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विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2026: 10 दिन की ट्रेनिंग और ₹4500 मानदेय, ऐसे करें आवेदन!

A diverse group of traditional Indian artisans including carpenters and tailors receiving professional toolkits and certificates under the UP government scheme banner.

The upgraded VSSY 2026 directly bridges the gap between traditional heritage skills and modern industrial demands.

Table of Contents

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2026: पारंपरिक कारीगरों को मिलेगी 10 दिन की ट्रेनिंग और ₹4500 का मानदेय, जानें पात्रता व आवेदन प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के पारंपरिक कारीगरों, हस्तशिल्पियों और छोटे श्रमिकों के आर्थिक उन्नयन, कौशल विकास तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए संचालित ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2026’ (Vishvakarma Shram Samman Yojana) के तहत एक बड़ा नीतिगत और कल्याणकारी बदलाव किया गया है। राज्य के उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब योजना के अंतर्गत पंजीकृत सभी पात्र कारीगरों को 10 दिनों की उन्नत तकनीकी और व्यावसायिक ट्रेनिंग (Advanced Skill Training) दी जाएगी।

सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि इस 10 दिवसीय प्रशिक्षण अवधि के दौरान श्रमिकों के दैनिक भत्ते में वृद्धि करते हुए सरकार द्वारा ₹4500 का कुल मानदेय (Stipend) सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद सभी हस्तशिल्पियों को उनके व्यवसाय से संबंधित मुफ्त उन्नत टूलकिट (Free Toolkit) और व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹3 लाख तक का कम ब्याज दर पर ऋण (Subsidy Loan) भी प्रदान किया जाएगा।

यह विस्तृत और व्यावहारिक लेख उत्तर प्रदेश विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2026 के सभी तकनीकी पहलुओं, वित्तीय लाभों, संशोधित मानदेय नियमों, पात्रता (Eligibility), आवश्यक दस्तावेजों और आवेदन करने की चरण-दर-चरण (Step-by-Step) ऑनलाइन प्रक्रिया का एक संपूर्ण व व्यापक दस्तावेज है।


विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2026: एक नजर में मुख्य विवरण

योजना के बुनियादी ढांचे, नए वित्तीय प्रावधानों और प्रशासनिक व्यवस्था को त्वरित रूप से समझने के लिए नीचे दी गई तालिका एक व्यापक ओवरव्यू प्रदान करती है:

मानदंड / विवरणमुख्य जानकारी (Key Specifications)
योजना का नामविश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना (VSSY 2026)
राज्यउत्तर प्रदेश (UP Government)
नोडल विभागसूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग
प्रशिक्षण की अवधि10 दिन (संशोधित कौशल विकास ट्रेनिंग)
मासिक/दैनिक मानदेय₹450 प्रति दिन (कुल 10 दिन का ₹4,500)
अतिरिक्त लाभनिःशुल्क टूलकिट वितरण (Free Toolkit Tool)
ऋण सहायता (Loan)₹10,000 से ₹3,00,000 तक (बिना गारंटी/कम ब्याज पर)
लक्षित कारीगर वर्गबढ़ई, लोहार, कुम्हार, राजमिस्त्री, नाई, दर्जी, मोची आदि।
आधिकारिक डिजिटल पोर्टलdiupmsme.upsdc.gov.in

योजना का मुख्य उद्देश्य: पारंपरिक विधाओं का आधुनिकीकरण

भारत के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सदियों से कई पारंपरिक जातियां और वर्ग अपने हस्तशिल्प कौशल के दम पर आजीविका चलाते आ रहे हैं। लेकिन आधुनिक मशीनीकरण, औद्योगिक उत्पादन और उचित वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण ये पारंपरिक कारीगर पिछड़ते जा रहे हैं।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का मूल उद्देश्य इन कारीगरों के पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप निखारना है। 10 दिनों की विशेष ट्रेनिंग के माध्यम से श्रमिकों को आधुनिक उपकरणों का उपयोग करना, पैकेजिंग, डिजिटल मार्केटिंग और व्यावसायिक प्रबंधन के गुर सिखाए जाते हैं। सरकार का लक्ष्य प्रतिवर्ष राज्य के 1 लाख से अधिक स्थानीय कारीगरों को इस योजना से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे ‘लोकल फॉर वोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिले।


शामिल होने वाले 18 पारंपरिक ट्रेड (शिल्पकार श्रेणियां)

इस योजना का लाभ समाज के विभिन्न 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े श्रमिकों को दिया जाता है। यदि आप निम्नलिखित में से किसी भी विधा के अंतर्गत काम करते हैं, तो आप आवेदन कर सकते हैं:

  1. बढ़ई (Carpenter)
  2. लोहार (Blacksmith)
  3. कुम्हार (Potter)
  4. राजमिस्त्री (Mason / Masonry worker)
  5. दर्जी (Tailor)
  6. नाई (Barber / Hair Stylist)
  7. टोकरी बुनकर (Basket Maker)
  8. मोची (Cobbler / Leatherworker)
  9. सुनार (Goldsmith)
  10. अस्त्रकार (Armorer)
  11. मूर्तिकार (Sculptor / Stone Carver)
  12. झाड़ू निर्माता (Broom Maker)
  13. मालाकार (Garland Maker)
  14. धोबी (Washerman / Laundry worker)
  15. ताला बनाने वाले (Locksmith)
  16. नाव निर्माता (Boat Builder)
  17. गुड़िया और खिलौने निर्माता (Toy Maker)
  18. मछली पकड़ने का जाल बुनने वाले (Net Maker)

₹4500 मानदेय और प्रशिक्षण के लाभ (Benefits and Stipend Structure)

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2026 के अंतर्गत प्रशिक्षण के ढांचे को बेहद आकर्षक और उपयोगी बनाया गया है:

1. 10 दिवसीय कौशल विकास ट्रेनिंग

चयनित लाभार्थियों को उनके स्थानीय जिले के ही जिला उद्योग केंद्र (DIC) या सरकार द्वारा अधिकृत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में 10 दिनों की सघन व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाती है। प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स द्वारा आधुनिक मशीनों के संचालन की बारीकियाँ सिखाई जाती हैं।

2. ₹4500 का वित्तीय मानदेय (Stipend)

ट्रेनिंग के दौरान श्रमिकों की दैनिक मजदूरी का नुकसान न हो, इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने ₹450 प्रति दिन के हिसाब से मानदेय तय किया है। 10 दिनों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर ₹4500 की कुल राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में (डीबीटी के माध्यम से) ट्रांसफर कर दी जाती है।

3. निःशुल्क सर्टिफिकेट और टूलकिट वितरण

ट्रेनिंग के आखिरी दिन सभी सफल कारीगरों को राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कौशल प्रमाण पत्र (Certificate) दिया जाता है। इसके साथ ही, उनके ट्रेड से संबंधित सबसे आधुनिक और उच्च गुणवत्ता वाली टूलकिट (औजारों का पूरा सेट) बिल्कुल मुफ्त दी जाती है। इस टूलकिट की बाजार में कीमत लगभग ₹10,000 से ₹15,000 के बीच होती है।

4. वित्तीय ऋण एवं सब्सिडी सहायता

ट्रेनिंग और टूलकिट मिलने के बाद यदि कोई कारीगर अपनी खुद की दुकान या लघु उद्योग शुरू करना चाहता है, तो उसे ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ (PMEGP) या ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ के समन्वय से ₹10,000 से लेकर ₹3 लाख तक का लोन बिना किसी कठिन गारंटी के प्रदान किया जाता है, जिस पर सरकार द्वारा भारी सब्सिडी (छूट) भी दी जाती है।


पात्रता मानदंड: कौन कर सकता है आवेदन? (Eligibility Criteria)

योजना का लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद कारीगरों तक पहुंचाने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग ने निम्नलिखित नियम निर्धारित किए हैं:


आवेदन के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण दस्तावेज (Documents Checklist)

ऑनलाइन पोर्टल पर फॉर्म भरने से पहले आवेदकों को निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट स्कैन कॉपी तैयार रखनी चाहिए:

  1. आधार कार्ड (Aadhaar Card): मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य है।
  2. निवास प्रमाण पत्र (Residence Proof): यूपी का मूल निवास प्रमाण पत्र या बिजली बिल/राशन कार्ड।
  3. वैध पहचान पत्र: मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) या पैन कार्ड।
  4. बैंक खाता पासबुक (Bank Passbook): खाता राष्ट्रीयकृत बैंक में होना चाहिए और डीबीटी (DBT) सक्रिय होना चाहिए।
  5. पारंपरिक कारीगर होने का प्रमाण पत्र: ग्राम प्रधान, वार्ड पार्षद या स्थानीय अध्यक्ष द्वारा जारी किया गया यह प्रमाण पत्र कि आवेदक वास्तव में उल्लेखित पारंपरिक व्यवसाय से जुड़ा हुआ है (इसका एक निर्धारित प्रारूप पोर्टल पर उपलब्ध है)।
  6. पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान।
  7. चालू मोबाइल नंबर: ओटीपी और एसएमएस अलर्ट प्राप्त करने के लिए।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? चरण-दर-चरण पंजीकरण प्रक्रिया (Step-by-Step Online Guide)

