UP Scholarship 2026-27 Online Form: यूपी स्कॉलरशिप रजिस्ट्रेशन, अनिवार्य 75% बायोमेट्रिक हाजिरी व स्टेटस चेक

उत्तर प्रदेश छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना 2026-27: ऑनलाइन आवेदन, पात्रता, स्टेटस और स्कॉलरशिप राशि की पूरी जानकारी
उत्तर प्रदेश के गरीब, होनहार और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों को उच्च शिक्षा (Higher Education) के समान अवसर प्रदान करने तथा धन के अभाव में किसी भी मेधावी की पढ़ाई बीच में न छूटे, यह सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना (Scholarship and Fee Reimbursement Scheme) का संचालन किया जा रहा है। यह योजना राज्य के करोड़ों छात्रों के लिए एक रीढ़ की हड्डी के समान है, जो कक्षा 9वीं से लेकर उच्च व्यावसायिक कोर्सेज (जैसे- B.Tech, MBA, MBBS, B.Ed., ITI, Diploma) तक के विद्यार्थियों की न केवल फीस वापस (Refund) करती है, बल्कि उन्हें मासिक भत्ता (Maintenance Allowance) भी देती है [Skills: load-local]。
उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण विभाग (Social Welfare), पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग (OBC Welfare), अल्पसंख्यक कल्याण विभाग (Minority Welfare) और जनजातीय विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से संचालित इस योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन (Fresh & Renewal) की प्रक्रिया पूरी तरह से लाइव हो चुकी है। इस वर्ष सरकार ने पूरी प्रणाली को अत्याधुनिक बनाते हुए डिजिलॉकर (DigiLocker) ऑथेंटिकेशन, एनपीसीआई (NPCI) मैपिंग और आधार-लिंक्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस जैसी तकनीकी प्रणालियों से जोड़ दिया है, ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके और छात्रवृत्ति सीधे सही छात्र के खाते में पहुँच सके।
यदि आप भी उत्तर प्रदेश के किसी स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं और अपनी फीस प्रतिपूर्ति व स्कॉलरशिप का लाभ उठाना चाहते हैं, तो यह विस्तृत लेख आपके लिए एक संपूर्ण हैंडबुक साबित होगा। इस लेख में हम आपको उत्तर प्रदेश स्कॉलरशिप योजना 2026-27 से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जैसे कि पात्रता मानदंड (आय सीमा), आवश्यक दस्तावेज, विभिन्न श्रेणियां (Pre-Matric & Post-Matric), ऑनलाइन आवेदन की चरण-दर-चरण प्रक्रिया, स्कॉलरशिप स्टेटस चेक करने का तरीका और नए कड़े प्रशासनिक नियमों के बारे में विस्तार से बताएंगे ताकि आप बिना किसी गलती के अपना फॉर्म सबमिट कर सकें।
Table of Contents
1. उत्तर प्रदेश छात्रवृत्ति योजना: एक नज़र में (Overview)
| विवरण (Particulars) | महत्वपूर्ण जानकारी (Details) |
|---|---|
| योजना का नाम | छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना, उत्तर प्रदेश |
| शैक्षणिक सत्र (Session) | 2026 – 2027 |
| संचालित विभाग | समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग |
| मुख्य श्रेणियां | पूर्व-दशम (9वीं-10वीं) एवं दशमोत्तर (11वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन, डिप्लोमा, मेडिकल/इंजीनियरिंग) |
| मुख्य लाभ | कॉलेज फीस की 100% तक प्रतिपूर्ति (Fee Refund) + मासिक रखरखाव भत्ता |
