UP Mukhyamantri Jan Arogya Yojana 2026: यूपी मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना पात्रता सूची और फ्री हॉस्पिटल लिस्ट
मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, उत्तर प्रदेश 2026: ऑनलाइन आवेदन, पात्रता, लाभ और आयुष्मान कार्ड डाउनलोड की पूरी जानकारी
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर, गरीब और वंचित परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना (Mukhyamantri Jan Arogya Yojana – MMJAY) एक अत्यंत कल्याणकारी और जीवनरक्षक योजना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के उन परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का मुफ्त कैशलेस इलाज (Free Cashless Treatment) प्रदान करना है, जो केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ (आयुष्मान भारत योजना) के अंतर्गत शामिल होने से छूट गए थे।
उत्तर प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026 में भी बड़े पैमाने पर नए लाभार्थियों को जोड़ने, आयुष्मान कार्ड (UP Jan Arogya Card) जारी करने और सूचीबद्ध अस्पतालों (Empaneled Hospitals) का दायरा बढ़ाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। यदि आप भी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं और किसी गंभीर बीमारी के इलाज के खर्च को लेकर चिंतित हैं, तो यह विस्तृत लेख आपके लिए एक बड़ा संबल साबित हो सकता है।
इस विस्तृत लेख में हम आपको मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना उत्तर प्रदेश से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जैसे कि पात्रता मानदंड, आवश्यक दस्तावेज, कवर होने वाली बीमारियों, ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया, हॉस्पिटल लिस्ट खोजने का तरीका और मुफ्त इलाज का लाभ उठाने के महत्वपूर्ण नियमों के बारे में विस्तार से बताएंगे ताकि आप बिना किसी परेशानी के योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
Table of Contents
1. मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना: एक नज़र में (Overview)
| विवरण (Particulars) | महत्वपूर्ण जानकारी (Details) |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना (MMJAY) |
| राज्य का नाम | उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) |
| संचालित विभाग | चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार |
| मुख्य उद्देश्य | गरीब परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज हेतु मुफ्त स्वास्थ्य बीमा देना |
| बीमा कवर राशि | ₹5,00,000/- प्रति वर्ष प्रति परिवार (₹5 Lakh Cashless) |
| इलाज का माध्यम | पूर्णतः कैशलेस (सरकारी एवं चुनिंदा निजी अस्पतालों में) |
| लाभार्थी श्रेणी | अंत्योदय कार्ड धारक, पंजीकृत भवन सन्निर्माण श्रमिक व छूटे हुए गरीब परिवार |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन एवं ऑफलाइन (नजदीकी जन सेवा केंद्र/CHCs के माध्यम से) |
| आधिकारिक वेबसाइट | UP Sachis Official Portal |
2. योजना की पृष्ठभूमि और मुख्य उद्देश्य (Vision and Objective)
भारत सरकार ने साल 2018 में सामाजिक, आर्थिक और जातीय जनगणना (SECC-2011) के आधार पर देश के गरीब परिवारों के लिए ‘आयुष्मान भारत योजना’ शुरू की थी। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश के भी करोड़ों नागरिकों को स्वास्थ्य कवर मिला। लेकिन, समय बीतने के साथ यह देखा गया कि राज्य में लाखों ऐसे परिवार मौजूद थे जो अत्यधिक गरीब और निराश्रित थे, परंतु SECC-2011 के कड़े डेटाबेस में नाम न होने के कारण वे इस ₹5 लाख के मुफ्त इलाज के कवर से वंचित रह गए।
इसी विसंगति को दूर करने और राज्य के हर एक गरीब नागरिक तक मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना’ की शुरुआत की।
