UP Kaushal Vikas Mission Yojana 2026: यूपी कौशल विकास मिशन ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म, 30+ फ्री कोर्सेज की सूची

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन योजना 2026: ऑनलाइन आवेदन, फ्री ट्रेनिंग, पात्रता और कोर्स लिस्ट की पूरी जानकारी
उत्तर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार योग्य (Employable) बनाने, उनके भीतर छिपी तकनीकी क्षमताओं को निखारने तथा राज्य में बढ़ती औद्योगिक मांग के अनुरूप कुशल कार्यबल (Skilled Workforce) तैयार करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (Uttar Pradesh Skill Development Mission – UPSDM) का संचालन किया जा रहा है। यह योजना राज्य के उन युवाओं के लिए एक वरदान है जो किसी कारणवश अपनी औपचारिक पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए या डिग्री होने के बावजूद बाजार की आवश्यकताओं के अनुसार तकनीकी कौशल (Skills) न होने के कारण बेरोजगार हैं।
उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास विभाग (Department of Vocational Education and Skill Development) द्वारा संचालित इस मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2026 में भी बिल्कुल मुफ्त (100% Free Training) कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम और रोजगार मेलों (Rozgar Mela) का आयोजन पूरे राज्य में किया जा रहा है। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें प्रशिक्षण पूरा करने वाले सफल युवाओं को आधिकारिक प्रमाणपत्र (Government Certificate) और रोजगार सहायता (Placement Assistance) भी प्रदान की जाती है।
यदि आप भी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, कम से कम 5वीं या 8वीं पास हैं और किसी आधुनिक डोमेन (जैसे- आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रिटेल, सिलाई, ऑटोमोबाइल आदि) में फ्री शॉर्ट-टर्म कोर्स करके एक सुरक्षित आजीविका कमाना चाहते हैं, तो यह विस्तृत लेख आपके करियर के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है। इस लेख में हम आपको उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन योजना 2026 से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जैसे कि पात्रता मानदंड, आवश्यक दस्तावेज, शीर्ष सेक्टर्स और कोर्स लिस्ट, ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया, ट्रेनिंग और प्लेसमेंट का स्वरूप तथा महत्वपूर्ण नियमों के बारे में विस्तार से बताएंगे ताकि आप बिना किसी परेशानी के योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
Table of Contents
1. उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन योजना: एक नज़र में (Overview)
| विवरण (Particulars) | महत्वपूर्ण जानकारी (Details) |
|---|---|
| योजना का नाम | उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) |
| राज्य का नाम | उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) |
| संचालित विभाग | व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार |
| मुख्य उद्देश्य | युवाओं को निशुल्क तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार से जोड़ना |
| प्रशिक्षण शुल्क | ₹0/- (पूरी तरह निःशुल्क) |
| कोर्स की अवधि | 3 महीने से 6 महीने (शॉर्ट-टर्म कोर्सेज) |
| लाभार्थी श्रेणी | यूपी के 14 से 35 वर्ष के बेरोजगार युवा (सभी वर्ग पात्र) |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन (UPSDM के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से) एवं ऑफलाइन |
| आधिकारिक वेबसाइट | UPSDM Official Website |
2. योजना की शुरुआत और मुख्य उद्देश्य (Vision and Objective)
भारत में एक बड़ी विरोधाभासी स्थिति देखी जाती है; एक तरफ जहां उद्योगपतियों को अपने कारखानों के लिए कुशल और प्रशिक्षित कामगार नहीं मिलते, वहीं दूसरी तरफ लाखों युवा डिग्रियां लेकर नौकरी की तलाश में भटक रहे हैं। इसका मुख्य कारण व्यावहारिक ज्ञान और कौशल (Practical Skills) का अभाव है। इसी विसंगति को दूर करने और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) की तर्ज पर राज्य स्तर पर युवाओं को सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन को अत्यधिक व्यापक और हाई-टेक बनाया गया है।
