मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना उत्तर प्रदेश 2026: ऑनलाइन आवेदन शुरू, बेटियों को मिलेंगे ₹51,000, पात्रता जानें
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, उत्तर प्रदेश 2026: ऑनलाइन आवेदन, पात्रता, लाभ और आवश्यक दस्तावेज की पूरी जानकारी
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गरीब, निराश्रित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना (Mukhyamantri Samuhik Vivah Yojana) एक अत्यंत महत्वाकांक्षी और जनकल्याणकारी योजना है। इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार गरीब परिवारों की बेटियों, विधवाओं और तलाकशुदा महिलाओं के विवाह के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। सामूहिक विवाह के माध्यम से न केवल फिजूलखर्ची और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों पर रोक लगती है, बल्कि समाज में समरसता और समानता को भी बढ़ावा मिलता है।
उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण विभाग (Social Welfare Department, UP) द्वारा संचालित इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026 में भी बड़े पैमाने पर सामूहिक विवाह कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को कुल ₹51,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यदि आप भी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और अपने परिवार या किसी जरूरतमंद की बेटी की शादी के लिए इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस विस्तृत लेख में हम आपको मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना उत्तर प्रदेश से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जैसे कि पात्रता मानदंड, आवश्यक दस्तावेज, सहायता राशि का विवरण, ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण नियमों के बारे में विस्तार से बताएंगे ताकि आप बिना किसी परेशानी के योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
Table of Contents
1. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: एक नज़र में (Overview)
| विवरण (Particulars) | महत्वपूर्ण जानकारी (Details) |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना (Mukhyamantri Samuhik Vivah Yojana) |
| राज्य का नाम | उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) |
| संचालित विभाग | समाज कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार |
| मुख्य उद्देश्य | गरीब व निराश्रित परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु वित्तीय सहायता देना |
| कुल सहायता राशि | ₹51,000 प्रति जोड़ा (Per Couple) |
| लाभार्थी श्रेणी | अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और सामान्य वर्ग के गरीब परिवार |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन (आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से) एवं ऑफलाइन |
| आधिकारिक वेबसाइट | CMSVY UP Official Website |
2. योजना का मुख्य उद्देश्य (Objective of the Scheme)
भारतीय समाज में आज भी कई ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर और निर्धन परिवार हैं, जो अपनी बेटियों की शादी का खर्च उठाने में असमर्थ हैं। कई बार गरीब परिवारों को बेटी की शादी के लिए भारी कर्ज लेना पड़ता है, जिससे वे कर्ज के जाल में फंस जाते हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सामूहिक विवाह योजना की शुरुआत की है। इस योजना के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- आर्थिक सहायता प्रदान करना: गरीब, निराश्रित, अनुसूचित जाति/जनजाति, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग के परिवारों की बेटियों की शादी सम्मानजनक तरीके से संपन्न कराने के लिए आर्थिक मदद देना।
