UPTET (यूपीटीईटी) 2026: UPTET संपूर्ण गाइड, नया पैटर्न और तैयारी की रणनीति
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यूपीटीईटी (UPTET) 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा की संपूर्ण गाइड, नया पैटर्न और तैयारी की रणनीति
उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूल का शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए यूपीटीईटी 2026 (UPTET 2026) का आयोजन एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (Uttar Pradesh Teacher Eligibility Test) राज्य स्तरीय एक अनिवार्य परीक्षा है, जिसे पास किए बिना कोई भी अभ्यर्थी प्राथमिक (Primary) या उच्च प्राथमिक (Upper Primary) स्तर के सरकारी विद्यालयों में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया (Super TET) में शामिल नहीं हो सकता।
इस वर्ष, UP TET 2026 परीक्षा का आयोजन 2 जुलाई से 4 जुलाई, 2026 के बीच किया गया, जो राज्य के 60 जिलों के 955 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न हुई। इस लेख में हम यूपीटीईटी 2026 से जुड़े सभी पहलुओं जैसे- परीक्षा का नया पैटर्न, पात्रता मापदंड (Eligibility Criteria), कट-ऑफ अंक, सिलेबस और परीक्षा के बाद शिक्षक बनने की आगामी प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
1. यूपीटीईटी (UPTET) क्या है?
यूपीटीईटी का पूरा नाम उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा है। यह परीक्षा उत्तर प्रदेश बुनियादी शिक्षा बोर्ड (UPBEB) या सरकार द्वारा गठित नए शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित की जाती है। यह कोई नौकरी देने वाली परीक्षा नहीं है, बल्कि एक पात्रता परीक्षा (Qualifying Exam) है। इसे पास करने वाले अभ्यर्थियों को एक सर्टिफिकेट दिया जाता है, जिसकी वैधता अब आजीवन (Lifetime) कर दी गई है। इस सर्टिफिकेट के आधार पर अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निकाली जाने वाली सहायक अध्यापक (Assistant Teacher) भर्ती परीक्षाओं में आवेदन कर सकते हैं।
इस परीक्षा के दो स्तर होते हैं:
- पेपर 1 (Paper-I): यह परीक्षा उन अभ्यर्थियों के लिए है जो कक्षा 1 से 5 तक के प्राथमिक शिक्षक (Primary Teacher) बनना चाहते हैं।
- पेपर 2 (Paper-II): यह परीक्षा उन अभ्यर्थियों के लिए है जो कक्षा 6 से 8 तक के उच्च प्राथमिक शिक्षक (Upper Primary Teacher) बनना चाहते हैं।
2. UPTET 2026: मुख्य तिथियां और घटनाक्रम
वर्ष 2026 में यूपीटीईटी परीक्षा को लेकर काफी समय से इंतजार किया जा रहा था। इस वर्ष परीक्षा चक्र कुछ इस प्रकार रहा:
| कार्यक्रम | महत्वपूर्ण तिथियां |
|---|---|
| आधिकारिक अधिसूचना (Notification) | मार्च 2026 |
| आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत | अप्रैल-मई 2026 |
| प्रवेश पत्र (Admit Card) जारी होने की तिथि | जून 2026 के अंतिम सप्ताह में |
| यूपीटेट परीक्षा तिथि 2026 (Exam Date) | 2, 3 और 4 जुलाई, 2026 |
| प्रारंभिक उत्तर कुंजी (Provisional Answer Key) | जुलाई 2026 |
| अंतिम उत्तर कुंजी और परिणाम (Final Result) | अगस्त-सितंबर 2026 |
