IRCTC New Website लॉन्च: अब तत्काल टिकट बुकिंग होगी 5 गुना तेज़, जानें नए फीचर्स!
IRCTC New Website लॉन्च! ट्रेन टिकट बुकिंग के 5 नए धांसू फीचर्स!
प्रस्तावना: भारतीय रेलवे का डिजिटल कायाकल्प
भारतीय रेलवे से हर दिन करोड़ों यात्री सफर करते हैं। त्योहारों का सीजन हो, गर्मी की छुट्टियां हों या फिर अचानक आया कोई जरूरी काम, ट्रेन का सफर आज भी आम और खास दोनों ही तरह के नागरिकों के लिए सबसे किफायती और आरामदायक माध्यम माना जाता है। लेकिन रेलवे के इस सफर की शुरुआत जहां से होती है, यानी ऑनलाइन टिकट बुकिंग, वह प्रक्रिया हमेशा से यात्रियों के सब्र का इम्तिहान लेती रही है।
अक्सर यात्रियों की यह शिकायत रहती थी कि आईआरसीटीसी (IRCTC Official Website) का पुराना पोर्टल पीक ऑवर्स (विशेषकर तत्काल बुकिंग के समय) में धीमा हो जाता है, रिस्पॉन्स नहीं करता या फिर पेमेंट फेल होने की वजह से सीट हाथ से निकल जाती है. इन सभी समस्याओं और यात्रियों के लंबे समय से आ रहे फीडबैक को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेल मंत्रालय ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।
15 जुलाई 2026 को भारतीय रेलवे ने IRCTC की बिल्कुल नए सिरे से डिजाइन की गई, हाई-टेक और बेहद आधुनिक वेबसाइट का बीटा वर्जन (Beta Version) लाइव कर दिया है। इस नई वेबसाइट को लाने की पीछे की मुख्य वजह यात्रियों के उस दर्द को कम करना है, जिससे वे तत्काल टिकट बुकिंग के समय जूझते थे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कुछ समय पहले राजस्थान के जयपुर में छात्रों से बातचीत के दौरान यह वादा किया था कि वे इस वेबसाइट को पूरी तरह अपग्रेड करेंगे, और आज वह वादा हकीकत बन चुका है।
नई IRCTC वेबसाइट न केवल देखने में शानदार और साफ-सुथरी है, बल्कि इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक क्लाउड आर्किटेक्चर का इस्तेमाल किया गया है ताकि टिकट बुकिंग की स्पीड को कई गुना बढ़ाया जा सके। आइए, विस्तार से जानते हैं कि इस नई वेबसाइट में कौन से 5 सबसे बड़े और धांसू फीचर्स शामिल किए गए हैं, जो आपके ट्रेन टिकट बुकिंग के अनुभव को पूरी तरह बदल देंगे।
Table of Contents
धांसू फीचर 1: बुकिंग स्पीड में 5 गुना इजाफा (प्रति मिनट 1.5 लाख टिकट)
पुरानी आईआरसीटीसी वेबसाइट पर यात्रियों को जो सबसे बड़ी समस्या आती थी, वह थी उसकी सीमित क्षमता। जब सुबह 10 बजे (AC क्लास) और 11 बजे (Non-AC क्लास) तत्काल टिकटों की बुकिंग शुरू होती थी, तो लाखों यूजर्स एक साथ वेबसाइट पर आ जाते थे। इस हैवी ट्रैफिक के कारण सर्वर पर लोड बढ़ जाता था, पेज लोड होने में समय लगता था और कई बार वेबसाइट पूरी तरह क्रैश हो जाती थी।
बदलाव क्या हुआ है?
