मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना उत्तर प्रदेश 2026: बिजनेस के लिए मिलेगा ₹25 लाख तक लोन और 25% सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, उत्तर प्रदेश 2026: ऑनलाइन आवेदन, पात्रता, लोन राशि और सब्सिडी की पूरी जानकारी
उत्तर प्रदेश के शिक्षित, कुशल और उद्यमी युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसरों का सृजन करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (Mukhyamantri Yuva Swarozgar Yojana) एक अत्यंत महत्वाकांक्षी और गेम-चेंजर योजना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के उन बेरोजगार युवाओं को वित्तीय सहायता (लोन) प्रदान करना है, जो धन के अभाव में अपना खुद का व्यवसाय, उद्योग या सर्विस सेक्टर का काम शुरू नहीं कर पा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग तथा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित इस योजना के तहत साल 2026 में भी युवाओं को ₹25 लाख तक का लोन और उस पर 25% तक की भारी मार्जिन मनी (सब्सिडी) प्रदान की जा रही है। यदि आप भी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, 10वीं पास हैं और नौकरी तलाशने के बजाय खुद नौकरी प्रदाता (Job Provider) बनना चाहते हैं, तो यह विस्तृत लेख आपके व्यापारिक सपनों को सच करने का जरिया बन सकता है।
इस लेख में हम आपको मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना उत्तर प्रदेश से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जैसे कि पात्रता मानदंड, लोन और सब्सिडी का ढांचा, आवश्यक दस्तावेज, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने का तरीका और महत्वपूर्ण दिशानिर्देशों के बारे में विस्तार से बताएंगे ताकि आप बिना किसी परेशानी के सरकारी सहायता प्राप्त कर अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।
Table of Contents
1. मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना 2026: एक नज़र में (Overview)
| विवरण (Particulars) | महत्वपूर्ण जानकारी (Details) |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (MYSY) |
| राज्य का नाम | उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) |
| संचालित विभाग | सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग, उत्तर प्रदेश |
| नोडल एजेंसी | जिला उद्योग केंद्र (District Industries Centre – DIC) |
| अधिकतम लोन राशि | उद्योग क्षेत्र (Manufacturing): ₹25 लाख | सेवा क्षेत्र (Service): ₹10 लाख |
| मार्जिन मनी (सब्सिडी) | परियोजना लागत की 25% (शर्तों के अधीन) |
| लाभार्थी श्रेणी | उत्तर प्रदेश के सभी वर्गों (सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी) के शिक्षित बेरोजगार युवा |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन (DIUP पोर्टल के माध्यम से) |
| आधिकारिक वेबसाइट | DIUP UP Official Website |
2. योजना की शुरुआत और मुख्य उद्देश्य (Vision and Objective)
उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है, जहाँ हर साल लाखों युवा अपनी शिक्षा पूरी करके जॉब मार्केट में प्रवेश करते हैं। सभी युवाओं को सरकारी या निजी क्षेत्रों में परमानेंट नौकरी देना किसी भी सरकार के लिए व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। इसी चुनौती को समझते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं के कौशल का उपयोग करने और उन्हें ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान से जोड़ने के लिए इस योजना की रूपरेखा तैयार की।
इस योजना के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- स्वरोजगार को बढ़ावा: राज्य के शिक्षित और तकनीकी रूप से कुशल बेरोजगार युवाओं को स्वयं का उद्योग या सेवा व्यवसाय स्थापित करने के लिए बिना किसी बाधा के बैंकों से लोन दिलाना।
