहत किस प्रकार के उत्पादों को शामिल किया गया है?
इसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों (जिलों) के लिए चिन्हित किए गए विशिष्ट ओडीओपी (ODOP) उत्पादों को शामिल किया गया है [diupmsme.upsdc.gov.in]। जैसे लखनऊ की चिकनकारी, मुरादाबाद के पीतल के बर्तन, अलीगढ़ के ताले, भदोही के कालीन आदि। लाभार्थी को अपने ही जिले के चिन्हित उत्पाद के अनुसार आवेदन करना होता है। - क्या योजना का लाभ पाने के लिए किसी विशेष शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता है?
सामान्य ओडीओपी उत्पादों के प्रशिक्षण के लिए कोई कड़ा शैक्षणिक मानदंड नहीं है, लेकिन कुछ विशेष तकनीकी या आधुनिक उत्पादों के लिए न्यूनतम साक्षरता (जैसे 8वीं या 10वीं पास) को प्राथमिकता दी जा सकती है। - योजना के लिए आयु सीमा क्या निर्धारित की गई है?
आवेदन करने के लिए आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए [diupmsme.upsdc.gov.in]। अधिकतम आयु की कोई वैधानिक सीमा निर्धारित नहीं की गई है, बशर्ते व्यक्ति कार्य करने में शारीरिक रूप से सक्षम हो।
2. प्रशिक्षण, टूलकिट और मानदेय (Training & Toolkit FAQs)
- योजना के तहत कितने दिनों का प्रशिक्षण (Training) दिया जाता है?
चयनित कारीगरों और कुशल युवाओं को उनके संबंधित जिले के ओडीओपी उत्पाद में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए 10 दिवसीय निःशुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाता है [diupmsme.upsdc.gov.in]। - क्या प्रशिक्षण के दौरान कोई वित्तीय सहायता या स्टाइपेंड मिलता है?
हाँ। प्रशिक्षण अवधि के दौरान कारीगरों की दैनिक मजदूरी की क्षतिपूर्ति के लिए सरकार द्वारा निर्धारित दैनिक मानदेय/स्टाइपेंड (वित्तीय भत्ता) दिया जाता है, जो सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होता है [diupmsme.upsdc.gov.in]। - मुफ्त टूलकिट वितरण (Free Toolkit) कब और किसे मिलता है?
जब लाभार्थी सफलतापूर्वक अपनी 10 दिनों की ट्रेनिंग पूरी कर लेता है और अंतिम मूल्यांकन परीक्षा उत्तीर्ण कर लेता है, तो सरकार द्वारा उसे उसके ओडीओपी व्यवसाय से जुड़ी अत्याधुनिक टूलकिट का पूरा सेट 100% मुफ्त प्रदान किया जाता है [diupmsme.upsdc.gov.in]।
3. आवेदन, बैंक ऋण और चयन प्रक्रिया (Application & Loan FAQs)
- टूलकिट मिलने के बाद व्यवसाय बढ़ाने के लिए लोन की क्या व्यवस्था है?
प्रशिक्षण और टूलकिट मिलने के बाद यदि कोई कारीगर अपने व्यवसाय को एक छोटे कारखाने या उद्यम के रूप में स्थापित करना चाहता है, तो उसे ओडीओपी मार्जिन मनी योजना के तहत बैंकों के माध्यम से ₹25 लाख से लेकर ₹5 करोड़ तक का लोन प्राथमिकता के आधार पर दिया जाता है, जिस पर सरकार द्वारा 10% से 25% तक की मार्जिन मनी (सब्सिडी) दी जाती है [diupmsme.upsdc.gov.in]。 - योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन किस आधिकारिक वेबसाइट पर करना होता है?
पात्र लाभार्थी उत्तर प्रदेश MSME विभाग के आधिकारिक समर्पित उद्योग साथी पोर्टल diupmsme.upsdc.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भर सकते हैं [diupmsme.upsdc.gov.in]। - क्या एक परिवार से एक से अधिक लोग इस योजना का लाभ ले सकते हैं?
नहीं। योजना के नियमानुसार, परिवार के केवल एक ही सदस्य को इस योजना के तहत मुफ्त प्रशिक्षण और टूलकिट का लाभ दिया जा सकता है [diupmsme.upsdc.gov.in] (परिवार का अर्थ पति, पत्नी और आश्रित बच्चों से है)।
4. आवश्यक दस्तावेज (Documents FAQs)
- आवेदन फॉर्म के साथ कौन-से मुख्य कागजात अपलोड करने होते हैं?
मुख्य दस्तावेजों में आवेदक का आधार कार्ड, उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक की प्रति (IFSC कोड सहित) [diupmsme.upsdc.gov.in], पासपोर्ट साइज फोटो, और ग्राम प्रधान या वार्ड पार्षद द्वारा जारी किया गया यह प्रमाण पत्र कि आवेदक वास्तविक रूप से संबंधित ओडीओपी उत्पाद के कार्य या व्यवसाय से जुड़ा है।
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