| भुगतान का माध्यम | आधार-सीडेड बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन (यूपी स्कॉलरशिप के आधिकारिक वेब पोर्टल के माध्यम से) |
| आधिकारिक वेबसाइट | UP Scholarship Official Portal |
2. छात्रवृत्ति योजना का वर्गीकरण (Classification of Scheme)
उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्रों की शैक्षणिक स्तर और कक्षाओं के आधार पर इस योजना को मुख्य रूप से तीन बड़ी श्रेणियों में विभाजित किया है। उम्मीदवारों को अपने स्तर के अनुसार ही सही पोर्टल लिंक का चयन करना होता है:
A. पूर्व-दशम श्रेणी (Pre-Matric Scholarship):
- पात्र कक्षाएं: कक्षा 9वीं और कक्षा 10वीं के छात्र।
- उद्देश्य: माध्यमिक शिक्षा के स्तर पर बच्चों को स्कूल जाने के लिए प्रोत्साहित करना और ड्राप-आउट रेट को कम करना।
B. दशमोत्तर कक्षा 11-12 श्रेणी (Post-Matric Intermediate):
- पात्र कक्षाएं: कक्षा 11वीं और कक्षा 12वीं (सभी स्ट्रीम – Science, Commerce, Arts) के छात्र।
C. दशमोत्तर अन्य कोर्सेज श्रेणी (Post-Matric Other Than Inter):
- पात्र कक्षाएं: 12वीं पास करने के बाद किए जाने वाले सभी उच्च शैक्षणिक पाठ्यक्रम जैसे- स्नातक (BA, B.Sc, B.Com, BCA, BBA), परास्नातक (MA, M.Sc, M.Com), और सभी व्यावसायिक व तकनीकी कोर्सेज (B.Tech, M.Tech, MBA, MCA, MBBS, BDS, B.Pharma, D.Pharma, B.Ed, BTC/D.El.Ed, ITI, और Polytechnic Diploma)।
- नोट: इस श्रेणी में सबसे बड़ी धनराशि (फीस प्रतिपूर्ति के रूप में) आवंटित की जाती है।
3. श्रेणीवार पात्रता मानदंड एवं पारिवारिक आय सीमा (Eligibility Criteria)
यूपी स्कॉलरशिप का लाभ उठाने के लिए छात्रों को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित सख्त सामाजिक और आर्थिक पात्रता मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है। इसके तहत सबसे मुख्य बिंदु पारिवारिक वार्षिक आय सीमा है, जो विभिन्न श्रेणियों के लिए निम्नलिखित प्रकार से तय की गई है:
1. अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) श्रेणी के लिए:
- आय सीमा: छात्र के माता-पिता/अभिभावक की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय ₹2,50,000 (ढाई लाख रुपये) से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- विशेष नियम: इस श्रेणी के छात्रों को सबसे पहले और प्राथमिकता के आधार पर 100% शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिया जाता है।
2. अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अल्पसंख्यक (Minority) और सामान्य वर्ग (General) के लिए:
- आय सीमा: इन श्रेणियों के छात्रों के लिए परिवार की समस्त स्रोतों से वार्षिक आय ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) से अधिक नहीं होनी चाहिए। यदि आय ₹2 लाख से ₹1 भी ऊपर पाई जाती है, तो छात्र का फॉर्म स्वतः ही रिजेक्ट हो जाएगा।
- सत्यापन: आय प्रमाण पत्र तहसीलदार द्वारा ऑनलाइन जारी और डिजिटल रूप से सत्यापित होना चाहिए।
3. अन्य अनिवार्य सामान्य पात्रताएँ:
- छात्र का उत्तर प्रदेश का मूल व स्थायी निवासी (Domicile of UP) होना अनिवार्य है। अन्य राज्यों के छात्र जो यूपी में पढ़ रहे हैं, वे विशेष नेशनल स्कॉलरशिप (NSP) के तहत ही पात्र होते हैं, इस राज्य योजना के तहत नहीं।
