UPSDM 2026: यूपी कौशल विकास मिशन कोर्स लिस्ट, पात्रता व आवेदन प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन का आधिकारिक डिजिटल बैनर, जिसमें आधुनिक प्रयोगशालाओं में तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण लेते हुए हुनरमंद छात्र दिखाई दे रहे हैं।

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM): युवाओं के हुनर और आत्मनिर्भरता की संपूर्ण मार्गदर्शिका

उत्तर प्रदेश के युवाओं को आधुनिक वैश्विक बाजार की मांग के अनुसार तकनीकी रूप से हुनरमंद, कुशल और रोजगार-योग्य बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (Uttar Pradesh Skill Development Mission – UPSDM) का संचालन किया जा रहा है। व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत यह मिशन भारत के सबसे बड़े और सबसे सफल कौशल प्रशिक्षण अभियानों में से एक है।

इस मिशन का मुख्य विजन राज्य के 14 से 35 वर्ष के युवाओं को विभिन्न प्रकार के अल्पकालिक (Short-term) तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें सीधे निजी क्षेत्र में रोजगार या स्वरोजगार (Self-Employment) से जोड़ना है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं के कौशल विकास को गति देने के लिए एक अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म और व्यापक संगठनात्मक ढांचा तैयार किया गया है।

नीचे इस वृहद् मिशन से जुड़े सभी घटकों, संचालित योजनाओं, प्रमुख प्रशिक्षण क्षेत्रों (Sectors), पात्रता मानदंडों और ऑनलाइन आवेदन की चरण-दर-चरण प्रक्रिया का पूर्ण विवरण प्रस्तुत किया गया है।


1. उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन का संक्षिप्त परिचय (UPSDM Overview)

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की स्थापना राज्य के युवाओं की रोजगार क्षमता में गुणात्मक सुधार करने के लिए एक नोडल एजेंसी के रूप में की गई थी। यह मिशन राज्य की अपनी योजनाओं के अलावा केंद्र सरकार के सहयोग से चलने वाली कल्याणकारी योजनाओं (जैसे PMKVY) को भी जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करता है।

मुख्य विशेषता / पैरामीटरमिशन का प्रामाणिक विवरण
मिशन का नामउत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM)
नोडल विभागव्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार
प्रशिक्षण शुल्क100% निशुल्क (Free Training & Study Material)
लक्षित आयु वर्ग14 वर्ष से लेकर 35 वर्ष के युवा
मुख्य श्रेणियां / सेक्टर्सआईटी-आईटीईएस, परिधान (एपेरल), इलेक्ट्रॉनिक्स, कंस्ट्रक्शन, रिटेल, लॉजिस्टिक्स आदि
आवेदन का माध्यमऑनलाइन (आधिकारिक वेब पोर्टल के माध्यम से)
आधिकारिक वेबसाइटupsdm.gov.in
टॉल-फ्री हेल्पलाइन1800-102-8056

2. मिशन के अंतर्गत संचालित प्रमुख योजनाएं (Core Sub-Schemes)

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अलग-अलग लक्षित समूहों के अनुसार निम्नलिखित प्रमुख उप-योजनाओं को समेकित रूप से संचालित करता है:

  • मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं राज्य कौशल कोष: यह राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित योजना है, जो विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के स्थानीय उद्योगों की मांग के अनुसार युवाओं को विशिष्ट प्रशिक्षण प्रदान करती है।
  • प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY): केंद्र सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के समन्वय से संचालित इस योजना के तहत राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे (NSQF) के मानदंडों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण और प्रमाणन दिया जाता है।
  • दीन दयाल उपाध्याय-ग्रामीण कौशल्या योजना (DDU-GKY): ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से चलने वाली इस योजना का विशेष ध्यान ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब (BPL) परिवारों के युवाओं को आवासीय/गैर-आवासीय प्रशिक्षण देकर न्यूनतम ₹6,000 या अधिक की निश्चित मासिक सैलरी वाले रोजगार से जोड़ना है।
  • विशेष श्रेणी योजनाएं: समाज के वंचित और संवेदनशील वर्गों जैसे कि निर्माण श्रमिकों (Construction Workers), राजकीय गृहों के अनाथ बच्चों, जेल के कैदियों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए लचीले मोबाइल प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाते हैं।

