UP State Health Card 2026: कैशलेस चिकित्सा योजना लाभ व ऑनलाइन आवेदन

• पण्डित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना का आधिकारिक बैनर, जिसमें स्टेट हेल्थ कार्ड और डिजिटल मेडिकल प्लस साइन का प्रतीक दिखाई दे रहा है।

उत्तर प्रदेश पण्डित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना: एक संपूर्ण मार्गदर्शिका

उत्तर प्रदेश के शासकीय तंत्र को सुचारू रूप से चलाने में अहम् भूमिका निभाने वाले राज्य कर्मचारियों और सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों के कल्याण के लिए राज्य सरकार सदैव प्रतिबद्ध रही है। इसी क्रम में, स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पण्डित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना का सफल संचालन किया जा रहा है।

इस ऐतिहासिक योजना को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 07 जनवरी 2022 को शासनादेश जारी कर SACHIS (स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस) के माध्यम से अधिसूचित किया गया था, तथा 21 जुलाई 2022 को इसका औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस योजना का प्राथमिक विजन सेवारत कर्मचारियों और पेंशनरों को गंभीर एवं आकस्मिक बीमारियों के समय इलाज के खर्चों के भुगतान के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और दफ्तरों के चक्कर काटने से पूर्ण मुक्ति दिलाना है। इस योजना के क्रियान्वयन से राज्य के लगभग 22 लाख नियमित कर्मचारियों व पेंशनभोगियों सहित उनके आश्रितों को मिलाकर करीब 75 लाख लोग प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।

नीचे इस वृहद् स्वास्थ्य योजना से जुड़े सभी घटकों, नियमों, पात्रता मानदंडों, उपचार सीमाओं और ऑनलाइन स्टेट हेल्थ कार्ड (State Health Card) आवेदन की चरण-दर-चरण प्रक्रिया का पूर्ण और गहन विवरण प्रस्तुत किया गया है।


1. योजना का संक्षिप्त परिचय और प्रशासनिक ढांचा (Scheme Overview)

पण्डित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना का संचालन उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी (चिकित्सा सेवा) नियमावली, 2011 (समय-समय पर 2014, 2016 और 2021 में संशोधित नियमों) के वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत किया जा रहा है। इस योजना की देखरेख राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की नोडल एजेंसी ‘साचिस’ (SACHIS) द्वारा केंद्रीय सॉफ्टवेयर के माध्यम से की जाती है।

मुख्य पैरामीटरयोजना का प्रामाणिक विवरण
योजना का नामपण्डित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना
शासनादेश की तिथि07 जनवरी 2022 (शुभारंभ: 21 जुलाई 2022)
नोडल एजेंसीस्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस (SACHIS), उत्तर प्रदेश
लक्षित लाभार्थी वर्गनियमित राज्य सरकारी कर्मचारी, सेवानिवृत्त कर्मचारी (पेंशनर्स) तथा उनके वैध आश्रित परिजन
अनिवार्य डिजिटल दस्तावेज़स्टेट हेल्थ कार्ड (State Health Card)
आधिकारिक वेबसाइटsects.up.gov.in

2. योजना की उपचार सीमा एवं वित्तीय मैट्रिक्स (Treatment Scope & Financial Matrix)

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह सरकारी और निजी चिकित्सालयों के लिए दो अलग-अलग वित्तीय व्यवस्थाओं के आधार पर बिना किसी रुकावट के कैशलेस उपचार सुनिश्चित करती है:

क) निजी चिकित्सालयों में उपचार की सीमा

  • आबद्ध चिकित्सालय: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के अंतर्गत पंजीकृत उत्तर प्रदेश के सभी सूचिबद्ध निजी अस्पताल।
  • वित्तीय सीमा (Capped Limit): प्रत्येक पात्र लाभार्थी परिवार को प्रति वर्ष ₹5,00,000 (5 लाख रुपये) तक के मुफ्त कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
  • अतिरिक्त खर्च का नियम: यदि किसी गंभीर बीमारी में निजी अस्पताल का खर्च ₹5 लाख से अधिक हो जाता है, तो अतिरिक्त धनराशि का वहन पूर्व में लागू सामान्य चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) नियमों के तहत विभाग द्वारा स्वीकृतियों के उपरांत किया जाता है।

ख) राजकीय चिकित्सालयों में उपचार की सीमा

  • आबद्ध संस्थान: उत्तर प्रदेश के समस्त सरकारी मेडिकल कॉलेज, सुपर स्पेशलिटी संस्थान (जैसे SGPGI लखनऊ, KGMU, लोहिया संस्थान) और समस्त जिला स्तरीय सरकारी अस्पताल।
  • वित्तीय सीमा (Unlimited Coverage): इन सभी सरकारी स्वास्थ्य सेवा संस्थानों में उपचार के लिए कोई भी वित्तीय सीमा (No Financial Limit) निर्धारित नहीं की गई है। लाभार्थी परिवार बिना किसी ऊपरी सीमा के पूर्णतः मुफ्त असीमित कैशलेस इलाज प्राप्त कर सकता है।