- छात्र जिस शिक्षण संस्थान (School/College) में पढ़ रहा है, वह संस्थान UP Scholarship Portal पर पंजीकृत और संबंधित विश्वविद्यालय/बोर्ड से संबद्ध (Affiliated) होना चाहिए।
- छात्र ने अपनी पिछली कक्षा को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण (Passed) किया हो। अनुत्तीर्ण (Fail) होने वाले छात्रों को स्कॉलरशिप नहीं दी जाती।
4. आवश्यक दस्तावेजों की विस्तृत सूची (Required Documents Checklist)
यूपी स्कॉलरशिप का फॉर्म भरते समय दस्तावेजों का बिल्कुल सटीक होना आवश्यक है। फॉर्म में दी गई जानकारी और दस्तावेजों में थोड़ा भी अंतर (Mismatch) होने पर स्कॉलरशिप रिजेक्ट हो जाती है। आवेदन से पहले निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखें:
- नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो: छात्र की हालिया रंगीन तस्वीर।
- आधार कार्ड: छात्र का आधार कार्ड (अनिवार्य)। ध्यान रखें कि आधार कार्ड में छात्र का नाम और जन्मतिथि बिल्कुल वैसी ही होनी चाहिए जैसी 10वीं की मार्कशीट में दर्ज है।
- 10वीं कक्षा (High School) की मार्कशीट और सर्टिफिकेट: रोल नंबर और उत्तीर्ण वर्ष के सत्यापन के लिए।
- पिछली कक्षा की मार्कशीट: (जैसे यदि आप 12वीं में हैं तो 11वीं की मार्कशीट, यदि बी.टेक सेकंड ईयर में हैं तो फर्स्ट ईयर की मार्कशीट) अंकों के प्रतिशत के सत्यापन के लिए।
- सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र (Income Certificate): नवीनतम और डिजिटल रूप से सत्यापित।
- वैध जाति प्रमाण पत्र (Category/Caste Certificate): ओबीसी, एससी, एसटी और अल्पसंख्यक छात्रों के लिए (सामान्य वर्ग के लिए आवश्यक नहीं)।
- मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate): उत्तर प्रदेश के मूल निवासी होने का प्रामाणिक प्रमाण।
- कॉलेज का फीस रसीद नंबर (Fee Receipt): वर्तमान सत्र में कॉलेज में जमा की गई फीस की रसीद और वास्तविक जमा की गई राशि का विवरण।
- संस्थान का वार्षिक नॉन-रिफंडेबल शुल्क विवरण (Non-Refundable Fee Structure): कॉलेज द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र जिसमें यह लिखा होता है कि उस कोर्स की सालाना अनिवार्य फीस कितनी है (इसी राशि के आधार पर फीस रिफंड तय होता है)।
- छात्र का सक्रिय बैंक खाता पासबुक: बैंक खाता केवल छात्र के नाम पर होना चाहिए (जॉइंट अकाउंट सामान्यतः मान्य नहीं होता)। बैंक खाता एनपीसीआई (NPCI) पोर्टल पर मैप होना और आधार सीडेड (Linked) होना 100% अनिवार्य है।
- काउंसलिंग अलॉटमेंट लेटर (यदि लागू हो): यदि आपका दाखिला JEE Main, NEET, UPSEE/UPTAC or B.Ed. संयुक्त प्रवेश परीक्षा की काउंसलिंग के माध्यम से हुआ है, तो अलॉटमेंट लेटर अनिवार्य है।
5. ऑनलाइन आवेदन करने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया (Step-by-Step Online Registration)
सत्र 2026-27 के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और हाई-टेक बनाया गया है। छात्र नीचे दिए गए चरणों का विधिवत पालन करके अपना फॉर्म भर सकते हैं:
चरण 1: नया पंजीकरण (New Student Registration)
- सबसे पहले यूपी छात्रवृत्ति की आधिकारिक वेबसाइट scholarship.up.gov.in पर जाएं।