3. प्रमुख प्रशिक्षण क्षेत्र एवं पाठ्यक्रम (Key Training Sectors & Courses)

मार्केट की रीस्ट्रक्चरिंग को ध्यान में रखते हुए यूपी कौशल विकास मिशन के तहत 30 से अधिक उद्योगों (Sectors) में 600 से अधिक रोजगार-उन्मुख पाठ्यक्रमों की सूची तैयार की गई है। इनमें से प्रमुख सेक्टर्स निम्नलिखित हैं:

  • सूचना प्रौद्योगिकी और कंप्यूटर (IT-ITES): डोमेस्टिक डेटा एंट्री ऑपरेटर (DDEO), कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव, वेब डेवलपर, डिजिटल मार्केटिंग एसोसिएट।
  • परिधान और टेक्सटाइल (Apparel & Garmenting): सेल्फ-एम्प्लॉयड टेलर, फैशन डिजाइनर, फैब्रिक चेकर, सिलाई मशीन ऑपरेटर।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर: मोबाइल फोन रिपेयरिंग तकनीशियन, फील्ड तकनीशियन (एसी, फ्रिज, वाशिंग मशीन), सीसीटीवी इंस्टॉलेशन इंजीनियर।
  • स्वास्थ्य सेवा (Healthcare): जनरल ड्यूटी असिस्टेंट (GDA), होम हेल्थ एड, नर्सिंग क्रेडेंशियल्स एसोसिएट।
  • ऑटोमोटिव और मैकेनिकल: टू-व्हीलर/फोर-व्हीलर सर्विस तकनीशियन, ऑटोमोटिव इलेक्ट्रिशियन, सीएनसी ऑपरेटर (CNC Operator)।
  • बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (BFSI): म्यूचुअल फंड एजेंट, अकाउंट्स एग्जीक्यूटिव, जीएसटी एकाउंटेंट (GST Accountant)।

4. पात्रता मानदंड और आरक्षण के नियम (Eligibility & Reservation Criteria)

इस मिशन के अंतर्गत निशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने निम्नलिखित योग्यता शर्तें निर्धारित की हैं:

  1. मूल निवासी: आवेदक मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  2. आयु सीमा: आवेदन की तिथि को लाभार्थी की आयु न्यूनतम 14 वर्ष तथा अधिकतम 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  3. शैक्षणिक योग्यता: पाठ्यक्रम (Course) के चयन के आधार पर शैक्षणिक योग्यता कक्षा 5वीं पास, 8वीं पास, 10वीं पास (हाईस्कूल), 12वीं पास या स्नातक निर्धारित की गई है। कंप्यूटर कोर्सेज के लिए आमतौर पर न्यूनतम 10वीं पास होना आवश्यक है।
  4. विशेष सामाजिक प्राथमिकता (आरक्षण): मिशन के तहत कुल प्रशिक्षण लक्ष्यों में सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए अनिवार्य आरक्षण लागू है:
    • महिलाएं: कुल प्रशिक्षण क्षमता का न्यूनतम 30% भाग महिलाओं और बालिकाओं के लिए आरक्षित है।
    • SC/ST वर्ग: कुल सीटों का 21% अनुसूचित जाति (SC) और 2% अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित है।
    • अल्पसंख्यक: जिलावार जनसंख्या के अनुपात में अल्पसंख्यक समुदाय (मुस्लिम, सिख, ईसाई आदि) के युवाओं को वरीयता दी जाती है।

5. आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट (Documents Checklist)

यूपी कौशल विकास मिशन के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करने से पहले आवेदकों को निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट डिजिटल स्कैन प्रतियां (आकार 100KB से कम) तैयार रखनी चाहिए:

  • आवेदक का आधार कार्ड (अनिवार्य डेमोग्राफिक सत्यापन हेतु)
  • शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण पत्र (अंतिम उत्तीर्ण कक्षा की मार्कशीट/सर्टिफिकेट)
  • उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र (डोमिसाइल सर्टिफिकेट या माता-पिता का आधार/वोटर आईडी)
  • जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate): यदि आवेदक SC, ST या OBC श्रेणी के तहत आरक्षण का लाभ लेना चाहता है।
  • नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो और आवेदक के स्पष्ट डिजिटल हस्ताक्षर।
  • बैंक पासबुक के पहले पन्ने की प्रति: कुछ विशेष कोर्सेज में सरकार द्वारा मिलने वाले यात्रा भत्ते (Conveyance Allowance) को प्राप्त करने के लिए आधार-सीडेड सक्रिय बैंक खाता होना चाहिए।

