UP Pension Scheme 2026: बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को मिलेगी मासिक सहायता, sspy-up.gov.in पर करें आवेदन
उत्तर प्रदेश पेंशन योजना राज्य सरकार द्वारा समाज के आर्थिक रूप से कमजोर, असहाय और वंचित वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए चलाई जा रही एक अत्यंत महत्वाकांक्षी और व्यापक पहल है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने वृद्धों, विधवाओं, दिव्यांगों और कुष्ठ रोगियों जैसे संवेदनशील वर्गों को सीधे वित्तीय लाभ पहुँचाने के लिए एकीकृत सामाजिक सुरक्षा प्रणाली लागू की है।
इस योजना के तहत एकीकृत सामाजिक पेंशन पोर्टल (SSPY) के माध्यम से सभी प्रमुख पेंशन योजनाओं का संचालन और वितरण पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी तरीके से किया जाता है। सरकार का मुख्य लक्ष्य समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जीने का अवसर प्रदान करना है।
इस विस्तृत लेख में हम उत्तर प्रदेश की सभी प्रमुख पेंशन योजनाओं, उनकी पात्रता, वित्तीय लाभ, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
Table of Contents
1. उत्तर प्रदेश पेंशन योजना की पृष्ठभूमि और परिचय (Background & Introduction)
उत्तर प्रदेश भारत का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है, जहाँ एक बड़ी ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर आबादी निवास करती है। वृद्धावस्था में आय के स्रोतों की कमी, पति की मृत्यु के बाद महिलाओं के सामने आने वाले आर्थिक संकट, और शारीरिक रूप से अक्षम होने के कारण दिव्यांगों की आजीविका पर आने वाले संकट को दूर करना किसी भी कल्याणकारी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है।
इन्हीं चुनौतियों का समाधान करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशनों को एक छत के नीचे लाते हुए SSPY (Social Security Pension Portal) की शुरुआत की। सरकार द्वारा समय-समय पर पेंशन राशि में बढ़ोतरी की गई है, जिससे सीधे तौर पर करोड़ों लाभार्थियों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। बिचौलियों और भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त करने के लिए पूरी व्यवस्था को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली से जोड़ दिया गया है, जिससे वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में पहुँचती है।
2. उत्तर प्रदेश की 4 मुख्य पेंशन योजनाएं और उनके लाभ (Major Pension Schemes & Benefits)
उत्तर प्रदेश सरकार मुख्य रूप से चार प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का संचालन करती है। इन सभी योजनाओं की विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है:
क) उत्तर प्रदेश वृद्धावस्था पेंशन योजना (UP Old Age Pension Scheme)
यह योजना राज्य के गरीब और निराश्रित बुजुर्गों के लिए जीवन का एक बड़ा सहारा है।
- वित्तीय लाभ: इसके तहत पात्र वृद्धजनों को ₹1,000 प्रति माह (यानी ₹12,000 प्रति वर्ष) की आर्थिक सहायता दी जाती है।
- भुगतान की आवृत्ति: यह राशि हर तीन महीने (त्रैमासिक) में एक बार, यानी ₹3,000 की किस्त के रूप में सीधे लाभार्थी के खाते में भेजी जाती है।
- लक्ष्य: वृद्धवस्था में बच्चों पर निर्भरता को कम करना और बुजुर्गों को सम्मान देना।
ख) निराश्रित महिला पेंशन योजना (UP Widow Pension Scheme)
पति की मृत्यु के बाद बेसहारा और निराश्रित हो चुकी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए यह योजना चलाई जा रही है।
- वित्तीय लाभ: इस योजना के अंतर्गत भी पात्र विधवा महिलाओं को ₹1,000 प्रति माह दिए जाते हैं।
- भुगतान: तिमाही आधार पर ₹3,000 की किस्त सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
- लक्ष्य: महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना और उनके बच्चों के भरण-पोषण में सहायता करना।
ग) दिव्यांग पेंशन योजना (UP Divyang Pension Scheme)
शारीरिक या मानसिक रूप से 40% या उससे अधिक विकलांग व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह योजना लागू की गई है।
- वित्तीय लाभ: पात्र दिव्यांग व्यक्तियों को ₹1,000 प्रति माह की पेंशन दी जाती है।
- भुगतान: हर तीन महीने में ₹3,000 सीधे बैंक खाते में जमा किए जाते हैं।
