एफिलिएट मार्केटिंग क्या है, इसके द्वारा कैसे घर बैठे कमाई कर सकते हैं ?

क्या आप को मालूम है कि Affiliate Marketing (एफिलिएट मार्केटिंग) क्या होती है, और इसके द्वारा कैसे earning की जा सकती है? आइये इस पोस्ट में जानते हैं की एफिलिएट मार्केटिंग क्या होती है।

वैसे तो ऑनलाइन ब्लॉग से पैसे कमाने के बहुत सारे तरीके हैं जिनसे हम घर बैठे पैसे कमा सकते हैं। उदहारण के तौर पे ब्लॉग्स एवं यूट्यूब,फेसबुक वीडियोस पे विज्ञापन और Google AdSense, सर्विस  प्रोवाइड करना, online selling इत्यादि।

लेकिन हम एक भिन्न प्रकार के तरीके की बात करने जा रहे हैं जो ऑनलाइन कमाई का एक अच्छा विकल्प माना जाता है। ये तरीका ही Affiliate Marketing (एफिलिएट मार्केटिंग) है।

एफिलिएट मार्केटिंग क्या है?

पैट फ्लिन (Pat Flynn) की Smart Passive Income पर एफिलिएट मार्केटिंग की सबसे अच्छी परिभाषा निम्नवत हो सकती है:

“Affiliate marketing अन्य लोगों (या कंपनी के) उत्पादों को बढ़ावा देकर कमीशन अर्जित करने की प्रक्रिया है। आपको एक ऐसा उत्पाद मिलता है जिसे आप पसंद करते हैं, इसे दूसरों को बढ़ावा दें और प्रत्येक बिक्री के लिए लाभ का एक हिस्सा कमाएं जो आप बनाते हैं।”

इस प्रक्रिया में कोई व्यक्ति अपने किसी source, जैसे की ब्लॉग या वेबसाइट द्वारा किसी e-commerce कंपनी जो की ऑनलाइन selling के माध्यम से अपने प्रोडक्ट्स sell करती है, उसके प्रोडक्ट्स का लिंक अपने वेबसाइट या ब्लॉग पे शेयर करके उस कंपनी के प्रोडक्ट्स को प्रमोट करता है। यह प्रोडक्ट्स कुछ भी हो सकते हैं जैसे- मोबाइल, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक मशीन या फिर टूर पैकेज। इसके बदले में कंपनी उस व्यक्ति को कमीशन देती है। जैसा प्रोडक्ट होता है वैसा कमीशन एफिलिएट या प्रमोटर को प्राप्त होता है।

यह कमीशन या तो एकमुश्त राशि होती है या उत्पाद की कीमत का कुछ प्रतिशत।

एफिलिएट मार्केटिंग कैसे काम करती है?

जब कोई कंपनी या संस्था अपने प्रोडक्ट्स को प्रमोट करना चाहती है तो वह अपना Affiliate Program offer करती है। अब कोई व्यक्ति जोकि किसी ब्लॉग या वेबसाइट का owner है उस program को  join करता है, तो कंपनी या संस्था उसे उसके वेबसाइट या ब्लॉग पर उसके प्रोडक्ट्स को प्रमोट करने के लिए कोई लिंक देती है जोकि वास्तव में कंपनी की वेबसाइट का एक URL होता है । इस प्रकार से प्रमोटर व्यक्ति उस URL को अपने website या blog पर अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग तरीके से लगाता है। अब उस वयक्ति के ब्लॉग या वेबसाइट पर बहुत से visitors आते हैं। जब कोई visitor या ग्राहक उस लिंक या बैनर पर click करता है तो वह  affiliate program offer करने वाली कंपनी की वेबसाइट पर पहुँचता है और कोई चीज़ खरीदता है या किसी service के लिए register करता है तो उसके बदले में वह कंपनी या संस्था उसे commission के रूप में कुछ राशि प्रदान करती है।

Affiliate Marketing से पैसे कमाने का स्कोप असीमित है, जितने ज्यादा visitors आपकी वेबसाइट पर दिए गए लिंक को क्लिक करके मर्चेंट की वेबसाइट से प्रोडक्ट खरीदेंगे उसी हिसाब से आपको इनकम होगी।

