UP Nandini Krishak Samriddhi Yojana: 25 गाय डेयरी लोन व ऑनलाइन आवेदन

उत्तर प्रदेश नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना का आधिकारिक डिजिटल इन्फोग्राफिक बैनर, जिसमें आधुनिक शेड में उन्नत नस्ल की गिर और साहीवाल गायों के साथ मुस्कुराता हुआ ग्रामीण डेयरी उद्यमी दिखाई दे रहा है।

उत्तर प्रदेश नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना 2026: दुग्ध क्रांति, डेयरी सब्सिडी और आवेदन की संपूर्ण मार्गदर्शिका

उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन (Milk Production) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाए रखने, पशुपालकों की आय को दोगुना करने और ग्रामीण क्षेत्रों में श्वेत क्रांति (White Revolution) को एक नया आयाम देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना का संचालन किया जा रहा है। इस योजना का नाम नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना (Nandini Krishak Samriddhi Yojana) है।

यह योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘नन्द बाबा दुग्ध मिशन’ के एक मुख्य घटक के रूप में सितंबर 2023 में शुरू की गई थी। इस योजना का मूल ध्येय उत्तर प्रदेश में उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाले स्वदेशी गोवंश (Indigenous Cow Breeds) का संवर्धन करना, पशुओं की नस्लों में सुधार करना और दुग्ध क्षेत्र में नए ग्रामीण उद्यमियों को तैयार करना है। योजना के तहत 25 दुढ़ारू स्वदेशी गायों की आधुनिक डेयरी स्थापित करने के लिए ₹31.25 लाख तक का भारी सरकारी अनुदान (50% Subsidy) सीधे पशुपालकों को दिया जा रहा है। इसके अलावा, छोटे स्तर के पशुपालकों के लिए ‘मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना’ भी लागू की गई है।

नीचे इस वृहद् और दूरगामी योजना से जुड़े सभी घटकों, वित्तीय सहायता संरचना, नियमों, पात्रता मानदंडों और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया का एक अत्यंत विस्तृत, प्रामाणिक और व्यावहारिक विवरण प्रस्तुत किया गया है।


1. योजना का परिचय एवं पृष्ठभूमि (Scheme Framework)

उत्तर प्रदेश पशुधन और दुग्ध उत्पादन में ऐतिहासिक रूप से समृद्ध रहा है, लेकिन उच्च नस्ल की स्वदेशी गायों की कमी और आधुनिक डेयरी प्रबंधन तकनीकों के अभाव के कारण ग्रामीण डेयरी उत्पादकों को सही लाभ नहीं मिल पाता था। इसी चुनौती को समाप्त करने के लिए नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत इस योजना की रूपरेखा तैयार की गई है।

मुख्य पैरामीटरनन्दिनी कृषक समृद्धि योजना (मुख्य)मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना
नोडल मिशन / विभागनन्द बाबा दुग्ध मिशन, पशुपालन विभाग, उ.प्र.नन्द बाबा दुग्ध मिशन, पशुपालन विभाग, उ.प्र.
इकाई का आकार (Unit Size)25 दुधारू स्वदेशी गाय10 दुधारू स्वदेशी गाय
अनुमन्य नस्लेंसाहीवाल, गिर, थारपारकर, गंगातीरीसाहीवाल, गिर, थारपारकर
कुल परियोजना लागत₹62.50 लाख (गंगातीरी होने पर ₹61.00 लाख)₹23.60 लाख
सरकारी अनुदान (Subsidy)50% (अधिकतम ₹31.25 लाख / ₹30.50 लाख)50% (अधिकतम ₹11.80 लाख)
बैंक ऋण (Bank Loan)35% प्रतिशत35% प्रतिशत (या स्वयं के संसाधन)
लाभार्थी का स्वयं का अंश15% प्रतिशत15% प्रतिशत
प्रभावी क्षेत्रप्रदेश के 18 मण्डल मुख्यालय जनपदों मेंउत्तर प्रदेश के समस्त जनपदों में
महिला आरक्षण / प्राथमिकता—50% महिला पशुपालक अनिवार्य रूप से लाभान्वित
आधिकारिक वेबसाइटnandbabadugdhmission.up.gov.innandbabadugdhmission.up.gov.in

2. योजना की त्रि-चरण वित्तीय सहायता संरचना (Phased Subsidy Disbursement)