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2026 के तहत आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया डिजिटल है। आप घर बैठे अपने मोबाइल से या नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर निम्नलिखित चरणों का पालन करते हुए फॉर्म भर सकते हैं:

चरण 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं

सबसे पहले उत्तर प्रदेश के उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय के आधिकारिक डिजिटल पोर्टल diupmsme.upsdc.gov.in पर विजिट करें।

चरण 2: लॉगिन और पंजीकरण पर क्लिक करें

होमपेज पर आपको “लॉगिन” टैब के अंतर्गत “आवेदक लॉगिन” (Applicant Login) का विकल्प दिखाई देगा। उस पर क्लिक करने के बाद एक नया पेज खुलेगा। वहां दिए गए “नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण” (New User Registration) के लिंक पर क्लिक करें।

चरण 3: प्रारंभिक पंजीकरण फॉर्म भरें

अब आपकी स्क्रीन पर एक छोटा सा फॉर्म खुलेगा, जिसमें आपको निम्नलिखित जानकारियां चुननी होंगी:

चरण 4: मुख्य आवेदन फॉर्म (Application Form) की प्रविष्टि

प्राप्त यूजर आईडी और पासवर्ड के माध्यम से पोर्टल पर दोबारा लॉगिन करें। लॉगिन करने के बाद आपके सामने मुख्य आवेदन पत्र खुल जाएगा। यहां आपको अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता (यदि कोई हो), पूरा पता, और सबसे महत्वपूर्ण—अपने ट्रेड (व्यवसाय की श्रेणी) का चयन बहुत ध्यानपूर्वक करना होगा।

चरण 5: बैंक विवरण दर्ज करें

अगले भाग में अपना बैंक खाता विवरण जैसे—बैंक का नाम, शाखा, खाता संख्या और आईएफएससी (IFSC) कोड सही-सही भरें। इसी खाते में आपकी 10 दिन की ट्रेनिंग का ₹4500 मानदेय भेजा जाएगा।

चरण 6: दस्तावेज अपलोड करें और फाइनल सबमिट करें

दस्तावेज सेक्शन में जाकर अपनी फोटो, अंगूठे का निशान/हस्ताक्षर, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और ग्राम प्रधान/पार्षद द्वारा जारी पारंपरिक कारीगर होने का प्रमाण पत्र अपलोड करें। फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करने से पहले “Final Submission” से पूर्व विवरणों की जांच कर लें। फाइनल सबमिट करने के बाद आवेदन पत्र का एक प्रिंट आउट निकालकर अपने पास सुरक्षित रख लें।


आवेदन के बाद चयन की प्रक्रिया (Selection Process)

आपके द्वारा ऑनलाइन सबमिट किया गया आवेदन सीधे आपके संबंधित जिले के जिला उद्योग केंद्र (DIC) के पास जाता है।

  1. दस्तावेजों की स्क्रूटनी: जिला उद्योग उपायुक्त के नेतृत्व में गठित समिति आपके दस्तावेजों और पात्रता की जांच करती है।
  2. साक्षात्कार / भौतिक सत्यापन: कुछ मामलों में कारीगरों को एक सामान्य साक्षात्कार या भौतिक सत्यापन के लिए बुलाया जाता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे वास्तव में वह काम जानते हैं।
  3. प्रशिक्षण बैच का आवंटन: चयन सूची जारी होने के बाद पात्र उम्मीदवारों को एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाता है कि उनकी 10 दिनों की ट्रेनिंग कब और किस संस्थान में शुरू होगी।

निष्कर्ष: स्थानीय कारीगरों के स्वर्णिम भविष्य की शुरुआत

उत्तर प्रदेश सरकार की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2026 पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार की ताकतों से जोड़ने का एक अत्यंत प्रभावी माध्यम बन चुकी है। 10 दिनों की उन्नत ट्रेनिंग के साथ ₹4500 का नकद मानदेय देना यह दर्शाता है कि सरकार श्रमिकों के आर्थिक हितों के प्रति कितनी संवेदनशील है। निःशुल्क टूलकिट और कम ब्याज पर मिलने वाला लोन छोटे ग्रामीण शिल्पकारों को स्वतंत्र उद्यमी बनने का अवसर प्रदान करता है। यदि आप भी उत्तर प्रदेश के एक पारंपरिक कारीगर हैं, तो बिना समय गंवाए diupmsme पोर्टल पर जाकर अपना ऑनलाइन पंजीकरण अवश्य पूरा करें।


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