दिव्यांगजन पेंशन योजना उत्तर प्रदेश 2026: दिव्यांग भाइयों को मिलेंगे ₹1000/माह, ऐसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व लिस्ट में नाम चेक

उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन पेंशन योजना 2026: ऑनलाइन आवेदन, पात्रता, पेंशन राशि और लाभार्थी सूची की पूरी जानकारी
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम (दिव्यांग) नागरिकों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए चलाई जा रही दिव्यांगजन पेंशन योजना (Divyangjan Pension Yojana) एक अत्यंत संवेदनशील, महत्वपूर्ण और मानवीय कल्याणकारी योजना है। आम बोलचाल की भाषा में इसे ‘उत्तर प्रदेश विकलांग पेंशन योजना’ के नाम से भी जाना जाता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के उन दिव्यांग भाई-बहनों को हर महीने एक निश्चित वित्तीय सहायता (पेंशन) प्रदान करना है, जो अपनी शारीरिक अक्षमता के कारण नियमित आजीविका कमाने में असमर्थ हैं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से संबंध रखते हैं।
उत्तर प्रदेश के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (Department of Empowerment of Persons with Disabilities, UP) द्वारा संचालित इस योजना के तहत वर्तमान में पात्र लाभार्थियों को ₹1,000 प्रति माह (यानी ₹3,000 प्रति तिमाही) की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है। वित्तीय वर्ष 2026 में भी राज्य सरकार द्वारा इस योजना के तहत नए डिजिटल आवेदनों, त्वरित पात्रता सत्यापन, अनिवार्य आधार प्रमाणीकरण (e-KYC) और सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर (DBT) की प्रक्रिया को बेहद सुगम और पारदर्शी बना दिया गया है।
यदि आप भी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और आपके परिवार या आस-पड़ोस में कोई ऐसे दिव्यांग व्यक्ति हैं जो आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं, तो यह विस्तृत लेख आपके लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका साबित होगा। इस लेख में हम आपको उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन पेंशन योजना 2026 से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जैसे कि पात्रता मानदंड, आवश्यक दस्तावेज, संशोधित नियमों, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, पेंशन स्टेटस चेक करने का तरीका और महत्वपूर्ण दिशानिर्देशों के बारे में विस्तार से बताएंगे ताकि वास्तविक जरूरतमंद दिव्यांगजनों तक इस योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।
Table of Contents
1. दिव्यांगजन पेंशन योजना: एक नज़र में (Overview)
| विवरण (Particulars) | महत्वपूर्ण जानकारी (Details) |
|---|---|
| योजना का नाम | दिव्यांगजन पेंशन योजना (विकलांग पेंशन योजना) |
| राज्य का नाम | उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) |
| संचालित विभाग | दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार |
| मुख्य उद्देश्य | 40% या अधिक दिव्यांगता वाले नागरिकों को मासिक वित्तीय सहायता देना |
| पेंशन सहायता राशि | ₹1,00,0/- प्रति माह (₹3,00,0/- हर तीन महीने में) |
| भुगतान का माध्यम | डीबीटी (Direct Benefit Transfer) सीधे बैंक खाते में |
| लाभार्थी श्रेणी | 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के गरीब और बेसहारा दिव्यांगजन |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन (SSPY UP पोर्टल के माध्यम से) |
