आम आदमी पार्टी में बड़ी बगावत: राघव चड्ढा समेत तीन राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल

नई दिल्ली | 24 अप्रैल, 2026
भारतीय राजनीति के गलियारों में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब आम आदमी पार्टी (AAP) के तीन दिग्गज राज्यसभा सांसदों—राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल—ने आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। इसे AAP के 12 साल के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।
दो-तिहाई बहुमत के साथ विलय का दावा
एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, राघव चड्ढा ने घोषणा की कि राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सदस्यों ने भाजपा में विलय (Merger) करने का निर्णय लिया है। संविधान की दसवीं अनुसूची (दलबदल विरोधी कानून) के तहत, यदि किसी विधायी दल के दो-तिहाई सदस्य दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं, तो उनकी सदस्यता रद्द नहीं होती है।
चड्ढा ने दावा किया कि उनके साथ स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह और संजीव अरोड़ा जैसे अन्य सांसद भी इस फैसले के पक्ष में हैं, जिससे राज्यसभा में AAP का लगभग अस्तित्व ही समाप्त होने की कगार पर है।
“गलत पार्टी में सही व्यक्ति”: राघव चड्ढा
पार्टी छोड़ने के अपने फैसले को सही ठहराते हुए राघव चड्ढा ने कहा, “मैं पिछले काफी समय से खुद को एक ऐसी पार्टी में महसूस कर रहा था जो अपने मूल सिद्धांतों और भ्रष्टाचार विरोधी मूल्यों से भटक गई है। मैं सही व्यक्ति था, लेकिन गलत पार्टी में था।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और ‘विकसित भारत’ के संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि वे अब देश के व्यापक हित में काम करना चाहते हैं।
AAP के लिए एक बड़ा संकट
संदीप पाठक, जिन्हें AAP का मुख्य रणनीतिकार और संगठन का स्तंभ माना जाता था, उनका जाना पार्टी के लिए संगठनात्मक रूप से भारी क्षति है। वहीं, अशोक मित्तल के जाने से पार्टी ने पंजाब के एक बड़े औद्योगिक और शैक्षणिक चेहरे को खो दिया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
भाजपा: भाजपा नेताओं ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे “राष्ट्रवाद की जीत” और AAP के “अराजक शासन” का अंत बताया है।
AAP: हालांकि अभी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, लेकिन पार्टी सूत्रों ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ एक बड़ी साजिश करार दिया है।
भविष्य की राह
इस विलय के बाद राज्यसभा में समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे। भाजपा की ताकत में इजाफा होगा, जबकि अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली AAP को अब अपने बचे हुए गढ़ को बचाने और संगठन को फिर से खड़ा करने की कठिन चुनौती का सामना करना होगा।

1. राघव चड्ढा भाजपा शामिल (Raghav Chadha joins BJP)
2. संदीप पाठक भाजपा (Sandeep Pathak BJP)
3. अशोक मित्तल इस्तीफा (Ashok Mittal Resignation)

Political Rise:

1. आम आदमी पार्टी राज्यसभा संकट (AAP Rajya Sabha Crisis)
2. AAP का भाजपा में विलय (AAP-BJP Merger claim)
3. अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका (Big setback for Arvind Kejriwal)
4. दलबदल विरोधी कानून राज्यसभा (Anti-defection law Rajya Sabha)

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