UP Agri Junction Scheme 2026: कृषि ग्रेजुएट्स को 60,000 रुपये तक का वित्तीय लाभ, आवेदन व पात्रता

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UP Agri Junction Scheme 2026: कृषि ग्रेजुएट्स को 60,000 रुपये तक का वित्तीय लाभ, आवेदन व पात्रता की पूरी जानकारी

उत्तर प्रदेश को भारत का “अन्न का कटोरा” कहा जाता है, जहाँ की अधिकांश आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। इस कृषि प्रधान राज्य में आधुनिक तकनीकों का प्रसार करने, किसानों की आय दोगुनी करने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। इन्हीं योजनाओं में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी योजना है—“प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन योजना”, जिसे आम बोलचाल की भाषा में ‘यूपी एग्री जंक्शन योजना’ (UP Agri Junction Scheme 2026) कहा जाता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य कृषि क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त (Agricultural Graduates) बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के अंतर्गत कृषि स्नातकों को ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अपने खुद के ‘कृषि सेवा केंद्र’ (One-Stop Krishi Kendra / Agri Junction) खोलने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसके लिए राज्य सरकार युवाओं को ₹5 लाख तक का बैंक ऋण (Loan) उपलब्ध कराती है, जिस पर ₹60,000 तक की वित्तीय सहायता (ब्याज अनुदान/सब्सिडी) प्रदान की जाती है।

यदि आप भी कृषि (Agriculture) या इससे संबद्ध विषयों में स्नातक (Graduate) हैं और नौकरी की तलाश करने के बजाय खुद का एक सम्मानजनक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो यह योजना आपके लिए सबसे बेहतरीन माध्यम बन सकती है। इस विस्तृत लेख में हम आपको UP Agri Junction Yojana 2026 से जुड़े सभी मुख्य पहलुओं जैसे—योजना का उद्देश्य, वित्तीय लाभ, पात्रता मानदंड, आवश्यक दस्तावेज, और ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन करने की संपूर्ण चरणबद्ध प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताएंगे।


1. यूपी एग्री जंक्शन योजना 2026: एक संक्षिप्त अवलोकन (Overview)

योजना की बुनियादी रूपरेखा और महत्वपूर्ण प्रशासनिक विवरणों को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से समझा जा सकता है:

विवरण (Details)महत्वपूर्ण जानकारी (Information)
योजना का नामप्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन (एग्री जंक्शन) योजना
संचालक राज्यउत्तर प्रदेश
नोडल विभागकृषि विभाग, उत्तर प्रदेश शासन
लक्षित लाभार्थीकृषि एवं संबद्ध विषयों के स्नातक/परास्नातक बेरोजगार युवा
मुख्य वित्तीय सहायता₹5 लाख तक का लोन और ₹60,000 तक का ब्याज अनुदान (सब्सिडी)
अतिरिक्त लाभनिशुल्क व्यावसायिक लाइसेंस, दुकान किराए पर सहायता और 13 दिवसीय मुफ्त ट्रेनिंग
योजना का मुख्य लक्ष्यप्रत्येक विकासखंड (Block) में कृषि उद्यमियों को तैयार करना
आधिकारिक वेबसाइटupagriculture.com

2. एग्री जंक्शन (कृषि केंद्र) क्या है और इस पर क्या सुविधाएं मिलेंगी?

एग्री जंक्शन मूल रूप से ग्रामीण स्तर पर स्थापित होने वाला एक ‘वन-स्टॉप सेंटर’ या आधुनिक कृषि क्लिनिक है। इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी सभी बुनियादी आवश्यकताएं, इनपुट और आधुनिक तकनीकी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल जाती हैं। एक सुव्यवस्थित एग्री जंक्शन केंद्र पर निम्नलिखित व्यावसायिक गतिविधियां और सेवाएं संचालित की जा सकती हैं:

