Commonwealth Games 2026 Medal Tally: ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने जीते कितने पदक? देखें विजेताओं की पूरी लिस्ट!
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने अब तक 3 स्वर्ण, 10 रजत और 4 कांस्य पदक सहित कुल 17 पदक जीते हैं और वह पदक तालिका में 10वें स्थान पर है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक आयोजित हो रहे इन खेलों में भारत के 122 खिलाड़ियों का दल भाग ले रहा है। हालांकि बर्मिंघम 2022 की तुलना में कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी और टेबल टेनिस जैसे भारत के मजबूत खेलों को इस बार शामिल नहीं किया गया है, फिर भी भारतीय वेटलिफ्टर्स, एथलीट्स और पैरा-खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से वैश्विक मंच पर तिरंगा लहराया है।
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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारतीय पदक विजेताओं की संपूर्ण गाथा और पदक तालिका
राष्ट्रमंडल खेल 2026 (Commonwealth Games 2026) का आयोजन इस बार बेहद खास और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हो रहा है। मूल रूप से ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया में प्रस्तावित इन खेलों को वित्तीय कारणों से वहां रद्द कर दिया गया था, जिसके बाद स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर ने बेहद कम समय में एक ‘स्केल्ड-डाउन’ (सीमित बजट और खेलों) वाले मॉडल के साथ इस महाकुंभ की मेजबानी संभाली।
इस बार कुल खेलों की संख्या घटाकर सिर्फ 10 कर दी गई है, जिससे भारत के उन पारंपरिक खेलों (जैसे कुश्ती, शूटिंग, बैडमिंटन) को बाहर कर दिया गया जहां भारत थोक में पदक जीतता था। इन सब बाधाओं के बावजूद, भारतीय दल ने ग्लासगो के मैदानों पर अपने हौसले और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है।
यह विस्तृत लेख ग्लासगो 2026 में भारत के सफर, खेल-वार प्रदर्शन, पदक विजेताओं की व्यक्तिगत कहानियों और पदक तालिका का एक संपूर्ण विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
ग्लासगो 2026: भारत की खेल-वार पदक तालिका (Medal Tally By Sport)
ग्लासगो 2026 में भारत का सबसे दमदार प्रदर्शन वेटलिफ्टिंग (भारोत्तोलन) और एथलेटिक्स / पैरा-एथलेटिक्स में देखने को मिला है। भारत के कुल 17 पदकों में से अधिकांश पदक इन्हीं खेलों से आए हैं।
नीचे दी गई तालिका में भारत के खेल-वार पदकों का विवरण दिया गया है:
| खेल का नाम | स्वर्ण (Gold) | रजत (Silver) | कांस्य (Bronze) | कुल पदक (Total) |
|---|---|---|---|---|
| वेटलिफ्टिंग (Weightlifting) | 1 | 6 | 1 | 8 |
| पैरा एथलेटिक्स (Para Athletics) | 2 | 1 | 1 | 4 |
| एथलेटिक्स (Athletics) | 0 | 3 | 1 | 4 |
| पैरा पावरलिफ्टिंग (Para Powerlifting) | 0 | 0 | 1 | 1 |
| कुल पदक (Overall India) | 3 | 10 | 4 | 17 |
भारतीय पदक विजेताओं की पूरी सूची (Full List of Indian Winners)
भारत की ओर से पदक जीतने वाले हर एक खिलाड़ी ने इतिहास रचा है। यहाँ स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं की विस्तृत सूची दी जा रही है:
स्वर्ण पदक विजेता (Gold Medalists) – देश का गौरव
भारत के खाते में अब तक 3 स्वर्ण पदक आए हैं, जिनमें से एक नियमित खेल और दो पैरा-स्पर्धाओं से हासिल हुए हैं:
- मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग – महिला 48 किलोग्राम भारवर्ग): स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन करते हुए कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर भारत को इस प्रतियोगिता का पहला स्वर्ण पदक दिलाया। यह मीराबाई की राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक (연속 3회) है।
- शर्मिला धनखड़ (पैरा एथलेटिक्स – महिला शॉट पुट F57): शर्मिला ने पैरा-शॉट पुट स्पर्धा में शानदार थ्रो फेंककर भारत के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता और देश का सिर गर्व से ऊंचा किया।
- दिलीप महादु गावित (पैरा एथलेटिक्स – पुरुष 100 मीटर T47): भारतीय धावक दिलीप गावित ने पुरुषों की 100 मीटर की पैरा-दौड़ में कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड (10.71 सेकंड) के साथ सनसनीखेज स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
रजत पदक विजेता (Silver Medalists) – जीत के बेहद करीब
रजत पदक के मामले में भारतीय एथलीटों ने अद्भुत निरंतरता दिखाई है। भारत ने कुल 10 सिल्वर मेडल जीते हैं:
- ऋषिकांत सिंह (वेटलिफ्टिंग – पुरुष 60 किलोग्राम): ऋषिकांत राष्ट्रमंडल खेल 2026 में पदक जीतने वाले पहले नियमित (सक्षम) भारतीय एथलीट बने। उन्होंने स्नैच राउंड में नया गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया।
- राजा मुथुपंडी (वेटलिफ्टिंग – पुरुष 65 किलोग्राम): कोहनी की गंभीर चोट से उबरकर वापसी करने वाले राजा मुथुपंडी ने देश के लिए शानदार रजत पदक जीता।
- ज्ञानेश्वरी यादव (वेटलिफ्टिंग – महिला 53 किलोग्राम): महिला वर्ग में देश की युवा भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी ने अपनी श्रेणी में शानदार प्रदर्शन कर रजत पदक हासिल किया।
- वल्लूरी अजय बाबू (वेटलिफ्टिंग – पुरुष 79 किलोग्राम): पुरुषों के मध्यम भारवर्ग में अजय बाबू ने पोडियम पर दूसरा स्थान सुरक्षित किया।
- हरजिंदर कौर (वेटलिफ्टिंग – महिला 69 किलोग्राम): अनुभवी हरजिंदर कौर ने कड़े मुकाबले में देश की झोली में एक और रजत पदक डाला。
- लवप्रीत सिंह (वेटलिफ्टिंग – पुरुष +110 किलोग्राम): आठवें दिन लवप्रीत सिंह ने पुरुषों के सबसे भारी वजन वर्ग में कुल 388 किलोग्राम वजन उठाया और स्वर्ण पदक विजेता डेविड लिटी से महज 1 किलोग्राम पीछे रहकर रजत पदक जीता।
- गुलवीर सिंह (एथलेटिक्स – पुरुष 10,000 मीटर दौड़): एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता गुलवीर सिंह ने 27 मिनट 49.78 सेकंड का समय निकालकर ऐतिहासिक रजत जीता। वह राष्ट्रमंडल खेलों की 10,000 मीटर दौड़ में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने हैं।
- मुरली श्रीशंकर (एथलेटिक्स – पुरुष लॉन्ग जंप): भारत के स्टार लंबी कूद खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर ने 8.09 मीटर की छलांग लगाकर लगातार दूसरा राष्ट्रमंडल खेल रजत पदक अपने नाम किया।