- होमपेज के मेनू बार में दिए गए “Student” टैब पर क्लिक करें और ड्रॉपडाउन से “Registration” का चयन करें।
- आपके सामने तीन अलग-अलग बॉक्स (समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक) खुलेंगे। अपनी श्रेणी (SC/ST, OBC, General, Minority) और कोर्स स्तर (Pre-Matric, Post-Matric Intermediate, Post-Matric Other Than Inter) के अनुसार सही लिंक पर क्लिक करें।
- अपना जिला, शिक्षण संस्थान, जाति, धर्म, अपना नाम, मोबाइल नंबर (जो आधार से लिंक हो) और एक स्व-निर्मित पासवर्ड दर्ज करके सबमिट करें। स्क्रीन पर आपका Registration Number आ जाएगा, इसका प्रिंटआउट ले लें।
चरण 2: डिजिलॉकर ऑथेंटिकेशन (DigiLocker Authentication – अनिवार्य)
- पंजीकरण के बाद दोबारा “Student” टैब में जाकर “Fresh Login” या “Renewal Login” पर क्लिक करें और अपनी आईडी व पासवर्ड से लॉगिन करें।
- इस वर्ष सबसे पहला चरण “DigiLocker Verification” का है। इस पर क्लिक करें। यह आपको डिजिलॉकर पोर्टल पर ले जाएगा।
- छात्र को अपने आधार नंबर और ओटीपी के माध्यम से डिजिलॉकर को अनुमति देनी होगी, जिससे छात्र का नाम, फोटो और जन्मतिथि सीधे आधार डेटाबेस से सिंक हो जाएगी। इससे नाम की स्पेलिंग की गलतियां पूरी तरह रुक जाती हैं।
चरण 3: छात्रवृत्ति हेतु आवेदन पत्र भरना (Filling Educational Details)
- डिजिलॉकर सत्यापन के बाद “आवेदन पत्र भरें” लिंक सक्रिय हो जाएगा।
- इसमें अपनी व्यक्तिगत जानकारी, अपना पूरा स्थायी पता, अपनी पिछली कक्षा के प्राप्तांक और पूर्णांक दर्ज करें।
- अपनी वर्तमान कक्षा में प्रवेश की तिथि, अपना इनरोलमेंट नंबर (Enrollment Number – विश्वविद्यालय द्वारा जारी) और कॉलेज का बोर्ड/विश्वविद्यालय पंजीकरण नंबर भरें।
- कॉलेज द्वारा निर्धारित वार्षिक नॉन-रिफंडेबल अनिवार्य शुल्क की राशि को बिल्कुल सही-सही भरें। यदि यह राशि गलत भरी गई, तो आपकी फीस वापस नहीं आएगी।
चरण 4: एनपीसीआई सत्यापन (NPCI Mapping Verification)
- फॉर्म भरने के बाद “NPCI Verification” बटन पर क्लिक करें।
- पोर्टल स्वचालित रूप से भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के सर्वर से यह चेक करेगा कि छात्र का बैंक खाता आधार से जुड़ा हुआ है या नहीं। यदि खाता लिंक होगा, तो यहाँ ग्रीन टिक (Verified) आ जाएगा। यदि लिंक नहीं है, तो आपको अपने बैंक जाकर आधार सीडिंग फॉर्म भरना होगा।
चरण 5: जांच हेतु प्रिंट और कॉलेज में रीव्यू (Draft Print)
- सभी चरण पूरे होने के बाद “जांच हेतु आवेदन प्रिंट करें” (Draft Print) पर क्लिक करें।
- इस प्रिंटआउट को लेकर अपने कॉलेज/स्कूल के स्कॉलरशिप विभाग के क्लर्क या नोडल अधिकारी के पास जाएं और एक-एक विवरण (विशेषकर फीस, रोल नंबर और इनरोलमेंट नंबर) को चेक करवाएं।
चरण 6: फाइनल सबमिशन और हार्ड कॉपी जमा करना (Final Lock)
- कॉलेज से विवरण सत्यापित होने के बाद, यदि कोई सुधार करना हो तो “आवेदन पत्र संशोधित करें” पर जाकर सुधारें।
- सब कुछ सही होने पर “आवेदन पत्र को फाइनल लॉक करें” बटन पर क्लिक करें। ध्यान रखें कि फाइनल लॉक होने के बाद फॉर्म में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता।
- फाइनल लॉक करने के 3 कार्य दिवसों (Working Days) के बाद पोर्टल से “संस्था में जमा करने हेतु फाइनल प्रिंट” डाउनलोड होगा।