2 और 3 जुलाई को परीक्षा का आयोजन दो-दो पालियों (Shifts) में किया गया था। पहली पाली का समय सुबह 09:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक (प्राथमिक स्तर) और दूसरी पाली का समय दोपहर 02:30 बजे से शाम 05:00 बजे तक (उच्च प्राथमिक स्तर) था। वहीं 4 जुलाई को केवल प्रथम पाली में परीक्षा संपन्न कराई गई।
3. पात्रता मापदंड (Eligibility Criteria): 2026 के बड़े बदलाव
यूपीटीईटी 2026 की अधिसूचना में एक बहुत ही महत्वपूर्ण संशोधन या सुधार (Correction) देखने को मिला। इससे पहले के नियमों के मुताबिक, शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम (जैसे- डीएलएड, बीएड) के अंतिम वर्ष या अंतिम सेमेस्टर के छात्र ही आवेदन करने के पात्र होते थे।
2026 का प्रमुख बदलाव:
नए नियमों के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी अभ्यर्थी ने किसी मान्यता प्राप्त शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम (Teacher Training Course) के प्रथम सेमेस्टर (First Semester) में भी प्रवेश (Admission) ले लिया है, तो वह भी UP TET 2026 के लिए पूरी तरह पात्र माना जाएगा। इस फैसले से नए छात्रों को शुरुआती दौर में ही अपनी पात्रता सिद्ध करने का सुनहरा मौका मिला है।
सामान्य शैक्षणिक योग्यता:
- पेपर 1 (कक्षा 1-5) के लिए: अभ्यर्थी के पास न्यूनतम 50% अंकों के साथ स्नातक (Graduation) की डिग्री और साथ में डी.एल.एड. (D.El.Ed. / BTC) या बी.एड. (B.Ed.) या इसके समकक्ष कोई अन्य प्रारंभिक शिक्षा में द्विवर्षीय डिप्लोमा होना आवश्यक है। (नोट: समय-समय पर कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार बीएड धारकों की प्राथमिक स्तर पर पात्रता बदलती रहती है, अतः आधिकारिक अधिसूचना को मुख्य आधार मानें)।
- पेपर 2 (कक्षा 6-8) के लिए: स्नातक डिग्री के साथ-साथ डी.एल.एड. (BTC) उत्तीर्ण या बी.एड. (B.Ed.) डिग्री धारक अभ्यर्थी इस पेपर के लिए योग्य होते हैं।
4. यूपीटीईटी 2026: परीक्षा पैटर्न और संरचना
UPTET 2026 परीक्षा पूरी तरह से ऑफलाइन मोड (Pen and Paper Based) में ओएमआर शीट (OMR Sheet) के माध्यम से आयोजित की गई थी। इस परीक्षा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें कोई नकारात्मक अंकन (No Negative Marking) नहीं होता है। इसका मतलब है कि उम्मीदवार बिना किसी डर के सभी 150 प्रश्नों के उत्तर दे सकते हैं।
दोनों ही पेपरों की संरचना निम्नलिखित प्रकार से होती है:
पेपर 1 (प्राथमिक स्तर – कक्षा 1 से 5) का पैटर्न
इस पेपर में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) पूछे जाते हैं, जिन्हें हल करने के लिए अभ्यर्थियों को 150 मिनट (ढाई घंटे) का समय मिलता है।
| विषय | प्रश्नों की संख्या | कुल अंक |
|---|---|---|
| 1. बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (CDP) | 30 | 30 |
| 2. भाषा-I (अनिवार्य – हिंदी) | 30 | 30 |
| 3. भाषा-II (अंग्रेजी, उर्दू या संस्कृत में से कोई एक) | 30 | 30 |
| 4. गणित (Mathematics) | 30 | 30 |
| 5. पर्यावरणीय अध्ययन (EVS) | 30 | 30 |
| कुल योग | 150 | 150 |
पेपर 2 (उच्च प्राथमिक स्तर – कक्षा 6 से 8) का पैटर्न
इस पेपर में भी 150 प्रश्न होते हैं, लेकिन चौथे और पांचवें खंड के स्थान पर अभ्यर्थी के विषय (विज्ञान/गणित या सामाजिक अध्ययन) के अनुसार 60 अंकों का एक विशेष खंड होता है।
| विषय | प्रश्नों की संख्या | कुल अंक |