  • कृषि इनपुट की खुदरा बिक्री: किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले और प्रमाणित बीज, रासायनिक एवं जैविक उर्वरक (खाद), वर्मीकंपोस्ट और कीटनाशकों (पेस्टिसाइड्स) की उचित मूल्य पर बिक्री करना।
  • मृदा परीक्षण (Soil Testing Facility): केंद्र पर लघु मृदा परीक्षण प्रयोगशाला (Mini Soil Lab) स्थापित कर किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच करना और उन्हें पोषक तत्वों के सही उपयोग के लिए डिजिटल ‘सॉइल हेल्थ कार्ड’ जारी करना।
  • कृषि यंत्रों को किराये पर देना (Custom Hiring): छोटे और सीमांत किसानों को ट्रैक्टर, पावर टिलर, रोटावेटर, थ्रेशर या स्प्रे मशीन जैसे आधुनिक उपकरण उचित किराये पर उपलब्ध कराना ताकि उनकी खेती की लागत कम हो सके।
  • विशेषज्ञ कृषि परामर्श सेवा: फसलों में लगने वाले रोगों, कीट प्रबंधन, फसल चक्र, उन्नत बागवानी और आधुनिक ड्रिप सिंचाई तकनीकों के संबंध में किसानों को वैज्ञानिक एवं तकनीकी सलाह देना।
  • डिजिटल आईटी कियोस्क (IT Kiosk): ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं (जैसे—पीएम किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, कृषि इनपुट सब्सिडी आदि) की जानकारी देना, ऑनलाइन पंजीकरण करना और सरकारी पोर्टलों के साथ जोड़ना।

3. योजना के तहत मिलने वाले मुख्य वित्तीय लाभ और प्रोत्साहन (Financial Benefits & Subsidy)

उत्तर प्रदेश सरकार कृषि उद्यमियों को अपना नया व्यवसाय स्थापित करने और शुरुआती दिनों में आने वाले वित्तीय संकट से बचाने के लिए कई प्रकार के आर्थिक पैकेज और सब्सिडी प्रदान करती है:

  1. बैंक लोन की व्यवस्था (Bank Loan): अपना स्वयं का कृषि केंद्र शुरू करने के लिए राष्ट्रीयकृत या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के माध्यम से अधिकतम ₹500,000 (5 लाख रुपये) तक का ऋण (Loan) बहुत ही आसान शर्तों पर स्वीकृत किया जाता है।
  2. ₹60,000 तक का ब्याज अनुदान (Subsidy/Financial Assistance): एग्री जंक्शन योजना की सबसे खास बात यह है कि स्वीकृत ऋण पर लगने वाले ब्याज के वित्तीय बोझ को कम करने के लिए सरकार द्वारा अधिकतम ₹60,000 तक की सब्सिडी (ब्याज प्रतिपूर्ति) सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है (मुख्यतः बैंक द्वारा वित्तपोषित ₹3.5 लाख के मुख्य ऋण घटक पर ब्याज अनुदान की अधिकतम सीमा ₹42,000 तक भी निर्धारित होती है, जो कुल मिलाकर परियोजना के आधार पर ₹60,000 तक पहुँचती है)।
  3. दुकान किराया सहायता (Shop Rent Support): यदि किसी युवा के पास केंद्र खोलने के लिए अपनी खुद की जमीन या दुकान नहीं है और वह ग्रामीण या अर्ध-शहरी व्यावसायिक बाजारों में दुकान किराए पर लेता है, तो सरकार द्वारा शुरुआती 1 वर्ष तक किराए की प्रतिपूर्ति के रूप में ₹1,000 प्रति माह का अतिरिक्त सरकारी अनुदान दिया जाता है।
  4. निशुल्क व्यावसायिक लाइसेंस (Free Distribution of Licenses): बीज, खाद और कीटनाशकों के व्यवसाय को कानूनी रूप से शुरू करने के लिए आवश्यक अनिवार्य सरकारी लाइसेंस कृषि विभाग द्वारा बिना किसी आवेदन या नवीनीकरण शुल्क (पूरी तरह निशुल्क) के जारी किए जाते हैं।
  5. निशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण (Free Residential Training): चयनित युवाओं को एक सफल उद्यमी बनाने के लिए व्यवसाय प्रबंधन, लेखांकन (Accounting), मार्केटिंग, स्टॉक मैनेजमेंट और आधुनिक तकनीकों को सिखाने के लिए 13 दिवसीय अनिवार्य आवासीय प्रशिक्षण (Training) कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) या कृषि प्रबंधन संस्थान (SIMA) द्वारा मुफ्त दिया जाता है।

4. पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

यूपी एग्री जंक्शन योजना 2026 के अंतर्गत लाभ लेने और चयन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित निम्नलिखित पात्रता शर्तों को अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा:

  • मूल निवास: आवेदक अनिवार्य रूप से उत्तर प्रदेश का स्थायी और मूल निवासी होना चाहिए।
  • शैक्षणिक योग्यता: आवेदक के पास किसी भी मान्यता प्राप्त कृषि विश्वविद्यालय, संस्थान या कॉलेज से निम्नलिखित में से कोई एक डिग्री होनी चाहिए:
    • कृषि में स्नातक (B.Sc. Agriculture / B.Tech. Agricultural Engineering)
    • कृषि व्यवसाय प्रबंधन (Agri-Business Management)
    • उद्यान विज्ञान (Horticulture), वानिकी (Forestry), पशुपालन (Animal Husbandry), डेयरी टेक्नोलॉजी या मत्स्य पालन (Fisheries) जैसे कृषि से संबद्ध विषयों में स्नातक या परास्नातक (PG)।
  • आयु सीमा (Age Limit):
    • सामान्य वर्ग (General Category) के पुरुष आवेदकों के लिए अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए।
    • अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिला (Women) श्रेणी के आवेदकों को आयु सीमा में विशेष रूप से 5 वर्ष की छूट दी जाती है, यानी उनके लिए अधिकतम आयु 45 वर्ष निर्धारित है।
  • रोजगार की स्थिति: आवेदक किसी भी प्रकार की सरकारी, अर्ध-सरकारी या संगठित निजी नौकरी में कार्यरत नहीं होना चाहिए। यह योजना केवल पूर्णतः बेरोजगार शिक्षित युवाओं के लिए ही वैध है।

5. आवश्यक दस्तावेजों की सूची (Required Documents List)

आवेदन करते समय और जिला स्तरीय चयन समिति के समक्ष काउंसलिंग हेतु निम्नलिखित दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी और डिजिटल स्कैन प्रतियों को तैयार रखना आवश्यक है:

  1. आधार कार्ड (जो सक्रिय मोबाइल नंबर से लिंक हो)।
  2. निवास प्रमाण पत्र (उत्तर प्रदेश शासन द्वारा ऑनलाइन जारी डिजिटल सर्टिफिकेट)।
  3. शैक्षणिक दस्तावेज: हाईस्कूल की मार्कशीट (आयु प्रमाण पत्र के रूप में), इंटरमीडिएट और कृषि स्नातक/परास्नातक की डिग्री व सभी वर्षों के अंक पत्र (Marksheets)।
  4. जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC वर्ग के आवेदकों के लिए, यदि वे आयु सीमा या प्राथमिकता का लाभ चाहते हैं)।
  5. बैंक खाता पासबुक की प्रति (खाता छात्र/युवा के नाम पर होना चाहिए, संयुक्त खाता मान्य नहीं होगा। खाता आधार से सीडेड और डीबीटी इनेबल होना चाहिए)।
  6. बेरोजगारी का शपथ पत्र: नोटरी द्वारा प्रमाणित ₹10 या ₹100 के स्टांप पेपर पर यह घोषणा कि आवेदक कहीं भी कार्यरत नहीं है।
  7. प्रस्तावित दुकान/स्थान का विवरण: यदि स्वयं का स्थान है तो खतौनी/स्वामित्व के कागज, और यदि किराए का है तो मकान मालिक के साथ किया गया वैध ‘रेंट एग्रीमेंट’ (किरायानामा)।
  8. नवीनतम पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो और स्पष्ट हस्ताक्षर (Signature)।

6. आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Application Process)

यूपी एग्री जंक्शन योजना के तहत हर साल प्रत्येक जिले और विकासखंड (Block) के लिए कृषि निदेशालय द्वारा भौतिक लक्ष्य (Targets) भेजे जाते हैं। इच्छुक अभ्यर्थी इस योजना के लिए मुख्य रूप से ऑफलाइन और सहायक रूप से ऑनलाइन मोड का उपयोग कर सकते हैं:

ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया (Offline Mode – अत्यधिक अनुशंसित और प्रभावी)