- लक्ष्य: विकलांगता के कारण रोजगार न कर पाने वाले लोगों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना।
घ) कुष्ठावस्था पेंशन योजना (UP Leprosy Pension Scheme)
कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों की विशेष चिकित्सा और शारीरिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस योजना के तहत सबसे अधिक वित्तीय सहायता का प्रावधान किया है।
- वित्तीय लाभ: इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ₹3,000 प्रति माह (यानी ₹36,000 प्रति वर्ष) दिए जाते हैं।
- भुगतान: तिमाही आधार पर सीधे ₹9,000 की किस्त लाभार्थी के खाते में भेजी जाती है।
- लक्ष्य: कुष्ठ रोगियों के इलाज, पोषण और सम्मानजनक पुनर्वास में मदद करना।
3. पेंशन योजनाओं के लिए पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए सरकार ने स्पष्ट और पारदर्शी पात्रता नियम तय किए हैं, जो इस प्रकार हैं:
| पेंशन का प्रकार | आयु सीमा | आय सीमा (वार्षिक) | अन्य शर्तें |
|---|---|---|---|
| वृद्धावस्था पेंशन | 60 वर्ष या उससे अधिक | ग्रामीण क्षेत्र: ₹46,080 शहरी क्षेत्र: ₹56,460 | किसी अन्य सरकारी पेंशन का लाभ न मिल रहा हो। |
| निराश्रित महिला पेंशन | 18 वर्ष से अधिक | अधिकतम ₹2,000,000 तक (या गरीबी रेखा से नीचे) | पति की मृत्यु हो चुकी हो और पुनर्विवाह न किया हो। |
| दिव्यांग पेंशन | 18 वर्ष से अधिक | ग्रामीण क्षेत्र: ₹46,080 शहरी क्षेत्र: ₹56,460 | न्यूनतम 40% विकलांगता का सरकारी चिकित्सा प्रमाण पत्र। |
| कुष्ठावस्था पेंशन | कोई आयु सीमा नहीं | कोई कठोर आय सीमा लागू नहीं | कुष्ठ रोग से पीड़ित होने का वैध चिकित्सा प्रमाण पत्र। |
नोट: सभी आवेदकों का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
4. आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
उत्तर प्रदेश पेंशन योजना में आवेदन करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों का होना अनिवार्य है:
- पहचान और निवास प्रमाण: आवेदक का आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड और उत्तर प्रदेश का स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)।
- आय प्रमाण पत्र: सक्षम प्राधिकारी (तहसीलदार) द्वारा जारी डिजिटल आय प्रमाण पत्र।
- आयु प्रमाण पत्र: जन्म प्रमाण पत्र, हाईस्कूल की मार्कशीट, या आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि।
- बैंक पासबुक की कॉपी: आवेदक का चालू बैंक खाता, जो अनिवार्य रूप से आधार और NPCI (National Payments Corporation of India) से लिंक होना चाहिए।
- विशेष प्रमाण पत्र (योजना के अनुसार):
- महिला पेंशन के लिए: पति का मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)।
- दिव्यांग पेंशन के लिए: सीएमओ (CMO) द्वारा जारी विकलांगता प्रमाण पत्र (Disability Certificate)।
- कुष्ठावस्था पेंशन के लिए: वैध कुष्ठ रोग चिकित्सा प्रमाण पत्र।
- पासपोर्ट साइज फोटो: आवेदक की हाल ही में खींची गई रंगीन फोटो।
5. ऑनलाइन आवेदन की चरण-दर-चरण प्रक्रिया (Step-by-Step Online Application Process)
उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरी आवेदन प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया है। आवेदक स्वयं या किसी भी नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) या साइबर कैफे के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:
- आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले उत्तर प्रदेश सामाजिक सुरक्षा पेंशन पोर्टल (sspy-up.gov.in) पर विजिट करें।
- पेंशन प्रकार चुनें: होमपेज पर आपको तीन मुख्य विकल्प दिखाई देंगे – वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन, दिव्यांग एवं कुष्ठावस्था पेंशन। आप जिस योजना के पात्र हैं, उस पर क्लिक करें।
- ऑनलाइन आवेदन पर क्लिक करें: योजना के पेज पर जाने के बाद “ऑनलाइन आवेदन करें” (Apply Online) के विकल्प पर क्लिक करें। आपके सामने विस्तृत आवेदन फॉर्म (Application Form) खुल जाएगा।
- व्यक्तिगत विवरण दर्ज करें: फॉर्म में अपना जिला, निवासी प्रकार (ग्रामीण/शहरी), नाम (आधार के अनुसार), लिंग, जन्मतिथि, श्रेणी और पूरा पता ध्यानपूर्वक भरें।