|---|---|---|
| 1. बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (CDP) | 30 | 30 |
| 2. भाषा-I (अनिवार्य – हिंदी) | 30 | 30 |
| 3. भाषा-II (अंग्रेजी, उर्दू या संस्कृत में से कोई एक) | 30 | 30 |
| 4. विज्ञान और गणित (विज्ञान/गणित शिक्षकों के लिए) या सामाजिक अध्ययन (सामाजिक विज्ञान शिक्षकों के लिए) | 60 | 60 |
| कुल योग | 150 | 150 |
5. विस्तृत पाठ्यक्रम (Syllabus Analysis)
UPTET परीक्षा को पास करने के लिए विस्तृत पाठ्यक्रम को समझना बेहद आवश्यक है। आइए प्रमुख विषयों के महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर एक नजर डालते हैं:
क. बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (Child Development & Pedagogy)
यह विषय अभ्यर्थियों की शिक्षण अभिरुचि और बच्चों के मनोविज्ञान को समझने की क्षमता की परीक्षा लेता है। इसके प्रमुख टॉपिक्स हैं:
- बाल विकास का अर्थ, आवश्यकता तथा क्षेत्र।
- बाल विकास के सिद्धांत एवं प्रभावित करने वाले कारक (वंशानुक्रम एवं वातावरण)।
- सीखने के सिद्धांत और थार्नडाइक, पावलव, स्किनर, कोहलर, पियाजे और व्यगोत्स्की के सिद्धांत।
- समावेशी शिक्षा (Inclusive Education), मार्गदर्शन एवं परामर्श।
- अधिगम और शिक्षण शास्त्र (Pedagogy)。
ख. भाषा-I (हिंदी)
हिंदी विषय से 30 प्रश्न पूछे जाते हैं। परीक्षा में व्याकरण, छंद और गद्यांश पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
- व्याकरण: वर्णमाला, संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विशेषण, तत्सम-तद्भव, विलोम शब्द, पर्यायवाची, मुहावरे और लोकोक्तियाँ।
- समास एवं संधि: जैसे ‘यथाशक्ति’ में अव्ययीभाव समास की पहचान।
- छंद और रस: मात्रिक छंद (रोला, चौपाई, हरिगीतिका, दोहा, सोरठा) और वर्णिक छंद (समवैया) की पहचान।
- अपठित गद्यांश एवं हिंदी शिक्षणशास्त्र।
ग. भाषा-II (अंग्रेजी/संस्कृत/उर्दू)
अभ्यर्थी अपनी रुचि के अनुसार भाषा चुनते हैं। उदाहरण के लिए, अंग्रेजी में Parts of Speech (जैसे Scribd पर UPTET English Notes में दिए गए Demonstrative Adjectives या संकेतवाचक विशेषण), Active-Passive Voice, Direct-Indirect, Synonyms/Antonyms और Unseen Passages से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। इसी तरह संस्कृत में व्याकरण, संधि, समास, और रूप (राम, हरि, नदी आदि) से संबंधित प्रश्न आते हैं।
घ. गणित (Mathematics)
प्राथमिक स्तर पर गणित का स्तर कक्षा 1 से 8 तक की बुनियादी अवधारणाओं पर आधारित होता है:
- संख्या पद्धति (Number System), एलसीएम और एचसीएफ (LCM & HCF)।
- भिन्न, दशमलव, प्रतिशत, लाभ-हानि, साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज।
- ज्यामिति (Geometry), धन, समय, मापन, और सांख्यिकी (Data Handling)।
ङ. पर्यावरणीय अध्ययन (Environmental Studies – EVS)
यह खंड केवल पेपर-1 में होता है और इसमें विज्ञान, इतिहास, भूगोल और नागरिक शास्त्र का मिश्रण होता है:
- परिवार, भोजन, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, आवास, पेड़-पौधे और जंतु।
- हमारा पर्यावरण, जल, यातायात और संचार।
- भारत का भूगोल, नदियाँ, पर्वत, पठार, वन और यातायात।
- भारतीय संविधान, शासन व्यवस्था, स्थानीय स्वशासन, और न्यायपालिका।
