India-UAE LPG Deal: भारत और यूएई के बीच एलपीजी सप्लाई को लेकर ऐतिहासिक समझौता, पीएम मोदी और अल नाहयान की बैठक!

ग्लोबल संकट के बीच भारत-UAE का बड़ा फैसला: राष्ट्रपति अल नाहयान और पीएम मोदी की मुलाकात में LPG सप्लाई और रणनीतिक तेल भंडार पर ऐतिहासिक समझौता

अबू धाबी (15 मई 2026): पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण उपजे वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। अपने पांच देशों के विदेशी दौरे के पहले चरण में यूएई (UAE) की राजधानी अबू धाबी पहुंचे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की।

इस उच्च स्तरीय बैठक में दोनों देशों के बीच लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) सप्लाई और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserves) को लेकर बेहद अहम और ऐतिहासिक समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

भारत के लिए क्यों संजीवनी है यह LPG डील?

भारत वर्तमान में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक देश है। ऐसे समय में जब मिडिल ईस्ट में सुरक्षा हालात नाजुक बने हुए हैं, यूएई के साथ हुआ यह दीर्घकालिक समझौता घरेलू बाजार में एलपीजी की किल्लत और कीमतों में होने वाले बड़े उछाल से भारतीय उपभोक्ताओं को सुरक्षित रखेगा। ज्ञात हो कि यूएई पहले से ही भारत की कुल एलपीजी आवश्यकता का लगभग 40% हिस्सा अकेले पूरा करता है। इस नए समझौते से यह आपूर्ति और भी अधिक स्थिर और सुरक्षित हो जाएगी।

रणनीतिक तेल भंडारण (SPR) और रक्षा साझेदारी को भी मंजूरी

बैठक के दौरान केवल रसोई गैस ही नहीं, बल्कि भारत की समग्र ऊर्जा प्रणाली को सुरक्षित करने के लिए रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserves) के विस्तार पर भी दोनों देशों ने सहमति जताई। इसके अतिरिक्त, बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण फैसलों पर भी मुहर लगी है:

  • रक्षा सहयोग: दोनों देशों के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए एक व्यापक ‘फ्रेमवर्क समझौते’ पर हस्ताक्षर हुए।
  • 5 अरब डॉलर का निवेश पैकेज: यूएई ने भारत के बुनियादी ढांचे (Infrastructure), आरबीएल बैंक (RBL Bank) और सम्मान कैपिटल में कुल 5 अरब डॉलर ($5 Billion) के बड़े निवेश का एलान किया है।
  • शिप रिपेयर क्लस्टर: गुजरात के वाडिनार में एक आधुनिक जहाज मरम्मत क्लस्टर स्थापित करने के लिए भी समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान किया गया।

घरेलू तेल कीमतों में बढ़ोतरी के बीच हुई यह बैठक

यह रणनीतिक समझौता ठीक उसी दिन सामने आया है जब आज, 15 मई को भारतीय बाजार में तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। वैश्विक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की अनिश्चितता को कम करने के लिए पीएम मोदी का यह संक्षिप्त लेकिन बेहद प्रभावी यूएई दौरा भारत की भविष्य की आर्थिक स्थिरता के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

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