उत्तर प्रदेश सरकार का प्रेरणा पोर्टल (prernaup.in) राज्य के बेसिक शिक्षा विभाग के डिजिटल कायाकल्प और प्राथमिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार का एक क्रांतिकारी माध्यम बन चुका है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा शुरू किया गया मिशन प्रेरणा (Mission Prerna) राज्य के 1.6 लाख से अधिक सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को सुधारने का एक महत्वाकांक्षी अभियान है।
यह विस्तृत लेख आपको Prerna Portal UP, इसके उद्देश्य, मुख्य लाभ, शिक्षक लॉगिन प्रक्रिया (Teacher Login), छात्र पंजीकरण (Student Registration) और ‘मिशन प्रेरणा’ से संबंधित सभी महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं की व्यापक जानकारी प्रदान करेगा।
Prerna Portal UP Login कैसे करें? शिक्षक लॉगिन, DBT वेरिफिकेशन और एरर समाधान!
Table of Contents
मिशन प्रेरणा क्या है? (What is Mission Prerna UP?)
मिशन प्रेरणा उत्तर प्रदेश सरकार का एक फ्लैगशिप कार्यक्रम है जो प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर केंद्रित है। इस मिशन के अंतर्गत मुख्य रूप से कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों में मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता (Foundational Literacy and Numeracy – FLN) को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखा गया है। यह पोर्टल केंद्र सरकार के ‘निपुण भारत मिशन’ (NIPUN Bharat Mission) के लक्ष्यों के साथ सीधे जुड़ा हुआ है।
- मूल उद्देश्य: प्राथमिक स्तर पर भाषा (हिन्दी) और गणित विषयों में प्रत्येक बच्चे के लिए न्यूनतम सीखने की क्षमता (लर्निंग आउटकम) सुनिश्चित करना।
- लक्षित लाभार्थी: उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों छात्र और वहां कार्यरत शिक्षक।
- तकनीकी सुदृढ़ीकरण: ई-लर्निंग, डिजिटल कक्षाओं और कंप्यूटर लैब के माध्यम से शिक्षण को आधुनिक बनाना।
प्रेरणा पोर्टल यूपी (prernaup.in) का मुख्य विवरण
| पोर्टल का नाम | प्रेरणा पोर्टल उत्तर प्रदेश (Prerna Portal UP) |
|---|---|
| संबंधित विभाग | बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार |
| मुख्य अभियान | मिशन प्रेरणा / निपुण भारत |
| आधिकारिक वेबसाइट | prernaup.in |
| मुख्य उद्देश्य | प्राथमिक शिक्षा का डिजिटलीकरण, DBT डेटा प्रबंधन और लर्निंग आउटकम में सुधार |
| लक्षित समूह | सरकारी स्कूल के शिक्षक, छात्र और शिक्षा विभाग के अधिकारी |
प्रेरणा पोर्टल के प्रमुख उद्देश्य और लक्ष्य
उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए यूपी प्रेरणा पोर्टल विकसित किया है। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
1. बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता (FLN) प्राप्त करना
मिशन का सबसे मुख्य एजेंडा यह है कि कक्षा 3 और कक्षा 5 के अंत तक छात्र बुनियादी पढ़ने, लिखने और गणितीय गणनाओं (जैसे जोड़, घटाना, गुणा, भाग) में पारंगत हो जाएं। इसके लिए “प्रेरणा तालिका” और “प्रेरणा लक्ष्य” निर्धारित किए गए हैं।
2. प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) का सरलीकरण