- अभूतपूर्व क्षमता: पुरानी वेबसाइट जहां प्रति मिनट लगभग 32,000 टिकट ही बुक कर पाती थी, वहीं यह नई वेबसाइट प्रति मिनट 1.5 लाख से अधिक टिकट बुक करने में पूरी तरह सक्षम है।
- इंक्वायरी हैंडलिंग क्षमता: इसके साथ ही, बैकएंड में पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को इतना मजबूत किया गया है कि अब यह प्रति मिनट 4 लाख की जगह 40 लाख से ज्यादा इंक्वायरी को एक साथ संभाल सकता है।
- फायदा: इसका सीधा मतलब यह है कि अब तत्काल बुकिंग के दौरान आपका पेज अटकेगा नहीं, रिफ्रेश करने पर एरर नहीं आएगा और वेबसाइट 5 गुना अधिक तेजी से काम करेगी। वास्तविक यात्रियों को अब बिना किसी तकनीकी रुकावट के अपनी पसंदीदा सीट बुक करने का मौका मिलेगा।
धांसू फीचर 2: एक ही स्क्रीन पर सभी क्लास की सीट उपलब्धता (Unified Seat Availability)
यदि आपको पुरानी वेबसाइट का इंटरफेस याद हो, तो किसी विशेष ट्रेन में स्लीपर (SL), थर्ड एसी (3AC), सेकंड एसी (2AC) या फर्स्ट एसी (1AC) की सीट उपलब्धता देखने के लिए आपको हर एक क्लास के टैब पर अलग-अलग क्लिक करना पड़ता था। इस क्लिक-एंड-वेट प्रक्रिया में काफी समय बर्बाद होता था, जो तत्काल बुकिंग के समय सबसे कीमती होता है।
बदलाव क्या हुआ है?
- सिंगल स्क्रीन व्यू: नई वेबसाइट के नए और आधुनिक यूजर इंटरफेस में इस समस्या को जड़ से खत्म कर दिया गया है। अब जैसे ही आप किसी ट्रेन को सर्च करेंगे, उस ट्रेन के सामने ही आपको स्लीपर से लेकर सभी एसी श्रेणियों (Classes) की खाली या वेटिंग सीटों की संख्या एक ही स्क्रीन पर एक साथ दिखाई दे जाएगी।
- फायदा: आपको अलग-अलग टैब बदलने या बार-बार पेज को लोड करने की जरूरत नहीं होगी। आप एक ही नजर में तुलना कर पाएंगे कि किस क्लास में सीट खाली है और बिना समय गंवाए तुरंत बुकिंग के लिए आगे बढ़ सकेंगे।
धांसू फीचर 3: स्मार्ट फेयर कैलेंडर (Fare Calendar for Price Comparison)
अक्सर कई यात्री ऐसे होते हैं जिनका यात्रा का दिन पूरी तरह से फिक्स नहीं होता। वे यह देखना चाहते हैं कि अगर वे आज की बजाय दो दिन बाद या एक हफ्ते बाद यात्रा करें, तो क्या उन्हें कम किराए में या कंफर्म सीट मिल सकती है? पुरानी वेबसाइट पर अलग-अलग दिनों का किराया और उपलब्धता देखने के लिए बार-बार तारीख बदलकर सर्च करना पड़ता था।
बदलाव क्या हुआ है?
- फ्लेक्सिबल डेट्स प्लानिंग: इस समस्या को हल करने के लिए नई वेबसाइट में ‘फेयर कैलेंडर’ (Fare Calendar) का धांसू फीचर जोड़ा गया है। इस कैलेंडर की मदद से यात्री अलग-अलग तारीखों के टिकट प्राइस और उपलब्धता को एक साथ कंपेयर कर सकेंगे।
- बजट अनुकूल यात्रा: यदि आपका ट्रैवल शेड्यूल थोड़ा फ्लेक्सिबल है, तो आप इस फीचर की मदद से उस दिन का चुनाव कर सकते हैं जिस दिन किराया सबसे कम हो या जिसमें कंफर्म टिकट मिलने की संभावना सबसे ज्यादा हो। यह फीचर विशेष रूप से लंबी दूरी की ट्रेनों और प्रीमियम ट्रेनों (जैसे वंदे भारत, राजधानी और शताब्दी) के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा।
धांसू फीचर 4: पसंदीदा सीट और बर्थ चुनने का विकल्प (Seat Preference Selection)
पुरानी वेबसाइट पर टिकट बुक करते समय आप केवल अपनी लोअर, मिडिल या अपर बर्थ की प्राथमिकता (Preference) दर्ज कर सकते थे, लेकिन सीट का अंतिम अलॉटमेंट पूरी तरह से रेलवे के ऑटोमैटिक सिस्टम पर निर्भर करता था। कई बार साथ में सफर कर रहे परिवारों को अलग-अलग कोच या दूर-दूर की सीटें मिल जाती थीं।
बदलाव क्या हुआ है?
