निराश्रित महिला पेंशन योजना उत्तर प्रदेश 2026: विधवा महिलाओं को मिलेंगे ₹1000/माह, ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
निराश्रित महिला पेंशन योजना, उत्तर प्रदेश 2026: ऑनलाइन आवेदन, पात्रता, पेंशन राशि और लाभार्थी सूची की पूरी जानकारी
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य की बेसहारा, गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर विधवा महिलाओं को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए चलाई जा रही निराश्रित महिला पेंशन योजना (Nirashrit Mahila Pension Yojana) एक अत्यंत कल्याणकारी और संवेदनशील योजना है। आम बोलचाल की भाषा में इसे ‘उत्तर प्रदेश विधवा पेंशन योजना’ के नाम से भी जाना जाता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पति की मृत्यु के बाद समाज में अकेली रह गईं और आजीविका के साधनों से वंचित महिलाओं को हर महीने एक निश्चित वित्तीय सहायता (पेंशन) प्रदान करना है, ताकि उन्हें अपने दैनिक जीवन और बुनियादी जरूरतों के लिए किसी दूसरे पर निर्भर न रहना पड़े।
उत्तर प्रदेश के महिला कल्याण विभाग (Department of Women Welfare, UP) द्वारा संचालित इस योजना के तहत वर्तमान में पात्र लाभार्थियों को ₹1,000 प्रति माह (यानी ₹3,000 प्रति तिमाही) की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। वित्तीय वर्ष 2026 में भी राज्य सरकार द्वारा इस योजना के तहत नए आवेदनों के डिजिटलीकरण, आधार लिंकिंग (e-KYC) और सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर (DBT) की प्रक्रिया को बेहद तेज कर दिया गया है।
यदि आप भी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और आपके परिवार या आस-पड़ोस में कोई ऐसी महिला है जो पति की मृत्यु के बाद बेसहारा हैं, तो यह विस्तृत लेख आपके लिए एक मार्गदर्शिका साबित होगा। इस लेख में हम आपको उत्तर प्रदेश निराश्रित महिला पेंशन योजना 2026 से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जैसे कि पात्रता मानदंड, आवश्यक दस्तावेज, संशोधित नियमों, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, पेंशन स्टेटस चेक करने का तरीका और महत्वपूर्ण दिशानिर्देशों के बारे में विस्तार से बताएंगे ताकि वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं तक इस योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।
Table of Contents
1. निराश्रित महिला पेंशन योजना: एक नज़र में (Overview)
| विवरण (Particulars) | महत्वपूर्ण जानकारी (Details) |
|---|---|
| योजना का नाम | निराश्रित महिला पेंशन योजना (विधवा पेंशन योजना) |
| राज्य का नाम | उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) |
| संचालित विभाग | महिला कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार |
| मुख्य उद्देश्य | पति की मृत्यु के बाद बेसहारा महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता देना |
| पेंशन सहायता राशि | ₹1,000/- प्रति माह (₹3,000/- हर तीन महीने में) |
| भुगतान का माध्यम | डीबीटी (Direct Benefit Transfer) सीधे बैंक खाते में |
| लाभार्थी श्रेणी | 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की गरीब विधवा महिलाएं |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन (SSPY UP पोर्टल के माध्यम से) |
| आधिकारिक वेबसाइट | SSPY UP Official Portal |
2. योजना का मुख्य विज़न और सामाजिक महत्व (Vision & Importance)
भारतीय समाज में पति की आकस्मिक मृत्यु के बाद एक महिला को न केवल भावनात्मक आघात से गुजरना पड़ता है, बल्कि कई बार वह गंभीर आर्थिक तंगी का शिकार भी हो जाती है। विशेष रूप से ग्रामीण और झुग्गी-झोपड़ी वाले क्षेत्रों में जहां महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं होतीं, वहां बच्चों के पालन-पोषण और खुद के भरण-पोषण की एक विकराल समस्या खड़ी हो जाती है।
इसी सामाजिक असुरक्षा को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने निराश्रित महिला पेंशन योजना के नियमों को बेहद सरल और पारदर्शी बनाया है।