इस योजना के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करना: पारंपरिक शिक्षा प्रणाली से हटकर युवाओं को ऐसे तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित करना जिनकी बाजार में तत्काल मांग है।
- बेरोजगारी की दर में कमी: प्रति वर्ष लाखों युवाओं को शॉर्ट-टर्म कोर्सेज के माध्यम से कुशल बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना या निजी कंपनियों में नौकरी दिलाना।
- अल्पसंख्यक और वंचित वर्गों का उत्थान: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अल्पसंख्यकों और विशेष रूप से महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर निशुल्क कौशल प्रशिक्षण देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना।
- पलायन पर रोक: स्थानीय स्तर पर ही कौशल प्रशिक्षण और रोजगार मेलों के माध्यम से आजीविका के साधन उपलब्ध कराना ताकि युवाओं को अन्य राज्यों की ओर पलायन न करना पड़े।
3. यूपी कौशल विकास मिशन के तहत आने वाले प्रमुख सेक्टर्स और कोर्सेज (Course List)
UPSDM के अंतर्गत विभिन्न औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुसार 30 से अधिक क्षेत्रों (Sectors) में सैकड़ों से अधिक शॉर्ट-टर्म कोर्सेज संचालित किए जाते हैं। छात्र अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों में से किसी एक का चयन कर सकते हैं:
- सूचना प्रौद्योगिकी (IT / ITES): कंप्यूटर बेसिक, डेटा एंट्री ऑपरेटर (DEO), डोमेस्टिक डेटा एंट्री ऑपरेटर, वेब डिजाइनिंग और बुनियादी सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग।
- इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर (Electronics): मोबाइल फोन रिपेयरिंग, घरेलू उपकरणों (जैसे फ्रीज, वाशिंग मशीन, एसी) की मरम्मत, और सीसीटीवी (CCTV) इंस्टॉलेशन तकनीशियन।
- परिधान और सिलाई (Apparel / Tailoring): फैशन डिजाइनिंग, सेल्फ-एम्प्लॉयड टेलर (दर्जी), बुटीक प्रबंधन, और औद्योगिक सिलाई मशीन ऑपरेटर (विशेषकर महिलाओं के लिए लोकप्रिय)।
- ऑटोमोटिव (Automotive): टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर मैकेनिक, ऑटोमोटिव सर्विस तकनीशियन, और ड्राइविंग कम मैकेनिक कोर्स।
- स्वास्थ्य सेवा (Healthcare): जनरल ड्यूटी असिस्टेंट (GDA / नर्सिंग सहायक), होम हेल्थ एड, और मेडिकल लैब तकनीशियन (Assistant)।
- रिटेल और बैंकिंग (Retail & Banking): रिटेल सेल्स एसोसिएट, कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव (BPO), और बैंकिंग सेल्स प्रतिनिधि।
- ब्यूटी और वेलनेस (Beauty & Wellness): ब्यूटी थेरेपिस्ट, हेयर स्टाइलिस्ट, और मेकअप आर्टिस्ट कोर्स।
- कंस्ट्रक्शन और प्लंबिंग (Construction): राजमिस्त्री (Mason), असिस्टेंट प्लंबर, और डोमेस्टिक इलेक्ट्रिशियन कोर्स।
4. योजना की अनूठी विशेषताएं और लाभ (Key Features & Benefits)
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन योजना केवल ट्रेनिंग देने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं के सर्वांगीण विकास और आर्थिक सशक्तिकरण की एक संपूर्ण व्यवस्था है। इसके प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
- 100% निशुल्क प्रशिक्षण और पाठ्य सामग्री: चयनित छात्रों से किसी भी प्रकार की ट्यूशन फीस, परीक्षा शुल्क या पंजीकरण शुल्क नहीं लिया जाता। इसके साथ ही सरकार द्वारा मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म और स्टडी मटेरियल भी प्रदान किया जाता है।
- आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र (Smart Classrooms): राज्य के सभी जिलों में सरकारी और निजी क्षेत्रों के समन्वय से अत्याधुनिक कौशल विकास केंद्र (Skill Development Centres) स्थापित किए गए हैं, जो कंप्यूटर लैब, प्रोजेक्टर और आधुनिक मशीनरी से लैस हैं।
- सर्टिफिकेशन और पहचान: कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने और परीक्षा पास करने के बाद, छात्रों को भारत सरकार (NSDC) और उत्तर प्रदेश सरकार (UPSDM) द्वारा संयुक्त रूप से मान्यता प्राप्त डिजिटल प्रमाणपत्र (Certificate) दिया जाता है, जिसकी मान्यता देश-विदेश की सभी निजी और सरकारी कंपनियों में होती है।
- अनिवार्य प्लेसमेंट सहायता (Placement Support): नियमों के अनुसार, प्रशिक्षण प्रदाताओं (Training Providers) के लिए यह अनिवार्य होता है कि वे अपने केंद्र से पास होने वाले कम से कम 70% कुशल युवाओं को विभिन्न कंपनियों में रोजगार या स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में मदद करें।