| आधिकारिक वेबसाइट | SSPY UP Official Portal |
2. योजना का मुख्य विज़न और सामाजिक महत्व (Vision & Importance)
शारीरिक या मानसिक अक्षमता के कारण दिव्यांगजनों को दैनिक जीवन में कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों में स्थिति और भी कठिन हो जाती है, जहाँ वे अपनी चिकित्सा आवश्यकताओं, सहायक उपकरणों या सामान्य जीवन यापन के लिए पूरी तरह परिवार के अन्य सदस्यों पर आश्रित हो जाते हैं।
इसी सामाजिक और आर्थिक परावलंबन को दूर करने और दिव्यांग भाई-बहनों को समाज में एक सम्मानजनक स्थान देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने इस पेंशन योजना को पूरी तरह सुव्यवस्थित किया है।
इस योजना के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- आर्थिक स्वावलंबन: दिव्यांगजनों को छोटी-मोटी जरूरतों, जैसे दवाइयों, डॉक्टरों की फीस या दैनिक आवश्यकताओं के लिए किसी अन्य के सामने हाथ फैलाने की मजबूरी से बचाना।
- समानता का अधिकार: समाज के विशेष रूप से सक्षम (Specially-Abled) वर्ग को यह अहसास कराना कि राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है।
- पारदर्शी डिजिटल गवर्नेंस: बिचौलियों, दलालों और कागजी लेटलतीफी को समाप्त कर पेंशन की पूरी राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के ट्रांसफर करना।
3. पेंशन राशि और भुगतान का चक्र (Pension Amount Breakdown)
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांगजन पेंशन योजना के तहत दी जाने वाली राशि सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है:
- मासिक पेंशन दर: वर्तमान में यह राशि ₹1,000 (एक हजार रुपये) प्रति माह निर्धारित की गई है।
- त्रैमासिक भुगतान चक्र: प्रशासनिक नियमों के अनुसार, पेंशन का भुगतान हर महीने न करके प्रति तिमाही (Every Three Months) किया जाता है। इसका तात्पर्य यह है कि हर तीन महीने में लाभार्थी के खाते में एकमुश्त ₹3,000 की किश्त ट्रांसफर की जाती है।
- डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT): पब्लिक फाइनेंशियल配置 मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) के माध्यम से यह राशि सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में सुरक्षित पहुंचती है।
4. पात्रता मापदंड (Eligibility Criteria)
इस योजना का लाभ केवल उन्हीं दिव्यांगजनों को मिल सकता है जो उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं:
- उत्तर प्रदेश का मूल निवासी: आवेदन करने वाले व्यक्ति का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी (Domicile of UP) होना अनिवार्य है।
- दिव्यांगता का प्रतिशत (Disability Percentage): आवेदक की शारीरिक या मानसिक दिव्यांगता न्यूनतम 40% या उससे अधिक होनी अनिवार्य है। इसका सत्यापन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा जारी वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र से होना चाहिए।
- आयु सीमा (Age Limit): आवेदन की तिथि को आवेदक की आयु न्यूनतम 18 वर्ष होनी चाहिए। (0 से 17 वर्ष के बच्चों के लिए अन्य विभागीय योजनाएं संचालित हैं, लेकिन 18+ के लिए यह मुख्य सामाजिक सुरक्षा कवच है)।
- पारिवारिक आय सीमा (Income Limit): योजना का लाभ जरूरतमंदों को देने के लिए ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों हेतु मासिक/वार्षिक आय सीमा निम्नलिखित तय की गई है:
- ग्रामीण क्षेत्रों के लिए: परिवार की कुल वार्षिक आय ₹46,080/- से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- शहरी क्षेत्रों के लिए: परिवार की कुल वार्षिक आय ₹56,460/- से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- नोट: आय प्रमाण पत्र सक्षम प्राधिकारी (तहसीलदार) द्वारा जारी डिजिटल फॉर्मेट में होना अनिवार्य है।
- अन्य पेंशन का लाभ न लेना: आवेदक वृद्धजन, विधवा या किसी अन्य सरकारी/अर्धसरकारी विभाग से सेवानिवृत्ति या सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ न ले रहा हो।
- कुष्ठ रोग से ग्रसित दिव्यांगजनों के लिए विशेष नियम: कुष्ठ रोग (Leprosy Affected) से ग्रसित दिव्यांगजनों के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष व्यवस्था के तहत उच्च पेंशन राशि (₹3,000 प्रति माह तक) और आय सीमा में विशेष रियायतें दी जाती हैं।
5. आवश्यक दस्तावेजों की सूची (Required Documents List)
ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरते समय निम्नलिखित वैध दस्तावेजों की स्पष्ट स्कैन कॉपी होना अत्यंत आवश्यक है। दस्तावेज़ अधूरे होने पर फॉर्म निरस्त किया जा सकता है:
- आवेदक की पासपोर्ट साइज फोटो: रंगीन और हालिया तस्वीर डिजिटल फॉर्मेट (20KB से कम) में।
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र (Disability Certificate): मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) या अधिकृत मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी न्यूनतम 40% दिव्यांगता का डिजिटल/मैनुअल सर्टिफिकेट। (UDID कार्ड यदि उपलब्ध हो तो उसे भी संलग्न किया जा सकता है)।
- आधार कार्ड: आवेदक का आधार कार्ड (अनिवार्य)। आधार कार्ड में दर्ज नाम की स्पेलिंग और बैंक खाते का नाम बिल्कुल मैच होना चाहिए।
- निवास प्रमाण पत्र: उत्तर प्रदेश का मूल निवास प्रमाण पत्र (या राशन कार्ड, वोटर आईडी)।
- आधिकारिक आय प्रमाण पत्र (Income Certificate): तहसीलदार द्वारा जारी डिजिटल आय प्रमाण पत्र (ग्रामीण हेतु ₹46,080 और शहरी हेतु ₹56,460 के भीतर)।
- बैंक खाता पासबुक की प्रति: लाभार्थी के स्वयं के बैंक खाते की पासबुक की प्रति, जिसमें खाता संख्या और IFSC कोड स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा हो। बैंक खाता आधार से लिंक (Aadhaar Seeded) होना अनिवार्य है, अन्यथा डीबीटी पेमेंट रिजेक्ट हो जाएगा।
6. ऑनलाइन आवेदन करने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया (Step-by-Step Online Application)
उत्तर प्रदेश सरकार के सामाजिक सुरक्षा पेंशन पोर्टल (SSPY) के माध्यम से आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है। दिव्यांगजन स्वयं, उनके परिवार के सदस्य या नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से नीचे दिए गए चरणों का पालन करके आवेदन कर सकते हैं:
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले उत्तर प्रदेश सामाजिक सुरक्षा पेंशन पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट sspy-up.gov.in पर जाएं।
- योजना का चयन करें: होमपेज के मेनू बार में दिए गए “दिव्यांग एवं कुष्ठावस्था पेंशन” (Divyang & Leprosy Pension) वाले विकल्प पर क्लिक करें।
- ऑनलाइन आवेदन लिंक खोजें: नए पेज पर दिए गए “ऑनलाइन आवेदन करें” (Apply Online) लिंक पर क्लिक करें।
- आवेदन फॉर्म भरें (Application Form): आपके सामने मुख्य आवेदन पत्र खुलेगा। इसमें निम्नलिखित विवरण ध्यानपूर्वक भरें:
- व्यक्तिगत विवरण: जिला, क्षेत्र (ग्रामीण/शहरी), ब्लॉक/तहसील, ग्राम पंचायत, अपना नाम (आधार के अनुसार), पिता/पति का नाम, जेंडर, और जन्मतिथि।
- सम्पर्क विवरण: अपना पूरा स्थायी पता और चालू मोबाइल नंबर दर्ज करें (यह नंबर एक्टिव होना चाहिए क्योंकि स्टेटस इसी से ट्रैक होगा)।
- दिव्यांगता का विवरण: दिव्यांगता का प्रकार (जैसे- दृष्टिबाधित, मूक-बधिर, शारीरिक अक्षमता), दिव्यांगता का प्रतिशत (%), प्रमाण पत्र संख्या और जारी होने की तिथि।
- बैंक विवरण: बैंक का नाम, शाखा का नाम, खाता संख्या (दो बार भरें) और IFSC कोड।
- आय का विवरण: तहसीलदार द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र का आवेदन नंबर और सर्टिफिकेट नंबर बिल्कुल सही दर्ज करें।
- दस्तावेज़ अपलोड करें: निर्धारित फॉर्मेट और साइज (सामान्यतः फोटो 20KB के भीतर और अन्य डाक्यूमेंट्स PDF फॉर्मेट में 200KB के भीतर) में निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड करें:
- आवेदक की रंगीन फोटो।
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र (CMO द्वारा जारी)।
- आयु प्रमाण पत्र/आधार कार्ड।
- आय प्रमाण पत्र की प्रति।
- कैप्चा कोड दर्ज करें और सेव करें: स्क्रीन पर दिख रहे सुरक्षा कैप्चा कोड को भरें और “Submit” बटन पर क्लिक करें। फॉर्म सबमिट होते ही एक प्रारंभिक पंजीकरण संख्या (Registration Number) स्क्रीन पर आएगी, इसे नोट कर लें।
- फॉर्म का फाइनल सबमिशन (Final Lock): प्रारंभिक सबमिशन के बाद, लॉगिन पैनल में जाकर अपने पंजीकरण नंबर और मोबाइल ओटीपी के माध्यम से लॉगिन करें। “Edit/Lock Application” पर जाकर एक बार सभी विवरणों को दोबारा जांचें। सब कुछ सही होने पर “Final Submit” बटन पर क्लिक करके फॉर्म को पूरी तरह लॉक कर दें। इसके बिना आवेदन आगे प्रोसेस नहीं होगा।
- प्रिंटआउट लें और कार्यालय में जमा करें: भरे हुए फाइनल आवेदन पत्र का एक प्रिंटआउट निकाल लें। इस प्रिंटआउट के साथ अपने सभी मूल दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी संलग्न करके अपने विकास खंड अधिकारी (BDO) कार्यालय (ग्रामीण क्षेत्रों के लिए) या उपजिलाधिकारी (SDM)/तहसीलदार कार्यालय (शहरी क्षेत्रों के लिए) अथवा जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी कार्यालय में भौतिक रूप से सत्यापन के लिए जमा कर दें।
7. चयन और सत्यापन प्रक्रिया (Verification Process)
आवेदन पत्र जमा होने के बाद इसकी प्रामाणिकता की जांच त्रि-स्तरीय प्रशासनिक ढांचे के माध्यम से की जाती है:
- स्थानीय स्तर पर जांच: ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम विकास अधिकारी (VDO)/लेखपाल और शहरी क्षेत्रों में राजस्व निरीक्षक/लेखपाल आवेदक के पते पर जाकर भौतिक सत्यापन करते हैं कि आवेदक वास्तव में उसी स्थान पर रह रहा है, 40% या अधिक दिव्यांग है और पात्रता की समस्त शर्तों को पूरा करता है।
- तहसील/ब्लॉक स्तर पर समीक्षा: खंड विकास अधिकारी (BDO) या उपजिलाधिकारी (SDM) स्थानीय स्तर से आई जांच रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से फाइल को जिला मुख्यालय फॉरवर्ड करते हैं।
- जिला स्तर पर अंतिम मंजूरी: जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी फाइल की अंतिम जांच करने के बाद उसे पेंशन के लिए स्वीकृत (Approve) कर देते हैं। इसके बाद आवेदक का नाम ‘लाभार्थी सूची’ (Beneficiary List) में शामिल हो जाता है।