Affiliate को निम्नलिखित तरीकों से पेमेंट होता है-

  1. Pay per sale- इसमें मर्चेंट द्वारा प्रत्येक प्रोडक्ट की बिक्री पर प्रोडक्ट की sale price का कुछ प्रतिशत प्रमोटर को दिया जाता है।
  2. Pay per lead- इस प्रकार के पेमेंट मोड में प्रमोटर उपभोक्ता को मर्चेंट की वेबसाइट को विजिट करके उसकी सर्विस लेने के लिए सहमत करता है चाहे वह किसी रजिस्ट्रेशन फॉर्म को भरना हो, किसी उत्पाद के परीक्षण के लिए sign up करना, समाचार पत्र की सदस्यता लेना, या सॉफ़्टवेयर या फ़ाइलों को डाउनलोड करना।
  3. Pay per click- अर्थात प्रमोटर की वेबसाइट से लिंक द्वारा कोई visitor मर्चेंट की वेबसाइट पर जाता तो भुगतान web ट्रैफिक में वृद्धि के आधार पर किया जाता है।

Affiliate marketing related terms:

  • Affiliate Program
  • Affiliate Id
  • Affiliates
  • Affiliate Manager
  • Affiliate Marketplace
  • Commission
  • Affiliate link
  • Link Clocking
  • Payment Mode
  • Payment Threshold

Affiliate marketing related terms in detail:

जो व्यक्ति किसी Affiliate Program को Join करके, उनके Products को अपने Sources जैसे की Blog या Website पर Promote करते हैं, उनको Affiliates कहा जाता है। Affiliate Programs के द्वारा प्रत्येक Affiliate को एक Unique ID दी जाती है, जो Sales में जानकारियां जुटाने में सहायता करती है।

कुछ Affiliate Programs के द्वारा Affiliates की मदद के लिए और उन्हें सुझाव देने के लिए Affiliate Manager नियुक्त किये जाते हैं।

ऐसी companies जो अलग-अलग fields में Affiliate Programs ऑफर करती हैं, उन्हें Affiliate Marketplace कहा जाता है।

प्रत्येक  Affiliate को अलग-अलग products के प्रमोशन के लिए कुछ Affiliate Links Provide किये जाते हैं, जिन पर Click करके Visitors किसी अन्य Website पर पहुँचते हैं, जहाँ वह कोई प्रोडक्ट खरीद सकते है। इन Links के द्वारा ही Affiliate Program Companies सेल्स को Track करते है। Affiliate को प्रत्येक Sale के हिसाब से Commission प्रदान की जाती है। यह Sale का कुछ Percent हो सकती है या पहले से निश्चित कोई राशि। जादातर Affiliate Links लंबे और दिखने में अजीब से लगते है। ऐसे Links को URL Shortner का प्रयोग करके छोटा करना Link Clocking कहलाता हैं। Payment Mode के द्वारा आपको आपकी commission दी जायेगी। अलग-अलग Affiliates अलग-अलग Modes ऑफर करते हैं। जैसे कि By Cheque, Online Transfer, PayPal इत्यादि।वह न्यूनतम राशि जिसे जब आप earn कर लेंगे तो आपको आपकी कमीशन भुगतान की जायेगी Payment Threshold कहलाती है। अलग-अलग Programs की Payment Threshold राशि अलग-अलग होती है।

Affiliate Marketting और Adsense  को एक ही वेबसाइट पर use किया जा सकता है। आजकल एफिलिएट मार्केटिंग Adsense की तुलना में कमाई का अच्छा स्रोत है।

इसके लिए आपको को कोर्स इत्यादि करने की जरुरत नहीं है, फिर भी आप इसके बारे में ऑनलाइन जानकारी ले सकते हैं। चाहे तो आप book खरीद सकते हैं जो की इंग्लिश में है।

यदि आप किसी वेबसाइट या ब्लॉग के owner हैं तो Affiliate Marketing से आसानी से जुड़ सकते हैं, लेकिन ये आवश्यक भी नहीं हैं।

हर कंपनी Affiliate Marketing Program ऑफर नहीं करती, इसको जानने के लिए आपको Google Search का सहारा लेना पड़ेगा।

जिससे आप जान पाएंगे की कौन सी कंपनी ये प्रोग्राम ऑफर करती है और बाकी डिटेल्स भी आप जान पाएंगे।

Leave a Reply