6. उत्तीर्ण अंक (Passing Marks) और कट-ऑफ नियम
UPTET एक पात्रता परीक्षा है, इसलिए इसमें कोई मेरिट लिस्ट नहीं बनती। बोर्ड द्वारा तय किए गए न्यूनतम अंक (Qualifying Marks) प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण घोषित कर दिया जाता है। Testbook UPTET Passing Rules के अनुसार श्रेणीवार न्यूनतम उत्तीर्ण अंक इस प्रकार हैं:
| श्रेणी (Category) | न्यूनतम पासिंग प्रतिशत | 150 में से आवश्यक न्यूनतम अंक |
|---|---|---|
| सामान्य वर्ग (General) | 60% | 90 अंक |
| अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) | 55% | 82 अंक |
| अनुसूचित जाति (SC) | 55% | 82 अंक |
| अनुसूचित जनजाति (ST) | 55% | 82 अंक |
| दिव्यांग (PwD) | 55% | 82 अंक |
यदि आप अपनी श्रेणी के अनुसार उपरोक्त अंक प्राप्त कर लेते हैं, तो आपका यूपीटीईटी प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।
7. UPTET 2026 परीक्षा का स्तर और आंसर-की विश्लेषण
जुलाई 2026 में हुई परीक्षा के बाद विभिन्न विशेषज्ञों और कोचिंग संस्थानों (जैसे अध्ययन मंत्रा, केडी लाइफ टीचिंग आदि) ने परीक्षा के पेपर का गहन विश्लेषण किया। अभ्यर्थियों से मिले फीडबैक के अनुसार:
- बाल विकास खंड (CDP): इस बार सीधे तथ्यात्मक प्रश्नों के बजाय व्यावहारिक और शिक्षणशास्त्र (Pedagogy) पर आधारित प्रश्न अधिक पूछे गए थे, जिसके कारण अभ्यर्थियों को प्रश्नों को समझने में अधिक समय लगा।
- हिंदी और अन्य भाषाएं: हिंदी का स्तर मध्यम रहा। वर्तनी शुद्धि, तत्सम-तद्भव (जैसे आग का अग्नि) और मुहावरों पर आधारित पारंपरिक प्रश्न पूछे गए।
- गणित और ईवीएस: पेपर 1 में गणित के सवाल काफी गणनात्मक (Calculative) थे। वहीं, पर्यावरणीय अध्ययन (EVS) में भारतीय संविधान और भूगोल से काफी गहरे प्रश्न पूछे गए थे, जिसने परीक्षा के स्तर को ‘मध्यम से कठिन’ (Moderate to Difficult) बना दिया।
परीक्षा के ठीक बाद जुलाई महीने में ही प्रारंभिक उत्तर कुंजी (Provisional Answer Key) जारी कर दी गई थी और अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी गई थीं। कतिपय प्रश्नों (जैसे हिंदी व्याकरण के कुछ विवादास्पद विकल्प) पर छात्रों ने बड़े पैमाने पर चुनौतियां भी दर्ज कराईं।
8. यूपीटीईटी पास करने के बाद क्या करें? (Teacher Recruitment Process)
कई नए अभ्यर्थियों के मन में यह भ्रम होता है कि यूपीटीईटी पास करते ही सरकारी नौकरी मिल जाएगी, जबकि ऐसा नहीं है। UPTET केवल पहला कदम है। इसके बाद की प्रक्रिया कुछ इस प्रकार होती है:
- शिक्षक भर्ती परीक्षा (Super TET): जब भी उत्तर प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा विभाग में रिक्त पदों (जैसे 51,000 या 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती) के लिए विज्ञापन जारी करती है, तब केवल UPTET या CTET पास अभ्यर्थी ही उसमें आवेदन कर सकते हैं। इस मुख्य लिखित परीक्षा को Super TET कहा जाता है।
- गुणनांक (Merit) निर्धारण: उत्तर प्रदेश में अंतिम चयन एक विशेष गुणांक (Academic Qualification + Super TET Score) के आधार पर होता है। इसमें आपके हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक और शिक्षक प्रशिक्षण (BTC/B.Ed.) के अंकों का 10-10 प्रतिशत और सुपर टेट लिखित परीक्षा के प्राप्तांकों का 60 प्रतिशत जोड़कर अंतिम मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है।
