यूपी पीआरडी जवान कैशलेस चिकित्सा योजना: जवानों को मिला ₹5 लाख का स्वास्थ्य सुरक्षा कवच, ऐसे डाउनलोड करें कार्ड
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उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना: प्रांतीय रक्षक दल के जवानों को सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य का ऐतिहासिक उपहार
प्रस्तावना
उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और विभिन्न प्रशासनिक त्योहारों व आपदाओं में प्रांतीय रक्षक दल (PRD) के जवानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। पुलिस बल के कंधे से कंधा मिलाकर काम करने वाले ये जवान राज्य के कोने-कोने में पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं देते हैं। हालांकि, एक लंबे समय से इन जवानों को पुलिस कर्मियों की भांति व्यापक सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा था।
PRD जवानों और उनके परिवारों की इसी जायज और लंबे समय से लंबित मांग को संवेदनशीलता से पूरा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने ‘मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना’ (UP Mukhyamantri PRD Cashless Chikitsa Yojana) की घोषणा की है। उत्तर प्रदेश युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग द्वारा संचालित यह योजना राज्य के हजारों जवानों को आपातकालीन और गंभीर बीमारियों की स्थिति में बिना किसी वित्तीय चिंता के उत्कृष्ट इलाज की गारंटी देती है। यह कदम न केवल जवानों के मनोबल को बढ़ाने वाला है, बल्कि उन्हें एक गरिमापूर्ण और सुरक्षित जीवन देने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।
योजना की पृष्ठभूमि और प्रशासनिक स्वीकृति
प्रांतीय रक्षक दल के जवान मुख्य रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के मध्यम व निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों से आते हैं। ड्यूटी के दौरान किसी दुर्घटना या अचानक उत्पन्न हुई गंभीर बीमारी की स्थिति में निजी अस्पतालों के महंगे खर्च को वहन करना इनके लिए आर्थिक रूप से अत्यंत कष्टदायक होता था।
इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के अनुपूरक बजट और मुख्य बजट 2026-27 में इस विशेष कैशलेस चिकित्सा योजना के लिए अलग से भारी-भरकम बजटीय आवंटन की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रांतीय रक्षक दल (PRD) के सभी सक्रिय जवानों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना या आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर जोड़ने और प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई।
योजना के प्रमुख उद्देश्य
‘मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना’ का निर्माण निम्नलिखित दूरदर्शी और कल्याणकारी उद्देश्यों को ध्यान में रखकर किया गया है:
- स्वास्थ्य सुरक्षा का अधिकार: राज्य के कानून-व्यवस्था तंत्र में रीढ़ की हड्डी की तरह काम करने वाले PRD स्वयंसेवकों को चिकित्सा सुरक्षा प्रदान करना।
- कर्तव्य पथ पर निश्चिंतता: जब जवान ड्यूटी पर तैनात हों, तो उन्हें अपने परिवार के स्वास्थ्य या अचानक आने वाले चिकित्सा खर्च की कोई मानसिक चिंता न रहे।
- वित्तीय संकट से बचाव: गंभीर बीमारियों (जैसे हृदय रोग, कैंसर, किडनी की बीमारी) के महंगे इलाज के कारण जवानों को कर्ज के जाल में फंसने से बचाना।
- समानता का भाव: पुलिस बल और अन्य सुरक्षा बलों की तरह पीआरडी जवानों को भी राज्य की मुख्यधारा की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उनके भीतर सम्मान की भावना जगाना।
योजना के तहत मिलने वाले लाभ और कवरेज सीमा
यह योजना पीआरडी जवानों को देश और प्रदेश के सबसे बेहतरीन चिकित्सा संस्थानों में इलाज की सुविधा सुनिश्चित करती है:
1. प्रति परिवार वार्षिक कवरेज:
योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र पीआरडी जवान के परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज पूरी तरह से मुफ्त प्रदान किया जाएगा। इसके तहत अस्पताल में भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज होने तक का कोई भी शुल्क मरीज को नकद नहीं देना होगा।
2. शामिल बीमारियां और चिकित्सा सुविधाएं:
- गंभीर और असाध्य रोग: हृदय रोग (हार्ट अटैक/बाईपास सर्जरी), कैंसर का इलाज (कीमोथेरेपी/रेडियोथेरेपी), किडनी ट्रांसप्लांट या डायलिसिस, न्यूरो सर्जरी और ब्रेन स्ट्रोक का इलाज।
- आकस्मिक दुर्घटनाएं: ड्यूटी के दौरान या सामान्य दिनों में होने वाली किसी भी बड़ी सड़क दुर्घटना, ऊंचाई से गिरने या गंभीर चोट लगने पर आईसीयू (ICU) और वेंटिलेटर समेत समस्त सर्जिकल खर्च।
- अस्पताल में भर्ती होने से पूर्व और बाद का खर्च: अस्पताल में भर्ती होने से 3 दिन पहले तक की जांचें/दवाइयां और अस्पताल से डिस्चार्ज होने के 15 दिन बाद तक की अनुवर्ती (Follow-up) दवाइयों का खर्च भी इसी के अंतर्गत कवर होता है।
3. पैनल में शामिल अस्पताल (Empanelled Hospitals):
लाभार्थी जवान उत्तर प्रदेश के सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों (जैसे KGMU लखनऊ, SGPGI लखनऊ), जिला पुरुष व महिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) के साथ-साथ योजना के तहत अनुबंधित (Empanelled) सभी प्रतिष्ठित निजी कॉर्पोरेट अस्पतालों में अपना इलाज करा सकेंगे।
योजना के लिए पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
इस योजना का लाभ उठाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने निम्नलिखित मानक तय किए हैं:
- सक्रिय सदस्यता: आवेदक अनिवार्य रूप से उत्तर प्रदेश युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग के अंतर्गत पंजीकृत और सक्रिय (Active) पीआरडी जवान होना चाहिए।
- ड्यूटी रिकॉर्ड: जिन जवानों ने पिछले वित्तीय वर्ष में विभाग द्वारा आवंटित न्यूनतम अनिवार्य कार्य दिवसों (ड्यूटी) को पूरा किया है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
- पारिवारिक परिभाषा: योजना के तहत लाभार्थी के परिवार में स्वयं पीआरडी जवान, उसकी पत्नी/पति, उन पर पूरी तरह आश्रित अविवाहित बच्चे और आश्रित माता-पिता शामिल होंगे।
- विभागीय पहचान: जवान के पास विभाग द्वारा जारी वैध पहचान पत्र (ID Card) और यूआईडी (Unique ID Number) होना अनिवार्य है।
आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
कैशलेस चिकित्सा कार्ड बनवाने और आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- पीआरडी जवान का आधिकारिक पहचान पत्र (PRD ID Card)।
- जवान और उसके परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड।
- प्रांतीय रक्षक दल विभाग द्वारा जारी ड्यूटी सत्यापन प्रमाण पत्र या सर्विस बुक की प्रति।
- राशन कार्ड या परिवार रजिस्टर की नकल (पारिवारिक संबंध सत्यापित करने के लिए)।
- सक्रिय मोबाइल नंबर (जो आधार से लिंक हो)।
- सभी सदस्यों की पासपोर्ट साइज फोटो।
‘पीआरडी हेल्थ कार्ड’ बनाने और आवेदन की प्रक्रिया
योजना को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने युवा कल्याण विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर विशेष व्यवस्था की है।
- विभागीय डेटाबेस का ऑनलाइन लिंकिंग: सर्वप्रथम विभाग अपने सभी सक्रिय पीआरडी जवानों का डेटा ‘सांची’ (SACHIS) या राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के पोर्टल पर अपलोड करता है।
- ऑनलाइन ई-केवाईसी (e-KYC): पीआरडी जवान अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर या स्वयं अपने मोबाइल से ऐप के माध्यम से अपना और अपने परिवार का आधार कार्ड नंबर डालकर ई-केवाईसी पूरा कर सकते हैं।
- पीआरडी कैशलेस हेल्थ कार्ड डाउनलोड: सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पोर्टल से एक विशेष ‘मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस हेल्थ कार्ड’ जेनरेट होता है, जिसे डाउनलोड कर प्रिंट कराया जा सकता है।