3. पात्रता मानदंड और आश्रितों की परिभाषा (Eligibility & Dependents Criteria)

योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन सेवारत या सेवानिवृत्त होना आवश्यक है। योजना के मुख्य पात्रता नियम निम्नलिखित हैं:

  1. योग्य लाभार्थी: उत्तर प्रदेश के समस्त नियमित राज्य कर्मचारी और राज्य कोष से पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनर्स/पारिवारिक पेंशनर्स इसके पात्र हैं। (स्थानीय निकायों, संविदा और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी इसके अंतर्गत कवर नहीं हैं)।
  2. आश्रित परिजनों की पात्रता: कर्मचारी/पेंशनभोगी के अलावा उनके परिवार के निम्नलिखित सदस्य नियमानुसार आश्रित माने जाते हैं:
    • पति या पत्नी: सेवारत कर्मचारी या पेंशनर की कानूनी जीवनसाथी।
    • माता-पिता: यदि वे पूरी तरह से कर्मचारी पर आश्रित हों और उनकी स्वयं की मासिक आय निर्धारित सरकारी सीमा (वर्तमान में ₹9,000 प्रति माह + महंगाई राहत से कम) से अधिक न हो।
    • अविवाहित बच्चे: पुत्र (25 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक या जब तक वह कमाना न शुरू कर दे, जो भी पहले हो) तथा पुत्री (जब तक उसकी शादी न हो जाए या वह आत्मनिर्भर न हो जाए)।
    • दिव्यांग संतान: यदि कोई संतान स्थायी रूप से शारीरिक या मानसिक रूप से अक्षम है, तो वह बिना किसी आयु सीमा के आजीवन आश्रित मानी जाती है।

4. अनिवार्य डिजिटल क्रेडेंशियल: स्टेट हेल्थ कार्ड (State Health Card)

इस योजना के अंतर्गत कैशलेस चिकित्सा का लाभ प्राप्त करने के लिए प्रत्येक पात्र लाभार्थी (कर्मचारी/पेंशनर एवं उनके प्रत्येक आश्रित सदस्य) के पास स्टेट हेल्थ कार्ड (State Health Card) होना अनिवार्य है।

  • अस्पताल में भर्ती होते समय पहचान और पात्रता के सत्यापन हेतु यह कार्ड प्राथमिक दस्तावेज के रूप में कार्य करता है।
  • इस कार्ड पर एक विशिष्ट क्यूआर कोड (Unique QR Code) और आईडी होती है, जिसे अस्पताल के ‘आयुष्मान मित्र’ या काउंटर पर स्कैन कर मरीज की प्रामाणिकता जांची जाती है।
  • यह कार्ड पूरी तरह से आधार कार्ड से लिंक (Aadhaar Seeded) होता है, जिससे किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े की गुंजाइश समाप्त हो जाती है।

5. ऑनलाइन आवेदन करने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया (Step-by-Step Application Process)

स्टेट हेल्थ कार्ड बनवाने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। कर्मचारी या पेंशनर घर बैठे या किसी भी जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से नीचे दिए गए चरणों का पालन कर आवेदन कर सकते हैं:

  1. आधिकारिक वेबसाइट खोलें: सबसे पहले पण्डित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के आधिकारिक वेब पोर्टल sects.up.gov.in पर जाएं।
  2. पंजीकरण का चयन: होमपेज पर कर्मचारियों के लिए “Apply for State Health Card (Employee)” और पेंशनरों के लिए “Apply for State Health Card (Pensioner)” के लिंक पर क्लिक करें।
  3. डेटा फीडिंग (Data Insertion):
    • कर्मचारी: अपना 10 अंकों का एम्प्लोई आईडी (EHRP Code / Manav Sampada ID) दर्ज करें। नंबर डालते ही मानव संपदा पोर्टल से आपका डेटा (नाम, पद, विभाग, डीडीओ कोड) स्वतः (Autofill) भर जाएगा।
    • पेंशनर: अपना पीपीओ नंबर (PPO Number) और कोषागार (Treasury) का नाम दर्ज करें।
  4. आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar OTP): अपना आधार नंबर दर्ज करें। आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, जिसे दर्ज कर डेमोग्राफिक सत्यापन पूरा करें।
  5. आश्रितों का विवरण जोड़ें (Add Dependents): फॉर्म के अगले भाग में अपने पात्र आश्रित परिवार के सदस्यों का नाम, संबंध और उनका आधार नंबर दर्ज कर विवरण सुरक्षित करें।
  6. समीक्षा और सबमिट: भरे गए विवरण की भली-भांति जांच करने के बाद आवेदन को फाइनल लॉक कर सबमिट करें।