- दहेज प्रथा और फिजूलखर्ची पर रोक: व्यक्तिगत शादियों में होने वाले अनावश्यक खर्चों को कम करना और सामूहिक विवाह के माध्यम से सादगी को बढ़ावा देना।
- तलाकशुदा और विधवा महिलाओं को सहारा: समाज की ऐसी महिलाएं जो विधवा या कानूनी रूप से तलाकशुदा हैं, उन्हें दोबारा सम्मानजनक जीवन शुरू करने के लिए पुनर्विवाह हेतु प्रोत्साहित करना।
- सामाजिक समरसता: विभिन्न जातियों और धर्मों के जोड़ों का एक ही मंडप के नीचे विवाह संपन्न कराकर समाज में जातिगत भेदभाव को समाप्त करना और भाईचारे को बढ़ावा देना।
3. सहायता राशि का पूर्ण विवरण (Financial Breakdown of ₹51,000)
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत दी जाने वाली कुल ₹51,000 की राशि को तीन अलग-अलग भागों में विभाजित किया गया है, ताकि नवविवाहित जोड़े के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके और कार्यक्रम का आयोजन भी सुचारू रूप से हो सके:
- कन्या के बैंक खाते में राशि (₹35,000): विवाह संपन्न होने के तुरंत बाद कन्या के दाम्पत्य जीवन में खुशहाली और उसकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए ₹35,000 की राशि सीधे कन्या के आधार लिंक बैंक खाते में (DBT के माध्यम से) ट्रांसफर की जाती है।
- विवाह उपहार/सामग्री (₹10,000): नवविवाहित जोड़े को अपना नया घर बसाने के लिए आवश्यक उपहार सामग्री जैसे कि कपड़े, चांदी के पायल, बिछिया, बर्तन (थाली, लोटा, गिलास आदि) और एक डिनर सेट या अन्य दैनिक उपयोगी वस्तुएं प्रदान की जाती हैं, जिनकी कुल कीमत ₹10,000 तय की गई है।
- समारोह आयोजन खर्च (₹6,000): सामूहिक विवाह कार्यक्रम के भव्य आयोजन के लिए टेंट, बिजली, पानी, खान-पान (भोजन), विवाह के लिए पंडित/मौलवी की व्यवस्था और प्रशासनिक खर्चों के लिए प्रति जोड़ा ₹6,000 की राशि समाज कल्याण विभाग द्वारा वहन की जाती है।
4. पात्रता मापदंड (Eligibility Criteria)
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिल सकता है जो उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं:
- उत्तर प्रदेश का मूल निवासी: आवेदन करने वाली कन्या के माता-पिता का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी (Domicile of UP) होना अनिवार्य है।
- आय सीमा (Income Limit): आवेदक परिवार अत्यधिक गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर होना चाहिए। वर्तमान नियमों के अनुसार, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लिए परिवार की वार्षिक आय ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) से अधिक नहीं होनी चाहिए। आय प्रमाण पत्र सक्षम प्राधिकारी (तहसीलदार) द्वारा जारी होना चाहिए।
- विवाह योग्य आयु: भारत सरकार के कानूनों के अनुसार, विवाह की तिथि को कन्या (दुल्हन) की आयु न्यूनतम 18 वर्ष और वर (दूल्हा) की आयु न्यूनतम 21 वर्ष होनी अनिवार्य है। आयु की पुष्टि के लिए जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट आवश्यक है।
- निराश्रित परिवारों को प्राथमिकता: ऐसी कन्याएं जिनके पिता का देहांत हो चुका है, जो अनाथ हैं, या जिनके माता-पिता गंभीर रूप से बीमार या दिव्यांग हैं, उन्हें इस योजना में प्राथमिकता दी जाती है।
- पुनर्विवाह के लिए पात्रता: समाज कल्याण विभाग के नियमों के अनुसार, यदि कोई महिला विधवा या कानूनी रूप से तलाकशुदा है, तो वह भी अपने पुनर्विवाह के लिए इस योजना के तहत आवेदन करने की पूरी हकदार है।
5. आवश्यक दस्तावेजों की सूची (Required Documents List)
योजना के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करते समय आपके पास नीचे दिए गए सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों का होना अत्यंत आवश्यक है। अधूरे दस्तावेजों के कारण आवेदन निरस्त किया जा सकता है:
- कन्या और वर की पासपोर्ट साइज फोटो: आवेदन फॉर्म पर चिपकाने और अपलोड करने के लिए दोनों की हालिया तस्वीरें।
- आधार कार्ड: कन्या और वर दोनों का आधार कार्ड (अनिवार्य)। कन्या का आधार कार्ड उसके बैंक खाते से लिंक होना चाहिए।
