जो आनंद इन बेर को खाने में है वो स्वाद बड़े बड़े मन को लुभाने वाले बाजारी बेर में कहाँ है।
बचपन में इन बेर को खाने और तोड़ने के लिए न जाने कितनी बार नानी से डाँट खाई है फिर भी पता नहीं कितने कांटो की चुभन सहकर इन्हें तोड़ने का सफल प्रयास किया है। हमारा गांव छोटा था वहाँ झरबेरी के पेड़ बहुत कम थे हमारे साथियों को पता […]
Read more