- यूजर को मिला कंट्रोल: नई अपग्रेडेड वेबसाइट में यात्रियों को बुकिंग प्रोसेस के दौरान ही अपनी पसंदीदा सीट या बर्थ चुनने का एक स्पष्ट और अधिक प्रभावी विकल्प दिया जा रहा है।
- फायदा: हालांकि अंतिम सीट आवंटन रेलवे के नियमों और उपलब्धता के अधीन ही रहेगा, लेकिन इस नए फीचर के जरिए सिस्टम यात्री की पसंद को ज्यादा प्राथमिकता देगा। इससे परिवार के साथ यात्रा कर रहे लोगों या बुजुर्गों को अपनी मनपसंद बर्थ मिलने में पहले से कहीं अधिक आसानी होगी।
धांसू फीचर 5: नो-विजुअल डिस्टर्बेंस (कम कैप्चा, नो पॉप-अप्स और फास्टर चेकआउट)
आईआरसीटीसी के पुराने पोर्टल पर लॉगइन करते समय, पैसेंजर डिटेल्स भरते समय और पेमेंट पेज पर जाते समय बार-बार आने वाले टेढ़े-मेढ़े कैप्चा (CAPTCHA) कोड यात्रियों के लिए सबसे बड़ी सिरदर्दी थे। तत्काल टिकट बुक करते समय यदि एक कैप्चा गलत हो जाए, तो पूरी सीट ही खत्म हो जाती थी। इसके अलावा स्क्रीन पर बार-बार आने वाले विज्ञापन, पॉप-अप्स और फ्लैशिंग ग्राफिक्स यूजर का ध्यान भटकाते थे और वेबसाइट को धीमा करते थे।
बदलाव क्या हुआ है?
- क्लीनर और मिनिमलिस्ट डिजाइन: नई वेबसाइट को पूरी तरह से विजुअल डिस्टर्बेंस से मुक्त कर दिया गया है। फालतू के पॉप-अप्स, चमकने वाले एड्स और अनावश्यक ग्राफिक्स को पूरी तरह हटा दिया गया है।
- कम कैप्चा और मोबाइल ऑथेंटिकेशन: जटिल कैप्चा प्रक्रियाओं को काफी कम किया गया है। इसके स्थान पर सुरक्षा को मजबूत करने और बोट्स (Automated Bots) द्वारा की जाने वाली फर्जी बुकिंग को रोकने के लिए नई उन्नत तकनीकी व्यवस्था और मोबाइल-आधारित ऑथेंटिकेशन लागू किया गया है।
- वन-टाइम प्रोफाइल सेविंग: अब यात्रियों को हर बार टिकट बुक करते समय अपनी व्यक्तिगत जानकारी दोबारा टाइप नहीं करनी पड़ेगी। एक बार प्रोफाइल में डेटा सेव होने के बाद सिस्टम उसे स्वतः याद रखेगा (Easier Repeat Booking), जिससे चेकआउट स्टेप्स कम हो जाएंगे और बुकिंग पलक झपकते ही पूरी हो जाएगी।
अतिरिक्त महत्वपूर्ण फीचर्स जो इस वेबसाइट को बनाते हैं बेस्ट
5 बड़े फीचर्स के अलावा, इस नए डिजिटल कायाकल्प में कुछ और भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं जो देश के कोने-कोने में रहने वाले नागरिकों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं:
- मल्टी-लैंग्वेज सपोर्ट (Multi-language Support): भारत विविधताओं का देश है जहां कई भाषाएं बोली जाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए नई वेबसाइट को सिर्फ अंग्रेजी या हिंदी तक सीमित न रखकर कई क्षेत्रीय भारतीय भाषाओं का सपोर्ट दिया गया है। इससे ग्रामीण और गैर-अंग्रेजी भाषी क्षेत्रों के लोग भी आसानी से बिना किसी एजेंट की मदद के अपना टिकट खुद बुक कर सकेंगे।
- एकीकृत रियायती बुकिंग (Integrated Concession Services): दिव्यांगजन, छात्र (Students) और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को रेलवे की तरफ से मिलने वाली किराए में छूट (Concession) के लिए पहले काफी जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था。 नई वेबसाइट में इन सभी विशेष श्रेणियों के लिए एक एकीकृत प्लेटफॉर्म (Unified System) तैयार किया गया है, जिससे वे एक ही जगह से अपने वैध दस्तावेज अपलोड कर आसानी से रियायती टिकट बुक कर सकते हैं।
- सुरक्षा के कड़े नियम: नई व्यवस्था में जहां आम यात्रियों के लिए टिकट बुक करना आसान हुआ है, वहीं सुरक्षा को भी बेहद कड़ा किया गया है। दलालों और अवैध सॉफ्टवेयर पर लगाम लगाने के लिए बोट-प्रोटेक्शन के अलावा, ऑनलाइन जनरल टिकट के लिए फोटो आईडी अनिवार्य करने और स्क्रीनशॉट पर पाबंदी जैसे नए सुरक्षा नियम भी लागू किए जा रहे हैं।
नई वेबसाइट (Beta Portal) को कैसे एक्सेस करें?