- इस फाइनल प्रिंटआउट पर अपने हस्ताक्षर करें और इसके साथ अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों (आय, जाति, निवास, फीस रसीद, मार्कशीट आदि) की स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी संलग्न करके अपने कॉलेज/संस्थान के स्कॉलरशिप काउंटर पर निर्धारित अंतिम तिथि से पहले भौतिक रूप से अवश्य जमा कर दें। यदि आप हार्ड कॉपी कॉलेज में जमा नहीं करते हैं, तो कॉलेज आपका फॉर्म आगे फॉरवर्ड नहीं करेगा।
6. नवीनीकरण (Renewal) करने वाले छात्रों के लिए विशेष नियम
यदि आप किसी ऐसे कोर्स में हैं जो एक वर्ष से अधिक का है (जैसे- BA द्वितीय वर्ष, B.Tech तृतीय वर्ष, या MBA द्वितीय वर्ष), तो आपको नया पंजीकरण (Fresh Registration) करने की आवश्यकता नहीं है। आपको केवल Renewal Candidate के रूप में आवेदन करना होगा:
- अपने पिछले वर्ष के रजिस्ट्रेशन नंबर और पुराने पासवर्ड की मदद से “Renewal Login” करें।
- आपको केवल अपनी वर्तमान कक्षा के प्रवेश की तिथि, नई फीस की रसीद का विवरण, नॉन-रिफंडेबल शुल्क और अपनी पिछली कक्षा (जैसे फर्स्ट ईयर का रिज़ल्ट) का प्राप्तांक और पूर्णांक अपडेट करना होगा।
- रिन्यूअल फॉर्म भरने के बाद इसे भी फाइनल लॉक करके कॉलेज में जमा करना अनिवार्य होता है। रिन्यूअल श्रेणी के छात्रों की स्कॉलरशिप फ्रेश छात्रों की तुलना में सामान्यतः जल्दी जारी की जाती है।
7. आवेदन की स्थिति और PFMS स्टेटस कैसे चेक करें? (How to Track Status)
फॉर्म जमा होने के बाद छात्र समय-समय पर ऑनलाइन यह ट्रैक कर सकते हैं कि उनका फॉर्म समाज कल्याण विभाग द्वारा स्वीकृत हुआ है या नहीं:
पोर्टल पर करंट स्टेटस देखना:
- यूपी स्कॉलरशिप पोर्टल (scholarship.up.gov.in) पर जाएं और लॉगिन करें।
- आपके डैशबोर्ड पर दाईं ओर “अपनी आवेदन की स्थिति जानने के लिए यहाँ क्लिक करें” (Check Current Status) का लिंक दिखेगा।
- इस पर क्लिक करते ही एक नया पेज खुलेगा जहाँ यह स्पष्ट दिखेगा कि आपका फॉर्म:
- कॉलेज स्तर से फॉरवर्ड हुआ है या नहीं (Forwarded by Institution)।
- जिला समाज कल्याण समिति द्वारा सत्यापित हुआ है या नहीं (Verified by District Welfare Committee)।
- यदि फॉर्म में कोई गड़बड़ी है (जैसे- Duplicate Income Certificate, or Enrollment Number Mismatch), तो वह भी रेड कलर में “Suspicious Category” के तहत दिखाई देगी, जिसे आप सुधार विंडो खुलने पर सही कर सकते हैं।
PFMS पोर्टल पर स्कॉलरशिप राशि चेक करना:
- जब सरकार द्वारा बजट जारी किया जाता है, तो छात्र पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) की आधिकारिक वेबसाइट (
pfms.nic.in) पर जाकर “Know Your Payments” या “Track NSP/State Scholarships” के विकल्प पर क्लिक करके अपना बैंक खाता नंबर या आधार नंबर डालकर यह देख सकते हैं कि उनकी छात्रवृत्ति की राशि अंडर-प्रोसेस (Under Processing) है या खाते में क्रेडिट हो चुकी है।
8. नई तकनीकी प्रणालियाँ और महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस वर्ष छात्रवृत्ति वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और फुल-प्रूफ बनाने के लिए निम्नलिखित कड़े नियम लागू किए हैं:
- 75% बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य: अब राज्य के सभी डिग्री कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों में छात्रों की आधार-लिंक्ड बायोमेट्रिक उपस्थिति (Biometric Attendance) की व्यवस्था की जा रही है। समाज कल्याण विभाग के नए नियमों के अनुसार, जिस छात्र की कॉलेज रिकॉर्ड में कुल उपस्थिति 75% से कम होगी, उसका छात्रवृत्ति फॉर्म जिला स्तर से स्वतः ही निरस्त (Reject) कर दिया जाएगा। केवल कागजों पर एडमिशन लेने वाले छात्रों को अब स्कॉलरशिप नहीं मिलेगी।
- DigiLocker का एकीकरण: फॉर्म भरते समय हाईस्कूल की मार्कशीट का डेटा सीधे डिजिलॉकर से वेरीफाई किया जा रहा है, जिससे फर्जी मार्कशीट के सहारे स्कॉलरशिप हड़पने के मामलों पर पूरी तरह रोक लग गई है।
- NPCI मैपिंग की अनिवार्यता: सरकार अब बैंक खाता संख्या के आधार पर पैसा नहीं भेजती, बल्कि आधार नंबर के आधार पर भुगतान करती है। यदि आपका खाता एनपीसीआई से मैप नहीं होगा, तो सरकारी बजट होने के बावजूद आपका ट्रांजैक्शन फेल हो जाएगा।
निष्कर्ष (Conclusion)
उत्तर प्रदेश छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना 2026-27 राज्य के करोड़ों छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य को गढ़ने वाला एक अद्वितीय वित्तीय सुरक्षा कवच है। बी.टेक, बीएड, या एमबीबीएस जैसे महंगे कोर्सेज की पढ़ाई कर रहे गरीब परिवारों के बच्चों के लिए यह योजना उनके सपनों को साकार करने का एकमात्र जरिया बनती है क्योंकि इसके तहत उनकी पूरी ट्यूशन फीस सरकार द्वारा वापस कर दी जाती है। इस वर्ष तकनीकी रूप से प्रक्रियाओं को सख्त और पारदर्शी कर दिए जाने से वास्तविक मेधावी छात्रों को इसका लाभ मिलना पूरी तरह सुनिश्चित हो गया है। सभी छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना अपने आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों को अपडेट रखें, बैंक खाते का ई-केवाईसी और एनपीसीआई मैपिंग समय रहते पूरा करवाएं, और कॉलेज प्रशासन से संपर्क बनाए रखकर अपना फॉर्म पूरी शुद्धता के साथ सबमिट करें ताकि वित्तीय सत्र के अंत में उनकी छात्रवृत्ति निर्बाध रूप से उनके खातों में क्रेडिट हो सके।
उत्तर प्रदेश छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए यूपी स्कॉलरशिप फॉर्म भरने की समय-सारणी क्या है?
उत्तर: शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन (Fresh & Renewal) की प्रक्रिया आधिकारिक पोर्टल scholarship.up.gov.in पर पूरी तरह से शुरू हो चुकी है। छात्र अपनी श्रेणियों (Pre-Matric / Post-Matric) के अनुसार पोर्टल पर लाइव तिथियों के भीतर ऑनलाइन फॉर्म भरकर उसकी हार्ड कॉपी आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपने कॉलेज में निर्धारित समय सीमा से पहले अवश्य जमा कर दें।
प्रश्न 2: ओबीसी (OBC) और सामान्य वर्ग (General) के छात्रों के लिए पारिवारिक आय सीमा (Income Limit) क्या निर्धारित की गई है?
उत्तर: सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यक (Minority) श्रेणी के छात्रों के लिए परिवार की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) से अधिक नहीं होनी चाहिए। अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए यह सीमा अधिकतम ₹2,50,000 (ढाई लाख रुपये) निर्धारित है।
प्रश्न 3: फॉर्म भरते समय “NPCI Verification” का क्या मतलब है और यह क्यों जरूरी है?