इस योजना के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- आर्थिक आत्मनिर्भरता: बेसहारा महिलाओं को सम्मान के साथ जीने के लिए एक निश्चित मासिक आय सुनिश्चित करना ताकि उन्हें भोजन, दवाई और कपड़ों के लिए दूसरों के आगे हाथ न फैलाना पड़े।
- सम्मानजनक जीवन: समाज में विधवा महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना।
- बच्चों की परवरिश में मदद: गरीब माताओं को पेंशन के सहारे अपने छोटे बच्चों की बुनियादी शिक्षा और स्वास्थ्य की देखरेख करने में मदद मिलना।
- डिजिटल और पारदर्शी लाभ: बिचौलियों और भ्रष्टाचार को समाप्त कर पेंशन की पूरी राशि सीधे महिला के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेजना।
3. पेंशन राशि और भुगतान का स्वरूप (Pension Amount)
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत दी जाने वाली राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है:
- मासिक पेंशन दर: वर्तमान में यह राशि ₹1,000 (एक हजार रुपये) प्रति माह निर्धारित की गई है।
- त्रैमासिक भुगतान चक्र: प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार, पेंशन का भुगतान हर महीने न करके प्रति तिमाही (Every Three Months) किया जाता है। इसका तात्पर्य यह है कि हर तीन महीने में लाभार्थी महिला के खाते में एकमुश्त ₹3,000 की किश्त ट्रांसफर की जाती है।
- डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT): पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) के माध्यम से यह राशि बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सीधे बैंक खाते में पहुंचती है।
4. पात्रता मापदंड (Eligibility Criteria)
इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिल सकता है जो उत्तर प्रदेश महिला कल्याण विभाग द्वारा निर्धारित निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करती हैं:
- उत्तर प्रदेश का मूल निवासी: आवेदन करने वाली महिला का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी (Domicile of UP) होना अनिवार्य है।
- पति की मृत्यु: महिला का विधवा होना आवश्यक है (पति का मृत्यु प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है)।
- आयु सीमा (Age Limit): आवेदन की तिथि को महिला की आयु न्यूनतम 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। ऊपरी आयु की कोई सीमा नहीं है (60 वर्ष से अधिक होने पर भी यह योजना जारी रह सकती है या इसे वृद्धावस्था पेंशन में बदला जा सकता है)।
- पारिवारिक आय सीमा (Income Limit): महिला के परिवार की समस्त स्रोतों से कुल वार्षिक आय ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) से अधिक नहीं होनी चाहिए। आय प्रमाण पत्र तहसीलदार द्वारा जारी होना आवश्यक है।
- अन्य पेंशन का लाभ न लेना: आवेदक महिला केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य पेंशन योजना (जैसे- वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, या किसी सरकारी कर्मचारी की पारिवारिक पेंशन) का लाभ न ले रही हो।
- पुनर्विवाह न किया हो: यदि महिला पति की मृत्यु के बाद दूसरा विवाह (Remarriage) कर लेती है, तो वह इस योजना के तहत अपात्र हो जाएगी।
5. आवश्यक दस्तावेजों की सूची (Required Documents List)
ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरते समय और सत्यापन के समय निम्नलिखित वैध दस्तावेजों का होना अत्यंत आवश्यक है। दस्तावेज़ अधूरे होने पर फॉर्म निरस्त किया जा सकता है:
- आवेदक महिला की पासपोर्ट साइज फोटो: रंगीन और हालिया तस्वीर डिजिटल फॉर्मेट (20KB से कम) में।
- पति का मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate): नगर निगम, नगर पालिका, या ग्राम पंचायत के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी डिजिटल डेथ सर्टिफिकेट।
- आधार कार्ड: महिला का आधार कार्ड (अनिवार्य)। आधार कार्ड में दर्ज नाम और बैंक खाते का नाम बिल्कुल मैच होना चाहिए।
- निवास प्रमाण पत्र: उत्तर प्रदेश का मूल निवास प्रमाण पत्र (या राशन कार्ड, वोटर आईडी, बिजली बिल)।