चूंकि इस योजना का अंतिम चयन जिला स्तर पर गठित एक विशेष कमेटी द्वारा किया जाता है, इसलिए कार्यालय में सीधे दस्तावेज जमा करना सबसे सुरक्षित माना जाता है:

  1. सर्वप्रथम अपने जनपद के उप कृषि निदेशक (Deputy Director of Agriculture) कार्यालय या विकास भवन स्थित कृषि विभाग के मुख्यालय से संपर्क करें।
  2. वहाँ से एग्री जंक्शन योजना का आधिकारिक आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
  3. फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियां जैसे—आपका नाम, पिता का नाम, शैक्षणिक योग्यता, स्थायी पता, और उस विकासखंड व गाँव का नाम जहाँ आप केंद्र खोलना चाहते हैं, साफ अक्षरों में भरें।
  4. आवेदन पत्र के साथ अपने सभी शैक्षणिक और व्यक्तिगत दस्तावेजों (मार्कशीट, आधार, निवास, शपथ पत्र आदि) की स्व-प्रमाणित (Self-Attested) प्रतियों को नत्थी (Attach) करें।
  5. भरे हुए आवेदन फॉर्म को निर्धारित अंतिम तिथि से पहले उप कृषि निदेशक कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जाकर जमा कर दें और वहां के संबंधित लिपिक से प्राप्ति रसीद (Acknowledgement Receipt) अवश्य ले लें।

ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया (Online Mode)

  1. उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के आधिकारिक वेब पोर्टल upagriculture.com पर जाएं।
  2. होमपेज पर उपलब्ध विभिन्न योजनाओं के अनुभाग में जाकर “प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन (एग्री जंक्शन) योजना आवेदन” या “कृषि उद्यमी पंजीकरण” के लिंक पर क्लिक करें।
  3. अपने आधार कार्ड और मूल विवरणों की सहायता से पोर्टल पर अपना नया पंजीकरण (Registration) करें।
  4. लॉगिन करने के बाद खुले हुए आवेदन फॉर्म में मांगी गई अपनी योग्यता और व्यावसायिक स्थान की जानकारी दर्ज करें।
  5. सभी आवश्यक दस्तावेजों को निर्धारित साइज और फॉर्मेट (PDF/JPEG) में स्कैन करके अपलोड करें और “Submit” बटन पर क्लिक करें।
  6. सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद अपने एप्लिकेशन फॉर्म का एक प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रख लें और उसे भी सभी दस्तावेजों के साथ जिला कृषि कार्यालय में जमा कर दें।

7. चयन प्रक्रिया और केंद्र की स्थापना (Selection & Implementation)

आवेदन जमा होने के बाद इसकी चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और योग्यता के आधार पर जिला स्तर पर संपन्न होती है:

  • आवेदनों की स्क्रूटनी: कृषि विभाग के अधिकारी प्राप्त सभी आवेदनों की जांच करते हैं कि आवेदक निर्धारित पात्रता शर्तों और शैक्षणिक योग्यता को पूरा करता है या नहीं।
  • जिला स्तरीय समिति द्वारा साक्षात्कार/चयन: जिला अधिकारी (DM) या मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की अध्यक्षता में गठित चयन समिति पात्र अभ्यर्थियों को एक औपचारिक साक्षात्कार (Interview) या उनकी मेरिट के आधार पर शॉर्टलिस्ट करती है। (एक ब्लॉक से अधिक आवेदन होने पर उच्च शैक्षणिक योग्यता वाले को वरीयता मिलती है)।
  • 13-दिवसीय अनिवार्य ट्रेनिंग: चयनित युवाओं को कृषि प्रबंधन संस्थान या जनपद के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) में 13 दिनों के लिए भेजा जाता है, जहाँ उन्हें व्यापार चलाने, बीज-खाद के तकनीकी रख-रखाव और वित्तीय प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • लाइसेंस एवं ऋण की स्वीकृति: प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र मिलते ही कृषि विभाग द्वारा निशुल्क खुदरा व्यापार लाइसेंस (Fertilizer, Seed & Pesticide Licenses) जारी कर दिए जाते हैं और अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक (LDM) के माध्यम से बैंक से लोन की पहली किस्त जारी करवा दी जाती है।
  • व्यवसाय का प्रारंभ: ऋण राशि और लाइसेंस प्राप्त होने के बाद लाभार्थी को अपने आवंटित विकासखंड में एग्री जंक्शन केंद्र का बोर्ड लगाकर संचालन शुरू करना होता है, जिसके बाद समय-समय पर विभागीय अधिकारी केंद्र का भौतिक निरीक्षण करते हैं और बैंक को सब्सिडी (ब्याज अनुदान) की राशि रिलीज कर दी जाती है।