सरकार द्वारा छात्रों को यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूते-मोजे और स्वेटर खरीदने के लिए दी जाने वाली धनराशि सीधे माता-पिता के बैंक खातों में भेजी जाती है। इस पूरी प्रक्रिया (Prerna DBT) की मॉनिटरिंग और डेटा अपलोड का काम इसी पोर्टल के माध्यम से होता है।
3. ऑपरेशन कायाकल्प की निगरानी
उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों की बुनियादी ढांचागत स्थिति (Infrastructure) को सुधारने के लिए ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ चलाया जा रहा है। स्कूलों में पेयजल, शौचालय, ब्लैकबोर्ड, बिजली और बाउंड्री वॉल जैसी 19 मूलभूत सुविधाओं की जियो-टैगिंग और रिपोर्टिंग इसी पोर्टल के माध्यम से ट्रैक की जाती है।
4. शिक्षकों का क्षमता निर्माण
शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण विधियों से अवगत कराने के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण सामग्री, शिक्षक हस्तपुस्तिकाएं (Teacher Handbooks) और डिजिटल संदर्शिकाएं पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई हैं।
प्रेरणा पोर्टल यूपी की मुख्य विशेषताएं और लाभ (Benefits & Features)
- छात्रों के लिए घर बैठे सुविधाएं: पोर्टल पर स्टूडेंट्स कॉर्नर (Student’s Corner) के अंतर्गत ई-पाठशाला (E-Pathshala), लर्निंग मटेरियल, ज्ञानवर्धक पोस्टर और चार्ट्स मुफ्त उपलब्ध हैं ताकि छात्र घर बैठे भी सीख सकें।
- पारदर्शिता और डेटा शुद्धता: छात्रों के नामांकन से लेकर उनके आधार सत्यापन (Aadhaar Verification) और आयु सत्यापन की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है, जिससे फर्जी नामांकन पर रोक लगी है।
- स्मार्ट क्लासरूम का एकीकरण: मिशन प्रेरणा के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के स्कूलों में कंप्यूटर लैब्स और डिजिटल टूल्स को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- एकल मंच (Single Platform): मिड-डे मील (MDM) की निगरानी, शिक्षकों की उपस्थिति और स्कूल टाइम-टेबल को अपडेट करने जैसी प्रशासनिक गतिविधियां भी इसी एकीकृत प्रणाली का हिस्सा हैं।
प्रेरणा पोर्टल पर शिक्षक लॉगिन कैसे करें? (Prerna Portal Teacher Login Step-by-Step)
शिक्षकों को छात्रों का डेटा सत्यापित करने, बैंक विवरण (DBT) अपलोड करने और मासिक समय सारणी (Time Table) अपडेट करने के लिए पोर्टल पर लॉगिन करना अनिवार्य होता है। लॉगिन करने की पूरी प्रक्रिया नीचे दी गई है:
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में आधिकारिक वेबसाइट prernaup.in ओपन करें।
- डेस्कटॉप मोड सक्रिय करें (यदि मोबाइल का उपयोग कर रहे हैं): मोबाइल ब्राउज़र में दाईं ओर ऊपर थ्री-डॉट्स पर क्लिक करके ‘Desktop Site’ विकल्प को चुनें ताकि पोर्टल ठीक से काम करे।
- बैंक डेटा अपलोड पर क्लिक करें: होमपेज के मुख्य मेनू में दिख रहे “Bank Data Upload” विकल्प पर जाएं और वहां ड्रापडाउन में “Teacher Login” पर क्लिक करें।
- पंजीकरण का चयन: अब आपके सामने ‘Teacher SignUp’ की एक नई विंडो खुलेगी। यहाँ पर अपनी आवश्यकतानुसार रेडियो बटन (जैसे: New Registration) का चयन करें।
- पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें: यहाँ अपना वह मोबाइल नंबर दर्ज करें जो आपके ‘मानव संपदा पोर्टल’ (Manav Sampada Portal) से लिंक है।
- सत्यापन (Verification): मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद “Verify” बटन पर क्लिक करें। इसके बाद “Send Authentication SMS” या “Send OTP” पर क्लिक करें।
- ओटीपी दर्ज करें: आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर 4 या 6 अंकों का एक ओटीपी (OTP) आएगा। उसे निर्दिष्ट बॉक्स में भरकर “Login” पर क्लिक करें।
सफलतापूर्वक लॉगिन होने के बाद शिक्षक का डैशबोर्ड खुल जाएगा, जहां से वे छात्र प्रबंधन (Student Management) की सभी गतिविधियों को नियंत्रित कर सकते हैं।
प्रेरणा पोर्टल पर नया छात्र पंजीकरण / आवेदन कैसे करें? (Student Registration Process)
प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में नए छात्रों के प्रवेश के बाद उनका डेटा प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज करना होता है। शिक्षक अपने लॉगिन डैशबोर्ड के माध्यम से नए छात्रों का पंजीकरण निम्नलिखित चरणों में कर सकते हैं:
- चरण 1: ऊपर बताई गई विधि से शिक्षक पोर्टल पर लॉगिन करें।
- चरण 2: डैशबोर्ड के बाईं ओर (Left Panel) दिए गए मेनू बार में स्क्रॉल करें और “Student Registration” विकल्प पर क्लिक करें।
- चरण 3: सत्र का चयन करें (जैसे शैक्षणिक सत्र 2026-27)। इसके बाद स्कूल का प्रकार, ब्लॉक, और कक्षा का चयन करें जिसके लिए पंजीकरण करना है।
- चरण 4: अब छात्र का विवरण फॉर्म खुलेगा। इसमें छात्र का नाम, जन्म तिथि, लिंग, धर्म, माता/पिता का नाम और उनका मोबाइल नंबर सावधानीपूर्वक भरें।
- चरण 5: अभिभावक का आधार सत्यापन: DBT का लाभ देने के लिए माता या पिता में से किसी एक का आधार नंबर दर्ज करना अनिवार्य होता है। आधार नंबर डालकर “Verify” बटन पर क्लिक करें।
- चरण 6: छात्र का बैंक विवरण (यदि लागू हो) या माता-पिता का बैंक खाता संख्या और IFSC कोड दर्ज करें ताकि डीबीटी राशि ट्रांसफर की जा सके।
- चरण 7: सभी जानकारी जांचने के बाद नीचे दिए गए “Save” या “Submit” बटन पर क्लिक करें। छात्र का एक यूनिक ‘Prerna ID’ जेनरेट हो जाएगा।
प्रेरणा मोबाइल ऐप्स: शिक्षा विभाग का सरलीकरण
बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश ने शिक्षकों की दैनिक प्रशासनिक रिपोर्टिंग को आसान बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन भी गूगल प्ले स्टोर पर लॉन्च किए हैं:
- PRERNA UTTAR PRADESH App: यह ऐप प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षण और पैरा-शिक्षण स्टाफ के लिए है। इसका उपयोग मुख्य रूप से शिक्षकों की उपस्थिति निगरानी (Attendance Monitoring), मिड-डे मील (MDM) ट्रैकिंग और ऑपरेशन कायाकल्प के डेटा सबमिशन के लिए किया जाता है।
- Prerna DBT App: यह ऐप विशेष रूप से छात्रों के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के डेटा और आधार ऑथेंटिकेशन को मोबाइल के माध्यम से आसानी से सत्यापित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
पोर्टल पर उपलब्ध ‘टीचर्स कॉर्नर’ और ‘स्टूडेंट्स कॉर्नर’
प्रेरणा पोर्टल को केवल डेटा स्टोर करने के लिए नहीं, बल्कि एक व्यापक ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।