इस योजना के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- स्वास्थ्य सुरक्षा का सार्वभौमीकरण: राज्य के उन सभी गरीब परिवारों को स्वास्थ्य बीमा देना जो आयुष्मान भारत योजना (PM-JAY) के लाभ से वंचित रह गए थे।
- इलाज के कारण गरीबी से मुक्ति: देश में कई परिवार किसी सदस्य की गंभीर बीमारी (जैसे कैंसर, हृदय रोग या किडनी फेल्योर) के महंगे इलाज का खर्च उठाने के लिए अपनी जमीन-जायदाद बेच देते हैं या भारी कर्ज के जाल में फंस जाते हैं। योजना का उद्देश्य इस स्थिति को पूरी तरह रोकना है।
- कैशलेस और पारदर्शी व्यवस्था: अस्पताल में भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज होने और उसके बाद की दवाइयों के खर्च को पूरी तरह कैशलेस बनाना ताकि मरीजों को जेब से एक भी रुपया न देना पड़े।
- शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी: गरीब महिलाओं और बच्चों को गंभीर बीमारियों की स्थिति में समय पर देश के सर्वश्रेष्ठ डॉक्टरों से इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना।
3. योजना के तहत मिलने वाले मुख्य वित्तीय लाभ (Financial Benefits)
मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना उत्तर प्रदेश के अंतर्गत लाभार्थियों को मिलने वाला स्वास्थ्य सुरक्षा चक्र अत्यंत व्यापक और मजबूत है:
- ₹5 लाख का वार्षिक कवर: प्रत्येक पात्र परिवार को प्रति वर्ष ₹5,00,000 (पाँच लाख रुपये) तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है। यह राशि पूरे परिवार के लिए एकमुश्त (Floater Basis) होती है, जिसका उपयोग परिवार का कोई एक सदस्य या सभी सदस्य मिलकर कर सकते हैं।
- अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद का खर्च: इस योजना में केवल अस्पताल में भर्ती (Hospitalization) रहने का ही खर्च शामिल नहीं है, बल्कि भर्ती होने से 3 दिन पहले तक की डॉक्टर की फीस व जांचें और अस्पताल से डिस्चार्ज होने के 15 दिन बाद तक की दवाइयों व फॉलो-अप का खर्च भी सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
- सभी गंभीर बीमारियों का समावेश: योजना के अंतर्गत चिकित्सा और शल्य चिकित्सा (Surgical Processes) से जुड़े 1,500 से अधिक मेडिकल पैकेजेस शामिल हैं, जिनमें आईसीयू चार्ज, ऑपरेशन थियेटर का खर्च, डॉक्टर की फीस, इम्प्लांट्स (जैसे स्टेंट या पेसमेकर) और रूम रेंट शामिल हैं।
4. पात्रता मापदंड (Eligibility Criteria)
मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ समाज के सबसे जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने पात्रता की श्रेणियां बेहद स्पष्ट और विस्तृत की हैं:
- उत्तर प्रदेश का मूल निवासी: आवेदन करने वाले परिवार का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी (Domicile of UP) होना अनिवार्य है।
- अंत्योदय राशन कार्ड धारक (Antyodaya Ration Card): राज्य के वे सभी गरीब परिवार जो ‘अंत्योदय अन्न योजना’ के अंतर्गत आते हैं और जिनके पास गुलाबी (Antyodaya) राशन कार्ड है, वे इस योजना के तहत स्वतः पात्र माने गए हैं।
- पंजीकरण श्रमिक (Registered Laborers): उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (BOCW Board) के अंतर्गत पंजीकृत सभी निर्माण श्रमिक (जैसे राजमिस्त्री, मजदूर, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन जो कम से कम 1 वर्ष से पंजीकृत हैं) और उनके परिवार के सदस्य इस योजना के पात्र हैं।
- मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के लाभार्थी: ऐसे अत्यंत निराश्रित परिवार जिन्हें पूर्व में गंभीर बीमारी के इलाज के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता मिली है, उन्हें भी इसमें प्राथमिकता दी जाती है।
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवार: ऐसे परिवार जिनकी समस्त स्रोतों से वार्षिक आय ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) से कम है और उनके पास कोई चार पहिया वाहन, पक्का मकान (निश्चित मापदंडों से बड़ा) या सरकारी नौकरी नहीं है।