- सर्वेश अनिल कुशाने (एथलेटिक्स – पुरुष हाई जंप): सर्वेश ने हाई जंप (ऊंची कूद) स्पर्धा में 2.25 मीटर की ऊंचाई पार कर भारत को इस स्पर्धा का पहला रजत पदक दिलाया।
- मोहम्मद बासिल एम. (पैरा एथलेटिक्स – पुरुष 100 मीटर T47): पुरुषों की इसी दौड़ में जहां दिलीप गावित ने स्वर्ण जीता, वहीं मोहम्मद बासिल ने 10.83 सेकंड का समय लेकर दूसरा स्थान पाया, जिससे भारत को इस स्पर्धा में ऐतिहासिक 1-2 (स्वर्ण और रजत दोनों) की जीत मिली।
कांस्य पदक विजेता (Bronze Medalists) – संघर्ष की जीत
भारत ने इस बार 4 महत्वपूर्ण कांस्य पदक भी जीते हैं, जो एथलीटों के अथक संघर्ष को दर्शाते हैं:
- झंडू कुमार (पैरा पावरलिफ्टिंग – पुरुष हेवीवेट वर्ग): बिहार के झंडू कुमार ने ग्लासगो 2026 में भारत का पहला पदक (कांस्य) जीतकर इतिहास रचा। कभी पेट भरने के लिए आलू बेचने और ई-रिक्शा चलाने वाले झंडू की यह कहानी पूरे देश को प्रेरित करती है।
- बिंद्यारानी देवी (वेटलिफ्टिंग – महिला 58 किलोग्राम): टोक्यो ओलंपियन और बर्मिंघम की पदक विजेता बिंद्यारानी ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन कर देश को कांस्य पदक दिलाया।
- शिल्पा के. शायला (पैरा एथलेटिक्स – महिला शॉट पुट F57): जिस स्पर्धा में शर्मिला ने स्वर्ण पदक जीता, उसी में शिल्पा ने तीसरा स्थान हासिल कर भारत की झोली में ब्रॉन्ज मेडल डाला।
- सीमा कालीरामना (एथलेटिक्स – महिला डिस्कस थ्रो): अनुभवी सीमा ने महिला डिस्कस थ्रो (चक्का फेंक) में 58.65 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करते हुए भारत को 17वां पदक (कांस्य) दिलाया।
राष्ट्रमंडल खेल 2026: संपूर्ण भारतीय विजेताओं की मुख्य तालिका
पाठकों की सुविधा और त्वरित जानकारी के लिए सभी 17 विजेताओं की विस्तृत सूची नीचे एक मास्टर टेबल में समेकित की गई है:
| क्र.सं. | विजेता का नाम | खेल / इवेंट (Sport / Event) | पदक का प्रकार (Medal) |
|---|---|---|---|
| 1 | मीराबाई चानू | वेटलिफ्टिंग (महिला 48kg) | स्वर्ण (Gold) |
| 2 | शर्मिला धनखड़ | पैरा एथलेटिक्स (महिला शॉट पुट F57) | स्वर्ण (Gold) |
| 3 | दिलीप महादु गावित | पैरा एथलेटिक्स (पुरुष 100m T47) | स्वर्ण (Gold) |
| 4 | ऋषिकांत सिंह | वेटलिफ्टिंग (पुरुष 60kg) | रजत (Silver) |
| 5 | राजा मुथुपंडी | वेटलिफ्टिंग (पुरुष 65kg) | रजत (Silver) |
| 6 | ज्ञानेश्वरी यादव | वेटलिफ्टिंग (महिला 53kg) | रजत (Silver) |
| 7 | वल्लूरी अजय बाबू | वेटलिफ्टिंग (पुरुष 79kg) | रजत (Silver) |
| 8 | हरजिंदर कौर | वेटलिफ्टिंग (महिला 69kg) | रजत (Silver) |
| 9 | लवप्रीत सिंह | वेटलिफ्टिंग (पुरुष +110kg) | रजत (Silver) |
| 10 | गुलवीर सिंह | एथलेटिक्स (पुरुष 10,000 मीटर दौड़) | रजत (Silver) |
| 11 | मुरली श्रीशंकर | एथलेटिक्स (पुरुष लॉन्ग जंप) | रजत (Silver) |
| 12 | सर्वेश अनिल कुशाने | एथलेटिक्स (पुरुष हाई जंप) | रजत (Silver) |
| 13 | मोहम्मद बासिल एम. | पैरा एथलेटिक्स (पुरुष 100m T47) | रजत (Silver) |
| 14 | झंडू कुमार | पैरा पावरलिफ्टिंग (पुरुष हेवीवेट) | कांस्य (Bronze) |
| 15 | बिंद्यारानी देवी | वेटलिफ्टिंग (महिला 58kg) | कांस्य (Bronze) |
| 16 | शिल्पा के. शायला | पैरा एथलेटिक्स (महिला शॉट पुट F57) | कांस्य (Bronze) |