भ्रष्टाचार को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि पशुपालक वास्तव में जमीन पर डेयरी बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहे हैं, मुख्य योजना के तहत मिलने वाली ₹31.25 लाख की राजकीय अनुदान राशि को तीन विशिष्ट चरणों (Phases) में सीधे लाभार्थी के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से ट्रांसफर किया जाता है:

  1. प्रथम चरण (आधारभूत संरचना निर्माण): डेयरी इकाई की स्थापना के लिए जमीन का प्रबंध होने और नागरिक निर्माण (शेड, नाद, पानी की टंकी आदि) की शुरुआत की प्रगति के आधार पर कुल स्वीकृत अनुदान का 50% भाग (यानी लगभग ₹15.62 लाख) पहली किश्त के रूप में जारी किया जाता है।
  2. द्वितीय चरण (पशुओं की खरीद): जब पशुपालक निर्धारित नियमों के तहत दूसरे राज्यों या स्रोतों से उच्च नस्ल की दुधारू गायों की खरीद पूरी कर लेता है और उनका ईयर टैगिंग व बीमा हो जाता है, तब अनुदान का 25% भाग (लगभग ₹7.81 लाख) दूसरी किश्त के रूप में दिया जाता है।
  3. तृतीय चरण (परिचालन व विविध खर्च): डेयरी इकाई के पूरी तरह से सुचारू रूप से संचालित होने, मिल्किंग मशीन, फॉगर सिस्टम और साइलेज पिट जैसी आधुनिक तकनीकों के अधिष्ठापन के बाद शेष 25% अनुदान अंतिम किश्त के रूप में निर्गत किया जाता है।

नोट: मिनी नन्दिनी योजना (10 गाय की इकाई) के तहत कुल ₹11.80 लाख का अनुदान 02 चरणों में जारी किया जाता है।


3. पशुओं की खरीद और नस्ल से जुड़े कड़े नियम (Cattle Sourcing & Identification Rules)

योजना के तहत पशुओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पशुपालन विभाग ने अत्यंत विशिष्ट और व्यावहारिक गाइडलाइंस तय की हैं:

  • दूसरे राज्यों से खरीद: मुख्य और मिनी दोनों योजनाओं के तहत दुधारू गोवंश (साहीवाल, गिर, थारपारकर) को मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश राज्य के बाहर के प्रमाणित ब्रीडिंग सेंटरों या पशु मेलों से क्रय करके लाया जाना आवश्यक है।
  • ब्यात और दूध की अवधि: खरीदी जाने वाली गाएँ मुख्य रूप से अपने प्रथम या द्वितीय ब्यात (1st or 2nd Lactation) की होनी चाहिए। साथ ही, ब्यात की अवधि 45 दिन से कम की होनी चाहिए (यानी गाय ने हाल ही में बछड़े को जन्म दिया हो ताकि दुग्ध चक्र लंबा चले)।
  • इलेक्ट्रॉनिक ईयर टैगिंग (Unique Tagging): धोखाधड़ी और एक ही पशु पर बार-बार लाभ लेने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए सभी 25 या 10 गायों की ‘पशुधन संजीवनी’ योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक ईयर टैग (In实 Unique ID) लगाना और उनका पशु बीमा (Cattle Insurance) कराना शत-प्रतिशत अनिवार्य है।

4. विस्तृत पात्रता मानदंड (Detailed Eligibility Criteria)

नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदकों को निम्नलिखित तकनीकी और भूमि संबंधी कड़े मापदंडों को पूरा करना होगा:

  1. पशुपालन का व्यावहारिक अनुभव: आवेदक के पास पशुपालन या डेयरी फार्मिंग क्षेत्र में न्यूनतम 03 वर्ष का व्यावहारिक अनुभव होना अनिवार्य है। इस अनुभव को संबंधित क्षेत्र के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (CVO) द्वारा प्रमाणित किया जाना आवश्यक है।
  2. भूमि की उपलब्धता (Land Requirements):
    • मुख्य योजना (25 गाय): डेयरी शेड निर्माण, वर्मीकंपोस्ट पिट और हरे चारे के उचित प्रबंधन के लिए आवेदक के पास पर्याप्त कृषि भूमि होनी चाहिए।
    • मिनी योजना (10 गाय): आवेदक के पास डेयरी इकाई की स्थापना हेतु कम से कम ~0.20 एकड़ (यानी 8,712 वर्ग फुट) की स्पष्ट भूमि होनी चाहिए, जिसके साथ हरे चारे के नियमित प्रबंधन का शपथ पत्र (Affidavit) देना होगा। जमीन खुद की स्वामित्व वाली या न्यूनतम 7 वर्ष के लिए लीज (Lease) पर ली गई हो सकती है।
  3. डिफॉल्टर न हो: आवेदक किसी भी कॉपरेटिव बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक या सरकारी दुग्ध समिति का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए।
  4. पूर्व योजनाओं के लाभार्थी अपात्र: जिन पशुपालकों ने पूर्व में संचालित ‘कामधेनु’, ‘मिनी कामधेनु’ या नंद बाबा मिशन की अन्य समरूप योजनाओं का वित्तीय लाभ लिया है, वे इस योजना के पात्र नहीं माने जाएंगे।

5. आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट (Required Documents Checklist)

ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन पत्र अपलोड करते समय निम्नलिखित क्रेडेंशियल्स की स्पष्ट कॉपियां तैयार रखें:

  • आवेदक का आधार कार्ड और पैन कार्ड
  • उत्तर प्रदेश का मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)
  • भूमि के भू-अभिलेख: खतौनी की नकल या पंजीकृत लीज डीड (Lease Deed) के कागजात।
  • भूमि का स्पष्ट नजरी नक्शा (Site Plan) जहाँ डेयरी शेड स्थापित किया जाना है।
  • 03 वर्ष के पशुपालन अनुभव का प्रामाणिक प्रमाण पत्र (CVO द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित)।
  • बैंक का विवरण: 15% लाभार्थी अंश की उपलब्धता सुनिश्चित करने वाला बैंक स्टेटमेंट या पासबुक प्रति।
  • बैंक द्वारा ऋण की सैद्धांतिक सहमति (In-Principle Loan Approval) (यदि 35% राशि के लिए बैंक लोन लिया जा रहा हो)।

6. ऑनलाइन आवेदन करने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया (Step-by-Step Application Process)

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना में चयन की प्रक्रिया को पूरी तरह से मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन और ई-लॉटरी प्रणाली लागू की है। आवेदन के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:

  1. आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले नंद बाबा दुग्ध मिशन की आधिकारिक वेबसाइट nandbabadugdhmission.up.gov.in पर जाएं।
  2. योजना का चयन: होमपेज पर अपनी पात्रता के अनुसार ‘नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना’ या ‘मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना’ के लिंक पर क्लिक करें।
  3. पंजीकरण (Registration): अपना मोबाइल नंबर और आधार दर्ज कर OTP ऑथेंटिकेशन के जरिए नया क्रेडेंशियल अकाउंट बनाएं।
  4. डेटा फीडिंग (Application Form): लॉगिन करने के बाद खुले आवेदन पत्र में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, भूमि का सटीक खसरा नंबर/क्षेत्रफल और अनुभव का विवरण सही-सही भरें।
  5. दस्तावेज़ अपलोड: निर्धारित साइज (100KB से कम, PDF/JPG फॉर्मेट) में खतौनी, अनुभव प्रमाण पत्र, लीज डीड और आधार की प्रतियों को स्कैन करके अपलोड करें।
  6. फाइनल लॉक: फॉर्म की पूरी तरह समीक्षा (Review) करने के बाद इसे सुरक्षित कर सबमिट कर दें।

चयन की ई-लॉटरी प्रक्रिया (Selection through E-Lottery)

प्राप्त सभी आवेदनों की जांच जिला स्तर पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की तकनीकी कमेटी द्वारा की जाती है। यदि किसी जिले में निर्धारित कोटे (लक्ष्य) से अधिक पात्र आवेदन प्राप्त होते हैं, तो लाभार्थियों का अंतिम चयन ई-लॉटरी (E-Lottery) प्रणाली के माध्यम से पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से किया जाता है। चयनित उम्मीदवारों की सूची पोर्टल पर जारी की जाती है, जिसके बाद डीबीटी की प्रक्रिया शुरू होती है।


7. निष्कर्ष (Conclusion)

उत्तर प्रदेश नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना राज्य के ग्रामीण अंचलों में उच्च नस्ल के गोवंश संवर्धन और डेयरी उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली एक मील का पत्थर साबित हो रही है। ₹31.25 लाख तक की बड़ी सब्सिडी और तकनीकी सहायता ने पारंपरिक पशुपालकों को आधुनिक व्यावसायिक डेयरी मालिकों में बदल दिया है। यह योजना न केवल उत्तर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन की प्रति व्यक्ति उपलब्धता को बढ़ा रही है, बल्कि ग्रामीण युवाओं और विशेषकर महिला पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ को मजबूत कर रही है। यदि आप भी आवश्यक भूमि और अनुभव रखते हैं, तो नन्द बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल पर जाकर आज ही इस क्रांतिकारी योजना का लाभ उठाएं।