- अस्पताल में प्रवेश की प्रक्रिया: किसी भी बीमारी या इमरजेंसी की स्थिति में अस्पताल के ‘आयुष्मान मित्र’ या काउंटर पर यह कार्ड और आधार कार्ड दिखाना होगा, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन बिना कोई पैसा लिए मरीज को भर्ती कर इलाज शुरू कर देगा।
जवानों के कल्याण के लिए योगी सरकार के अन्य महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना के अलावा, राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में प्रांतीय रक्षक दल के ढांचे और उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं, जो इस प्रकार हैं:
- मानदेय में वृद्धि: जवानों के दैनिक मानदेय को समय-समय पर संशोधित कर पुलिस कांस्टेबलों के समकक्ष लाने का प्रयास किया गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
- ड्यूटी के दिनों में बढ़ोतरी: पहले पीआरडी जवानों को साल में बहुत कम दिन ड्यूटी मिलती थी, लेकिन अब उन्हें यातायात, थानों, सरकारी कार्यालयों और वीआईपी सुरक्षा में तैनात कर लगभग वर्ष भर (365 दिन) रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
- अनुग्रह राशि (Ex-gratia Payment): ड्यूटी के दौरान शहीद होने या स्थायी रूप से अपंग होने पर जवानों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को बढ़ाकर 5 लाख रुपये तक किया गया है, साथ ही उनके आश्रित को मृतक आश्रित कोटे के तहत पीआरडी में भर्ती की सुविधा भी दी जा रही है।
- आधुनिक वर्दी और किट भत्ता: जवानों को आधुनिक टर्न-आउट प्रदान करने के लिए वर्दी, जूते और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के लिए सीधे उनके खाते में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भत्ता दिया जा रहा है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना केवल एक स्वास्थ्य योजना नहीं है, बल्कि यह राज्य के प्रति अपनी जान की बाजी लगाने वाले प्रांतीय रक्षक दल के जवानों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और सम्मान का प्रतीक है। 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की यह गारंटी इन जवानों को एक मानसिक संबल प्रदान करती है, जिससे वे बिना किसी डर या चिंता के अपनी ड्यूटी को अंजाम दे सकते हैं।
इस योजना के लागू होने से ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में रहने वाले पीआरडी परिवारों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा और वे किसी भी स्वास्थ्य संबंधी आपातकाल का सामना पूरी मजबूती से कर सकेंगे। निश्चित रूप से, यह योजना उत्तर प्रदेश के सुरक्षा तंत्र को आंतरिक रूप से अधिक सुदृढ़, मानवीय और कल्याणकारी बनाने की दिशा में एक युगांतरकारी कदम है।
उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण और बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्नों (FAQs):
1. सामान्य प्रश्न (General FAQs)
- प्रश्न: मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना क्या है?
- उत्तर: यह उत्तर प्रदेश सरकार के युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग द्वारा शुरू की गई एक कल्याणकारी स्वास्थ्य योजना है [मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना]. इसके तहत सक्रिय पीआरडी (PRD) जवानों और उनके परिवारों को आपातकालीन स्थितियों या गंभीर बीमारियों में मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है [मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना].
- प्रश्न: इस योजना के तहत प्रति वर्ष कितने रुपये तक का इलाज मुफ्त मिलता है?
- उत्तर: योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र पीआरडी जवान के परिवार को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज पूरी तरह से मुफ्त प्रदान किया जाता है [मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना].
- प्रश्न: क्या इलाज के लिए अस्पताल में कोई अग्रिम (Advance) राशि जमा करनी पड़ती है?