8. पेंशन का स्टेटस और लाभार्थी सूची ऑनलाइन कैसे देखें? (How to Check Status)
यदि आपने इस योजना के लिए आवेदन किया है और आप अपनी पेंशन की स्थिति या अपने गांव की लाभार्थी सूची देखना चाहते हैं, तो यह बहुत आसान है:
आवेदन की स्थिति (Track Application Status) जांचना:
- sspy-up.gov.in पोर्टल पर जाएं और “दिव्यांग एवं कुष्ठावस्था पेंशन” अनुभाग पर क्लिक करें।
- “आवेदक लॉगिन” (Applicant Login) पर क्लिक करें।
- अपनी पेंशन का प्रकार (Divyang Pension), अपना 12 अंकों का रजिस्ट्रेशन नंबर और पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- “Send OTP” पर क्लिक करें और प्राप्त ओटीपी को भरकर लॉगिन करें।
- आपके डैशबोर्ड पर आपके आवेदन की वर्तमान स्थिति (जैसे- Verified by Level 1, Approved by District Officer, or Payment Released) स्पष्ट रूप से दिखाई देगी।
अपने गांव/शहर की पेंशनर सूची (Pensioner List) देखना:
- पोर्टल के होमपेज पर “दिव्यांग एवं कुष्ठावस्था पेंशन” के तहत “पेंशनर सूची (2026-27)” वाले लिंक पर क्लिक करें।
- उत्तर प्रदेश के सभी जिलों की सूची खुलेगी, अपने जिले पर क्लिक करें।
- इसके बाद अपने विकास खंड (Block) या नगर निकाय (Urban Body) का चयन करें।
- अपनी ग्राम पंचायत या वार्ड पर क्लिक करें।
- अब आपके सामने आपके गांव के उन सभी लाभार्थियों के नाम, उनके रजिस्ट्रेशन नंबर, और उन्हें भेजी गई पेंशन राशि की पूरी सूची आ जाएगी, जिससे आप जान सकते हैं कि किसका पैसा जारी हुआ है।
9. अनिवार्य आधार ई-केवाईसी (e-KYC) और महत्वपूर्ण नियम
उत्तर प्रदेश सरकार के सुरक्षा नियमों के अनुसार, धोखाधड़ी को रोकने और अपात्र या मृत व्यक्तियों के नाम हटाने के लिए सभी मौजूदा और नए पेंशनभोगियों के लिए आधार ई-केवाईसी (Aadhaar e-KYC) और मोबाइल नंबर लिंकिंग अनिवार्य कर दिया गया है:
- क्यों जरूरी है: जिन दिव्यांगजनों का आधार कार्ड उनके पेंशन खाते से लिंक नहीं होगा, उनकी आगामी किश्तें प्रशासनिक स्तर पर रोक दी जाएंगी।
- कैसे करें: पोर्टल पर “आवेदक लॉगिन” के माध्यम से जाकर अपना आधार नंबर दर्ज करें और आधार से लिंक मोबाइल पर आए ओटीपी के जरिए डेमोग्राफिक ई-केवाईसी की प्रक्रिया को घर बैठे या किसी भी CSC केंद्र से तुरंत पूरा करें।
निष्कर्ष (Conclusion)
दिव्यांगजन पेंशन योजना, उत्तर प्रदेश सरकार की एक अत्यंत सराहनीय और मानवीय सामाजिक सुरक्षा पहल है, जिसने राज्य के लाखों विशेष रूप से सक्षम भाई-बहनों के जीवन को एक मजबूत आर्थिक आधार दिया है। प्रति माह ₹1,000 (यानी ₹3,000 प्रति तिमाही) की यह निश्चित राशि दिव्यांगजनों को उनके छोटे-मोटे खर्चों, जैसे दवाइयों, नियमित चिकित्सा जांच या दैनिक आवश्यकताओं के लिए किसी अन्य के सामने हाथ फैलाने की मजबूरी से बचाती है। पूरी प्रक्रिया के ऑनलाइन हो जाने और डीबीटी व्यवस्था लागू होने से वास्तविक लाभार्थियों तक पैसा सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंच रहा है। यदि आपके आस-पड़ोस में भी कोई ऐसे विशेष रूप से सक्षम व्यक्ति हैं जो 18 वर्ष की आयु पार कर चुके हैं और आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, तो एक जागरूक नागरिक के रूप में उनकी मदद करें, उनके दस्तावेज तैयार करवाएं और sspy-up.gov.in पोर्टल के माध्यम से उनका फॉर्म भरवाकर उन्हें समाज में सम्मान के साथ जीने का संबल दें।
दिव्यांगजन पेंशन योजना: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन (विकलांग) पेंशन योजना के तहत कितनी राशि मिलती है?