- आय प्रमाण पत्र (Income Certificate): तहसीलदार द्वारा जारी डिजिटल आय प्रमाण पत्र (वार्षिक आय ₹2 लाख के भीतर)।
- बैंक खाता पासबुक की प्रति: लाभार्थी महिला के स्वयं के बैंक खाते की पासबुक की प्रति, जिसमें खाता संख्या और IFSC कोड स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा हो। बैंक खाता आधार से लिंक (Aadhaar Seeded) होना अनिवार्य है, अन्यथा डीबीटी फेल हो जाएगा।
- आयु प्रमाण पत्र: आयु की पुष्टि के लिए 10वीं का सर्टिफिकेट, जन्म प्रमाण पत्र, या मतदाता पहचान पत्र।
6. ऑनलाइन आवेदन करने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया (Step-by-Step Online Application)
उत्तर प्रदेश सरकार के सामाजिक सुरक्षा पेंशन पोर्टल (SSPY) के माध्यम से आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है। महिलाएं स्वयं, किसी साइबर कैफे या नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से नीचे दिए गए चरणों का पालन करके आवेदन कर सकती हैं:
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले उत्तर प्रदेश सामाजिक सुरक्षा पेंशन पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट sspy-up.gov.in पर जाएं।
- योजना का चयन करें: होमपेज पर दिए गए “निराश्रित महिला पेंशन” (Destitute Women Pension) वाले विकल्प पर क्लिक करें।
- ऑनलाइन आवेदन लिंक खोजें: नए पेज पर दिए गए “ऑनलाइन आवेदन करें” (Apply Online) लिंक पर क्लिक करें।
- आवेदन फॉर्म भरें (Application Form): आपके सामने मुख्य आवेदन पत्र खुलेगा। इसमें निम्नलिखित विवरण ध्यानपूर्वक भरें:
- व्यक्तिगत विवरण: जिला, क्षेत्र (ग्रामीण/शहरी), ब्लॉक/तहसील, ग्राम पंचायत, अपना नाम (आधार के अनुसार), पिता/पति का नाम, श्रेणी (OBC/SC/ST/Gen) और जन्मतिथि।
- संपर्क विवरण: अपना पूरा स्थायी पता और चालू मोबाइल नंबर (यह नंबर एक्टिव होना चाहिए क्योंकि स्टेटस इसी से ट्रैक होगा)।
- बैंक विवरण: बैंक का नाम, शाखा का नाम, खाता संख्या (दो बार भरें) और IFSC कोड।
- आय का विवरण: तहसीलदार द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र का आवेदन नंबर और सर्टिफिकेट नंबर दर्ज करें।
- दस्तावेज़ अपलोड करें: निर्धारित फॉर्मेट और साइज (सामान्यतः फोटो 20KB के भीतर और अन्य डाक्यूमेंट्स PDF फॉर्मेट में 200KB के भीतर) में निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड करें:
- महिला की रंगीन फोटो।
- पति का मृत्यु प्रमाण पत्र।
- आयु/शैक्षणिक प्रमाण पत्र।
- कैप्चा कोड दर्ज करें और सेव करें: स्क्रीन पर दिख रहे सुरक्षा कैप्चा कोड को भरें और “Submit” बटन पर क्लिक करें। फॉर्म सबमिट होते ही एक प्रारंभिक पंजीकरण संख्या (Registration Number) स्क्रीन पर आएगी, इसे नोट कर लें।
- फॉर्म का फाइनल सबमिशन (Final Lock): प्रारंभिक सबमिशन के बाद, लॉगिन पैनल में जाकर अपने पंजीकरण नंबर और मोबाइल ओटीपी के माध्यम से लॉगिन करें। “Edit/Lock Application” पर जाकर एक बार सभी विवरणों को दोबारा जांचें। सब कुछ सही होने पर “Final Submit” बटन पर क्लिक करके फॉर्म को पूरी तरह लॉक कर दें। इसके बिना आवेदन आगे प्रोसेस नहीं होगा।
- प्रिंटआउट लें और कार्यालय में जमा करें: भरे हुए फाइनल आवेदन पत्र का एक प्रिंटआउट निकाल लें। इस प्रिंटआउट के साथ अपने सभी मूल दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी संलग्न करके विवाह/मृत्यु की निर्धारित अवधि के भीतर अपने जिले के जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) कार्यालय या विकास खंड अधिकारी (BDO) कार्यालय में भौतिक रूप से जमा कर दें।
7. चयन और सत्यापन प्रक्रिया (Verification Process)
आवेदन पत्र जमा होने के बाद इसकी प्रामाणिकता की जांच त्रि-स्तरीय प्रशासनिक ढांचे के माध्यम से की जाती है:
- स्थानीय स्तर पर जांच: ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम विकास अधिकारी (VDO)/लेखपाल और शहरी क्षेत्रों में राजस्व निरीक्षक/लेखपाल महिला के पते पर जाकर भौतिक सत्यापन करते हैं कि महिला वास्तव में निराश्रित है और उसने पुनर्विवाह नहीं किया है।