8. संपर्क सूत्र और सहायता केंद्र (Helpdesk & Support)

योजना के विषय में किसी भी प्रकार की विस्तृत जानकारी, तकनीकी समस्या के निवारण या आवश्यक प्रपत्रों के प्रारूप (Formats) के लिए आप निम्नलिखित माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं:

  • कार्यालय का पता: मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (CVO) कार्यालय अथवा नजदीकी राजकीय पशु चिकित्सालय, संबंधित जिला विकास भवन, उत्तर प्रदेश।
  • केंद्रीय हेल्पडेस्क ईमेल: cpcu.nbdm@gmail.com
  • पशुपालन विभाग की मुख्य वेबसाइट: dahd.gov.in

उत्तर प्रदेश नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना लेख के लिए अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs):

प्रश्नउत्तर
1. नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना क्या है और इसका मुख्य उद्देश्य क्या है?यह उत्तर प्रदेश सरकार के ‘नन्द बाबा दुग्ध मिशन’ के तहत संचालित एक महत्वाकांक्षी डेयरी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में उच्च दुग्ध उत्पादक स्वदेशी नस्ल की गायों (साहीवाल, गिर, थारपारकर) को बढ़ावा देना और पशुपालकों को व्यावसायिक डेयरी उद्योग से जोड़ना है।
2. इस योजना के तहत सरकार द्वारा कितनी सब्सिडी (अनुदान) दी जाती है?योजना के तहत डेयरी फार्म स्थापित करने के लिए कुल लागत पर 50% का भारी सरकारी अनुदान दिया जाता है। 25 गाय की मुख्य इकाई के लिए अधिकतम ₹31.25 लाख और 10 गाय की मिनी इकाई के लिए ₹11.80 लाख की सब्सिडी मिलती है।
3. योजना के तहत किन स्वदेशी नस्ल की गायों को खरीदा जा सकता है?इसके अंतर्गत मुख्य रूप से साहीवाल, गिर, थारपारकर और गंगातीरी नस्ल की उच्च दुग्ध उत्पादक स्वदेशी गायों को खरीदने की अनुमति है।
4. पशुओं को खरीदने के लिए विभाग के क्या नियम हैं?खरीदी जाने वाली गाएँ अनिवार्य रूप से उत्तर प्रदेश राज्य के बाहर से लाई जानी चाहिए, वे अपने प्रथम या द्वितीय ब्यात की होनी चाहिए, ब्यात की अवधि 45 दिन से कम हो और पशु का बीमा व इलेक्ट्रॉनिक ईयर टैगिंग (Unique Tagging) होना अनिवार्य है।
5. इस योजना का लाभ लेने के लिए पशुपालन का कितना अनुभव आवश्यक है?आवेदक के पास डेयरी फार्मिंग या पशुपालन क्षेत्र में न्यूनतम 3 वर्ष का व्यावहारिक अनुभव होना चाहिए, जिसे मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (CVO) द्वारा सत्यापित प्रमाण पत्र के माध्यम से प्रमाणित किया जाना अनिवार्य है।
6. मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना (10 गाय) के लिए कितनी भूमि आवश्यक है?10 गायों की मिनी यूनिट स्थापित करने के लिए आवेदक के पास कम से कम ~0.20 एकड़ (8,712 वर्ग फुट) की स्पष्ट भूमि होनी चाहिए। यह भूमि खुद की स्वामित्व वाली या न्यूनतम 7 वर्ष की लीज डीड पर होनी चाहिए।
7. योजना की अनुदान राशि (Subsidy) बैंक खाते में कैसे और कितने चरणों में आती है?मुख्य योजना के तहत ₹31.25 लाख की अनुदान राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से तीन चरणों (50%, 25%, और 25%) में काम की प्रगति, पशु खरीद और तकनीकी अधिष्ठापन के आधार पर सीधे खाते में भेजी जाती है।
8. नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कहाँ करना होगा?इच्छुक पशुपालकों और युवाओं को नन्द बाबा दुग्ध मिशन के आधिकारिक वेब पोर्टल nandbabadugdhmission.up.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन पत्र भरना होता है।

#NandiniKrishakSamriddhi, #NandBabaDugdhMission, #UPGovtSchemes, #DairyFarmingSubsidy, #PashupalanUP, #YogiAdityanath, #WhiteRevolutionUP, #RuralEntrepreneurs

Leave a ReplyCancel reply