- उत्तर: नहीं, यह पूरी तरह कैशलेस चिकित्सा योजना है [मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना]. अनुबंधित अस्पतालों में भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज होने तक का कोई भी शुल्क मरीज को नकद नहीं देना होता [मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना].
2. पात्रता और लाभार्थी (Eligibility & Beneficiaries)
- प्रश्न: इस योजना का लाभ उठाने के लिए कौन-से जवान पात्र हैं?
- उत्तर: आवेदक अनिवार्य रूप से उत्तर प्रदेश का मूल निवासी और युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत पंजीकृत व वर्तमान में सक्रिय (Active) पीआरडी जवान होना चाहिए [मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना].
- प्रश्न: जवान के परिवार के कौन-कौन से सदस्य इस योजना के तहत कवर होते हैं?
- उत्तर: योजना में पीआरडी जवान स्वयं, उनकी पत्नी/पति, उन पर पूरी तरह आश्रित अविवाहित बच्चे और उनके आश्रित माता-पिता शामिल हैं [मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना].
- प्रश्न: क्या सेवानिवृत्त (Retired) पीआरडी जवानों को भी इसका लाभ मिलेगा?
- उत्तर: वर्तमान नियमों के अनुसार, यह योजना मुख्य रूप से विभागीय डेटाबेस में सक्रिय और ड्यूटी पर तैनात पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके वर्तमान आश्रितों के लिए ही लागू की गई है [मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना].
3. अस्पताल और चिकित्सा सुविधाएं (Hospitals & Services)
- प्रश्न: इस योजना के तहत किन अस्पतालों में इलाज कराया जा सकता है?
- उत्तर: लाभार्थी जवान उत्तर प्रदेश के सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों (जैसे SGPGI, KGMU), सभी जिला सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) के साथ-साथ योजना के पैनल में शामिल सभी अनुबंधित (Empanelled) निजी कॉर्पोरेट अस्पतालों में इलाज करा सकते हैं [मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना].
- प्रश्न: क्या ड्यूटी के दौरान हुई दुर्घटनाओं का खर्च भी इसमें शामिल है?
- उत्तर: हाँ, ड्यूटी के दौरान या सामान्य दिनों में होने वाली किसी भी बड़ी सड़क दुर्घटना, चोट या आकस्मिक आपातकाल की स्थिति में आईसीयू (ICU), वентिलेटर और समस्त ऑपरेशन/सर्जरी का खर्च इसके अंतर्गत पूरी तरह कवर होता है [मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना].
- प्रश्न: क्या अस्पताल में भर्ती होने से पहले की जांचों का पैसा वापस मिलता है?
- उत्तर: योजना के तहत अस्पताल में भर्ती होने से 3 दिन पहले तक की जांचें/दवाइयां और डिस्चार्ज होने के 15 दिन बाद तक की दवाइयों का खर्च पैकेज के अंतर्गत शामिल है [मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना].
4. कार्ड और आवेदन प्रक्रिया (Card & Application)
- प्रश्न: पीआरडी कैशलेस हेल्थ कार्ड बनवाने के लिए कौन-से दस्तावेज जरूरी हैं?
- उत्तर: इसके लिए पीआरडी जवान का विभागीय पहचान पत्र (PRD ID Card), जवान व परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड, राशन कार्ड या परिवार रजिस्टर की नकल (संबंध सत्यापित करने के लिए) और पासपोर्ट साइज फोटो आवश्यक हैं [मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना].
- प्रश्न: यह कार्ड कैसे और कहाँ बनेगा?
- उत्तर: विभाग द्वारा सक्रिय जवानों का डेटा राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के पोर्टल पर लिंक किया जाता है [मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना]. इसके बाद जवान अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर या स्वयं आयुष्मान ऐप के माध्यम से बायोमेट्रिक/ओटीपी ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा करके अपना ‘मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस हेल्थ कार्ड’ डाउनलोड कर सकते हैं [मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना].
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