- निवास प्रमाण पत्र: उत्तर प्रदेश का मूल निवास प्रमाण पत्र (वोटर आईडी, राशन कार्ड या बिजली बिल भी मान्य)।
- आय प्रमाण पत्र: तहसीलदार द्वारा जारी परिवार का वैध आय प्रमाण पत्र (Income Certificate), जिसमें वार्षिक आय ₹2 लाख से कम हो।
- आयु प्रमाण पत्र: आयु की सत्यता जांचने के लिए 10वीं की मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र, या मतदाता पहचान पत्र।
- बैंक खाता पासबुक: केवल कन्या (दुल्हन) के बैंक खाते की पासबुक की प्रति, जिसमें IFSC कोड स्पष्ट रूप से दिख रहा हो (पैसा केवल कन्या के खाते में आता है)।
- जाति प्रमाण पत्र: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आवेदकों के लिए जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य है (सामान्य वर्ग के लिए आवश्यक नहीं)।
- विशेष स्थिति प्रमाण पत्र: यदि कन्या विधवा की पुत्री है या स्वयं विधवा/तलाकशुदा है, तो पति का मृत्यु प्रमाण पत्र या न्यायालय द्वारा जारी तलाक का आदेश (Decree)।
6. ऑनलाइन आवेदन करने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया (Step-by-Step Online Application)
उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाने के लिए एक समर्पित पोर्टल लॉन्च किया है। उम्मीदवार नीचे दिए गए चरणों का पालन करके घर बैठे या किसी भी जन सेवा केंद्र (CSC) से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना उत्तर प्रदेश के आधिकारिक पोर्टल cmsvy.upsdc.gov.in पर जाएं।
- नया पंजीकरण लिंक खोजें: होमपेज पर दिए गए “आवेदन करें” (Apply Online) या “नया पंजीकरण” वाले लिंक पर क्लिक करें।
- दिशानिर्देश पढ़ें: स्क्रीन पर दिखाई देने वाले सभी नियमों और पात्रता शर्तों को ध्यान से पढ़ें और ‘सहमत’ (Agree) चेकबॉक्स पर टिक करके आगे बढ़ें।
- पंजीकरण फॉर्म भरें: आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी बुनियादी जानकारियां जैसे- जिला, विकास खंड (Block) या नगर निकाय, कन्या का नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर और श्रेणी (SC/ST/OBC/Gen) दर्ज करें।
- ओटीपी सत्यापन (OTP Verification): मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद आपके पास एक ओटीपी आएगा, जिसे भरकर अपना पंजीकरण सत्यापित करें।
- विस्तृत विवरण दर्ज करें: अब आपके सामने मुख्य आवेदन फॉर्म खुलेगा। इसमें कन्या और वर दोनों का व्यक्तिगत विवरण, माता-पिता का नाम, दोनों की जन्मतिथि, परिवार की वार्षिक आय और कन्या के बैंक खाते का विवरण (Account Number, Bank Name, IFSC Code) बिल्कुल सही-सही भरें।
- दस्तावेज़ अपलोड करें: सभी आवश्यक दस्तावेजों (जैसे आय प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और दोनों की फोटो) को स्कैन करके निर्धारित साइज (सामान्यतः PDF या JPEG फॉर्मेट में 300KB से कम) में अपलोड करें।
- फॉर्म की समीक्षा (Review): फाइनल सबमिट करने से पहले “Preview” बटन पर क्लिक करके पूरे फॉर्म को दोबारा पढ़ें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई वर्तनी (Spelling) या नंबर की गलती नहीं हुई है।
- फाइनल सबमिशन: सब कुछ सही होने पर “Final Submit” बटन पर क्लिक करें। स्क्रीन पर एक Application Number (आवेदन संख्या) प्रदर्शित होगी, इसे नोट कर लें।
- प्रिंटआउट लें और जमा करें: भरे हुए आवेदन पत्र का एक प्रिंटआउट निकालें। इस प्रिंटआउट के साथ सभी दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित (Self-Attested) छायाप्रतियों को संलग्न करके अपने नजदीकी विकास खंड अधिकारी (BDO) कार्यालय (ग्रामीण क्षेत्रों के लिए) या नगर पालिका/नगर निगम कार्यालय (शहरी क्षेत्रों के लिए) में विवाह की निर्धारित तिथि से कम से कम 15 दिन पहले जमा करा दें।
7. ऑफलाइन आवेदन करने का तरीका (Offline Application Process)
