यूपी चेतन चौहान श्रमिक क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना 2026: ऑनलाइन आवेदन व पात्रता

उत्तर प्रदेश चेतन चौहान श्रमिक क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना राज्य के असंगठित और औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत पंजीकृत श्रमिकों के प्रतिभावान बच्चों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने वाली एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है। उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम विभाग तथा उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित इस कल्याणकारी योजना के माध्यम से योग्य खिलाड़ियों को ₹25,000 से लेकर ₹1,00,000 तक की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान की जाती है। इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के बच्चों की खेल प्रतिभा को धन के अभाव में दबने से बचाना और उन्हें राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना है।
Table of Contents
योजना की पृष्ठभूमि और नामकरण का महत्व
यह योजना भारत के पूर्व प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेटर और उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व खेल एवं युवा कल्याण मंत्री स्वर्गीय चेतन चौहान की स्मृति और उनके योगदान को समर्पित है। खेल जगत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में श्रमिकों और युवाओं के उत्थान के लिए कई अनुकरणीय कार्य किए। उत्तर प्रदेश शासन ने उनके इसी विजन को आगे बढ़ाने के लिए इस विशेष खेल संवर्धन नीति को लागू किया है।
अमूमन देखा जाता है कि देश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले दैनिक भोगी मजदूरों के बच्चों में शारीरिक क्षमता और खेल के प्रति स्वाभाविक रुझान बहुत अधिक होता है। एथलेटिक्स, कुश्ती, कबड्डी, मुक्केबाजी और फुटबॉल जैसे खेलों में इन परिवारों के बच्चे असाधारण प्रदर्शन करते हैं। परंतु, जैसे ही वे प्रारंभिक स्तर को पार कर जिला या राज्य स्तर की आधिकारिक प्रतियोगिताओं के लिए चयनित होते हैं, उनके सामने वित्तीय संकट आ खड़ा होता है। आधुनिक खेल उपकरण (स्पोर्ट्स किट), पौष्टिक आहार (डाइट), पेशेवर कोचिंग की फीस और यात्रा का भारी खर्च उठाना एक आम कारखाने के श्रमिक के बजट से पूरी तरह बाहर होता है। यह योजना इसी आर्थिक खाई को पाटने का काम करती है।
स्तरवार वित्तीय सहायता का विस्तृत विवरण
योजना के अंतर्गत मिलने वाली आर्थिक सहायता पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करती है कि खिलाड़ी का चयन किस स्तर की आधिकारिक खेल प्रतियोगिता के लिए हुआ है अथवा उसने वहां कौन सा मुकाम हासिल किया है।
| खेल प्रतियोगिता का स्तर | देय प्रोत्साहन राशि (एकमुश्त) | मुख्य उद्देश्य व उपयोगिता |
|---|---|---|
| जिला स्तर (District Level) | ₹25,000/- | स्थानीय स्तर पर यात्रा खर्च, प्रारंभिक स्पोर्ट्स किट और पौष्टिक भोजन की व्यवस्था के लिए। |
| राज्य स्तर (State Level) | ₹50,000/- | प्रांतीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने, उन्नत श्रेणी के गियर और राज्य स्तरीय कोचिंग के लिए। |
| राष्ट्रीय स्तर (National Level) | ₹75,000/- | राष्ट्रीय चैंपियनशिप की तैयारी, पेशेवर प्रशिक्षण और उच्च-कैलोरी सप्लीमेंट्स के लिए। |
| अंतर्राष्ट्रीय स्तर (International Level) | ₹1,00,000/- | वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने, वीज़ा/यात्रा प्रबंधन और वैश्विक स्तर की ट्रेनिंग के लिए। |
विशेष नियम: यह वित्तीय लाभ एक पंजीकृत श्रमिक परिवार के अधिकतम दो बच्चों (पुत्र या पुत्री) को ही उनके संपूर्ण सेवाकाल के दौरान दिया जा सकता है।
योजना के मुख्य उद्देश्य (Core Objectives)
- खेल प्रतिभाओं का संरक्षण: धन की कमी के कारण किसी होनहार खिलाड़ी को खेल न छोड़ना पड़े।
- आर्थिक संबल प्रदान करना: श्रमिक परिवारों को बच्चों की खेल गतिविधियों के लिए कर्ज लेने से बचाना।
- अत्याधुनिक संसाधनों तक पहुंच: खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खेल सामग्री और किट खरीदने में मदद करना।
- राज्य का नाम रोशन करना: उत्तर प्रदेश से अधिक से अधिक खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और वैश्विक मंचों (जैसे ओलंपिक, एशियाई खेल) तक पहुंचाना।