चूंकि रेलवे ने अभी इस वेबसाइट का बीटा वर्जन (Beta Version) पेश किया है, ताकि यूजर इसके फीचर्स का अनुभव ले सकें और अपना फीडबैक दे सकें, इसलिए इसे एक्सेस करने का तरीका बेहद आसान है:
- आप सीधे नए लिंक https://www.irctc.co.in/eticket/ पर जाकर नई वेबसाइट का उपयोग कर सकते हैं।
- इसके अलावा, आईआरसीटीसी की मौजूदा पुरानी वेबसाइट के होमपेज पर भी इस नई बीटा वेबसाइट पर जाने के लिए एक डायरेक्ट लिंक/बटन उपलब्ध कराया गया है।
- उपयोगकर्ता इस नए पोर्टल का उपयोग करके टिकट बुक करने के अपने अनुभव और सुझावों को रेलवे के साथ साझा कर सकते हैं, जिसके आधार पर आने वाले समय में इसे अंतिम रूप से मुख्य डोमेन पर पूरी तरह से रिप्लेस कर दिया जाएगा।
निष्कर्ष: डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और बड़ा कदम
IRCTC की इस नई और अपग्रेडेड वेबसाइट का लॉन्च होना केवल एक तकनीकी अपडेट नहीं है, बल्कि यह डिजिटल इंडिया और भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक छलांग है। प्रति मिनट 1.5 लाख टिकटों की बुकिंग क्षमता, कम होते कैप्चा के झंझट, फेयर कैलेंडर और सभी क्लास की उपलब्धता एक स्क्रीन पर दिखने जैसे फीचर्स ने ट्रेन टिकट बुक करने की पूरी प्रक्रिया को बहुत ही सरल, पारदर्शी और तनावमुक्त बना दिया है।
अब यात्रियों को तत्काल टिकट बुकिंग के समय वेबसाइट के क्रैश होने या गोल-गोल घूमने वाले लोडिंग स्क्रीन को देखकर परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यदि आप भी आने वाले दिनों में कहीं यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं, तो आईआरसीटीसी के इस नए पोर्टल पर जाएं और इसके इन धांसू फीचर्स का खुद अनुभव करें!
आधार कार्ड लिंक करके एक महीने में 24 टिकट कैसे बुक करें?
सामान्य तौर पर, आईआरसीटीसी (IRCTC) का एक यूजर अकाउंट बिना आधार वेरिफिकेशन के एक महीने में अधिकतम 12 टिकट ही बुक कर सकता है। लेकिन अगर आप अपने अकाउंट को आधार से लिंक (Verify) कर लेते हैं, तो यह सीमा बढ़कर 24 टिकट प्रति महीना हो जाती है। इसके साथ ही, आप जिस पैसेंजर का टिकट बुक कर रहे हैं, उसका आधार भी सत्यापित होना चाहिए।
स्टेप-बाय-स्टेप पूरी प्रक्रिया:
- स्टेप 1: लॉगइन करें
सबसे पहले IRCTC की वेबसाइट या ऑफिशियल ऐप पर यूजर आईडी और पासवर्ड डालकर लॉगइन करें। - स्टेप 2: ‘Link Your Aadhaar’ पर जाएं
होमपेज या डैशबोर्ड पर ‘My Account’ टैब के अंदर आपको ‘Link Your Aadhaar’ का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें। - स्टेप 3: आधार डिटेल्स भरें
अब अपना वही नाम दर्ज करें जो आपके आधार कार्ड पर लिखा है, और फिर अपना 12 अंकों का आधार नंबर डालें। इसके बाद नीचे दिए गए चेकबॉक्स (Consent) पर टिक करें और ‘Send OTP’ पर क्लिक करें। - स्टेप 4: ओटीपी (OTP) दर्ज करें
आपके आधार कार्ड से लिंक्ड मोबाइल नंबर पर एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) आएगा। उसे निर्धारित बॉक्स में भरकर ‘Verify OTP’ पर क्लिक करें। - स्टेप 5: वेरिफिकेशन पूरा करें
ओटीपी वेरिफाई होते ही आपकी आधार डिटेल्स स्क्रीन पर आ जाएंगी। नीचे दिए गए ‘Update’ बटन पर क्लिक करें। आपका अकाउंट आधार से सफलतापूर्वक लिंक हो जाएगा।
महत्वपूर्ण नोट (24 टिकट बुक करने के लिए):