यदि कोई आवेदक ऑनलाइन फॉर्म भरने में असमर्थ है, तो वह पूरी तरह से पारंपरिक ऑफलाइन माध्यम से भी आवेदन कर सकता है:
- सबसे पहले अपने नजदीकी विकास खंड अधिकारी (BDO) कार्यालय, ग्राम पंचायत सचिव, या जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का मुफ्त आवेदन पत्र प्राप्त करें।
- फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियां जैसे कन्या व वर का नाम, पता, आय, जाति और बैंक विवरण को साफ अक्षरों में भरें।
- ऊपर बताई गई आवश्यक दस्तावेजों की सूची के अनुसार सभी सर्टिफिकेट्स की फोटोकॉपी फॉर्म के साथ अटैच करें।
- तैयार आवेदन फॉर्म को संबंधित कार्यालय (BDO या नगर पालिका) में जमा कर दें। वहां के अधिकारी आपके दस्तावेजों की जांच करके आपको एक पावती रसीद (Acknowledgement Receipt) देंगे।
8. आवेदन की स्थिति की जांच कैसे करें? (How to Check Application Status)
यदि आपने इस योजना के लिए आवेदन किया है और आप जानना चाहते हैं कि आपका फॉर्म स्वीकार हुआ है या नहीं, तो आप ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से इसकी स्थिति देख सकते हैं:
- आधिकारिक वेबसाइट cmsvy.upsdc.gov.in पर जाएं।
- होमपेज पर “आवेदन की स्थिति” (Check Application Status) वाले विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना आवेदन नंबर (Application ID), पंजीकृत मोबाइल नंबर और कन्या का आधार नंबर दर्ज करें।
- ‘खोजें’ या ‘Submit’ बटन पर क्लिक करते ही आपके आवेदन की वर्तमान स्थिति (जैसे- Verified, Approved, or Pending) स्क्रीन पर दिखाई देगी।
9. विवाह कार्यक्रमों का आयोजन कौन करता है?
इस योजना के तहत सामूहिक विवाह कार्यक्रमों का भव्य आयोजन व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर किया जाता है। इन कार्यक्रमों की जिम्मेदारी निम्नलिखित स्थानीय निकायों की होती है:
- ग्रामीण क्षेत्रों में: क्षेत्र पंचायत (Block) और जिला पंचायत स्तर पर।
- शहरी क्षेत्रों में: नगर निगम, नगर पालिका परिषद, और नगर पंचायतों के माध्यम से।
- स्वयंसेवी संस्थाएं: समाज कल्याण विभाग द्वारा अधिकृत और पंजीकृत गैर-सरकारी संगठन (NGOs) भी इन कार्यक्रमों के समन्वय में मदद करते हैं।
एक कार्यक्रम में न्यूनतम 10 जोड़ों (Couples) का होना अनिवार्य है, तभी सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन प्रशासनिक स्तर पर स्वीकृत किया जाता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, उत्तर प्रदेश राज्य के गरीब और बेसहारा परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह योजना न केवल बेटियों की शादी के भारी वित्तीय बोझ को कम करती है, बल्कि नवविवाहित जोड़ों को सम्मान के साथ एक नई शुरुआत करने के लिए ₹51,000 की महत्वपूर्ण आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा भी प्रदान करती है। पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिए जाने से बिचौलियों का भ्रष्टाचार समाप्त हो गया है और सहायता राशि सीधे बैंक खातों में सुरक्षित पहुंच रही है। यदि आपके आस-पास भी कोई ऐसा परिवार है जो बेटी की शादी के खर्च को लेकर चिंतित है, तो उन्हें इस योजना के बारे में अवश्य बताएं और समय रहते आवेदन करने में उनकी मदद करें।
क्या आप जानना चाहते हैं कि सामूहिक विवाह के आगामी कार्यक्रमों की तारीखें (Events Calendar) अपने जिले में कैसे पता करें, या आपको विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी चाहिए? मुझे बताएं, मैं आपकी पूरी सहायता करूँगा।
यहाँ मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, उत्तर प्रदेश से जुड़े कुछ सबसे महत्वपूर्ण और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) दिए गए हैं, जिन्हें आप अपने लेख के अंत में जोड़ सकते हैं:
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, उत्तर प्रदेश: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कुल कितनी वित्तीय सहायता मिलती है?