- आय और बैंक विवरण भरें: अपने आय प्रमाण पत्र की आवेदन संख्या और सर्टिफिकेट नंबर दर्ज करें। इसके बाद अपनी बैंक शाखा का नाम, खाता संख्या और IFSC कोड बिल्कुल सही-सही भरें।
- दस्तावेज अपलोड करें: अपनी पासपोर्ट साइज फोटो और आवश्यक दस्तावेज (जैसे आयु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, मृत्यु/विकलांगता प्रमाण पत्र) को निर्दिष्ट साइज (आमतौर पर PDF/JPEG फॉर्मेट में 20KB से 50KB के बीच) में स्कैन करके अपलोड करें।
- फॉर्म सबमिट करें: घोषणा पत्र पर टिक करें, कैप्चा कोड भरें और “Submit” बटन पर क्लिक करें।
- पंजीकरण संख्या सुरक्षित रखें: फॉर्म सबमिट होते ही स्क्रीन पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर (Registration Number) दिखाई देगा। इसे नोट कर लें, क्योंकि भविष्य में स्टेटस ट्रैक करने के लिए इसकी आवश्यकता होगी।
6. पेंशन स्टेटस और ई-केवाईसी (Pension Status Check & e-KYC Verification)
आवेदन जमा करने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम विकास अधिकारी (VDO)/लेखपाल और शहरी क्षेत्रों में उपजिलाधिकारी (SDM) द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाता है। आप अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं:
- स्टेटस कैसे जांचें: SSPY पोर्टल पर जाकर “आवेदक लॉगइन” पर क्लिक करें। अपनी पेंशन का प्रकार और रजिस्ट्रेशन आईडी दर्ज करें। मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) के जरिए लॉगइन करके आप अपने आवेदन का वर्तमान स्टेटस देख सकते हैं।
- ई-केवाईसी (e-KYC) की अनिवार्यता: उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी पुराने और नए पेंशनभोगियों के लिए आधार ई-केवाईसी (Aadhar e-KYC) कराना अनिवार्य कर दिया है। यदि आपका बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है या पोर्टल पर ई-केवाईसी अधूरा है, तो आपकी पेंशन की किस्तें रोकी जा सकती हैं। इसे आप स्वयं पोर्टल पर जाकर आधार नंबर और मोबाइल ओटीपी के जरिए सत्यापित कर सकते हैं।
7. उत्तर प्रदेश पेंशन योजना का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव (Social & Economic Impact)
इस एकीकृत पेंशन प्रणाली ने उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में एक मूक क्रांति ला दी है:
- वित्तीय आत्मनिर्भरता: बुजुर्गों और दिव्यांगों को अपनी छोटी-मोटी जरूरतों जैसे चाय, दवाइयों या कपड़ों के लिए अपने बच्चों या रिश्तेदारों के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ता।
- महिला सशक्तिकरण: निराश्रित महिलाओं को मिलने वाली ₹1,000 की मासिक राशि से वे अपने बच्चों की शिक्षा और बुनियादी खर्चों को पूरा करने में सक्षम हो रही हैं, जिससे समाज में उनका सम्मान बढ़ा है।
- भ्रष्टाचार पर अंकुश: डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के कारण अब किसी भी बिचौलिए या अधिकारी के पास पैसे रोकने का अधिकार नहीं है। पूरा पैसा शत-प्रतिशत सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में क्रेडिट होता है।
- डिजिटल साक्षरता: ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब लोग भी अब बैंक खातों के संचालन, आधार लिंकिंग और अंगूठे के निशान (Biometric) के जरिए पैसे निकालने की प्रणाली से जुड़ रहे हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
उत्तर प्रदेश पेंशन योजना राज्य के बेसहारा, वृद्ध, महिला और दिव्यांग नागरिकों के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच साबित हुई है। एकीकृत पोर्टल (SSPY) ने आवेदन से लेकर पेंशन वितरण तक की पूरी प्रक्रिया को बेहद सुलभ और पारदर्शी बना दिया है। मासिक वित्तीय सहायता की नियमितता ने समाज के सबसे कमजोर वर्ग के मन में सुरक्षा और विश्वास की भावना पैदा की है।
एक जागरूक नागरिक होने के नाते हमारा यह कर्तव्य है कि यदि हमारे आसपास कोई भी योग्य व्यक्ति (बुजुर्ग, विधवा या दिव्यांग) इस योजना के लाभ से वंचित है, तो हम उसकी मदद करें और उत्तर प्रदेश सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना का लाभ दिलाने में उसका सहयोग करें।
उत्तर प्रदेश पेंशन योजना (UP Pension Scheme) से जुड़े कुछ मुख्य और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs):
1. उत्तर प्रदेश में मुख्य रूप से कौन-कौन सी पेंशन योजनाएं चलाई जा रही हैं?