5. आवश्यक दस्तावेजों की सूची (Required Documents List)
योजना के तहत अपना नाम पात्रता सूची में चेक कराने, नया आयुष्मान/जन आरोग्य कार्ड बनवाने अथवा अस्पताल में भर्ती होते समय आपके पास निम्नलिखित वैध दस्तावेजों का होना अत्यंत आवश्यक है:
- आधार कार्ड: परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड (पहचान और बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए सबसे अनिवार्य दस्तावेज)।
- राशन कार्ड: अंत्योदय राशन कार्ड या पात्र गृहस्थी राशन कार्ड जिसमें परिवार के सभी सदस्यों के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज हों।
- श्रमिक पंजीकरण कार्ड (यदि लागू हो): यदि आप श्रम विभाग के माध्यम से लाभ ले रहे हैं, तो श्रम बोर्ड का वैध लेबर कार्ड/पंजीकरण प्रमाण पत्र।
- निवास प्रमाण पत्र: उत्तर प्रदेश के मूल निवासी होने का प्रामाणिक निवास प्रमाण पत्र।
- आय प्रमाण पत्र: तहसीलदार द्वारा जारी परिवार का वार्षिक आय प्रमाण पत्र (वार्षिक आय ₹2 लाख से कम हो)।
- सक्रिय मोबाइल नंबर: पंजीकरण के समय ओटीपी (OTP) प्राप्त करने और डिजिटल कार्ड डाउनलोड करने के लिए।
6. कवर होने वाली प्रमुख गंभीर बीमारियां (Medical Coverage)
उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत सामान्य बीमारियों से लेकर अत्यंत जटिल और महंगी सर्जरीज को शामिल किया गया है, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित शामिल हैं:
- हृदय रोग (Heart Diseases): बाईपास सर्जरी (CABG), वाल्व रिप्लेसमेंट, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर इम्प्लांटेशन।
- कैंसर (Cancer Treatment): कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, और विभिन्न प्रकार के ट्यूमर व कैंसर की सर्जरीज।
- किडनी और यूरोलॉजी: किडनी ट्रांसप्लांट, डायलिसिस (Dialysis Support), और पथरी का ऑपरेशन।
- हड्डी रोग (Orthopedics): घुटना प्रत्यारोपण (Knee Replacement), हिप रिप्लेसमेंट, और फ्रैक्चर की सर्जरीज।
- न्यूरोलॉजी: ब्रेन ट्यूमर सर्जरी, स्ट्रोक का इलाज और रीढ़ की हड्डी के ऑपरेशन्स।
- अन्य सामान्य सर्जरीज: मोतियाबिंद का ऑपरेशन, हर्निया, अपेंडिक्स, और प्रसव (Delivery) संबंधी जटिलताएं।
7. जन आरोग्य कार्ड कैसे बनवाएं? (Step-by-Step Card Generation Process)
मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ उठाने के लिए आपके पास मुख्यमंत्री जन आरोग्य कार्ड (Golden Card) का होना आवश्यक है। इसे बनवाने की प्रक्रिया निम्नलिखित प्रकार से है:
- नजदीकी केंद्र पर जाएं: अपने परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड और अंत्योदय राशन कार्ड को लेकर अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), या योजना से सूचीबद्ध किसी भी सरकारी/निजी अस्पताल के आयुष्मान मित्र काउंटर पर जाएं।
- पात्रता की जांच (Eligibility Verification): वहाँ उपस्थित ऑपरेटर या ‘आयुष्मान मित्र’ योजना के आधिकारिक सॉफ्टवेयर (SACHIS Portal) पर आपके राशन कार्ड नंबर या आधार नंबर को डालकर यह चेक करेंगे कि आपका नाम मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना की पात्रता सूची में शामिल है या नहीं।
- बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (e-KYC): यदि आपका नाम सूची में मिल जाता है, तो ऑपरेटर आपके आधार कार्ड के माध्यम से फिंगरप्रिंट स्कैनर या आईरिस स्कैनर (Aadhaar Biometric) की मदद से आपका लाइव ई-केवाईसी करेंगे।
- फोटो कैप्चर: ई-केवाईसी के दौरान वेबकैम की मदद से लाभार्थी की एक लाइव फोटो खींची जाएगी।
- कार्ड की स्वीकृति: सभी विवरण मैच होने के बाद आपका फॉर्म जिला समाज कल्याण / स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी को ऑनलाइन अप्रूवल के लिए फॉरवर्ड हो जाएगा।
- कार्ड डाउनलोड और प्रिंट: अधिकारी द्वारा अप्रूव किए जाने के बाद (सामान्यतः 24 से 48 घंटों के भीतर) आपका मुख्यमंत्री जन आरोग्य कार्ड जनरेट हो जाएगा। आप दोबारा उसी केंद्र पर जाकर इसका एक रंगीन पीवीसी या लैमिनेटेड कार्ड प्रिंट करवाकर अपने पास सुरक्षित रख सकते हैं।