| 17 | सीमा कालीरामना | एथलेटिक्स (महिला डिस्कस थ्रो) | कांस्य (Bronze) |
ग्लासगो 2026: वैश्विक पदक तालिका में शीर्ष देशों की स्थिति (Global Context)
राष्ट्रमंडल खेल 2026 में ऑस्ट्रेलिया हमेशा की तरह अपनी बादशाहत कायम रखे हुए है। वह 100 से अधिक पदक जीतकर पदक तालिका में पहले स्थान पर है। मेजबान स्कॉटलैंड और इंग्लैंड भी शीर्ष पांच में बने हुए हैं। भारत 17 पदकों के साथ फिलहाल 10वें स्थान पर संघर्ष कर रहा है।
यहाँ खेलों के आठवें दिन की समाप्ति तक शीर्ष देशों और भारत की स्थिति दर्शाई गई है:
| रैंक (Rank) | देश (Country) | स्वर्ण (Gold) | रजत (Silver) | कांस्य (Bronze) | कुल पदक (Total) |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 🇦🇺 ऑस्ट्रेलिया (Australia) | 51 | 24 | 35 | 110 |
| 2 | 🏴 इंग्लैंड (England) | 15 | 30 | 20 | 65 |
| 3 | 🇨🇦 कनाडा (Canada) | 15 | 13 | 17 | 45 |
| 4 | 🏴 स्कॉटलैंड (Scotland – मेजबान) | 9 | 7 | 9 | 25 |
| 5 | 🇳🇬 नाइजीरिया (Nigeria) | 8 | 5 | 2 | 15 |
| … | … | … | … | … | … |
| 10 | 🇮🇳 भारत (India) | 3 | 10 | 4 | 17 |
भारतीय एथलीटों की प्रेरणादायक कहानियाँ
पदक जीतने के पीछे सिर्फ खेल का मैदान नहीं होता, बल्कि बरसों की तपस्या और कठिनाइयाँ होती हैं। ग्लासगो 2026 में भारत के कई नायकों ने ऐसी कहानियाँ लिखी हैं जो आने वाली पीढ़ियों को रास्ता दिखाएंगी:
1. झंडू कुमार: ई-रिक्शा से राष्ट्रमंडल खेल पोडियम तक
बिहार के रहने वाले पैरा-पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुषों के हेवीवेट वर्ग में कांस्य पदक जीता। एक समय पर वे बेहद गरीब परिवार से थे, जीवनयापन के लिए उन्होंने आलू बेचे और सड़कों पर ई-रिक्शा भी चलाया। आर्थिक तंगियों के बाद भी उन्होंने अभ्यास नहीं छोड़ा। ग्लासगो में जब उन्होंने भारत का पहला पदक जीता, तो उन्होंने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी सुख-सुविधा की मोहताज नहीं होती।
2. मीराबाई चानू: स्वर्णिम निरंतरता की प्रतिमूर्ति
मणिपुर की इस वेटलिफ्टिंग क्वीन पर हमेशा देश को स्वर्ण पदक दिलाने का भारी दबाव रहता है। उन्होंने स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों में अपना दबदबा दिखाते हुए कुल 190 किलोग्राम भार उठाया और भारत का पहला ‘एबल-बॉडीड’ स्वर्ण पदक जीता। बर्मिंघम 2022 और गोल्ड कोस्ट 2018 के बाद 2026 में भी स्वर्ण जीतकर उन्होंने सीडब्ल्यूजी में स्वर्ण की अपनी हैट्रिक पूरी की।
3. गुलवीर सिंह: लंबी दूरी की दौड़ में भारत का नया सूरज
आमतौर पर राष्ट्रमंडल खेलों में 10,000 मीटर जैसी लंबी दूरी की ट्रैक स्पर्धाओं में कीनिया, युगांडा या अन्य अफ्रीकी देशों का दबदबा रहता है। लेकिन उत्तर प्रदेश के गुलवीर सिंह ने अंतिम लैप में शानदार गति दिखाते हुए इतिहास बदल दिया। रजत पदक जीतकर उन्होंने यह साबित किया कि भारतीय एथलीट अब वैश्विक स्तर पर लंबी दूरी की रेसों में भी किसी से कम नहीं हैं।
भारत का पदक काउंट कम क्यों है? खेल हटाने का प्रभाव विश्लेषण
अगर हम बर्मिंघम 2022 के प्रदर्शन को देखें, तो भारत 61 पदकों (22 स्वर्ण सहित) के साथ चौथे स्थान पर रहा था। लेकिन ग्लासगो 2026 में भारत का कुल पदक काउंट और रैंकिंग नीचे आई है। इसके पीछे खिलाड़ियों का खराब प्रदर्शन नहीं, बल्कि खेलो का बदला हुआ प्रारूप है:
- कुश्ती (Wrestling) का बाहर होना: बर्मिंघम 2022 में भारत के सभी 12 पहलवान पदक लेकर लौटे थे, जिसमें 6 स्वर्ण शामिल थे। इस बार कुश्ती खेल ही हटा दिया गया है।
- बैडमिंटन, टेबल टेनिस और हॉकी: इन तीनों खेलों को ग्लासगो के छोटे बजट मॉडल के चलते हटा दिया गया। बर्मिंघम में भारत ने अकेले इन खेलों से करीब 15 से अधिक पदक जीते थे।
- सीमित इंफ्रास्ट्रक्चर रणनीति: ग्लासगो ने खेलों के आयोजन के लिए कोई नया स्टेडियम या खेल गांव नहीं बनाया। उन्होंने 2014 के अपने पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर का ही इस्तेमाल किया, जिसके कारण केवल 10 खेलों को ही जगह मिल सकी।
- लगातार शूटिंग (Shooting) की अनुपस्थिति: राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारत के लिए सबसे ज्यादा पदक (कुल 135 से अधिक) शूटिंग से आए हैं। 2018 गोल्ड कोस्ट के बाद से शूटिंग लगातार गायब है, जिससे भारत का सर्वकालिक पदक इंजन धीमा हो गया है।
आगे क्या है भारत के लिए? पदक की और उम्मीदें
यद्यपि खेल अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहे हैं, भारतीय प्रशंसकों की नज़रें अभी भी कुछ बड़े इवेंट्स पर टिकी हुई हैं, जहां भारत पदक का रंग बदल सकता है या नए पदक जोड़ सकता है:
- बॉक्सिंग (मुक्केबाजी): लवलीना बोरगोहेन (75kg), प्रीति पवार (54kg), जैस्मीन लेम्बोरिया (57kg) और अंकुश पंघाल (80kg) सहित भारत के 10 मुक्केबाज सेमीफाइनल और फाइनल राउंड के मुकाबलों में हैं, जिससे भारत के लिए कई स्वर्ण और रजत पदक पक्के होना तय है।
- एथलेटिक्स (ट्रैक एंड फील्ड): पुरुषों के भाला फेंक (Javelin Throw) फाइनल में स्टार एथलीटों के प्रदर्शन और मिक्स्ड 4x400m रिले टीम से पोडियम फिनिश की काफी उम्मीदें हैं।
- जूडो (Judo): भारत के जूडो खिलाड़ी भी नॉकआउट और एलिमिनेशन राउंड में बेहतर प्रदर्शन कर पदक तालिका में सुधार करने की कोशिश करेंगे।
निष्कर्ष (Conclusion)
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 भारतीय खेलों के लिए एक अलग तरह की परीक्षा रहे हैं। अपने पसंदीदा खेलों के न होने के बावजूद भारतीय भारोत्तोलकों (Weightlifters) और पैरा-एथलीटों ने जिस तरह मोर्चा संभाला है, वह बेहद सराहनीय है। मीराबाई चानू की स्वर्णिम हैट्रिक, गुलवीर सिंह का ऐतिहासिक ट्रैक मेडल और झंडू कुमार का प्रेरणादायक कांस्य पदक यह दर्शाते हैं कि भारतीय खेलों की जड़े अब कितनी गहरी हो चुकी हैं।
भले ही भारत इस बार पदकों के शतक या शीर्ष-5 में आने से चूक जाए, लेकिन ग्लासगो 2026 ने विपरीत परिस्थितियों में लड़कर जीतने की जो सीख भारतीय दल को दी है, वह अहमदाबाद 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए एक मजबूत नींव का काम करेगी, जिसकी मेजबानी की आधिकारिक घोषणा पहले ही की जा चुकी है।
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 (Glasgow Commonwealth Games 2026) और भारत के प्रदर्शन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) दिए गए हैं:
1. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 कहाँ और कब आयोजित हो रहे हैं?