अकाउंट लिंक करने के बाद, जब आप टिकट बुक करेंगे, तो पैसेंजर लिस्ट में जाने वाले मुख्य यात्रियों का आधार कार्ड भी ‘Master List’ में जाकर पहले से वेरिफाई होना जरूरी है। तभी आप एक महीने में 12 से अधिक (अधिकतम 24) टिकटों की बुकिंग की सुविधा का लाभ उठा पाएंगे।
तत्काल टिकट बुकिंग के नए समय और फास्टर पेमेंट ट्रिक्स
तत्काल टिकट बुकिंग में सारा खेल समय (Time) का होता है। यहाँ कुछ ही सेकंड के भीतर सैकड़ों ट्रेनें फुल हो जाती हैं। इसलिए आपको सही समय और पेमेंट के सबसे तेज तरीकों की जानकारी होनी चाहिए।
ए) तत्काल बुकिंग का सही समय (Timings)
- AC क्लासेस (1AC, 2AC, 3AC, CC, EC): इसकी बुकिंग रोजाना सुबह 10:00 बजे शुरू होती है।
- Non-AC क्लासेस (Sleeper – SL, Second Seating – 2S): इसकी बुकिंग रोजाना सुबह 11:00 बजे शुरू होती है।
टिप: हमेशा बुकिंग शुरू होने से ठीक 2-3 मिनट पहले (जैसे सुबह 9:58 या 10:58 पर) लॉगइन करें। बहुत पहले लॉगइन करने से सेशन एक्सपायर हो जाता है और ठीक समय पर अकाउंट लॉगआउट हो सकता है।
बी) तत्काल टिकट बुक करने की धांसू पेमेंट ट्रिक्स
तत्काल बुकिंग के समय सबसे ज्यादा टिकट तब फंसते हैं जब यूजर नेट बैंकिंग का पासवर्ड ढूंढ रहा होता है या डेबिट/क्रेडिट कार्ड का नंबर डाल रहा होता है। इन 3 ट्रिक्स का इस्तेमाल करके आप पलक झपकते ही पेमेंट कर सकते हैं:
- IRCTC i-Pay (सबसे बेस्ट और फास्ट तरीका):
यह आईआरसीटीसी का अपना खुद का पेमेंट गेटवे है। टिकट बुक करते समय पेमेंट ऑप्शन में ‘IRCTC i-Pay’ को चुनें। इसमें आप अपने क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या यूपीआई (UPI) डिटेल्स को पहले से सेव करके रख सकते हैं। तत्काल बुकिंग के समय यह बिना किसी देरी के सीधे बैंक के ओटीपी पेज पर ले जाता है, जिससे कम से कम 20-30 सेकंड की बचत होती है। - UPI (BHIM / Google Pay / PhonePe) ऑटो-पे:
पेमेंट पेज पर ‘UPI/BHIM’ विकल्प चुनें। इसके बाद अपनी UPI ID (VPA) दर्ज करें। आपके पेमेंट ऐप पर तुरंत एक रिक्वेस्ट आएगी, जहां केवल अपना यूपीआई पिन (UPI PIN) डालकर आप पेमेंट को सेकंडों में पूरा कर सकते हैं। - IRCTC Wallet (आईआरसीटीसी वॉलेट):
आप तत्काल बुकिंग के समय से पहले ही अपने IRCTC वॉलेट में पैसे ऐड करके रख सकते हैं। बुकिंग के समय पेमेंट मोड में ‘IRCTC Wallet’ चुनने पर बैंक के सर्वर पर लोड नहीं पड़ता और बिना किसी बैंक ओटीपी के तुरंत पेमेंट हो जाता है। (ध्यान दें: तत्काल बुकिंग शुरू होने के शुरुआती कुछ मिनटों के लिए कभी-कभी रेलवे वॉलेट पेमेंट को डिसेबल रखता है, इसलिए i-Pay के जरिए UPI या सेव्ड कार्ड का विकल्प बैकअप के तौर पर सबसे सुरक्षित माना जाता है)।
यहाँ आईआरसीटीसी (IRCTC) की नई वेबसाइट, आधार लिंकिंग और तत्काल टिकट बुकिंग से जुड़े महत्वपूर्ण अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) दिए गए हैं:
आईआरसीटीसी नई वेबसाइट (New Website) से जुड़े सवाल
प्रश्न 1: आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट (Beta Version) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य टिकट बुकिंग की स्पीड को बढ़ाना है। नई तकनीक के कारण अब वेबसाइट तत्काल बुकिंग के हैवी ट्रैफिक में भी क्रैश नहीं होगी और प्रति मिनट 1.5 लाख से अधिक टिकट बुक कर सकेगी।
प्रश्न 2: क्या नई वेबसाइट पर टिकट बुक करने के लिए नया अकाउंट बनाना होगा?