उत्तर: इस योजना के अंतर्गत पात्र दिव्यांग नागरिकों को ₹1,000 (एक हजार रुपये) प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह राशि हर तीन महीने में ₹3,000 (तीन हजार रुपये) की एकमुश्त किश्त के रूप में सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
प्रश्न 2: इस योजना का लाभ उठाने के लिए न्यूनतम दिव्यांगता (Disability) का प्रतिशत कितना होना चाहिए?
उत्तर: आवेदक की शारीरिक या मानसिक दिव्यांगता न्यूनतम 40% या उससे अधिक होनी अनिवार्य है। इसका सत्यापन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा जारी वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र से होना चाहिए।
प्रश्न 3: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए वार्षिक आय सीमा क्या तय की गई है?
उत्तर: ग्रामीण क्षेत्रों के आवेदकों के लिए परिवार की वार्षिक आय अधिकतम ₹46,080/- और शहरी क्षेत्रों के आवेदकों के लिए अधिकतम ₹56,460/- निर्धारित की गई है। तहसीलदार द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र इसके लिए अनिवार्य है।
प्रश्न 4: क्या 18 वर्ष से कम उम्र के दिव्यांग बच्चे इस पेंशन योजना के पात्र हैं?
उत्तर: नहीं, इस विशिष्ट पेंशन योजना के तहत आवेदन करने के लिए आवेदक की आयु न्यूनतम 18 वर्ष होनी चाहिए। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए शिक्षा और भरण-पोषण से जुड़ी अन्य विभागीय योजनाएं संचालित हैं।
प्रश्न 5: बैंक खाते के साथ आधार कार्ड का लिंक (Seeding) होना क्यों अनिवार्य है?
उत्तर: हां, यह पूरी तरह अनिवार्य है। सरकार अब डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से पैसा सीधे आधार नंबर मैपिंग के आधार पर भेजती है। यदि आपका बैंक खाता आधार से सीडेड (Linked) नहीं है, तो आपकी पेंशन राशि बैंक द्वारा रिजेक्ट कर दी जाएगी।
प्रश्न 6: क्या UDID (यूनीक डिसेबिलिटी आईडी) कार्ड होने पर सीधे लाभ मिलता है या दोबारा फॉर्म भरना होता है?
उत्तर: UDID कार्ड दिव्यांगता का एक राष्ट्रीय स्तर का मान्य प्रमाण पत्र है। यदि आपके पास यह है, तो ऑनलाइन फॉर्म भरते समय आपको प्रमाण पत्र के रूप में इसकी जानकारी दर्ज करनी होगी, लेकिन पेंशन शुरू करने के लिए सामाजिक सुरक्षा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया को पूरा करना ही होगा।
प्रश्न 7: यदि किसी दिव्यांग व्यक्ति को कुष्ठ रोग (Leprosy) है, तो उनके लिए क्या नियम हैं?
उत्तर: कुष्ठ रोग से ग्रसित दिव्यांगजनों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार विशेष रूप से उदार नीति अपनाती है। उन्हें ₹3,000 प्रति माह तक की उच्च पेंशन राशि प्रदान की जाती है और उनके लिए आय सीमा के नियमों में भी विशेष छूट दी जाती है।
प्रश्न 8: पेंशन न आने या फॉर्म रिजेक्ट होने की स्थिति में शिकायत कहाँ दर्ज करें?
उत्तर: यदि आपकी पेंशन रुक गई है या फॉर्म स्वीकृत नहीं हो रहा है, तो आप अपने जिले के जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर सकते हैं, या उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 पर कॉल करके अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।
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