उत्तर: इस योजना के तहत प्रति जोड़ा कुल ₹51,000 की सहायता राशि स्वीकृत की जाती है। इसमें से ₹35,000 कन्या के बैंक खाते में भेजे जाते हैं, ₹10,000 की उपहार सामग्री दी जाती है, और ₹6,000 विवाह कार्यक्रम के आयोजन पर खर्च होते हैं।
प्रश्न 2: क्या योजना का लाभ पाने के लिए परिवार की कोई वार्षिक आय सीमा तय की गई है?
उत्तर: हाँ, आवेदक परिवार उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए और उसके परिवार की समस्त स्रोतों से वार्षिक आय ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके सत्यापन के लिए तहसीलदार द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र अनिवार्य है।
प्रश्न 3: क्या इस योजना के तहत नकद (Cash) पैसा दिया जाता है?
उत्तर: नहीं, योजना के नियमों के अनुसार किसी भी प्रकार का नकद भुगतान नहीं किया जाता है। सहायता राशि के ₹35,000 सीधे कन्या के आधार-लिंक बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सुरक्षित ट्रांसफर किए जाते हैं।
प्रश्न 4: सामूहिक विवाह में शामिल होने के लिए वर और कन्या की न्यूनतम आयु क्या होनी चाहिए?
उत्तर: विवाह की निर्धारित तिथि को कन्या (दुल्हन) की आयु न्यूनतम 18 वर्ष और वर (दूल्हा) की आयु न्यूनतम 21 वर्ष पूरी होनी अनिवार्य है। आयु की पुष्टि के लिए जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल की मार्कशीट या आधार कार्ड मान्य है।
प्रश्न 5: क्या विधवा या तलाकशुदा महिलाएं भी दोबारा शादी के लिए इस योजना का लाभ ले सकती हैं?
उत्तर: हाँ, उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग के नियमों के अनुसार, निराश्रित विधवा या कानूनी रूप से तलाकशुदा महिलाएं अपने पुनर्विवाह (Remarriage) के लिए इस योजना के तहत आवेदन करने की पूरी हकदार हैं।
प्रश्न 6: एक सामूहिक विवाह कार्यक्रम में न्यूनतम कितने जोड़ों का होना आवश्यक है?
उत्तर: प्रशासनिक स्तर पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति तभी मिलती है जब उस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए न्यूनतम 10 जोड़े (Couples) पंजीकृत और पात्र पाए जाते हैं।
प्रश्न 7: क्या शादी तय होने के बाद या शादी हो जाने के बाद भी आवेदन किया जा सकता है?
उत्तर: इस योजना का लाभ केवल सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजन के समय ही मिलता है। इसलिए, जिला प्रशासन या ब्लॉक स्तर पर आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रम की तिथि से कम से कम 15 दिन पहले ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन फॉर्म जमा करना जरूरी है। पहले से व्यक्तिगत रूप से हो चुकी शादियों पर यह योजना लागू नहीं होती।
प्रश्न 8: योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कहाँ और कैसे करना होगा?
उत्तर: उम्मीदवार समाज कल्याण विभाग के आधिकारिक वेब पोर्टल cmsvy.upsdc.gov.in पर जाकर स्वयं या नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद उसका प्रिंटआउट दस्तावेजों के साथ ब्लॉक (BDO) या नगर पालिका कार्यालय में जमा करना होता है।
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