- दैनिक यात्रा भत्ता (Conveyance Allowance): कुछ विशेष श्रेणियों (जैसे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं या विशेष रूप से कमजोर वर्गों) के छात्रों के लिए प्रशिक्षण केंद्र तक आने-जाने के खर्च के रूप में एक निश्चित दैनिक यात्रा भत्ता भी डीबीटी (DBT) के माध्यम से दिया जाता है।
5. पात्रता मापदंड (Eligibility Criteria)
इस योजना के तहत निशुल्क कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए आवेदक को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित निम्नलिखित बुनियादी शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
- उत्तर प्रदेश का मूल निवासी: आवेदक छात्र/युवा का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी (Domicile of UP) होना अनिवार्य है।
- आयु सीमा (Age Limit): आवेदन करने की तिथि को उम्मीदवार की आयु न्यूनतम 14 वर्ष और अधिकतम 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। (कुछ विशेष तकनीकी कोर्सेज के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष हो सकती है)।
- शैक्षणिक योग्यता: अलग-अलग शॉर्ट-टर्म कोर्सेज के लिए शैक्षणिक योग्यता बहुत ही बुनियादी रखी गई है। पाठ्यक्रम की प्रकृति के अनुसार आवेदक का न्यूनतम 5वीं पास, 8वीं पास, 10वीं पास या 12वीं पास होना अनिवार्य है। उच्च शिक्षा प्राप्त (जैसे ग्रेजुएशन या डिप्लोमा धारक) बेरोजगार युवा भी इसके पात्र हैं।
- बेरोजगार होना आवश्यक: आवेदक वर्तमान में किसी नियमित पूर्णकालिक सरकारी या बड़ी निजी नौकरी में कार्यरत नहीं होना चाहिए और न ही वह किसी अन्य सरकारी नियमित प्रशिक्षण योजना का लाभ ले रहा हो।
6. आवश्यक दस्तावेजों की सूची (Required Documents List)
ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन फॉर्म भरते समय छात्रों के पास निम्नलिखित दस्तावेजों का होना अत्यंत आवश्यक है:
- पासपोर्ट साइज फोटो और डिजिटल हस्ताक्षर: ऑनलाइन फॉर्म में अपलोड करने के लिए।
- आधार कार्ड: मुख्य पहचान और पते के प्रमाण के रूप में (मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य)।
- निवास प्रमाण पत्र: उत्तर प्रदेश का मूल निवास प्रमाण पत्र (या राशन कार्ड/वोटर आईडी)।
- शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र: आपकी उच्चतम योग्यता (जैसे 8वीं, 10वीं या 12वीं की मार्कशीट और सर्टिफिकेट) जिसके आधार पर आप कोर्स का चयन कर रहे हैं।
- जाति प्रमाण पत्र: अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) के आवेदकों के लिए (सामान्य वर्ग के लिए आवश्यक नहीं)।
- बैंक खाता पासबुक की प्रति: भविष्य में मिलने वाले किसी भी प्रकार के भत्ते या वित्तीय सहायता के लिए छात्र का अपना सक्रिय बैंक खाता होना चाहिए।
- सक्रिय मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी: ओटीपी सत्यापन और कोर्स शेड्यूल्स/कॉल लेटर्स की जानकारी प्राप्त करने के लिए।
7. ऑनलाइन आवेदन और पंजीकरण प्रक्रिया (Step-by-Step Online Registration)
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने पूरी आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इसे ऑनलाइन कर दिया है। युवा स्वयं या किसी भी जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन करके अपना पंजीकरण कर सकते हैं:
- आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के आधिकारिक वेब पोर्टल upsdm.gov.in पर जाएं।
- कैंडिडेट रजिस्ट्रेशन खोजें: होमपेज पर दिए गए “Candidate Registration” (उम्मीदवार पंजीकरण) या “रजिस्ट्रेशन करें” वाले लिंक पर क्लिक करें।
- बुनियादी विवरण भरें: आपके सामने एक प्रारंभिक पंजीकरण फॉर्म खुलेगा। इसमें अपना नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और लिंग (Gender) दर्ज करें।
- ओटीपी सत्यापन (OTP Verification): मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद आपके पास एक ओटीपी आएगा, जिसे स्क्रीन पर भरकर अपना पंजीकरण सत्यापित करें। आपके मोबाइल पर एक User ID और Password भेजा जाएगा।
- पोर्टल पर लॉगिन करें: प्राप्त यूजर आईडी और पासवर्ड की मदद से “Candidate Login” वाले भाग में जाकर दोबारा लॉगिन करें।