उत्तर: NPCI (National Payments Corporation of India) सत्यापन यह सुनिश्चित करता है कि आपका बैंक खाता आपके आधार कार्ड से सक्रिय रूप से लिंक है। चूंकि सरकार डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए सीधे आधार नंबर पर पैसा भेजती है, इसलिए यदि आपका बैंक खाता एनपीसीआई सर्वर पर मैप नहीं होगा, तो आपकी स्कॉलरशिप राशि जारी नहीं हो पाएगी।
प्रश्न 4: क्या कॉलेज में कम उपस्थिति (Attendance) होने पर स्कॉलरशिप रुक सकती है?
उत्तर: हाँ, उत्तर प्रदेश सरकार के नए प्रशासनिक नियमों के अनुसार, छात्रों की संस्थान में न्यूनतम 75% बायोमेट्रिक उपस्थिति (Biometric Attendance) होना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि आपकी उपस्थिति 75% से कम पाई जाती है, तो जिला समाज कल्याण समिति द्वारा आपका फॉर्म रिजेक्ट कर दिया जाएगा।
प्रश्न 5: “Fresh Application” और “Renewal Application” में क्या अंतर होता है?
उत्तर: जब कोई छात्र किसी कोर्स के पहले वर्ष (First Year) में दाखिला लेता है, तो उसे Fresh Application भरना होता है। लेकिन, उसी कोर्स के अगले वर्षों में (जैसे सेकंड ईयर, थर्ड ईयर या फोर्थ ईयर) जाने पर उसे नया रजिस्ट्रेशन नहीं करना होता, बल्कि पुराने रजिस्ट्रेशन नंबर की मदद से केवल अपना फॉर्म Renewal करना होता है।
प्रश्न 6: फॉर्म सबमिट होने के बाद “Suspicious Category” या “Mismatch” एरर आने पर क्या करें?
उत्तर: यदि आपके स्टेटस में इनरोलमेंट नंबर मिसमैच या आय प्रमाण पत्र डुप्लिकेट जैसी कोई त्रुटि (Error) दिखाई देती है, तो घबराएं नहीं। विभाग द्वारा दिसंबर-जनवरी के आसपास “Correction Window” (संदेहास्पद डेटा को सुधारने की समय-सारणी) खोली जाती है। उस दौरान आप पोर्टल पर लॉगिन करके अपनी गलतियों को सुधार सकते हैं और संशोधित फॉर्म का प्रिंटआउट दोबारा कॉलेज में जमा कर सकते हैं।
प्रश्न 7: क्या प्राइवेट या एडेड कॉलेजों की पूरी फीस इस योजना के तहत वापस (Refund) हो जाती है?
उत्तर: हाँ, योजना का नाम ही ‘शुल्क प्रतिपूर्ति’ है। इसके तहत छात्र जो नॉन-रिफंडेबल अनिवार्य शुल्क फॉर्म में भरते हैं, वह नियम संगत रूप से सरकार द्वारा सीधे वापस कर दिया जाता है, बशर्ते छात्र के पिछली कक्षा में अंक अच्छे हों (सामान्यतः 55% या 60% से अधिक) और विभाग के पास पर्याप्त बजटीय आवंटन उपलब्ध हो।
प्रश्न 8: स्कॉलरशिप से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान या शिकायत के लिए आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर क्या है?
उत्तर: यूपी स्कॉलरशिप से जुड़ी किसी भी प्रकार की पूछताछ, फॉर्म अटकने या शिकायत दर्ज कराने के लिए छात्र उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक सामाजिक सुरक्षा टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1076 (मुख्यमंत्री हेल्पलाइन) या समाज कल्याण विभाग के विशिष्ट हेल्पलाइन नंबरों 18001805131 (ओबीसी हेतु) और 18001805177 (एससी/सामान्य हेतु) पर वर्किंग डेज में संपर्क कर सकते हैं।
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