UP Sports Awards 2026: लक्ष्मण व रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार नियमावली
उत्तर प्रदेश लक्ष्मण पुरस्कार और रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार योजना: खेल, सम्मान, वित्तीय पुरस्कार और चयन नियमावली की संपूर्ण मार्गदर्शिका
उत्तर प्रदेश में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने तथा जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इसी विजन के तहत, खेल निदेशालय (Sports Directorate), उत्तर प्रदेश द्वारा राज्य के सर्वोच्च खेल सम्मानों—लक्ष्मण पुरस्कार (पुरुष खिलाड़ियों के लिए) और रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार (महिला खिलाड़ियों के लिए) का संचालन किया जा रहा है।
यह योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक अत्यंत प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक पहल है। जिस प्रकार केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर ‘अर्जुन पुरस्कार’ (Arjuna Award) दिया जाता है, ठीक उसी तर्ज पर राज्य स्तर पर उत्तर प्रदेश के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को यह पुरस्कार दिया जाता है। इस योजना का प्राथमिक ध्येय खिलाड़ियों के कड़े परिश्रम को पहचान देना, उन्हें वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना और युवा पीढ़ी को खेलों को एक मुख्य करियर विकल्प के रूप में चुनने के लिए प्रेरित करना है। वर्ष 2026 की नवीनतम खेल नीति और संशोधनों के अनुसार, राज्य सरकार ने इन पुरस्कारों की गरिमा और वित्तीय सहायता को और अधिक सुदृढ़ किया है।
नीचे इस प्रतिष्ठित पुरस्कार योजना से जुड़े सभी नियामक घटकों, श्रेणी-वार पुरस्कारों, संशोधित वित्तीय मैट्रिक्स, पात्रता मानदंडों और चयन की संपूर्ण आधिकारिक प्रक्रिया का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है।
Table of Contents
1. योजना का परिचय एवं प्रशासनिक ढांचा (Awards Overview)
लक्ष्मण और रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार योजना का प्रबंधन पूर्ण रूप से खेल विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किया जाता है। खेल निदेशालय द्वारा प्रतिवर्ष विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की सूचियों की स्क्रूटनी की जाती है और एक उच्च स्तरीय जूरी कमेटी के अनुमोदन के बाद मुख्यमंत्री द्वारा राज्यपाल की उपस्थिति में ये पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।
| मुख्य विशेषता / पैरामीटर | लक्ष्मण पुरस्कार (पुरुष खिलाड़ियों हेतु) | रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार (महिला खिलाड़ियों हेतु) |
|---|---|---|
| नोडल विभाग | खेल विभाग / खेल निदेशालय, उत्तर प्रदेश सरकार | खेल विभाग / खेल निदेशालय, उत्तर प्रदेश सरकार |
| लक्षित समूह | उत्तर प्रदेश के उत्कृष्ट पुरुष खिलाड़ी | उत्तर प्रदेश के उत्कृष्ट महिला खिलाड़ी |
| वित्तीय पुरस्कार राशि | ₹3,11,000 (3 लाख 11 हजार रुपये) | ₹3,11,000 (3 लाख 11 हजार रुपये) |
| अतिरिक्त भौतिक सम्मान | कांस्य प्रतिमा (Bronze Statue), स्क्रॉल और प्रशस्ति पत्र | कांस्य प्रतिमा (Bronze Statue), स्क्रॉल और प्रशस्ति पत्र |
| पुरस्कारों का वर्गीकरण | सामान्य वर्ग, वयोवृद्ध (Veteran) वर्ग, दिव्यांग (Para) वर्ग | सामान्य वर्ग, वयोवृद्ध (Veteran) वर्ग, दिव्यांग (Para) वर्ग |
| आधिकारिक वेबसाइट | upsports.gov.in | upsports.gov.in |