8. निष्कर्ष (Conclusion)

UP Agri Junction Scheme 2026 उत्तर प्रदेश के शिक्षित और बेरोजगार कृषि स्नातकों को नौकरी की अंतहीन कतारों से निकालकर खुद को एक ‘सफल उद्यमी’ (Agripreneur) के रूप में स्थापित करने का एक बेहतरीन मंच प्रदान करती है। यह योजना त्रिपक्षीय लाभ देती है—पहला, शिक्षित युवाओं को सम्मानजनक स्वरोजगार मिलता है; दूसरा, ग्रामीण क्षेत्रों के सीमांत किसानों को नकली खाद-बीज से मुक्ति मिलती है और सही दाम पर वैज्ञानिक परामर्श मिलता है; और तीसरा, राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था डिजिटल और आधुनिक बनती है। यदि आप एक योग्य कृषि स्नातक हैं, तो आपको अंतिम समय का इंतजार किए बिना अपने जनपद के कृषि विभाग से संपर्क कर इस योजना का लाभ अवश्य उठाना चाहिए।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या एग्री जंक्शन योजना के तहत सीधे ₹60,000 की नकद स्कॉलरशिप या छात्रवृत्ति मिलती है?
उत्तर: नहीं, यह कोई सामान्य मासिक या वार्षिक छात्रवृत्ति नहीं है। यह वित्तीय लाभ लोन पर मिलने वाली सब्सिडी (ब्याज अनुदान) के रूप में होता है। जब आप केंद्र स्थापित करने के लिए बैंक से ₹5 लाख तक का लोन लेते हैं, तो सरकार ब्याज के बोझ को कम करने के लिए आपके ऋण खाते में अधिकतम ₹60,000 तक का ब्याज अनुदान (वित्तीय सहायता) समायोजित करती है।

Q2. क्या बी.ए. (B.A.) या बी.कॉम. (B.Com.) पास छात्र भी एग्री जंक्शन केंद्र खोलने के लिए पात्र हैं?
उत्तर: नहीं, इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक के पास कृषि (Agriculture) या इससे संबद्ध विज्ञान विषयों (जैसे उद्यानिकी, पशुपालन, वानिकी, डेयरी आदि) में न्यूनतम स्नातक (Graduation) की डिग्री होना अनिवार्य है। अन्य संकायों के छात्र इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।

Q3. क्या एग्री जंक्शन केंद्र खोलने के लिए मिलने वाले उर्वरक, बीज और कीटनाशक लाइसेंस के लिए कोई शुल्क देना होता है?
उत्तर: योजना के तहत चयनित और विधिवत 13 दिवसीय प्रशिक्षण पूरा करने वाले अभ्यर्थियों को व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक सभी अनिवार्य लाइसेंस कृषि विभाग द्वारा पूर्णतः निशुल्क (Free of Cost) जारी किए जाते हैं।

Q4. क्या इस योजना के तहत महिलाओं को कोई विशेष प्राथमिकता या छूट मिलती है?
उत्तर: हाँ, उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों के अनुसार चयन प्रक्रिया में महिला कृषि स्नातकों, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आवेदकों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है और उन्हें आयु सीमा में भी 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट (अधिकतम 45 वर्ष) मिलती है।

Q5. बैंक से मिलने वाले ₹5 लाख के ऋण को चुकाने की अवधि क्या होती है?
उत्तर: सामान्यतः बैंकों द्वारा इस प्रकार के व्यावसायिक ऋण को चुकाने के लिए 3 से 5 वर्ष का समय (आसान मासिक किश्तों में) दिया जाता है, जिसमें शुरुआती कुछ महीनों का ‘मोराटोरियम पीरियड’ (छूट अवधि) भी शामिल हो सकता है।


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