- पलायन पर रोक: ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के युवाओं को उनके ही गृह जनपद में आजीविका के साधन उपलब्ध कराना ताकि उन्हें आजीविका के लिए दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों की ओर पलायन न करना पड़े।
- स्थानीय रोजगार का सृजन: जब एक युवा अपना छोटा उद्योग शुरू करता है, तो वह अपने साथ 4 से 5 अन्य स्थानीय लोगों को भी रोजगार देता है, जिससे बेरोजगारी की दर में तेजी से कमी आती है।
- आर्थिक सशक्तिकरण: महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के युवाओं को व्यवसाय के मुख्यधारा में लाकर उनका सामाजिक और आर्थिक उत्थान करना।
3. लोन और सब्सिडी (मार्जिन मनी) का वित्तीय ढांचा
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत व्यापार की प्रकृति के आधार पर लोन राशि को दो प्रमुख क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, और साथ ही युवाओं के वित्तीय बोझ को कम करने के लिए सरकार द्वारा बड़ी सब्सिडी (Margin Money) का प्रावधान किया गया है:
A. उद्योग क्षेत्र (Manufacturing Sector):
- यदि कोई युवा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, फैक्ट्री, प्रोसेसिंग प्लांट या विनिर्माण से जुड़ा कोई बड़ा काम शुरू करना चाहता है, तो उसे सरकार द्वारा अधिकतम ₹25 लाख तक की वित्तीय सहायता (लोन) प्रदान की जा सकती है।
B. सेवा क्षेत्र (Service Sector):
- यदि कोई युवा सेवा प्रदाता व्यवसाय जैसे- कंप्यूटर सेंटर, मोबाइल रिपेयरिंग शॉप, ऑटोमोबाइल गैराज, ब्यूटी पार्लर, टेंट हाउस, पैथोलॉजी लैब, या बुटीक आदि शुरू करना चाहता है, तो उसे अधिकतम ₹10 लाख तक का लोन मिल सकता है।
C. मार्जिन मनी (Subsidy) का गणित:
- सरकार द्वारा परियोजना लागत (Project Cost) पर 25% की मार्जिन मनी (सब्सिडी) दी जाती है।
- उदाहरण के लिए, यदि आपका उद्योग प्रोजेक्ट ₹20 लाख का स्वीकृत होता है, तो सरकार ₹5 लाख (25%) की सब्सिडी देगी।
- सुरक्षित निवेश नियम: यह मार्जिन मनी लोन स्वीकृत होने के बाद सरकार द्वारा बैंक में लाभार्थी के नाम से एक फिक्स डिपॉजिट (FD) के रूप में रख दी जाती है। यदि उद्यमी 2 वर्षों तक अपने उद्योग को सफलतापूर्वक चलाता है और लोन की किस्तों का भुगतान समय पर करता है, तो 2 वर्ष बाद यह एफडी राशि लोन खाते में एडजस्ट (माफ) कर दी जाती है।
4. पात्रता मापदंड (Eligibility Criteria)
इस योजना के तहत ऋण प्राप्त करने के लिए आवेदक को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित निम्नलिखित बुनियादी शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
- मूल निवास प्रमाण: आवेदक का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी (Domicile of UP) होना अनिवार्य है।
- आयु सीमा (Age Limit): आवेदन करने की तिथि को उम्मीदवार की आयु न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- शैक्षणिक योग्यता: आवेदक का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम 10वीं कक्षा (मैट्रिकुलेशन) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। उच्च शैक्षणिक या तकनीकी योग्यता (जैसे ITI, पॉलिटेक्निक, या ग्रेजुएशन) रखने वाले उम्मीदवारों को चयन में प्राथमिकता दी जाती है।
- डिफॉल्टर न होना: आवेदक का किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक, सहकारी बैंक या वित्तीय संस्थान में ऋण डिफॉल्टर (Loan Defaulter) नहीं होना चाहिए।
- अन्य योजनाओं का लाभार्थी न होना: आवेदक पूर्व में केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना (जैसे- PMEGP, PMEG, या मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना) के तहत वित्तीय सहायता या सब्सिडी का लाभ न ले चुका हो।
- एक परिवार से एक ही व्यक्ति: इस योजना के तहत परिवार के केवल एक ही सदस्य को लोन की सुविधा प्रदान की जा सकती है।
5. आवश्यक दस्तावेजों की सूची (Required Documents List)
