दो पीढ़ियों का अंतर – हमारा और हमारे बच्चों का बचपन

Do pidhiyon ka bachpan

छोटा सा गांव मेरा, मुट्ठी भर लोग चारो तरफ धन धान्य से परिपूर्ण खेत, फलदार बाग, फूलों से भरे बगीचे, दूर तक हरी चादर ओढ़े जमीन, लबालब पानी भरे ताल तलैया और इस जन्नत जैसी जमी के बीच मेरा घर मेरा अपना घर और उस घर मे मैं इकलौती बच्ची […]

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गांव का बचपन और बचपन की कुछ यादें

VillagePrimarySchool

चलिये थोड़ा गांव का बचपन याद करते हैं…जानते हैं ये क्या है ? हाहाहा… जितने लोग हमारे जैसे प्राइमरी स्कूल में पढ़े होंगे वो सब बहुत ही अच्छी तरह से इसे पहचानते होंगे। जी हां ये वही “बेहया” है जिसके बिना मास्टर साहब का सिखाया गया पाठ याद नहीं होता […]

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