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एकीकृत सामाजिक पेंशन पोर्टल (SSPY) के माध्यम से मुख्य रूप से चार प्रकार की पेंशन योजनाएं संचालित की जा रही हैं:
- वृद्धावस्था पेंशन योजना (Old Age Pension)
- निराश्रित महिला पेंशन योजना (Widow Pension)
- दिव्यांग पेंशन योजना (Divyang Pension)
- कुष्ठावस्था पेंशन योजना (Leprosy Pension)
2. इन योजनाओं के तहत हर महीने कितनी पेंशन राशि दी जाती है?
- वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांग पेंशन: इन तीनों योजनाओं के तहत लाभार्थियों को ₹1,000 प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाती है।
- कुष्ठावस्था पेंशन: इस विशेष श्रेणी के लाभार्थियों को ₹3,000 प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
3. पेंशन का पैसा बैंक खाते में कब और कैसे ट्रांसफर किया जाता है?
पेंशन की राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है। यह भुगतान आमतौर पर तिमाही (हर तीन महीने में एक बार) किया जाता है, यानी सामान्य पेंशनर्स को एक बार में ₹3,000 की किस्त प्राप्त होती है।
4. क्या इस योजना का लाभ उठाने के लिए कोई आय सीमा (Income Limit) तय है?
हाँ, वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन के लिए वार्षिक पारिवारिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में ₹46,080 और शहरी क्षेत्रों में ₹56,460 से अधिक नहीं होनी चाहिए। निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन के लिए अधिकतम आय सीमा ₹2,00,000 तक है। कुष्ठावस्था पेंशन में कोई कठोर आय सीमा लागू नहीं होती है।
5. यदि मेरी पेंशन अचानक रुक गई है, तो इसका क्या कारण हो सकता है?
पेंशन रुकने के दो सबसे मुख्य कारण हो सकते हैं:
- आपका आधार ई-केवाईसी (e-KYC) वेरिफिकेशन अधूरा होना।
- आपका बैंक खाता आपके आधार कार्ड और NPCI से लिंक न होना।
आप SSPY पोर्टल पर लॉगइन करके अपना ई-केवाईसी स्टेटस चेक कर सकते हैं और इसे अपडेट करा सकते हैं।
6. क्या एक व्यक्ति एक साथ दो सरकारी पेंशन योजनाओं का लाभ ले सकता है?
नहीं, कोई भी नागरिक एक समय में केंद्र या राज्य सरकार की केवल एक ही पेंशन योजना का लाभ उठा सकता है। यदि आप पहले से किसी अन्य पेंशन का लाभ ले रहे हैं, तो आप उत्तर प्रदेश सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए पात्र नहीं होंगे।
7. दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए न्यूनतम कितनी विकलांगता होनी चाहिए?
दिव्यांग पेंशन का लाभ उठाने के लिए आवेदक के पास मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा जारी किया गया न्यूनतम 40% या उससे अधिक की विकलांगता का वैध सरकारी चिकित्सा प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।
8. ऑनलाइन आवेदन करने के बाद भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कौन करता है?