2. पुरस्कारों का श्रेणीवार वर्गीकरण (Classification of Award Categories)
खेलों के विभिन्न प्रारूपों और खिलाड़ियों के आयु/शारीरिक मानदंडों में समानता बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने इन दोनों पुरस्कारों को मुख्य रूप से तीन बड़े वर्गों में विभाजित किया है:
क) सामान्य वर्ग (General Category)
- विवरण: यह श्रेणी उन सक्रिय खिलाड़ियों के लिए है जो वर्तमान समय में राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, ओलम्पिक, एशियाई खेल (Asian Games) या राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
- चयन का आधार: पिछले 3 से 5 वर्षों के भीतर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अर्जित किए गए पदक और उनके अंकों (Points Matrix) के आधार पर मेरिट तय होती है।
ख) वयोवृद्ध वर्ग (Veteran Category)
- विवरण: यह वर्ग उन पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों (Ex-Sportspersons) के लिए आरक्षित है जिन्होंने अतीत में देश और राज्य को ऐतिहासिक गौरव दिलाया है, लेकिन वर्तमान में वे सक्रिय प्रतिस्पर्धी खेलों से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
- उद्देश्य: जीवन भर खेलों की सेवा करने वाले वरिष्ठ खिलाड़ियों को समाज में सम्मानजनक स्थान और वित्तीय संबल देना।
ग) दिव्यांग / पैरा-स्पोर्ट्स वर्ग (Para-Sports Category)
- विवरण: राज्य सरकार ने शारीरिक रूप से अक्षम लेकिन अदम्य साहसी खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए पैरा-एथलीटों को भी इस सर्वोच्च सम्मान के दायरे में शामिल किया है।
- महत्व: पैरा-ओलम्पिक, मूक-बधिर (Deaflympics) या विशेष ओलम्पिक में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को इसके तहत विशेष वरीयता दी जाती है।
3. संशोधित वित्तीय पुरस्कार और भौतिक सम्मान (Financial Matrix & Mementos)
उत्तर प्रदेश सरकार ने समय-समय पर खेल नीति के तहत पुरस्कार स्वरूप दी जाने वाली राशि में ऐतिहासिक वृद्धि की है। इस योजना के तहत चयनित होने वाले प्रत्येक खिलाड़ी को निम्नलिखित सम्मान क्रेडेंशियल्स प्रदान किए जाते हैं:
- वित्तीय नकद पुरस्कार: प्रत्येक पुरस्कृत खिलाड़ी को ₹3,11,000 (तीन लाख ग्यारह हजार रुपये) की वित्तीय धनराशि सीधे उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है।
- लक्ष्मण/रानी लक्ष्मीबाई कांस्य प्रतिमा: पुरुष खिलाड़ियों को धनुषबाण लिए भगवान लक्ष्मण की तथा महिला खिलाड़ियों को घोड़े पर सवार वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की एक विशिष्ट रूप से डिजाइन की गई भव्य कांस्य प्रतिमा (Bronze Statue) भेंट की जाती है।
- ब्लेज़र और प्रशस्ति पत्र: खेल विभाग की ओर से एक विशिष्ट मानद ब्लेज़र (Blazer), पदक और राज्यपाल/मुख्यमंत्री द्वारा हस्तांतरित एक औपचारिक स्क्रॉल व योग्यता प्रशस्ति पत्र (Citation) प्रदान किया जाता है।
4. विस्तृत पात्रता मानदंड और अंक प्रणाली (Eligibility & Points System)
इस प्रतिष्ठित पुरस्कार का लाभ केवल वास्तविक और सर्वोच्च प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों तक पहुंचे, इसके लिए खेल निदेशालय द्वारा कड़े पात्रता नियम निर्धारित किए गए हैं:
- मूल निवासी व प्रतिनिधित्व: खिलाड़ी अनिवार्य रूप से उत्तर प्रदेश का मूल निवासी (Domicile Holder) होना चाहिए अथवा उसने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निरंतर उत्तर प्रदेश राज्य की टीम की ओर से प्रतिभाग किया हो।