- दस्तावेज सत्यापन और नियुक्ति: मेरिट सूची में स्थान बनाने वाले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच (Document Verification) की जाती है, जिसके बाद उन्हें जिलों के प्राथमिक या उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर स्थाई नियुक्ति दे दी जाती है।
9. आगामी UPTET परीक्षाओं के लिए तैयारी की अचूक रणनीति
यदि आप आगामी यूपीटीईटी परीक्षा में बैठने की योजना बना रहे हैं, तो आपको एक सुव्यवस्थित रणनीति के तहत तैयारी करनी होगी। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण टिप्स दिए जा रहे हैं:
- पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र (PYQs): यूपीटीईटी की तैयारी के लिए सबसे महत्वपूर्ण हथियार पिछले 10-12 वर्षों के प्रश्न पत्र हैं। उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी का यह इतिहास रहा है कि वे पिछले वर्षों के प्रश्नों को काफी मात्रा में दोहराते हैं (जैसा कि वर्ष 2022 की परीक्षा में देखा गया था)। अतः वर्ष 2011 से लेकर 2026 तक के सभी पेपर्स को अच्छे से हल करें।
- NCERT और SCERT पुस्तकों का अध्ययन: कक्षा 1 से 8 तक की उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद की किताबों (SCERT) और NCERT की किताबों को अच्छी तरह पढ़ें, विशेषकर गणित, विज्ञान और सामाजिक अध्ययन (Paper 2) के लिए।
- भाषा चयन में सावधानी: भाषा-II के रूप में उसी भाषा का चयन करें जिस पर आपकी पकड़ अच्छी हो (चाहे वह अंग्रेजी हो, संस्कृत हो या उर्दू)। संस्कृत का व्याकरण हिंदी से काफी मिलता-जुलता है, इसलिए कई हिंदी भाषी छात्र संस्कृत को चुनकर अच्छा स्कोर करते हैं।
- मॉक टेस्ट और टाइम मैनेजमेंट: परीक्षा ऑफलाइन ओएमआर शीट पर होती है, इसलिए घर पर प्रैक्टिस करते समय ओएमआर शीट को गोले भरने की आदत डालें। कई बार छात्र प्रश्न तो हल कर लेते हैं, लेकिन समय की कमी के कारण गोले नहीं भर पाते।
- नेगेटिव मार्किंग का लाभ उठाएं: चूंकि परीक्षा में नकारात्मक अंकन नहीं होता, इसलिए परीक्षा कक्ष में एक भी प्रश्न खाली न छोड़ें। एलिमिनेशन मेथड (विकल्पों को छांटने की विधि) का उपयोग करके सटीक उत्तर तक पहुँचने का प्रयास करें।
निष्कर्ष
यूपीटीईटी 2026 उत्तर प्रदेश के शिक्षा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन रहा है, जिसमें पात्रता नियमों में ढील देकर सरकार ने नए प्रवेश लेने वाले छात्रों को भी बड़ा अवसर प्रदान किया。 परीक्षा का बदलता हुआ पैटर्न और पेडागोजी (शिक्षणशास्त्र) पर बढ़ता ध्यान यह संकेत देता है कि अब अभ्यर्थियों को केवल रटने के बजाय वैचारिक स्पष्टता (Conceptual Clarity) पर ध्यान देना होगा। यदि आप पूरी लगन, सही अध्ययन सामग्री और नियमित अभ्यास के साथ तैयारी करते हैं, तो 150 में से 110+ का स्कोर हासिल करना बेहद आसान हो जाता है, जो आपको आगामी शिक्षक भर्ती (Super TET) के लिए एक मजबूत मनोवैज्ञानिक बढ़त प्रदान करेगा।
यूपीटीईटी 2026 (UPTET 2026) से जुड़े कुछ अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQs):
❓ सामान्य एवं पात्रता संबंधी प्रश्न (Eligibility FAQs)
- प्रश्न: यूपीटीईटी 2026 प्रमाणपत्र (Certificate) की वैधता कितनी है?
