CM Shikshak Cashless Chikitsa Yojana: यूपी के शिक्षकों व शिक्षामित्रों को ₹5 लाख का कैशलेस इलाज, आवेदन व पात्रता!

CM Shikshak Cashless Chikitsa Yojana Uttar Pradesh Official Launch and Eligibility Poster

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CM Shikshak Cashless Chikitsa Yojana: यूपी के शिक्षकों व शिक्षामित्रों के लिए खुशखबरी, मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की शुरुआत

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाले और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षकों, शिक्षामित्रों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को एक ऐतिहासिक और बहुप्रतीक्षित सौगात दी है। राज्य सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ (CM Shikshak Cashless Chikitsa Yojana) का आधिकारिक रूप से शुभारंभ कर दिया गया है।

इस योजना के लागू होने से प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले लाखों नियमित शिक्षकों के साथ-साथ संविदा पर कार्यरत शिक्षामित्रों (Para-teachers), अनुदेशकों (Instructors), कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) के कर्मचारियों और मिड-डे मील रसोइयों को भी मुफ़्त और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुरक्षा का एक अभेद्य कवच मिल गया है। अब किसी भी गंभीर बीमारी के इलाज के दौरान शिक्षकों या उनके आश्रितों को वित्तीय तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

इस विस्तृत लेख में हम आपको मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जैसे—योजना के लाभ, पात्रता मानदंड, बीमा कवर, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताएंगे।


1. मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना: एक नज़र में (Overview)

योजना की मूल संरचना और इसके मुख्य प्रशासनिक घटकों को आसानी से समझने के लिए नीचे दी गई तालिका का अवलोकन करें:

विवरण (Details)महत्वपूर्ण जानकारी (Information)
योजना का नाममुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, उत्तर प्रदेश
घोषणा / संचालकमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश सरकार
लक्षित लाभार्थीपरिषदीय शिक्षक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक
कुल लाभार्थी संख्यालगभग 67.50 लाख से अधिक शिक्षक, कर्मचारी एवं उनके आश्रित
मुख्य लाभप्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज
नोडल एजेंसीराज्य स्वास्थ्य एवं एकीकृत सेवा एजेंसी (SACHIS)
पंजीकरण की अंतिम तिथि06 सितंबर 2026 तक अनिवार्य
आधिकारिक वेबसाइटsects.up.gov.in

2. योजना का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

उत्तर प्रदेश में अब तक प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के शिक्षकों व गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए कोई प्रभावी कैशलेस चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) की व्यवस्था पूर्ण रूप से लागू नहीं थी। किसी भी गंभीर बीमारी या अचानक आई मेडिकल इमरजेंसी के समय इलाज का पूरा भारी-भरकम खर्च शिक्षकों को अपनी जमा-पूंजी से ही वहन करना पड़ता था।

उत्तर प्रदेश सरकार का स्पष्ट संदेश है कि “स्वस्थ शिक्षक ही सशक्त समाज और विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत नींव हैं”। इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए सरकार ने शिक्षकों को मानसिक और आर्थिक चिंता से पूरी तरह मुक्त करने के लिए इस योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत राज्य भर के सभी सूचीबद्ध (Empanelled) सरकारी और निजी कॉर्पोरेट अस्पतालों में भर्ती होने से लेकर दवाइयों, ऑपरेशन और डिस्चार्ज तक का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।


3. योजना के तहत मिलने वाले मुख्य लाभ और सामाजिक सुरक्षा कवच

यह केवल एक सामान्य स्वास्थ्य योजना नहीं है, बल्कि यह शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लिए एक संपूर्ण सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम है। इसके तहत मिलने वाले मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:

  1. ₹5 लाख का वार्षिक कैशलेस इलाज: योजना के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक पात्र परिवार को देश और राज्य के सूचीबद्ध निजी व सरकारी अस्पतालों में प्रतिवर्ष ₹500,000 (5 लाख रुपये) तक के कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। सरकारी संस्थानों में बिना किसी वित्तीय सीमा के भी कुछ विशेष नियम लागू रहेंगे।
  2. करोड़ों का अतिरिक्त दुर्घटना बीमा कवर: शिक्षकों को पूर्ण सामाजिक सुरक्षा देने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और बेसिक/माध्यमिक विभाग ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ विशेष समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत शिक्षकों को:
    • ₹30 लाख से ₹80 लाख तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर (संविदा कर्मचारियों के लिए उनके मानदेय के आधार पर और नियमित शिक्षकों के लिए अलग सीमा) प्रदान किया जाएगा।
    • स्थायी विकलांगता (Permanent Disability) की स्थिति में भी ₹30 लाख से ₹80 लाख तक और आंशिक विकलांगता पर ₹15 लाख से ₹40 लाख तक का बीमा लाभ मिलेगा।
    • हवाई दुर्घटना की स्थिति में अतिरिक्त हवाई दुर्घटना बीमा भी शामिल है।
    • किसी अनहोनी की स्थिति में बच्चों की शिक्षा और बेटियों की शादी के लिए ऐड-ऑन बेनिफिट्स (Add-on Benefits) भी दिए जाएंगे।
  3. पहले दिन से ही लाभ शुरू: योजना के तहत जारी होने वाले स्टेट हेल्थ कार्ड (State Health Card) के सक्रिय होते ही, कार्डधारक पहले दिन से ही करीब 1900 से अधिक उपचार पैकेजों के लिए बिना कोई नकद राशि दिए इलाज शुरू करा सकेगा।

4. योजना के लिए पात्रता मानदंड (Who is Eligible?)

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना का दायरा बहुत व्यापक रखा है ताकि शिक्षा विभाग का कोई भी छोटा या बड़ा कर्मचारी इससे अछूता न रहे:

  • बेसिक शिक्षा विभाग: परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सभी नियमित शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी।
  • शिक्षामित्र और अनुदेशक: राज्य के प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत संविदा आधारित शिक्षामित्र (Para-teachers) और अनुदेशक (Instructors) भी इस योजना के तहत इलाज के पूर्ण हकदार होंगे।
  • माध्यमिक शिक्षा विभाग: राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त (Aided) और वित्तविहीन (Unaided) माध्यमिक विद्यालयों के पात्र शिक्षक व गैर-शिक्षण कर्मचारी।
  • उच्च शिक्षा विभाग: उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों, स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में कार्यरत सभी शिक्षक।
  • अन्य संविदा कर्मी: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) के समस्त पात्र कर्मचारी और स्कूलों में मिड-डे मील बनाने वाले रसोइये।
  • आश्रित परिवार (Dependents): शिक्षक/कर्मचारी के माता-पिता, पति/पत्नी और नियमानुसार पूरी तरह आश्रित बच्चे भी इस योजना के तहत चिकित्सा लाभ पा सकेंगे।

5. आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची (Documents Required)

ऑनलाइन पंजीकरण करने और अपना स्टेट हेल्थ कार्ड डाउनलोड करने के लिए आवेदकों के पास निम्नलिखित दस्तावेजों का होना अनिवार्य है:

  • आधार कार्ड: शिक्षक और उनके सभी आश्रित परिवार के सदस्यों का आधार कार्ड (जिसमें वर्तमान मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिए)।
  • मानव संपदा आईडी (Manav Sampada ID) / विभागीय विवरण: बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों के लिए ‘मानव संपदा पोर्टल’ की विशिष्ट आईडी।
  • नियुक्ति पत्र / कार्यरत होने का सेवा प्रमाण पत्र: विशेषकर वित्तविहीन और संविदा कर्मियों के लिए सक्षम अधिकारी या प्रधानाचार्य द्वारा सत्यापित प्रमाण पत्र।
  • पासपोर्ट साइज फोटो: आवेदक और आश्रितों की नवीनतम डिजिटल फोटो।
  • राशन कार्ड या फैमिली आईडी (Family ID): परिवार के सदस्यों के साथ संबंध और आश्रितता स्थापित करने हेतु वैध प्रमाण पत्र।

6. ऑनलाइन आवेदन और हेल्थ कार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया

शासन के निर्देशों के अनुसार, सभी पात्र लाभार्थियों को 06 सितंबर 2026 से पहले अपना ऑनलाइन पंजीकरण पूर्ण कर लेना है। आवेदन की चरणबद्ध प्रक्रिया नीचे दी गई है:

स्टेप 1: आधिकारिक पोर्टल पर जाएं

सबसे पहले आवेदक योजना के आधिकारिक वेब पोर्टल sects.up.gov.in पर विजिट करें।

स्टेप 2: शिक्षक लॉगिन और पंजीकरण (Registration)

  1. होमपेज पर दिए गए “Apply for State Health Card” के विकल्प पर क्लिक करें।
  2. अपनी मानव संपदा आईडी (यदि लागू हो), आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करके प्रारंभिक पंजीकरण पूरा करें।

स्टेप 3: आश्रितों का विवरण और e-KYC

  1. पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद अपना विवरण जांचें।
  2. अपने आश्रित परिवार के सदस्यों (Dependents) का नाम और उनका आधार नंबर दर्ज करें।
  3. सभी सदस्यों का आधार ओटीपी (OTP) के माध्यम से आधार ई-केवाईसी (Aadhar e-KYC) सफलतापूर्वक पूर्ण करें।

स्टेप 4: सत्यापन और विभागीय अनुमोदन (Verification)

आपका आवेदन जमा होने के बाद सत्यापन की प्रक्रिया विभागीय प्रणाली के अनुसार आगे बढ़ेगी:

  • प्रथम स्तर: आवेदन सबसे पहले आपके संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य/प्रबंधक या आहरण वितरण अधिकारी के पास ऑनलाइन फॉरवर्ड होगा।
  • द्वितीय स्तर: इसके बाद आवेदन संबंधित जिले के DIOS (जिला विद्यालय निरीक्षक) या BSA (जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी) के लॉगिन पर जाएगा, जो अभिलेखों का अंतिम परीक्षण कर स्वीकृति प्रदान करेंगे।

स्टेप 5: स्टेट हेल्थ कार्ड डाउनलोड करना

अंतिम अनुमोदन प्राप्त होने के बाद, शिक्षक के रजिस्टर्ड मोबाइल पर एसएमएस (SMS) प्राप्त होगा। इसके बाद शिक्षक पुनः पोर्टल पर लॉगिन करके अपना और अपने परिवार का “State Health Card” ऑनलाइन डाउनलोड कर प्रिंट निकाल सकेंगे।


7. निष्कर्ष (Conclusion)

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना 2026 राज्य के शैक्षणिक ढांचे को और अधिक मानवीय व सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इस योजना ने न केवल नियमित शिक्षकों बल्कि वर्षों से अल्प मानदेय पर काम कर रहे शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और वित्तविहीन स्कूलों के गुरुजनों को भी सम्मानजनक स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की है। बैंकों (SBI & PNB) के साथ हुए एमओयू (MoU) के माध्यम से मिलने वाला दुर्घटना बीमा शिक्षकों के परिवारों के भविष्य को पूरी तरह सुरक्षित बनाता है। सभी योग्य शिक्षकों और कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते 06 सितंबर 2026 की अंतिम तिथि से पहले अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अवश्य पूर्ण कर लें।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के लिए कोई मासिक प्रीमियम वेतन से कटेगा?
उत्तर: नहीं, यह योजना पूरी तरह से कैशलेस और निशुल्क है। योजना का पूरा बीमा प्रीमियम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्वयं वहन किया जा रहा है। शिक्षकों के वेतन से किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी।

Q2. क्या संविदा पर कार्यरत शिक्षामित्र और अनुदेशक भी इस योजना के पात्र हैं?
उत्तर: हाँ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष निर्देशानुसार नियमित शिक्षकों के साथ-साथ प्राथमिक शिक्षा विभाग के संविदा कर्मियों जैसे—शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को भी इस योजना का पूर्ण लाभ दिया गया है।

Q3. स्टेट हेल्थ कार्ड बन जाने के बाद किन अस्पतालों में मुफ्त इलाज कराया जा सकता है?
उत्तर: यह सुविधा आयुष्मान भारत (PM-JAY) योजना के तहत सूचीबद्ध (Empanelled) देश और प्रदेश के सभी प्रतिष्ठित सरकारी चिकित्सा संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों और निजी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों में पूर्णतः मान्य होगी।

Q4. क्या योजना का लाभ लेने के लिए कोई वित्तीय सीमा तय की गई है?
उत्तर: योजना के तहत निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलेगा, जबकि सरकारी चिकित्सा संस्थानों/अस्पतालों में बिना किसी वित्तीय सीमा के कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध है।


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