- मुख्य आवेदन पत्र भरें (Application Form): अब आपके सामने विस्तृत फॉर्म खुलेगा। इसमें अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता, अपनी श्रेणी (जाति) और अपना स्थायी पता ध्यानपूर्वक भरें।
- कोर्स और केंद्र की प्राथमिकता: ड्रॉपडाउन मेनू से अपने जिले (District) का चयन करें। इसके बाद अपनी रुचि के अनुसार सेक्टर (जैसे आईटी या इलेक्ट्रॉनिक्स) और विशिष्ट कोर्स का चयन करें। आप अपने नजदीकी पंजीकृत प्रशिक्षण केंद्र (Training Centre) को भी प्राथमिकता क्रम में चुन सकते हैं।
- दस्तावेज़ अपलोड करें: अपनी पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर और शैक्षणिक योग्यता की मार्कशीट (10वीं/12वीं आदि) की स्कैन कॉपी (JPEG/PDF फॉर्मेट में निर्धारित साइज के अनुसार) अपलोड करें।
- प्रिव्यू और सबमिशन: फॉर्म को फाइनल सबमिट करने से पहले “Preview” बटन पर क्लिक करके एक-एक जानकारी को ध्यान से जांच लें ताकि नाम या आधार नंबर में कोई गलती न हो। सब कुछ सही होने पर “Submit” पर क्लिक करें।
- प्रिंटआउट लें और केंद्र पर जाएं: फॉर्म सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद उत्पन्न हुए आवेदन पत्र (Application Form) का प्रिंटआउट निकाल लें। इस प्रिंटआउट को अपने दस्तावेजों के साथ लेकर अपने द्वारा चुने गए कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र पर भौतिक रूप से संपर्क करें ताकि बैच शुरू होने पर आपका नाम शामिल किया जा सके।
8. ऑफलाइन आवेदन करने का तरीका (Offline Method)
यदि किसी उम्मीदवार को ऑनलाइन फॉर्म भरने में असुविधा होती है, तो वह सीधे ऑफलाइन माध्यम से भी जुड़ सकता है:
- अपने जिले के जिला विकास अधिकारी (DDO) कार्यालय या विकास भवन में स्थित जिला कौशल विकास मिशन (District Skill Development Mission) कार्यालय में जाएं।
- वहां से कौशल विकास योजना का निशुल्क आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
- फॉर्म में अपनी पसंद का कोर्स और केंद्र भरकर सभी जरूरी दस्तावेजों की फोटोकॉपी संलग्न करें।
- फॉर्म को कार्यालय में जमा कर दें। वहां के अधिकारी आपके दस्तावेजों की जांच करके संबंधित प्रशिक्षण केंद्र को आपका नाम फॉरवर्ड कर देंगे।
9. ट्रेनिंग के बाद प्लेसमेंट और रोजगार मेलों (Rozgar Mela) का आयोजन
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की सबसे बड़ी सफलता इसकी मजबूत प्लेसमेंट नीति है।
- रोजगार मेलों का आयोजन: मिशन द्वारा हर महीने राज्य के विभिन्न जिलों और विकास खंडों (Blocks) में वृहद रोजगार मेलों (Mega Job Fairs) का आयोजन किया जाता है।
- शीर्ष कंपनियों की भागीदारी: इन मेलों में देश की जानी-मानी निजी कंपनियां (जैसे- टाटा मोटर्स, लावा मोबाइल्स, मारुति सुजुकी, रिलायंस रिटेल, फ्लिपकार्ट, और विभिन्न सिक्योरिटी व हेल्थकेयर कंपनियां) हिस्सा लेती हैं।
- ऑन-द-स्पॉट सिलेक्शन: कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षित युवाओं का इन कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा सीधे इंटरव्यू लिया जाता है और सफल उम्मीदवारों को मौके पर ही जॉब ऑफर लेटर (Offer Letter) प्रदान कर दिया जाता है। इससे युवाओं को नौकरी के लिए बड़े शहरों में भटकना नहीं पड़ता।
निष्कर्ष (Conclusion)
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन योजना 2026 राज्य के उन सभी बेरोजगार और कम पढ़े-लिखे युवाओं के लिए एक स्वर्णिम और जीवन बदलने वाला अवसर है जो बिना किसी आर्थिक बोझ के आधुनिक और तकनीकी कौशल हासिल करना चाहते हैं। 3 से 6 महीने के ये शॉर्ट-टर्म कोर्सेज युवाओं को थ्योरी से ज्यादा व्यावहारिक (Hands-on Practical) ज्ञान देते हैं, जिससे वे आज के प्रतिस्पर्धी जॉब मार्केट के लिए पूरी तरह तैयार हो जाते हैं। 100% निशुल्क ट्रेनिंग, मुफ्त सर्टिफिकेट और अनिवार्य रोजगार सहायता जैसी विशेषताएं इस योजना को युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय बनाती हैं। यदि आप भी 14 से 35 वर्ष के आयु वर्ग में आते हैं और अपने पैरों पर खड़ा होना चाहते हैं, तो बिना समय गंवाए तुरंत upsdm.gov.in पोर्टल पर जाएं, अपनी रुचि का कोर्स चुनें और एक कुशल व आत्मनिर्भर युवा बनने के अपने सफर की शुरुआत करें।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन योजना: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) के तहत ट्रेनिंग की फीस कितनी होती है?