स्टूडेंट्स कॉर्नर (Student’s Corner)
- ई-पाठशाला (E-Pathshala): डिजिटल ऑडियो-वीडियो शिक्षण सामग्री की उपलब्धता।
- पोस्टर और चार्ट: प्राथमिक स्तर के बच्चों को आकर्षक तरीके से सिखाने के लिए रंग-बिरंगे शैक्षिक चार्ट्स।
- टैलेंट हंट (Talent Hunt): छात्रों की छिपी प्रतिभा को निखारने और उन्हें मंच प्रदान करने के लिए ऑनलाइन प्रतियोगिताएं।
टीचर्स कॉर्नर (Teacher’s Corner)
- शिक्षक संदर्शिका (Teacher Handbooks): कक्षा-वार दैनिक शिक्षण योजनाओं की गाइड।
- दीक्षा टीपीडी (Diksha TPD): दीक्षा प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिक्षकों के व्यावसायिक विकास से जुड़े कोर्स लिंक्स।
- ऑनलाइन मान्यता (Online School Recognition): निजी स्कूलों की मान्यता और नवीनीकरण से संबंधित ऑनलाइन प्रक्रियाएं।
प्रेरणा पोर्टल (prernaup.in) के सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी और प्रशासनिक कार्यों की चरण-दर-चरण (Step-by-Step) गाइड दी गई है, जिन्हें हर शिक्षक को नियमित रूप से पूरा करना होता है।
1. डीबीटी वेरिफिकेशन प्रक्रिया (DBT Verification Process)
प्रत्येक छात्र को ड्रेस, बैग और जूतों के पैसे ट्रांसफर करने के लिए शिक्षकों को माता-पिता के आधार कार्ड और बैंक खाते को सत्यापित करना होता है।
डीबीटी सत्यापन के चरण:
- पोर्टल पर लॉगिन करें: सबसे पहले
prernaup.inपर Teacher Login के जरिए डैशबोर्ड खोलें। - DBT मेनू का चयन करें: बाईं ओर दिए गए मेनू में “New DBT Student Verification” पर क्लिक करें।
- छात्र सूची की जांच करें: आपकी स्क्रीन पर आपकी कक्षा के उन छात्रों की सूची दिखाई देगी जिनका डेटा सत्यापित होना बाकी है।
- अभिभावक का आधार दर्ज करें: छात्र के सामने दिए गए विकल्प में माता या पिता का आधार नंबर और नाम (जैसा आधार कार्ड में लिखा हो) दर्ज करें।
- सत्यापन बटन पर क्लिक करें: “Proceed for Aadhaar Verification” पर क्लिक करें। सफल होने पर स्क्रीन पर “Aadhaar Verified Successfully” का संदेश आएगा।
- बैंक विवरण भरें: यदि बैंक खाता नंबर पहले से लिंक नहीं है, तो अभिभावक का बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड भरकर डेटा को “Save” कर दें।
2. स्टूडेंट एज वेरिफिकेशन (Student Age Verification)
यदि किसी छात्र की आयु उसकी कक्षा के निर्धारित मानक से बहुत कम या अधिक होती है, तो पोर्टल उसे “Age Flags” (आयु विसंगति) के रूप में चिह्नित करता है। इसे सही करना अनिवार्य है।
आयु सत्यापन के चरण:
- डैशबोर्ड स्क्रॉल करें: शिक्षक लॉगिन करने के बाद, बाईं ओर के मेनू में नीचे स्क्रॉल करें और “Student Age Verification / Flag Data” विकल्प पर क्लिक करें।
- त्रुटि वाले छात्रों को देखें: यहाँ आपको उन छात्रों की सूची मिलेगी जिनकी उम्र और कक्षा में मिसमैच (Mismatch) है।
- दस्तावेज़ की जांच करें: छात्र के वास्तविक प्रवेश रजिस्टर (SR Register) और आधार कार्ड से उसकी जन्मतिथि का मिलान करें।
- संशोधन / पुष्टि करें:
- यदि पोर्टल पर उम्र गलत दर्ज है, तो “Edit Student Details” पर क्लिक करके सही जन्मतिथि भरें।
- यदि उम्र रजिस्टर के अनुसार सही है, तो रिमार्क (Remark) में कारण लिखकर “Verify & Confirm” बटन पर क्लिक करें।