- समान अवसर सुनिश्चित करना: वंचित वर्ग के बच्चों को भी खेल क्षेत्र की मुख्यधारा से जोड़ना।
विस्तृत पात्रता मानदंड (Detailed Eligibility Criteria)
उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण बोर्ड ने इस योजना के तहत लाभ वितरण को पूरी तरह पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए कुछ अत्यंत कड़े पात्रता नियम निर्धारित किए हैं। इन मानदंडों को तीन प्रमुख भागों में विभाजित किया गया है:
1. श्रमिक (माता/पिता) से संबंधित पात्रता
- वैध पंजीकरण: श्रमिक का उत्तर प्रदेश श्रम विभाग या कारखाना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत पंजीकृत किसी वैध औद्योगिक इकाई/कारखाने में पंजीकृत होना अनिवार्य है।
- न्यूनतम सेवा अवधि: संबंधित कारखाने या वाणिज्यिक अधिष्ठान में श्रमिक की न्यूनतम 6 महीने की निरंतर सेवा पूरी होनी चाहिए।
- मासिक आय सीमा: श्रमिक का कुल मासिक वेतन (मूल वेतन + महंगाई भत्ता मिलाकर) ₹24,000 से अधिक नहीं होना चाहिए।
- अंशदान का भुगतान: श्रमिक कल्याण निधि में श्रमिक का अंशदान नियमित रूप से जमा होना चाहिए।
2. खिलाड़ी बच्चे से संबंधित पात्रता
- आधिकारिक चयन: खिलाड़ी का चयन स्कूल स्तर की सामान्य प्रतियोगिताओं के बजाय भारतीय ओलंपिक संघ (IOA), भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), या राज्य खेल संघों द्वारा मान्यता प्राप्त आधिकारिक प्रतियोगिताओं के लिए होना चाहिए।
- आयु सीमा: खिलाड़ी की आयु खेल संघों द्वारा निर्धारित संबंधित आयु वर्ग (जूनियर/सीनियर) के नियमों के अनुकूल होनी चाहिए।
- पारिवारिक सीमा: एक परिवार से केवल दो ही खिलाड़ी बच्चे इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने के पात्र हैं।
3. खेल विधाओं से संबंधित नियम
- मान्यता प्राप्त खेल: केवल वही खेल इस योजना के अंतर्गत मान्य हैं जो ओलंपिक, एशियाई खेलों, कॉमनवेल्थ गेम्स या राष्ट्रीय खेलों की आधिकारिक सूची में शामिल हैं।
- अवैध प्रतियोगिताएं: किसी भी प्रकार की निजी कॉर्पोरेट लीग या गैर-मान्यता प्राप्त क्लब टूर्नामेंट के आधार पर यह राशि देय नहीं होगी।
आवश्यक दस्तावेजों की सूची (Documents Checklist)
आवेदन प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने और रिजेक्शन (अस्वीकृति) से बचने के लिए आवेदकों के पास निम्नलिखित दस्तावेजों की प्रमाणित डिजिटल प्रतियां होनी चाहिए:
- श्रमिक का पहचान साक्ष्य:
- श्रम विभाग द्वारा जारी वैध लेबर कार्ड (पंजीकरण प्रमाण पत्र)।
- आधार कार्ड की प्रति।
- खिलाड़ी बच्चे के दस्तावेज:
- आधार कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र (आयु सत्यापन हेतु)।
- शैक्षणिक संस्थान का पहचान पत्र (यदि लागू हो)।
- खेल संबंधी साक्ष्य:
- संबंधित जिला खेल अधिकारी (DSO) या मान्यता प्राप्त खेल संघ के सचिव द्वारा हस्ताक्षरित आधिकारिक चयन पत्र।
- प्रतियोगिता में भाग लेने या पदक जीतने का मूल प्रमाण पत्र।
- वित्तीय एवं व्यावसायिक साक्ष्य:
- कारखाने के नियोक्ता (Employer) द्वारा जारी किया गया सेवा निरंतरता प्रमाण पत्र।
- तहसीलदार या सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी परिवार का वैध आय प्रमाण पत्र।
- श्रमिक का नवीनतम वेतन प्रमाण पत्र (सैलरी स्लिप)।
- बैंक विवरण:
- आवेदक (श्रमिक या खिलाड़ी) के आधार-लिंक्ड बैंक खाते की पासबुक के प्रथम पृष्ठ की स्पष्ट प्रति (जिसमें IFSC कोड और खाता संख्या साफ दिखे)।
ऑनलाइन आवेदन की चरण-दर-चरण प्रक्रिया
इस योजना के लिए आवेदन पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से स्वीकार किए जाते हैं। आवेदक उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण बोर्ड के आधिकारिक वेब पोर्टल के माध्यम से नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन कर फॉर्म भर सकते हैं:
- पोर्टल पर प्रवेश: उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट (
skpuplabour.in) पर जाएं। - श्रमिक लॉगिन: वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर उपलब्ध “श्रमिक लॉगिन” या “पंजीकरण” विकल्प पर क्लिक करें। अपनी 14 अंकों की श्रमिक पंजीकरण संख्या दर्ज कर ओटीपी (OTP) के माध्यम से लॉगिन करें।
- योजना का चयन: डैशबोर्ड पर जाकर “कल्याणकारी योजनाएं आवेदन” लिंक पर क्लिक करें और ड्रापडाउन मेनू से “चेतन चौहान श्रमिक क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना” को चुनें।