6. ऑनलाइन आवेदन करने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया (Step-by-Step Registration Process)

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत अपनी पसंद के कोर्स और नजदीकी ट्रेनिंग सेंटर में प्रवेश पाने के लिए निम्नलिखित ऑनलाइन चरणों का पालन करें:

  1. आधिकारिक पोर्टल खोलें: सबसे पहले यूपी कौशल विकास मिशन की आधिकारिक वेबसाइट upsdm.gov.in पर जाएं।
  2. कैंडिडेट रजिस्ट्रेशन (Candidate Registration): होमपेज के मुख्य मेनू में उपलब्ध ‘Candidate Registration’ या ‘छात्र पंजीकरण’ लिंक पर क्लिक करें।
  3. बुनियादी जानकारी और OTP सत्यापन: अपना नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और आधार नंबर दर्ज करें। आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, उसे दर्ज कर अपना अकाउंट सत्यापित (Verify) करें।
  4. आवेदन फॉर्म भरें (Fill Profile Details): लॉगिन करने के बाद खुले विस्तृत फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, स्थायी पता, सामाजिक श्रेणी और उच्चतम शैक्षणिक योग्यता का विवरण सही-सही भरें।
  5. कोर्स और जिले का चयन: अगले सेक्शन में उस जिले (District) और विकास खंड (Block) का चयन करें जहां आप प्रशिक्षण लेना चाहते हैं। इसके बाद अपनी पसंद का सेक्टर (Sector) और विशिष्ट कोर्स (Course/Job Role) चुनें। सिस्टम आपको आपके क्षेत्र में सक्रिय उन अधिकृत निजी या सरकारी प्रशिक्षण केंद्रों (Training Partners) की सूची दिखाएगा जहां वह कोर्स उपलब्ध है।
  6. दस्तावेज अपलोड और फाइनल सबमिट: निर्धारित कॉलम में अपनी फोटो, हस्ताक्षर, आधार और मार्कशीट की स्कैन कॉपी अपलोड करें। पूरे फॉर्म को एक बार रीचेक (Review) करें और ‘Final Submit’ पर क्लिक कर दें। सबमिशन के बाद मिलने वाले कैंडिडेट आईडी (Candidate ID / Registration Number) का प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।

प्रवेश और काउंसलिंग की प्रक्रिया (Counseling & Admission)

आवेदन सबमिट होने के बाद चयनित ट्रेनिंग सेंटर के प्रबंधक आपसे आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर संपर्क करेंगे। आपको अपने मूल दस्तावेजों (Original Documents) के साथ प्रशिक्षण केंद्र पर उपस्थित होना होगा, जहां आपकी काउंसलिंग और बायोमेट्रिक मैपिंग की जाएगी, जिसके उपरांत आपका नियमित बैच शुरू हो जाएगा।


7. प्लेसमेंट, प्रमाणन और पोस्ट-ट्रेनिंग सहायता (Certification & Placement Support)

यूपी कौशल विकास मिशन केवल प्रशिक्षण देकर अपना काम खत्म नहीं करता, बल्कि यह युवाओं को रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने तक पूरी सहायता प्रदान करता है:

  • मूल्यांकन और प्रमाणन: कोर्स की निर्धारित अवधि (आमतौर पर 3 से 6 महीने, 200 से 600 घंटे) पूरी होने के बाद, तीसरे पक्ष की स्वतंत्र मूल्यांकन एजेंसियों (Third-Party Assessment Agencies) द्वारा एक व्यावहारिक परीक्षा ली जाती है। परीक्षा पास करने वाले युवाओं को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय/राज्य कौशल प्रमाण पत्र (Certificate) दिया जाता है, जिसकी वैश्विक ऑटोमोबाइल और तकनीकी उद्योगों में भारी मान्यता है।
  • रोजगार मेलों का आयोजन (Job Fairs): मिशन जिला स्तर पर हर महीने बड़े रोजगार मेलों (Rozgar Mela) का आयोजन करता है, जहां मारुति सुजुकी, विवो, लावा, स्विगी, रिलायंस रिटेल और देश की अग्रणी कंपनियां आकर सीधे इन प्रमाणित युवाओं का इंटरव्यू लेकर उन्हें नौकरी के ऑफर लेटर प्रदान करती हैं।
  • न्यूनतम 70% प्लेसमेंट का नियम: मिशन के कड़े नियमों के अनुसार, प्रत्येक अधिकृत ट्रेनिंग पार्टनर के लिए अपने बैच के न्यूनतम 70 प्रतिशत सफल छात्रों को निजी या संगठित क्षेत्र में रोजगार दिलाना अनिवार्य होता है, जिससे इस योजना की सफलता दर बेहद ऊंची बनी हुई है।