8. कैशलेस मुफ्त इलाज पाने की प्रक्रिया (How to Avail Free Treatment)
यदि परिवार का कोई सदस्य बीमार होता है और उसे अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता पड़ती है, तो योजना के तहत लाभ उठाने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:
- सूचीबद्ध अस्पताल का चयन: सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आप जिस अस्पताल में मरीज को ले जा रहे हैं, वह मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना (या आयुष्मान भारत योजना) के तहत सूचीबद्ध (Empaneled) है या नहीं। राज्य के सभी जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और सैकड़ों बड़े निजी अस्पताल इसमें शामिल हैं।
- आयुष्मान मित्र काउंटर पर संपर्क: अस्पताल पहुंचते ही सीधे वहाँ बने ‘आयुष्मान मित्र’ (Ayushman Mitra Counter) या हेल्पडेस्क पर जाएं।
- दस्तावेज प्रस्तुत करें: आयुष्मान मित्र को मरीज का मुख्यमंत्री जन आरोग्य कार्ड (या आधार कार्ड/अंत्योदय राशन कार्ड) दिखाएं।
- डॉक्टर का परामर्श और प्री-ऑथराइजेशन: अस्पताल के डॉक्टर मरीज की जांच करेंगे और बीमारी के इलाज का एक पूरा एस्टीमेट (Pre-Auth Request) तैयार करेंगे। आयुष्मान मित्र इस रिक्वेस्ट को ऑनलाइन समाज कल्याण/बीमा कंपनी को मंजूरी के लिए भेजेंगे।
- शून्य बिल पर इलाज (Cashless Treatment): प्रशासनिक मंजूरी मिलते ही अस्पताल में मरीज का इलाज पूरी तरह शुरू हो जाएगा। ऑपरेशन, दवाइयां, रूम रेंट और डॉक्टर की फीस सब कुछ इसी ₹5 लाख के कवर से ऑनलाइन कट जाएगी। डिस्चार्ज के समय मरीज को अस्पताल को ₹0 (शून्य रुपये) का भुगतान करना होगा।
9. सूचीबद्ध अस्पतालों की सूची कैसे देखें? (How to Find Hospital List)
यदि आप जानना चाहते हैं कि आपके जिले या उत्तर प्रदेश में कौन-कौन से अस्पताल इस योजना के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा दे रहे हैं, तो आप निम्नलिखित तरीके से ऑनलाइन लिस्ट देख सकते हैं:
- राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (Sacha) की आधिकारिक वेबसाइट sachis.in या आयुष्मान भारत की वेबसाइट पर जाएं।
- होमपेज पर “Find Hospital” (अस्पताल खोजें) वाले विकल्प पर क्लिक करें।
- अपने राज्य (Uttar Pradesh) और अपने जिले (District) का चयन करें।
- आप जिस बीमारी (Specialty – जैसे Cardiology or Oncology) का इलाज चाहते हैं, उसका चयन करें और ‘Search’ पर क्लिक करें।
- स्क्रीन पर आपके जिले के उन सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के नाम, पते और फोन नंबर की सूची आ जाएगी जहाँ मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मुफ्त इलाज उपलब्ध है।
निष्कर्ष (Conclusion)
मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, उत्तर प्रदेश सरकार की एक अत्यंत संवेदनशील और जन-केंद्रित स्वास्थ्य पहल है। इस योजना ने राज्य के लाखों उन गरीब परिवारों के सिर से इलाज की चिंता के भारी बोझ को पूरी तरह हटा दिया है, जो केंद्र की आयुष्मान योजना में तकनीकी कारणों से छूट गए थे। ₹5 लाख का सालाना मुफ्त कैशलेस कवर गरीब से गरीब व्यक्ति को भी देश के बड़े और आधुनिक निजी अस्पतालों में सम्मानजनक इलाज कराने की शक्ति देता है। साल 2026 में इस योजना के डिजिटल एकीकरण को और मजबूत कर दिया गया है, जिससे कार्ड बनवाना और अस्पतालों में प्री-ऑथराइजेशन पाना बेहद तेज और पारदर्शी हो गया है। यदि आपके आस-पास भी कोई ऐसा परिवार है जिसके पास अंत्योदय राशन कार्ड या लेबर कार्ड है, तो उन्हें इस योजना के बारे में अवश्य जागरूक करें ताकि समय आने पर वे इस जीवनरक्षक सरकारी सहायता का लाभ उठा सकें।
मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना (MMJAY) के तहत एक परिवार को कितनी राशि का स्वास्थ्य बीमा मिलता है?