ग्रामीण क्षेत्रों में आवेदन का भौतिक सत्यापन ग्राम विकास अधिकारी (VDO) या लेखपाल द्वारा किया जाता है। वहीं, शहरी क्षेत्रों में यह कार्य उपजिलाधिकारी (SDM) या नामांकित राजस्व अधिकारी द्वारा किया जाता है। सत्यापन सफल होने के बाद ही जिला कल्याण अधिकारी द्वारा पेंशन स्वीकृत की जाती है।
यदि आप इस योजना के बारे में कुछ और जानना चाहते हैं, तो कृपया मुझे बताएं:
उत्तर प्रदेश पेंशन योजना (UP Pension Scheme) से जुड़े कुछ मुख्य और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) नीचे दिए गए हैं:
1. उत्तर प्रदेश में मुख्य रूप से कौन-कौन सी पेंशन योजनाएं चलाई जा रही हैं?
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एकीकृत सामाजिक पेंशन पोर्टल (SSPY) के माध्यम से मुख्य रूप से चार प्रकार की पेंशन योजनाएं संचालित की जा रही हैं:
- वृद्धावस्था पेंशन योजना (Old Age Pension)
- निराश्रित महिला पेंशन योजना (Widow Pension)
- दिव्यांग पेंशन योजना (Divyang Pension)
- कुष्ठावस्था पेंशन योजना (Leprosy Pension)
2. इन योजनाओं के तहत हर महीने कितनी पेंशन राशि दी जाती है?
- वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांग पेंशन: इन तीनों योजनाओं के तहत लाभार्थियों को ₹1,000 प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाती है।
- कुष्ठावस्था पेंशन: इस विशेष श्रेणी के लाभार्थियों को ₹3,000 प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
3. पेंशन का पैसा बैंक खाते में कब और कैसे ट्रांसफर किया जाता है?
पेंशन की राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है। यह भुगतान आमतौर पर तिमाही (हर तीन महीने में एक बार) किया जाता है, यानी सामान्य पेंशनर्स को एक बार में ₹3,000 की किस्त प्राप्त होती है।
4. क्या इस योजना का लाभ उठाने के लिए कोई आय सीमा (Income Limit) तय है?
हाँ, वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन के लिए वार्षिक पारिवारिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में ₹46,080 और शहरी क्षेत्रों में ₹56,460 से अधिक नहीं होनी चाहिए। निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन के लिए अधिकतम आय सीमा ₹2,00,000 तक है। कुष्ठावस्था पेंशन में कोई कठोर आय सीमा लागू नहीं होती है।
5. यदि मेरी पेंशन अचानक रुक गई है, तो इसका क्या कारण हो सकता है?
पेंशन रुकने के दो सबसे मुख्य कारण हो सकते हैं:
- आपका आधार ई-केवाईसी (e-KYC) वेरिफिकेशन अधूरा होना।
- आपका बैंक खाता आपके आधार कार्ड और NPCI से लिंक न होना।
आप SSPY पोर्टल पर लॉगइन करके अपना ई-केवाईसी स्टेटस चेक कर सकते हैं और इसे अपडेट करा सकते हैं।
6. क्या एक व्यक्ति एक साथ दो सरकारी पेंशन योजनाओं का लाभ ले सकता है?
नहीं, कोई भी नागरिक एक समय में केंद्र या राज्य सरकार की केवल एक ही पेंशन योजना का लाभ उठा सकता है। यदि आप पहले से किसी अन्य पेंशन का लाभ ले रहे हैं, तो आप उत्तर प्रदेश सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए पात्र नहीं होंगे।
7. दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए न्यूनतम कितनी विकलांगता होनी चाहिए?
दिव्यांग पेंशन का लाभ उठाने के लिए आवेदक के पास मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा जारी किया गया न्यूनतम 40% या उससे अधिक की विकलांगता का वैध सरकारी चिकित्सा प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।
8. ऑनलाइन आवेदन करने के बाद भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कौन करता है?
ग्रामीण क्षेत्रों में आवेदन का भौतिक सत्यापन ग्राम विकास अधिकारी (VDO) या लेखपाल द्वारा किया जाता है। वहीं, शहरी क्षेत्रों में यह कार्य उपजिलाधिकारी (SDM) या नामांकित राजस्व अधिकारी द्वारा किया जाता है। सत्यापन सफल होने के बाद ही जिला कल्याण अधिकारी द्वारा पेंशन स्वीकृत की जाती है।
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