- उत्तर: यूपीटीईटी सर्टिफिकेट की वैधता अब आजीवानी (Lifetime) कर दी गई है। एक बार परीक्षा पास करने के बाद आपको दोबारा यह परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं है।
- प्रश्न: क्या डीएलएड (BTC) या बीएड के प्रथम सेमेस्टर वाले छात्र भी UPTET 2026 के लिए पात्र थे?
- उत्तर: हाँ, नए नियमों के अनुसार यदि किसी अभ्यर्थी ने किसी मान्यता प्राप्त शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम (जैसे D.El.Ed, B.Ed) के प्रथम सेमेस्टर में भी प्रवेश ले लिया है, तो वह परीक्षा के लिए पूरी तरह पात्र माना गया है Scribd पर UPTET English Notes।
- प्रश्न: क्या यूपीटीईटी पास करने के बाद सीधे सरकारी नौकरी मिल जाती है?
- उत्तर: नहीं, यह केवल एक पात्रता परीक्षा (Qualifying Exam) है। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निकाली जाने वाली सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा (Super TET) को पास करना और मेरिट में आना अनिवार्य है।
📝 परीक्षा पैटर्न एवं अंकन संबंधी प्रश्न (Exam Pattern FAQs)
- प्रश्न: यूपीटीईटी 2026 परीक्षा में कुल कितने प्रश्न थे और कितना समय मिला?
- उत्तर: परीक्षा में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) पूछे गए थे, जिन्हें हल करने के लिए अभ्यर्थियों को 150 मिनट (2 घंटे 30 मिनट) का समय दिया गया था।
- प्रश्न: क्या यूपीटीईटी परीक्षा में नकारात्मक अंकन (Negative Marking) होता है?
- उत्तर: नहीं, यूपीटीईटी परीक्षा में किसी भी प्रकार का नकारात्मक अंकन नहीं होता है। गलत उत्तर के लिए कोई अंक नहीं काटा जाता।
- प्रश्न: पेपर 1 और पेपर 2 में क्या अंतर है?
- उत्तर: पेपर 1 प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) के शिक्षकों के लिए होता है और पेपर 2 उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) के शिक्षकों के लिए आयोजित किया जाता है।
📊 कट-ऑफ एवं पासिंग मार्क्स संबंधी प्रश्न (Passing Marks FAQs)
- प्रश्न: सामान्य (General) और आरक्षित (OBC/SC/ST) वर्गों के लिए पासिंग मार्क्स क्या हैं?
- उत्तर:Testbook UPTET Passing Rules के अनुसार न्यूनतम अंक इस प्रकार हैं:
- सामान्य वर्ग: 60% (90 अंक)
- OBC/SC/ST/दिव्यांग वर्ग: 55% (82 अंक)
- उत्तर:Testbook UPTET Passing Rules के अनुसार न्यूनतम अंक इस प्रकार हैं:
- प्रश्न: क्या यूपीटीईटी में कोई सेक्शनल कट-ऑफ (प्रत्येक विषय में अलग से पास होना) होती है?
- उत्तर: नहीं, इसमें कोई विषयवार या सेक्शनल कट-ऑफ नहीं होती। आपको केवल कुल मिलाकर (Aggregate) अपनी श्रेणी के अनुसार 82 या 90 अंक प्राप्त करने होते हैं।
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