ऑनलाइन आवेदन पत्र भरते समय और जिला उद्योग केंद्र (DIC) में भौतिक सत्यापन के समय निम्नलिखित वैध दस्तावेजों का होना अत्यंत आवश्यक है:
- पासपोर्ट साइज फोटो और डिजिटल हस्ताक्षर: ऑनलाइन फॉर्म में अपलोड करने के लिए।
- आधार कार्ड: मुख्य पहचान और पते के प्रमाण के रूप में (बैंक खाते से लिंक होना अनिवार्य)।
- निवास प्रमाण पत्र: तहसीलदार द्वारा जारी उत्तर प्रदेश का मूल निवास प्रमाण पत्र।
- शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र: 10वीं कक्षा की मार्कशीट और सर्टिफिकेट (आयु प्रमाण के रूप में भी मान्य)।
- जाति प्रमाण पत्र: ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग के आवेदकों के लिए सक्षम अधिकारी द्वारा जारी सर्टिफिकेट (सामान्य वर्ग के लिए आवश्यक नहीं)।
- पैन कार्ड: वित्तीय लेनदेन और बैंक प्रक्रियाओं के लिए।
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट (Project Report): आप जो व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, उसकी एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (लागत, अपेक्षित लाभ, कच्चे माल का खर्च आदि का विवरण)।
- शपथ पत्र (Affidavit): एक नोटरी शपथ पत्र जिसमें यह प्रमाणित हो कि आवेदक किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ नहीं ले रहा है और न ही वह बैंक डिफॉल्टर है।
- बीपीएल कार्ड या राशन कार्ड (यदि उपलब्ध हो): प्राथमिकता प्राप्त करने के लिए।
6. ऑनलाइन आवेदन करने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया (Step-by-Step Online Application)
उत्तर प्रदेश सरकार के उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय ने पूरी आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इसे ऑनलाइन कर दिया है। युवा नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन करके आवेदन कर सकते हैं:
- आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय, उत्तर प्रदेश के आधिकारिक वेब पोर्टल diupmsme.upsdc.gov.in पर जाएं।
- लॉगिन/रजिस्ट्रेशन सेक्शन: होमपेज पर दिए गए “मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना” वाले लिंक पर क्लिक करें और फिर “New User Registration” (नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण) का चयन करें।
- पंजीकरण फॉर्म भरें: आपके सामने एक प्रारंभिक फॉर्म खुलेगा। इसमें योजना का नाम (MYSY), अपना नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और जिला दर्ज करें।
- क्रेडेंशियल्स प्राप्त करें: फॉर्म सबमिट करने पर आपके मोबाइल नंबर पर एक OTP, User ID और Password भेजा जाएगा।
- पोर्टल पर लॉगिन करें: प्राप्त यूजर आईडी और पासवर्ड की मदद से “Registered User Login” वाले भाग में जाकर लॉगिन करें। सुरक्षा के लिए पहली बार में पासवर्ड बदलने की सलाह दी जाती है।
- मुख्य आवेदन पत्र भरें (Application Form): अब आपके सामने विस्तृत फॉर्म खुलेगा। इसमें अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता, अपनी श्रेणी (Category), और उस व्यवसाय/उद्योग का विवरण भरें जिसे आप शुरू करना चाहते हैं।
- बैंक विवरण भरें: अपने सक्रिय बैंक खाते का विवरण (खाता संख्या, बैंक का नाम, शाखा का नाम और IFSC कोड) बिल्कुल सही-सही भरें, क्योंकि सब्सिडी की राशि इसी से जुड़ी बैंक शाखा में भेजी जाएगी।
- दस्तावेज़ अपलोड करें: ऊपर बताए गए सभी आवश्यक दस्तावेजों (जैसे 10वीं की मार्कशीट, आधार, निवास, जाति प्रमाण पत्र और प्रोजेक्ट रिपोर्ट) की स्कैन कॉपी (निर्धारित साइज, सामान्यतः 20KB से 200KB के बीच) अपलोड करें।
- प्रिव्यू और फाइनल सबमिट: फॉर्म को फाइनल लॉक करने से पहले “Preview” बटन पर क्लिक करके एक-एक जानकारी को ध्यान से जांच लें। किसी भी त्रुटि को सुधारने के बाद “Final Submit” पर क्लिक करें।
- एप्लिकेशन का प्रिंटआउट लें: फॉर्म सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद उत्पन्न हुए एप्लिकेशन फॉर्म और एकनॉलेजमेंट स्लिप का प्रिंटआउट निकाल लें। भविष्य के संदर्भ के लिए इसका सुरक्षित रहना आवश्यक है।