- तहसील/ब्लॉक स्तर पर समीक्षा: खंड विकास अधिकारी (BDO) या उपजिलाधिकारी (SDM) स्थानीय स्तर से आई जांच रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से फाइल को जिला मुख्यालय फॉरवर्ड करते हैं।
- जिला स्तर पर अंतिम मंजूरी: जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) फाइल की अंतिम जांच करने के बाद उसे पेंशन के लिए स्वीकृत (Approve) कर देते हैं। इसके बाद महिला का नाम ‘लाभार्थी सूची’ (Beneficiary List) में शामिल हो जाता है।
8. पेंशन का स्टेटस और लाभार्थी सूची ऑनलाइन कैसे देखें? (How to Check Status)
यदि आपने इस योजना के लिए आवेदन किया है और आप अपनी पेंशन की स्थिति या अपने गांव की लाभार्थी सूची देखना चाहती हैं, तो यह बहुत आसान है:
आवेदन की स्थिति (Track Application Status) जांचना:
- sspy-up.gov.in पोर्टल पर जाएं और “निराश्रित महिला पेंशन” अनुभाग पर क्लिक करें।
- “आवेदक लॉगिन” (Applicant Login) पर क्लिक करें।
- अपनी पेंशन का प्रकार (Widow Pension), अपना 12 अंकों का रजिस्ट्रेशन नंबर और पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- “Send OTP” पर क्लिक करें और प्राप्त ओटीपी को भरकर लॉगिन करें।
- आपके डैशबोर्ड पर आपके आवेदन की वर्तमान स्थिति (जैसे- Verified by Level 1, Approved by DPO, or Payment Released) स्पष्ट रूप से दिखाई देगी।
अपने गांव/शहर की पेंशनर सूची (Pensioner List) देखना:
- पोर्टल के होमपेज पर “निराश्रित महिला पेंशन” के तहत “पेंशनर सूची (2025-2026)” वाले लिंक पर क्लिक करें।
- उत्तर प्रदेश के सभी जिलों की सूची खुलेगी, अपने जिले पर क्लिक करें।
- इसके बाद अपने विकास खंड (Block) या नगर निकाय (Urban Body) का चयन करें।
- अपनी ग्राम पंचायत या वार्ड पर क्लिक करें।
- अब आपके सामने आपके गांव के उन सभी लाभार्थियों के नाम, उनके रजिस्ट्रेशन नंबर, और उन्हें भेजी गई पेंशन राशि की पूरी सूची आ जाएगी, जिससे आप जान सकती हैं कि किसका पैसा जारी हुआ है।
9. अनिवार्य आधार ई-केवाईसी (e-KYC) और महत्वपूर्ण नियम
उत्तर प्रदेश सरकार के नए सुरक्षा नियमों के अनुसार, धोखाधड़ी को रोकने और फर्जी लाभार्थियों को हटाने के लिए सभी मौजूदा और नए पेंशनभोगियों के लिए आधार ई-केवाईसी (Aadhaar e-KYC) और मोबाइल नंबर लिंकिंग अनिवार्य कर दिया गया है:
- क्यों जरूरी है: जिन महिलाओं का आधार कार्ड उनके पेंशन खाते से लिंक नहीं होगा, उनकी आगामी किश्तें प्रशासनिक स्तर पर रोक दी जाएंगी।
- कैसे करें: पोर्टल पर “आवेदक लॉगिन” के माध्यम से जाकर अपना आधार नंबर दर्ज करें और आधार से लिंक मोबाइल पर आए ओटीपी के जरिए बायोमेट्रिक/डेमोग्राफिक ई-केवाईसी की प्रक्रिया को घर बैठे या किसी भी CSC केंद्र से तुरंत पूरा करें।
निष्कर्ष (Conclusion)
निराश्रित महिला पेंशन योजना, उत्तर प्रदेश सरकार की एक अत्यंत संवेदनशील और कल्याणकारी सामाजिक सुरक्षा पहल है, जिसने राज्य की लाखों बेसहारा महिलाओं के जीवन को एक मजबूत आर्थिक आधार दिया है। प्रति माह ₹1,000 (यानी ₹3,000 प्रति तिमाही) की यह निश्चित राशि भले ही बहुत बड़ी न लगे, लेकिन एक निर्धन और निराश्रित महिला के लिए यह उसकी दवाइयों, राशन और सम्मानजनक आजीविका का सबसे बड़ा संबल बनती है। पूरी प्रक्रिया के ऑनलाइन हो जाने और डीबीटी व्यवस्था लागू होने से वास्तविक लाभार्थियों तक पैसा सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंच रहा है। यदि आपके आस-पास भी कोई ऐसी महिला है जिसके पति का देहांत हो चुका है और वह आर्थिक तंगी से जूझ रही हैं, तो एक जागरूक नागरिक के रूप में उनकी मदद करें, उनके दस्तावेज तैयार करवाएं और sspy-up.gov.in पोर्टल के माध्यम से उनका फॉर्म भरवाकर उन्हें समाज में सम्मान के साथ जीने की शक्ति दें।
निराश्रित महिला पेंशन योजना: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: उत्तर प्रदेश निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन योजना के तहत कितनी राशि मिलती है?