- उत्तर: ये खेल स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक आयोजित किए जा रहे हैं।
2. इस बार पदक तालिका में भारत किस स्थान पर है और उसने कुल कितने पदक जीते हैं?
- उत्तर: खेलों के आठवें दिन की समाप्ति तक भारत 17 पदकों (3 स्वर्ण, 10 रजत, 4 कांस्य) के साथ वैश्विक पदक तालिका में 10वें स्थान पर है।
3. ग्लासगो 2026 में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक किसने जीता?
- उत्तर: स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किलोग्राम भारवर्ग में कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर भारत को इस प्रतियोगिता का पहला स्वर्ण (Gold) पदक दिलाया।
4. बर्मिंघम 2022 की तुलना में इस बार भारत के पदक कम क्यों हैं?
- उत्तर: ग्लासगो 2026 एक सीमित बजट मॉडल (Scaled-down model) पर आधारित है, जिसके कारण खेलों की संख्या घटाकर सिर्फ 10 कर दी गई है। भारत के सबसे मजबूत खेल जैसे कुश्ती (Wrestling), बैडमिंटन (Badminton), हॉकी (Hockey) और टेबल टेनिस (Table Tennis) इस बार खेलों का हिस्सा नहीं हैं, जिससे भारत का पदक काउंट कम हुआ है।
5. पैरा-पावरलिफ्टर झंडू कुमार की कहानी क्यों चर्चा में है?
- उत्तर: बिहार के रहने वाले झंडू कुमार ने पुरुषों के हेवीवेट वर्ग में कांस्य पदक जीता है। वे एक बेहद गरीब परिवार से आते हैं और उन्होंने जीवनयापन के लिए अतीत में आलू बेचने तथा ई-रिक्शा चलाने का काम किया था। कठिन परिस्थितियों से निकलकर पदक जीतने के कारण उनकी कहानी पूरे देश को प्रेरित कर रही है।
6. राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में गुलवीर सिंह ने क्या नया रिकॉर्ड बनाया है?
- उत्तर: गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में 27 मिनट 49.78 सेकंड के समय के साथ रजत पदक जीता। वे राष्ट्रमंडल खेलों की इस ऐतिहासिक लंबी दूरी की ट्रैक स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बने हैं।
7. इस बार खेलों में भारत के कितने खिलाड़ी भाग ले रहे हैं?
- उत्तर: ग्लासगो 2026 में भारत का 122 सदस्यीय दल (खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ) हिस्सा ले रहा है।
8. क्या राष्ट्रमंडल खेल 2026 में शूटिंग (Shooting) को शामिल किया गया है?
- उत्तर: नहीं, बर्मिंघम 2022 की तरह ग्लासगो 2026 में भी शूटिंग (निशानेबाजी) को शामिल नहीं किया गया है।