8. निष्कर्ष (Conclusion)

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) राज्य के करोड़ों बेरोजगार, अर्ध-शिक्षित और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के जीवन में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव ला रहा है। आधुनिक तकनीकी युग में केवल किताबी ज्ञान के भरोसे रोजगार पाना कठिन है, ऐसे में सरकार द्वारा 100% निशुल्क उच्च-स्तरीय व्यावसायिक कोर्सेज का प्रशिक्षण देना किसी वरदान से कम नहीं है। यदि आप भी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, आपकी उम्र 14 से 35 वर्ष के बीच है और आप अपने पैरों पर खड़े होकर देश के विकास में योगदान देना चाहते हैं, तो बिना किसी संकोच के आज ही UPSDM के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी रुचि के कोर्स के लिए पंजीकरण कराएं और एक सुरक्षित, हुनरमंद भविष्य की शुरुआत करें।


उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) लेख के लिए अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs):

प्रश्नउत्तर
1. उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) क्या है?यह उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास विभाग द्वारा संचालित एक प्रमुख मिशन है, जिसके तहत राज्य के युवाओं को विभिन्न प्रकार के रोजगार-उन्मुख व्यावसायिक व तकनीकी पाठ्यक्रमों का 100% निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है।
2. इस मिशन के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए कितनी फीस देनी होती है?इस योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण पूरी तरह से निशुल्क (100% Free) है। छात्रों से कोर्स, स्टडी मटेरियल, यूनिफॉर्म या असेसमेंट परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
3. यूपी कौशल विकास मिशन के तहत आवेदन करने की आयु सीमा क्या है?इस मिशन के अंतर्गत लाभ उठाने के लिए आवेदक की आयु न्यूनतम 14 वर्ष तथा अधिकतम 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
4. इस योजना के तहत कोर्स करने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता क्या है?शैक्षणिक योग्यता आपके द्वारा चुने गए कोर्स (Job Role) पर निर्भर करती है। मिशन के तहत कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं (हाईस्कूल), 12वीं (इंटरमीडिएट) और स्नातक पास युवाओं के लिए अलग-अलग विशिष्ट कोर्सेज उपलब्ध हैं।
5. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद क्या कोई सर्टिफिकेट भी मिलता है?हाँ, निर्धारित अवधि का कोर्स पूरा होने और अंतिम मूल्यांकन (Assessment) परीक्षा पास करने के बाद छात्रों को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय/राज्य कौशल प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है, जो देश-विदेश में नौकरियों के लिए मान्य है।
6. क्या यूपी कौशल विकास मिशन कोर्स पूरा होने के बाद नौकरी भी दिलाता है?हाँ, मिशन के नियमों के तहत सभी अधिकृत ट्रेनिंग पार्टनर्स के लिए अपने बैच के न्यूनतम 70% सफल छात्रों को रोजगार (Placement) दिलाना अनिवार्य है। इसके लिए जिला स्तर पर नियमित रोजगार मेलों का आयोजन किया जाता है।
7. क्या इस योजना के तहत लड़कियों के लिए कोई विशेष आरक्षण है?हाँ, महिलाओं और बालिकाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कुल उपलब्ध प्रशिक्षण सीटों का न्यूनतम 30 प्रतिशत भाग महिलाओं के लिए आरक्षित रखा गया है।
8. यूपी कौशल विकास मिशन के तहत ऑनलाइन पंजीकरण कैसे करें?इच्छुक युवा मिशन के आधिकारिक वेब पोर्टल upsdm.gov.in पर जाकर ‘Candidate Registration’ लिंक के माध्यम से अपना आधार, मोबाइल नंबर और शैक्षणिक विवरण दर्ज कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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