उत्तर: इस योजना के अंतर्गत पात्र बेसहारा महिलाओं को ₹1,000 (एक हजार रुपये) प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह राशि हर तीन महीने में ₹3,00,000 (तीन हजार रुपये) की एकमुश्त किश्त के रूप में सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
प्रश्न 2: इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिला की न्यूनतम आयु कितनी होनी चाहिए?
उत्तर: आवेदन करने की तिथि को महिला की आयु न्यूनतम 18 वर्ष होनी चाहिए। अधिकतम आयु की कोई सीमा नहीं है, बशर्ते महिला निराश्रित हो और उसके पास आय का कोई अन्य परमानेंट साधन न हो।
प्रश्न 3: क्या योजना का लाभ पाने के लिए परिवार की कोई वार्षिक आय सीमा तय की गई है?
उत्तर: हां, आवेदक महिला के पूरे परिवार की समस्त स्रोतों से वार्षिक आय ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके सत्यापन के लिए तहसीलदार द्वारा जारी वैध डिजिटल आय प्रमाण पत्र अनिवार्य है।
प्रश्न 4: यदि किसी विधवा महिला के वयस्क (कमाऊ) बेटे हैं, तो क्या वह पेंशन की पात्र होगी?
उत्तर: यदि महिला के बेटे वयस्क हैं लेकिन वे उसकी देखरेख नहीं करते हैं, या उनकी स्वयं की आय इतनी कम है कि परिवार का कुल वार्षिक आय दायरा ₹2 लाख के भीतर ही रहता है, तो महिला जिला प्रोबेशन अधिकारी के भौतिक सत्यापन और प्रधान की संस्तुति के आधार पर पेंशन की पात्र हो सकती है।
प्रश्न 5: क्या बैंक खाते के साथ आधार कार्ड का लिंक (Seeding) होना अनिवार्य है?
उत्तर: हां, पूरी तरह अनिवार्य है। चूंकि सरकार अब डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से पैसा सीधे आधार नंबर के आधार पर भेजती है, इसलिए यदि आपका बैंक खाता आधार से सीडेड (Linked) नहीं है, तो आपकी पेंशन राशि बैंक द्वारा रिजेक्ट हो जाएगी।
प्रश्न 6: क्या पति की मृत्यु के तुरंत बाद आवेदन किया जा सकता है या कोई निश्चित समय सीमा है?
उत्तर: पति की मृत्यु के बाद जैसे ही आपके पास आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) आ जाता है, आप तुरंत आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए कोई निश्चित देरी की बाध्यता नहीं है, बल्कि समय रहते आवेदन करने से पेंशन जल्दी शुरू हो जाती है।
प्रश्न 7: यदि कोई लाभार्थी महिला दूसरा विवाह (Remarriage) कर लेती है, तो क्या पेंशन मिलती रहेगी?
उत्तर: नहीं, यदि कोई महिला पुनर्विवाह कर लेती है, तो वह ‘निराश्रित’ की श्रेणी से बाहर हो जाती है। ऐसी स्थिति में नियमों के अनुसार उसकी पेंशन को तुरंत प्रभाव से बंद (Discontinue) कर दिया जाता है।
प्रश्न 8: पेंशन न आने या फॉर्म अटकने की स्थिति में शिकायत कहाँ दर्ज करें?
उत्तर: यदि आपकी पेंशन रुक गई है या फॉर्म स्वीकृत नहीं हो रहा है, तो आप अपने जिले के जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर सकते हैं, या उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 पर कॉल करके अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।
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