विभाग द्वारा अनुमोदन और कार्ड डाउनलोड (DDO/TO Approval)

  • आवेदन सबमिट होने के बाद यह संबंधित आहरण-वितरण अधिकारी (DDO – कर्मचारियों के मामले में) या संबंधित कोषाधिकारी (TO – पेंशनरों के मामले में) के ऑनलाइन लॉगिन पर सत्यापन हेतु अग्रेषित हो जाता है।
  • अधिकारियों द्वारा सत्यापन (Approve) किए जाने के बाद लाभार्थी के मोबाइल पर एसएमएस प्राप्त होता है।
  • इसके बाद लाभार्थी पुनः पोर्टल पर जाकर “Download State Health Card” लिंक के माध्यम से अपना और परिवार के सदस्यों का स्टेट हेल्थ कार्ड पीडीएफ प्रारूप में डाउनलोड कर प्रिंट ले सकते हैं।
  • विशेष नियम: यदि स्वीकृत होने के बाद फॉर्म में कोई त्रुटि मिलती है, तो कर्मचारी ‘Edit Approved Application’ विकल्प के माध्यम से आवश्यक संशोधन हेतु पुनः अनुरोध भेज सकते हैं।

6. आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट (Required Documents Checklist)

ऑनलाइन आवेदन करते समय निम्नलिखित क्रेडेंशियल्स की जानकारी या प्रतियां पास होना आवश्यक है:

  • कर्मचारी की मानव संपदा आईडी (Manav Sampada ID) अथवा पेंशनर का पीपीओ (PPO) ऑर्डर।
  • कर्मचारी/पेंशनर और उनके सभी आश्रितों के सक्रिय आधार कार्ड (सभी के आधार में मोबाइल नंबर लिंक होना अनिवार्य है)।
  • सभी सदस्यों की नवीनतम पासपोर्ट साइज डिजिटल फोटो।
  • आश्रितों के मामले में निर्धारित आय सीमा का स्व-प्रमाणित घोषणा पत्र अथवा सक्षम राजस्व प्राधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)।

7. निष्कर्ष (Conclusion)

पण्डित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना उत्तर प्रदेश सरकार की शासकीय सेवकों और वरिष्ठ नागरिक पेंशनभोगियों के प्रति संवेदनशीलता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। ₹5 लाख तक का निजी कैशलेस उपचार और सरकारी संस्थानों में असीमित मुफ्त इलाज की सुविधा ने कर्मचारियों को चिकित्सा के भारी-भरकम आर्थिक बोझ से पूरी तरह मुक्त कर दिया है। स्टेट हेल्थ कार्ड के माध्यम से यह प्रणाली अत्यंत पारदर्शी, डिजिटल और त्वरित काम कर रही है। यदि आप भी उत्तर प्रदेश के एक सरकारी सेवक या पेंशनभोगी हैं और आपने अभी तक अपना कार्ड नहीं बनवाया है, तो बिना किसी प्रशासनिक विलंब के आधिकारिक पोर्टल sects.up.gov.in पर जाकर अपना पंजीकरण पूर्ण करें और अपने परिवार की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करें।


8. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्नउत्तर
1. क्या इस योजना के तहत राज्य के बाहर भी इलाज कराया जा सकता है?यह सुविधा मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के भीतर आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सूचिबद्ध (Empanelled) निजी और सभी सरकारी अस्पतालों में मान्य है।
2. क्या स्टेट हेल्थ कार्ड बनवाना अनिवार्य है?हाँ, कैशलेस चिकित्सा का लाभ उठाने के लिए अस्पताल में स्टेट हेल्थ कार्ड प्रस्तुत करना पूर्णतः अनिवार्य है।
3. क्या सेवारत कर्मचारियों के माता-पिता हमेशा आश्रित माने जाएंगे?केवल वही माता-पिता आश्रित माने जाएंगे जिनकी स्वयं की सभी स्रोतों से मासिक आय ₹9,000 (प्लस महंगाई राहत) से कम है और वे पूर्णतः कर्मचारी पर निर्भर हैं।
4. किसी भी तकनीकी समस्या या कार्ड डाउनलोड न होने पर कहाँ संपर्क करें?आप नोडल विभाग के आधिकारिक हेल्पडेस्क या साचिस (SACHIS) की ईमेल आईडी पर संपर्क कर सकते हैं, अथवा अपने जिला मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) कार्यालय के आयुष्मान विंग से मदद ले सकते हैं।

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