- उत्तर: नहीं, आपको नया अकाउंट बनाने की कोई जरूरत नहीं है। आप अपनी पुरानी आईआरसीटीसी यूजर आईडी (User ID) और पासवर्ड का उपयोग करके ही नई वेबसाइट पर लॉगइन कर सकते हैं।
प्रश्न 3: ‘स्मार्ट फेयर कैलेंडर’ फीचर का क्या फायदा है?
- उत्तर: इस फीचर की मदद से आप एक ही स्क्रीन पर अलग-अलग तारीखों का किराया और सीटों की उपलब्धता देख सकते हैं। इससे आप कम किराए या कंफर्म टिकट वाले दिन के अनुसार अपनी यात्रा प्लान कर सकते हैं।
आधार कार्ड लिंकिंग (Aadhaar Linking) से जुड़े सवाल
प्रश्न 4: आईआरसीटीसी अकाउंट को आधार से लिंक करना क्यों जरूरी है?
- उत्तर: यदि आपका अकाउंट आधार से लिंक नहीं है, तो आप एक महीने में अधिकतम 12 टिकट ही बुक कर सकते हैं। आधार लिंक करने के बाद यह सीमा बढ़कर 24 टिकट प्रति महीना हो जाती है।
प्रश्न 5: क्या आधार लिंक करने के लिए कोई एक्स्ट्रा चार्ज देना पड़ता है?
- उत्तर: नहीं, आईआरसीटीसी अकाउंट को आधार से लिंक करने की प्रक्रिया पूरी तरह से मुफ्त (Free) है।
प्रश्न 6: क्या 24 टिकट बुक करने के लिए यात्रियों का आधार भी जरूरी है?
- उत्तर: हाँ, एक महीने में 12 से अधिक टिकट बुक करने के लिए, मास्टर लिस्ट (Master List) में जाकर उन यात्रियों का आधार नंबर भी वेरिफाई करना अनिवार्य है जिनके लिए आप टिकट बुक कर रहे हैं।
तत्काल टिकट बुकिंग (Tatkal Booking) से जुड़े सवाल
प्रश्न 7: एसी (AC) और नॉन-एसी (Non-AC) क्लास के लिए तत्काल बुकिंग का समय क्या है?
- उत्तर:
- AC क्लासेस (3AC, 2AC, 1AC, CC) के लिए बुकिंग सुबह 10:00 बजे शुरू होती है।
- Non-AC क्लासेस (Sleeper, 2S) के लिए बुकिंग सुबह 11:00 बजे शुरू होती है।
प्रश्न 8: तत्काल बुकिंग के समय ‘IRCTC i-Pay’ का उपयोग करना क्यों फायदेमंद है?
- उत्तर: IRCTC i-Pay रेलवे का अपना पेमेंट गेटवे है। इसमें आपके कार्ड या यूपीआई डिटेल्स पहले से सुरक्षित सेव रहते हैं, जिससे पेमेंट पेज बहुत तेजी से लोड होता है और टिकट बुक होने की संभावना बढ़ जाती है।
प्रश्न 9: क्या तत्काल ई-टिकट (Tatkal E-Ticket) कैंसिल करने पर रिफंड मिलता है?
- उत्तर: यदि आपका तत्काल टिकट कंफर्म (Confirmed) है, तो उसे कैंसिल करने पर रेलवे की तरफ से कोई रिफंड नहीं दिया जाता है। हालांकि, यदि टिकट वेटिंग (Waiting) में है, तो तय नियमों के अनुसार क्लर्केंज चार्ज काटकर बाकी पैसा वापस मिल जाता है।
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