- अनुशासनात्मक रिकॉर्ड: खिलाड़ी का अतीत बेदाग होना चाहिए। वह किसी भी प्रकार के डोपिंग मामलों (Doping Offenses), अनुशासनहीनता या आपराधिक गतिविधियों में लिप्त नहीं होना चाहिए। इस संबंध में संबंधित खेल संघ (Sports Federation) द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) देना अनिवार्य है।
- अंक प्रणाली (Points Matrix): खिलाड़ियों के आवेदनों का मूल्यांकन एक निश्चित सरकारी गाइडलाइन के तहत अंकों के आधार पर किया जाता है:
- ओलम्पिक स्वर्ण पदक: सबसे उच्चतम अंक (जैसे 100 अंक)।
- विश्व चैंपियनशिप / एशियाई खेल: पदक के रंग (स्वर्ण, रजत, कांस्य) के आधार पर आनुपातिक अंक।
- राष्ट्रीय खेल (National Games): राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को इवेंट के स्तर के अनुसार विशिष्ट अंक दिए जाते हैं।
5. आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट (Required Documents Checklist)
पुरस्कार के लिए अपना बायोडाटा/आवेदन जमा करते समय निम्नलिखित दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियों को संलग्न करना अनिवार्य है:
- आवेदक का आधार कार्ड और उत्तर प्रदेश का मूल निवास प्रमाण पत्र।
- खेल प्रमाणपत्रों की सत्यापित प्रतियां: पिछले 3 से 5 वर्षों के भीतर आयोजित अधिकृत राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के प्रमाण पत्र और स्कोरकार्ड।
- संबंधित राष्ट्रीय/राज्य खेल संघ का संस्तुति पत्र: (Recommendation letter from official Sports Federation)।
- चरित्र एवं डोप-मुक्त शपथ पत्र: खिलाड़ी द्वारा स्व-प्रमाणित घोषणा पत्र कि वह किसी भी डोपिंग या आपराधिक मामले में कभी दोषी नहीं रहा है।
- बैंक खाता विवरण: पासबुक के प्रथम पृष्ठ की फोटोकॉपी (जिसमें खाता संख्या और IFSC कोड स्पष्ट रूप से पढ़ा जा सके)।
- खिलाड़ी की खेल किट (Playing Kit) में हालिया पासपोर्ट साइज तस्वीरें।
6. आवेदन और चयन की चरण-दर-चरण आधिकारिक प्रक्रिया (Application & Selection Process)
लक्ष्मण और रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार के लिए चयन की प्रक्रिया अत्यंत जटिल, बहु-स्तरीय और पारदर्शी होती है, ताकि किसी भी स्तर पर पक्षपात की गुंजाइश न रहे:
- अधिसूचना जारी होना: खेल निदेशालय, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रतिवर्ष समाचार पत्रों और आधिकारिक वेबसाइट upsports.gov.in पर पुरस्कारों के लिए आवेदन आमंत्रित करने की आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी की जाती है।
- आवेदन फॉर्म भरना: इच्छुक पात्र खिलाड़ी आधिकारिक पोर्टल से निर्धारित प्रारूप (Application Form) डाउनलोड कर सकते हैं। फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, खेल विधा (जैसे एथलेटिक्स, कुश्ती, हॉकी, निशानेबाजी आदि) और पदक का पूरा कालानुक्रमिक (Chronological) विवरण भरना होता है।
- प्रारंभिक जमा (Submission): पूरी तरह से भरे हुए फॉर्म को सभी खेल प्रमाणपत्रों की प्रतियों के साथ अपने जिले के क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी (Regional Sports Officer – RSO) या जिला खेल कार्यालय में निर्धारित अंतिम तिथि से पहले जमा करना होता है।
- स्क्रूटनी और सत्यापन: जिला और क्षेत्रीय स्तर पर खेल अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन किया जाता है। इसके बाद पात्र फाइलों को खेल निदेशालय, लखनऊ मुख्यालय भेजा जाता है।