7. चयन प्रक्रिया और लोन स्वीकृति (Selection & Loan Sanction Process)
फॉर्म ऑनलाइन सबमिट होने के बाद ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया निम्नलिखित तीन चरणों में पूरी होती है:
- दस्तावेजों की जांच (Scrutiny by DIC): आपके द्वारा भरे गए फॉर्म और दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच जिला उद्योग केंद्र (DIC) के अधिकारियों द्वारा की जाती है। यदि कोई दस्तावेज अधूरा पाया जाता है, तो फॉर्म ऑनलाइन सुधार के लिए वापस (Revert) भेजा जाता है।
- जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति (DLTFC) का इंटरव्यू: पूरी तरह सही पाए गए फॉर्मों को जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी के पास भेजा जाता है। इस समिति के अध्यक्ष जिले के जिलाधिकारी (DM) या मुख्य विकास अधिकारी (CDO) होते हैं। समिति आवेदक को एक संक्षिप्त साक्षात्कार (Interview) के लिए बुलाती है, जहाँ आवेदक को अपने बिजनेस आइडिया और प्रोजेक्ट रिपोर्ट के बारे में बताना होता है। समिति यह जांचती है कि आवेदक के पास उस व्यवसाय को चलाने की समझ या अनुभव है या नहीं।
- बैंक को फॉर्वर्ड और ऋण वितरण: समिति द्वारा स्वीकृत किए गए आवेदनों को संबंधित बैंकों (जिस बैंक का विवरण आवेदक ने दिया था) को भेज दिया जाता है। बैंक अपने स्तर पर उद्यमी की क्रेडिट स्कोर (CIBIL) और प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता की जांच करने के बाद ऋण स्वीकृत (Sanction) कर देता है और लोन की राशि उद्यमी के खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
8. व्यवसाय के प्रकार जिन्हें प्राथमिकता दी जाती है
योजना के तहत वैसे तो लगभग सभी प्रकार के कानूनी व्यवसायों के लिए ऋण दिया जाता है, लेकिन उत्तर प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले निम्नलिखित उद्योगों को चयन प्रक्रिया में विशेष प्राथमिकता मिलती है:
- कृषि आधारित उद्योग: जैसे- आटा चक्की, तेल मिल, कोल्ड स्टोरेज, बेकरी यूनिट, मसाला पिसाई उद्योग, और पशु आहार निर्माण।
- तकनीकी एवं सेवा व्यवसाय: कंप्यूटर हार्डवेयर रिपेयरिंग, मोबाइल सर्विसिंग, डिजिटल ई-मित्र केंद्र, इलेक्ट्रॉनिक्स वर्कशॉप, और ऑटोमोबाइल गैराज।
- हस्तशिल्प और पारंपरिक उद्योग: मिट्टी के बर्तन निर्माण, रेडीमेड गारमेंट्स बुटीक, चमड़े के उत्पाद, कारपेंटर और लकड़ी के फर्नीचर का काम।
- एक जनपद एक उत्पाद (ODOP): उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ODOP के अंतर्गत आने वाले जिला-विशिष्ट पारंपरिक उत्पादों के निर्माण को इस योजना में सबसे पहली प्राथमिकता और विशेष छूट दी जाती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, उत्तर प्रदेश राज्य के उन सभी ऊर्जावान और महत्वाकांक्षी युवाओं के लिए एक बेजोड़ वित्तीय सहारा है जो खुद का भाग्य निर्माता बनना चाहते हैं। ₹25 लाख तक के लोन की सुविधा और उस पर मिलने वाली 25% की बड़ी सब्सिडी (मार्जिन मनी) युवाओं को बिना किसी प्रारंभिक आर्थिक मानसिक तनाव के अपना स्टार्टअप या छोटा उद्योग शुरू करने का आत्मविश्वास देती है। डिजिटल युग में साल 2026 में पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिए जाने से आवेदन करना और अपनी फाइल को ट्रैक करना बेहद आसान हो गया है। यदि आपके पास भी कोई अनूठा बिजनेस आइडिया है और आप 10वीं पास हैं, तो नौकरी की कतार में खड़े होने के बजाय तुरंत diupmsme.upsdc.gov.in पोर्टल पर जाएं और इस कल्याणकारी योजना का लाभ उठाकर अपने उद्यमी बनने के सफर की शुरुआत करें।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, उत्तर प्रदेश से जुड़े कुछ सबसे महत्वपूर्ण और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs):
प्रश्न 1: मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (MYSY) के तहत अधिकतम कितनी लोन राशि मिल सकती है?