- व्यक्तिगत विवरण भरें: फॉर्म में खिलाड़ी बच्चे का नाम, खेल की विधा, प्रतियोगिता का स्तर और आयोजन की तिथि जैसी सभी आवश्यक जानकारियां सावधानीपूर्वक दर्ज करें।
- दस्तावेज अपलोड करें: निर्धारित फॉर्मेट (JPEG/PDF) में सभी आवश्यक दस्तावेजों (लेबर कार्ड, खेल प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक आदि) की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
- समीक्षा और सबमिशन: फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करने से पहले सभी प्रविष्टियों को पुनः जांच लें। सबमिट बटन दबाने के बाद स्क्रीन पर एक Application Reference Number (आवेदन संदर्भ संख्या) प्रदर्शित होगी। इसे भविष्य के संदर्भ के लिए नोट कर लें।
आवेदन के सत्यापन और स्वीकृति की प्रशासनिक प्रक्रिया
फॉर्म सबमिट होने के बाद यह एक त्रि-स्तरीय सत्यापन प्रक्रिया से गुजरता है ताकि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी को रोका जा सके:
- प्रथम चरण (श्रम प्रवर्तन अधिकारी): स्थानीय श्रम प्रवर्तन अधिकारी (Labor Enforcement Officer – LEO) श्रमिक के कारखाने के रिकॉर्ड, सेवा अवधि और आय सीमा का भौतिक व डिजिटल सत्यापन करता है।
- द्वितीय चरण (खेल विभाग का समन्वय): संबंधित जिले के क्षेत्रीय खेल कार्यालय से खेल प्रमाण पत्र की वास्तविकता की जांच करवाई जाती है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि प्रतियोगिता आधिकारिक थी।
- तृतीय चरण (उप श्रम आयुक्त/बोर्ड स्वीकृति): सभी रिपोर्ट सही पाए जाने पर उप श्रम आयुक्त (Deputy Labour Commissioner) आवेदन को अंतिम स्वीकृति के लिए श्रम कल्याण बोर्ड मुख्यालय को अग्रसारित करता है। स्वीकृति मिलते ही राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेज दी जाती है।
योजना का सामाजिक प्रभाव और भविष्य की राह
उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में, जहां एक बड़ी आबादी औद्योगिक और निर्माण कार्यों में मजदूरी करती है, यह योजना सामाजिक न्याय का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह योजना समाज में इस धारणा को बदल रही है कि खेल केवल समृद्ध परिवारों के बच्चों के लिए हैं। इसके लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में छिपे धावक, पहलवान और भारोत्तोलक बिना किसी आर्थिक डर के अपनी प्रतिभा को निखार पा रहे हैं। यह योजना न केवल बच्चों का भविष्य संवार रही है, बल्कि श्रमिक परिवारों को आत्म-सम्मान और गौरव की एक नई अनुभूति भी प्रदान कर रही है।
यूपी चेतन चौहान श्रमिक क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना से जुड़े कुछ प्रमुख सामान्य प्रश्न (FAQs):
प्रश्न 1: चेतन चौहान श्रमिक क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना क्या है?
उत्तर: यह उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम विभाग और श्रम कल्याण बोर्ड द्वारा चलाई जाने वाली एक कल्याणकारी योजना है। इसके तहत पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने और उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ₹25,000 से लेकर ₹1,00,000 तक की वित्तीय प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
प्रश्न 2: इस योजना के अंतर्गत किस स्तर पर कितनी वित्तीय सहायता मिलती है?
उत्तर: खेल के स्तर के अनुसार प्रोत्साहन राशि की संरचना इस प्रकार है:
- जिला स्तर: ₹25,000 की एकमुश्त सहायता
- राज्य स्तर: ₹50,000 की एकमुश्त सहायता
- राष्ट्रीय स्तर: ₹75,000 की एकमुश्त सहायता
- अंतर्राष्ट्रीय स्तर: ₹1,00,000 की एकमुश्त सहायता
प्रश्न 3: क्या एक परिवार के सभी बच्चे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं?
उत्तर: नहीं। इस योजना के नियमों के अनुसार, एक पंजीकृत श्रमिक परिवार के अधिकतम दो बच्चों (बेटा या बेटी) को ही उनकी खेल प्रतिभा के आधार पर यह प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा सकती है।
प्रश्न 4: योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिक की मासिक आय सीमा क्या होनी चाहिए?
उत्तर: इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए श्रमिक का मासिक वेतन (जिसमें मूल वेतन और महंगाई भत्ता शामिल हो) ₹24,000 से अधिक नहीं होना चाहिए।
#ChetanChauhanYojana, #UPShramikSports, #KridaProtsahanYojana, #UPGovtSchemes2026, #LabourWelfareUP, #SportsScholarshipUP