उत्तर: इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र परिवार को प्रति वर्ष ₹5,00,000 (पाँच लाख रुपये) तक के मुफ्त और कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाती है।
प्रश्न 2: मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत योजना (PM-JAY) में क्या अंतर है?
उत्तर: दोनों योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभ (₹5 लाख का मुफ्त इलाज) बिल्कुल समान हैं। मुख्य अंतर पात्रता का है; आयुष्मान भारत योजना का लाभ 2011 की जनगणना के आधार पर मिलता है, जबकि मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ उन गरीब परिवारों को मिलता है जो आयुष्मान योजना की सूची में शामिल होने से छूट गए थे (जैसे अंत्योदय कार्ड धारक और पंजीकृत निर्माण श्रमिक)।
प्रश्न 3: क्या इस योजना के तहत इलाज के लिए मरीज को पहले पैसे देने होते हैं और बाद में रिफंड मिलता है?
उत्तर: नहीं, यह योजना पूरी तरह से कैशलेस (Cashless) है। मरीज को अस्पताल में भर्ती होते समय या डिस्चार्ज के समय एक भी रुपया नकद नहीं देना होता है। सारा खर्च सरकार द्वारा सीधे अस्पताल के बैंक खाते में डिजिटल माध्यम से ट्रांसफर किया जाता है।
प्रश्न 4: क्या इस योजना के तहत केवल सरकारी अस्पतालों में ही मुफ्त इलाज कराया जा सकता है?
उत्तर: नहीं, इस योजना के तहत राज्य के सभी सरकारी जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ सैकड़ों पंजीकृत निजी (Private) सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों में भी मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
प्रश्न 5: क्या अंत्योदय राशन कार्ड (गुलाबी कार्ड) धारक परिवार इस योजना के पात्र हैं?
उत्तर: हाँ, उत्तर प्रदेश सरकार के नियमों के अनुसार राज्य के सभी अंत्योदय राशन कार्ड धारक परिवार स्वतः ही इस योजना के पात्र माने गए हैं। वे अपने राशन कार्ड और आधार कार्ड की मदद से नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाकर अपना जन आरोग्य कार्ड बनवा सकते हैं।
प्रश्न 6: क्या अस्पताल में भर्ती होने से पहले की गई जांचों और डॉक्टर की फीस का खर्च भी इसमें शामिल है?
उत्तर: हाँ, योजना के तहत अस्पताल में भर्ती होने से 3 दिन पहले तक की जांचें व डॉक्टर की फीस और अस्पताल से छुट्टी (Discharge) होने के 15 दिन बाद तक की दवाइयों व फॉलो-अप का खर्च भी इसी योजना के अंतर्गत पूरी तरह कवर होता है।
प्रश्न 7: यदि किसी व्यक्ति को पहले से ही कोई बीमारी (जैसे शुगर, बीपी या कैंसर) है, तो क्या उसका इलाज होगा?
उत्तर: हाँ, इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें पहले से मौजूद सभी बीमारियां (Pre-existing Diseases) पहले ही दिन से कवर होती हैं। अस्पताल इस आधार पर इलाज करने से मना नहीं कर सकता कि बीमारी कार्ड बनने से पहले की है।
प्रश्न 8: योजना से जुड़ी किसी भी समस्या या शिकायत के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर क्या है?
उत्तर: मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत योजना से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी, पात्रता जांच या शिकायत दर्ज कराने के लिए उम्मीदवार राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14555 या उत्तर प्रदेश के विशिष्ट स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर पर 24/7 संपर्क कर सकते हैं।
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