उत्तर: योजना के नियमों के अनुसार, लोन राशि को दो भागों में बांटा गया है। यदि आप उद्योग क्षेत्र (Manufacturing Sector) में कोई फैक्ट्री या निर्माण इकाई शुरू करते हैं, तो अधिकतम ₹25 लाख तक का लोन मिल सकता है। वहीं, सेवा क्षेत्र (Service Sector) के व्यवसायों के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक का लोन स्वीकृत किया जाता है।
प्रश्न 2: इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा कितनी सब्सिडी (मार्जिन मनी) दी जाती है?
उत्तर: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कुल स्वीकृत परियोजना लागत (Project Cost) पर 25% की मार्जिन मनी (सब्सिडी) दी जाती है। यह राशि शुरुआत में बैंक में लाभार्थी के नाम से फिक्स डिपॉजिट (FD) के रूप में रखी जाती है और उद्योग के 2 वर्ष तक सफल संचालन के बाद लोन खाते में समायोजित (माफ) कर दी जाती है।
प्रश्न 3: क्या आवेदन करने के लिए किसी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता का होना आवश्यक है?
उत्तर: हाँ, इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक उम्मीदवार का किसी भी मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्ड से न्यूनतम 10वीं कक्षा (मैट्रिकुलेशन) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। यदि आपके पास ITI, पॉलिटेक्निक या उच्च डिग्री है, तो आपको चयन में प्राथमिकता दी जाती है।
प्रश्न 4: मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए आयु सीमा क्या निर्धारित की गई है?
उत्तर: आवेदन करने की तिथि को आवेदक की आयु न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। यह योजना केवल उत्तर प्रदेश के मूल निवासी युवाओं के लिए ही मान्य है।
प्रश्न 5: क्या इस योजना के तहत लोन प्राप्त करने के लिए किसी गारंटी (Guarantor) या बंधक की आवश्यकता होती है?
उत्तर: भारत सरकार और आरबीआई (RBI) के नियमों के अनुसार, ₹10 लाख तक के ऋणों के लिए बैंकों द्वारा किसी भी प्रकार की कोलैटरल सिक्योरिटी (Collateral Security) या वित्तीय गारंटी की मांग सामान्यतः नहीं की जाती है। यह ऋण ‘क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज’ (CGTMSE) के तहत कवर होता है।
प्रश्न 6: क्या एक ही परिवार के दो सदस्य अलग-अलग व्यवसाय के लिए इस योजना का लाभ ले सकते हैं?
उत्तर: नहीं, योजना के दिशा-निर्देशों के मुताबिक इस स्वरोजगार ऋण योजना का लाभ एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति को प्रदान किया जा सकता है। परिवार का अर्थ यहाँ पति, पत्नी और आश्रित बच्चों से है।
प्रश्न 7: क्या पहले से चल रहे किसी व्यापार को बढ़ाने (Business Expansion) के लिए यह लोन मिल सकता है?
उत्तर: नहीं, यह योजना मुख्य रूप से नए सूक्ष्म और लघु उद्योगों तथा नए सेवा प्रदाता व्यवसायों की स्थापना (New Startups/Greenfield Projects) के लिए डिज़ाइन की गई है। पहले से स्थापित या पुराने चलते हुए व्यापार के लिए इस योजना के तहत ऋण नहीं दिया जाता।
प्रश्न 8: योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन किस पोर्टल पर और कैसे करना होगा?
उत्तर: इसके लिए उम्मीदवारों को उत्तर प्रदेश के उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट diupmsme.upsdc.gov.in पर जाना होगा। वहाँ “मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना” लिंक पर जाकर नवीन पंजीकरण करना होगा और अपने दस्तावेजों व प्रोजेक्ट रिपोर्ट के साथ फॉर्म सबमिट करना होगा।
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