हीट वेव से बचने के लिए सावधानी: DDMA की सलाह

Wooden crate with four chilled water bottles labeled Aqua Pure and Chill, a plate of assorted fresh fruit including strawberries, peaches, grapes, oranges, blueberries, and kiwi, on a wooden outdoor table

हीट वेव एवं लू प्रकोप के संबंध में अलर्ट एवं जारी एडवाइजरी: जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण

उत्तर प्रदेश में गर्मी के तेवर लगातार तीखे हो रहे हैं और मई के इस महीने में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने आम जनता को सुरक्षित रखने के लिए रेड अलर्ट और एक विस्तृत स्वास्थ्य एडवाइजरी (सलाहकार निर्देश) जारी की है। इस गंभीर मौसम में लू (Heat Wave) के प्रकोप से बचने के लिए प्राधिकरण ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

🛑 जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी मुख्य निर्देश

जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम ने लू से होने वाली स्वास्थ्य हानियों को रोकने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए हैं:

1. दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें

  • समय का ध्यान रखें: दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच जब धूप और गर्मी सबसे तीखी होती है, तब बहुत जरूरी न होने पर घर से बाहर न निकलें।
  • शारीरिक श्रम: इस समयावधि में बाहर किए जाने वाले भारी शारीरिक कार्यों और मेहनत वाले कामों को टालें।

2. खुद को हाइड्रेटेड रखें (लगातार पानी पीते रहें)

  • प्यास न लगने पर भी पानी पीएं: शरीर में पानी की कमी न होने दें। थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें।
  • घरेलू पेय पदार्थों का सेवन: सफर के दौरान या घर पर ओआरएस (ORS) का घोल, लस्सी, छाछ, नींबू पानी, आम का पन्ना, और नारियल पानी का उपयोग करें।
  • इनसे परहेज करें: अत्यधिक चाय, कॉफी, शराब और अत्यधिक चीनी वाले कोल्ड ड्रिंक्स से बचें, क्योंकि ये शरीर को और अधिक डिहाइड्रेट (पानी की कमी) करते हैं।

3. पहनावे और सुरक्षा उपकरणों का ध्यान रखें

  • कपड़ों का चयन: बाहर निकलते समय हल्के रंग के, ढीले और सूती (कॉटन) कपड़े पहनें।
  • धूप से बचाव: बाहर जाते समय सिर को कपड़े, टोपी या छतरी से ढक कर रखें। आंखों की सुरक्षा के लिए धूप के चश्मे (सनग्लासेस) का प्रयोग करें।

4. बच्चों, बुजुर्गों और पालतू जानवरों की सुरक्षा

  • बंद गाड़ियों में न छोड़ें: किसी भी बच्चे या पालतू जानवर को खड़ी या बंद कार में अकेला बिल्कुल न छोड़ें। बंद गाड़ियों के अंदर का तापमान बहुत तेजी से जानलेवा स्तर तक बढ़ सकता है।
  • कमजोर वर्गों का ध्यान: बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों को ठंडे स्थानों पर रखें।

🏥 हीट स्ट्रोक (लू लगना) के लक्षण और आपातकालीन प्राथमिक उपचार

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लू के प्रमुख लक्षणों को पहचानने और तुरंत कदम उठाने की सलाह दी है:

प्रमुख लक्षण:

  • तेज बुखार और त्वचा का गर्म व सूखा होना।
  • चक्कर आना, उल्टी होना या तेज सिरदर्द।
  • अत्यधिक कमजोरी, मांसपेशियों में ऐंठन या बेहोशी छाना।

तुरंत किए जाने वाले प्राथमिक उपचार:

  1. पीड़ित व्यक्ति को तुरंत किसी ठंडे या छायादार स्थान पर ले जाएं।
  2. गीले कपड़े से शरीर को पोंछें या ठंडे पानी से स्नान कराएं।
  3. यदि व्यक्ति होश में हो, तो उसे ठंडा पानी या ओआरएस (ORS) का घोल पिलाएं।
  4. स्थिति गंभीर होने पर बिना समय गंवाए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं या एम्बुलेंस हेल्पलाइन (108) पर कॉल करें।

📞 जिला प्रशासन की तैयारी और हेल्पलाइन

प्राधिकरण ने सभी सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को हीट वेव से निपटने के लिए अलर्ट पर रखा है। अस्पतालों में ओआरएस कॉर्नर, जरूरी दवाएं और कूलिंग वॉर्ड की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

आपदा प्रबंधन ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान और प्रशासन द्वारा जारी की जाने वाली सूचनाओं पर लगातार नजर बनाए रखें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आई0एम0डी0), लखनऊ के द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार जनपद में दिनांक 22.05.26 तक हीट वेव संभावित मौसम रह सकता है l उक्त के दृष्टिगत जिलाधिकारी/अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की आम जनमानस से यह अपील है की हीट वेव के संबंध में निम्न सावधानियों का ध्यान रखते हुए कार्य करें :

हीट वेव एवं लू प्रकोप के दौरान क्या करें

  1. जनपद में नगर पालिका के माध्यम से प्रतिदिन हीट वेव जागरूकता के संबंध में ऑडियो चलाया जा रहा है, कृपया उस पर ध्यान दीजिए l
  2. पर्याप्त मात्रा में पानी पियें, प्यास को बिल्कुल भी टालें नहीं, प्यास लगने पर तत्काल पानी पीयें l
  3. हल्के रंग के पसीना शोषण करने वाले हल्के वस्त्र पहने।
  4. टोपी या सर पर गमछा रख कर धूप में चलें व आवश्यकतानुसार छाता का भी उपयोग किया जा सकता है l
  5. अगर आप खुले में कार्य करते हैं तो सिर, चेहरा, हाथ-पैरों को हल्के नमी वाली या गीले कपड़े से समय समय पर पोछते रहें और सर को ढक कर ही कार्य करें l
  6. लू से प्रभावित व्यक्ति को छाया में लिटा कर तत्काल सूती गीले कपड़े से पोछें तथा चिकित्सक से संपर्क करें l
  7. यात्रा करते समय पीने का पानी साथ ले जाएं l
  8. ओ0आर0एस, घर में बने हुए पेय पदार्थ जैसे लस्सी, नींबू पानी, छाछ आदि का उपयोग करें जिससे कि शरीर में पानी की कमी की भरपाई हो सके।
  9. हीट स्ट्रोक/हीट रैश/हिट क्रैंप के लक्षण जैसे कमजोरी, चक्कर आना, सर दर्द, उबकाई, पसीना आना, मूर्छा आदि को पहचानॆं l
  10. अपने घर को ठंडा रखें- पर्दे इत्यादी का उपयोग करें तथा शाम/रात के समय घर को ठंडा करने हेतु कुछ देर को सावधानीपूर्वक सभी खिड़की दरवाजे अवश्य खोल दें।
  11. कार्य स्थल पर पीने हेतु ठंडा पानी अवश्य रखें l
  12. कर्मियों को सीधी सूर्य की रोशनी से बचने हेतु सावधान करें ।

हीट वेव एवं लू प्रकोप के दौरान क्या ना करें

  1. जानवरों एवं बच्चों को कभी भी बंद खड़ी गाड़ियों में अकेला ना छोड़े।
  2. गहरे रंग के तथा भारी एवं तंग कपड़े ना पहनें l
  3. जब बाहर का तापमान अधिक हो तब श्रम साध्य कार्य बाहर न करें।
  4. अधिक प्रोटीन तथा बासी एवं संक्रमित खाद्य एवं पेय पदार्थ का प्रयोग ना करें l अल्कोहल, चाय व काफी पीने से परहेज करें।
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