- उच्च स्तरीय जूरी का गठन: खेल सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय केंद्रीय चयन समिति (जिसमें अर्जुन पुरस्कार विजेता पूर्व खिलाड़ी और खेल विशेषज्ञ शामिल होते हैं) मेरिट और अंकों के आधार पर सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के नामों को शॉर्टलिस्ट करती है।
- अंतिम अनुमोदन और वितरण: शॉर्टलिस्ट किए गए नामों को अंतिम स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री और राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। स्वीकृति मिलने के बाद एक भव्य राजकीय समारोह (आमतौर पर राष्ट्रीय खेल दिवस या विशेष समारोह) में इन पुरस्कारों का वितरण किया जाता है।
7. योजना का महत्व और खेल संस्कृति पर प्रभाव (Significance & Impact)
यह योजना उत्तर प्रदेश के खेल परिदृश्य को बदलने में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। इस पुरस्कार के माध्यम से मिलने वाला सामाजिक सम्मान और वित्तीय सहायता खिलाड़ियों को भविष्य के अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों के लिए बेहतर कोचिंग, खेल उपकरण और पोषण (Nutrition) का प्रबंध करने में मदद करती है। ललित उपाध्याय (हॉकी), प्रियंका गोस्वामी (एथलेटिक्स) जैसे उत्तर प्रदेश के कई महान खिलाड़ियों को इन पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है, जिन्होंने बाद में वैश्विक स्तर पर भारत का तिरंगा लहराया।
8. निष्कर्ष (Conclusion)
उत्तर प्रदेश लक्ष्मण पुरस्कार और रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार योजना केवल एक वार्षिक पुरस्कार वितरण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह राज्य की खेल प्रतिभाओं की तपस्या को दिया जाने वाला शासकीय नमन है। ₹3.11 लाख की सम्मान राशि, भव्य कांस्य प्रतिमा और जीवन भर का गौरव खिलाड़ियों के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार करता है। यदि आप भी उत्तर प्रदेश के एक प्रतिभावान खिलाड़ी हैं और आपने राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पदक अर्जित किए हैं, तो खेल निदेशालय की इस अनूठी योजना के तहत समय पर अपना आवेदन जमा कर राज्य के इस सर्वोच्च खेल सम्मान को प्राप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाएं।
9. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| 1. क्या लक्ष्मण पुरस्कार महिलाओं को भी मिल सकता है? | नहीं, लक्ष्मण पुरस्कार केवल पुरुष खिलाड़ियों को दिया जाता है, जबकि महिला खिलाड़ियों के लिए समरूप रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार निर्धारित है। |
| 2. इस पुरस्कार के तहत कुल कितनी नकद राशि मिलती है? | चयनित खिलाड़ियों को ₹3,11,000 (3 लाख 11 हजार रुपये) की नकद राशि प्रदान की जाती है। |
| 3. क्या पैरा-एथलीट (दिव्यांग खिलाड़ी) इसके पात्र हैं? | हाँ, योजना के नियमों के अनुसार पैरा-एथलीटों के लिए दिव्यांग वर्ग के तहत विशेष आरक्षण और पुरस्कार का प्रावधान है। |
| 4. क्या कोई खिलाड़ी जीवन में दो बार यह पुरस्कार पा सकता है? | नहीं, लक्ष्मण या रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार किसी भी खिलाड़ी को उसके पूरे जीवनकाल में केवल एक बार ही दिया जा सकता है। |
| 5. इस योजना की विस्तृत नियमावली कहाँ देखी जा सकती है? | आप उत्तर प्रदेश खेल निदेशालय के आधिकारिक वेब पोर्टल upsports.gov.in पर जाकर विस्तृत शासनादेश और खेल-वार नियमों की पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं। |
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