उत्तर: इस योजना के तहत दी जाने वाली सभी प्रकार की शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग, बुक्स, यूनिफॉर्म और परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह से 100% निःशुल्क (Free) होती है। छात्रों से किसी भी स्तर पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
प्रश्न 2: इस योजना के तहत कोर्स करने के लिए आयु सीमा क्या निर्धारित की गई है?
उत्तर: आवेदन करने की तिथि को आवेदक की आयु न्यूनतम 14 वर्ष और अधिकतम 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। यह योजना उत्तर प्रदेश के मूल निवासी युवाओं के लिए ही मान्य है।
प्रश्न 3: क्या कम पढ़े-लिखे (जैसे 5वीं या 8वीं पास) युवा भी इसका लाभ ले सकते हैं?
उत्तर: हाँ, योजना में शामिल कई बुनियादी और पारंपरिक कोर्सेज (जैसे सिलाई, प्लंबिंग, राजमिस्त्री आदि) के लिए न्यूनतम योग्यता केवल 5वीं या 8वीं पास रखी गई है। कंप्यूटर और हेल्थकेयर जैसे आधुनिक कोर्सेज के लिए 10वीं या 12वीं पास होना आवश्यक है।
प्रश्न 4: कौशल विकास मिशन के तहत कोर्स की अवधि (Duration) कितनी होती है?
उत्तर: कोर्सेज की प्रकृति के आधार पर प्रशिक्षण की अवधि सामान्यतः 3 महीने से लेकर 6 महीने (लगभग 200 से 600 घंटे) के बीच होती है। क्लासेज नियमित रूप से प्रतिदिन संचालित की जाती हैं।
प्रश्न 5: क्या कोर्स पूरा होने के बाद नौकरी मिलने की गारंटी होती है?
उत्तर: योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रशिक्षण देने वाले संस्थानों के लिए यह अनिवार्य होता है कि वे पास होने वाले कम से कम 70% योग्य छात्रों को प्लेसमेंट (निजी कंपनियों में नौकरी) या स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में मदद करें। इसके लिए नियमित रोजगार मेलों का भी आयोजन किया जाता है।
प्रश्न 6: क्या ट्रेनिंग पूरी होने पर कोई सरकारी सर्टिफिकेट भी मिलता है?
उत्तर: हाँ, कोर्स के अंत में एक आधिकारिक मूल्यांकन (Assessment) परीक्षा होती है, जिसे पास करने के बाद उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) द्वारा मान्यता प्राप्त डिजिटल गवर्नमेंट सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है।
प्रश्न 7: क्या एक बार में एक से अधिक कोर्सेज के लिए आवेदन किया जा सकता है?
उत्तर: नहीं, एक समय में एक छात्र केवल किसी एक ही विशिष्ट कोर्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर सकता है। एक कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने और उसका सर्टिफिकेट प्राप्त करने के बाद ही आप भविष्य में किसी अन्य एडवांस कोर्स के लिए विचार कर सकते हैं।
प्रश्न 8: योजना के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किस पोर्टल पर करना होगा?
उत्तर: इसके लिए उम्मीदवारों को उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के आधिकारिक वेब पोर्टल upsdm.gov.in पर जाना होगा। वहाँ “Candidate Registration” लिंक पर जाकर अपना आधार और मोबाइल नंबर दर्ज करके ऑनलाइन फॉर्म सबमिट करना होगा।
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