3. स्कूल टाइम-टेबल अपडेट (School Time-Table Update)
मिशन प्रेरणा के अंतर्गत हर स्कूल को शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई ‘समय सारणी’ (Time-Table) और ‘शिक्षक संदर्शिका’ (Teacher Manual) के अनुसार ही कक्षाएं संचालित करनी होती हैं।
टाइम-टेबल अपडेट करने के चरण:
- लर्निंग आउटकम मेनू में जाएं: डैशबोर्ड पर “Learning Outcome” या “Academic Implementation” सेक्शन पर क्लिक करें।
- Time-Table विकल्प चुनें: इसके बाद “School Time-Table Management” विकल्प को चुनें।
- कक्षा और विषय सेट करें: प्रत्येक कक्षा (कक्षा 1 से 8) के लिए पीरियड्स (Periods) के अनुसार शिक्षक का नाम और पढ़ाए जाने वाले विषय (जैसे – हिन्दी, गणित) का चयन करें।
- निपुण भारत संदर्शिका लिंक करें: सुनिश्चित करें कि टाइम-टेबल में हर दिन कम से कम 2 पीरियड निपुण भारत (FLN) गतिविधियों के लिए आरक्षित हों।
- सबमिट करें: पूरा टाइम-टेबल सेट करने के बाद नीचे दिए गए “Submit & Freeze Time-Table” पर क्लिक करें। इसके बाद यह डेटा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को दिखाई देने लगेगा।
4. ओटीपी नहीं आ रहा है (OTP Not Received / Login Failed) 📲
यह समस्या तब आती है जब आपका मोबाइल नंबर विभाग के मुख्य सर्वर डेटाबेस से पूरी तरह सिंक (Sync) नहीं हो पाता है।
समाधान के उपाय:
- मानव संपदा पोर्टल चेक करें: सुनिश्चित करें कि आपका वही मोबाइल नंबर चालू है जो मानव संपदा पोर्टल (Ehrms) पर दर्ज है। यदि वहाँ नंबर गलत है, तो प्रेरणा पोर्टल पर ओटीपी नहीं आएगा।
- ब्राउज़र कैशे (Cache) क्लियर करें: अपने मोबाइल में क्रोम (Chrome) ब्राउज़र के आइकॉन को दबाकर रखें → App Info में जाएं → Storage पर क्लिक करें और Clear Cache कर दें। इसके बाद दोबारा प्रयास करें।
- डीएनडी (DND) सेवा की जांच: यदि आपके सिम पर Do Not Disturb सर्विस एक्टिव है, तो कई बार ऑटोमेटेड एसएमएस ब्लॉक हो जाते हैं। अपने फोन के ‘Spam and Blocked’ मैसेज फोल्डर को भी चेक करें।
5. सर्वर एरर / साइट नहीं खुल रही है (Server Error 500 / 404) 🌐
एक साथ लाखों शिक्षकों द्वारा डीबीटी और छात्र पंजीकरण का डेटा अपलोड करने के कारण पोर्टल का सर्वर डाउन या धीमा हो जाता है।
समाधान के उपाय:
- डेस्कटॉप मोड (Desktop Site) का उपयोग: मोबाइल में क्रोम ब्राउज़र खोलकर दाईं तरफ ऊपर दिए गए तीन बिंदुओं (Three Dots) पर क्लिक करें और “Desktop Site” वाले बॉक्स को टिक कर दें।
- इन्कॉग्निटो टैब (Incognito Window) का प्रयोग: ब्राउज़र में न्यू इन्कॉग्निटो टैब खोलकर
prernaup.inसर्च करें। इसमें पुराने कुकीज़ (Cookies) बाधा नहीं बनते और साइट जल्दी खुलती है। - सही समय का चुनाव: डेटा अपलोड या फाइनल सबमिट (Freeze) करने का काम सुबह 8:00 बजे से पहले या शाम 7:00 बजे के बाद करें, क्योंकि इस दौरान सर्वर पर लोड सबसे कम होता है।
6. आधार सत्यापन विफल (Aadhaar Verification Failed) 🪪
यह एरर डीबीटी (DBT) वेरिफिकेशन के दौरान तब आती है, जब पोर्टल पर भरा गया विवरण और यूआईडीएआई (UIDAI) के डेटाबेस का विवरण आपस में मेल नहीं खाता।
समाधान के उपाय:
- स्पेलिंग का हुबहू मिलान: अभिभावक या छात्र का नाम अक्षर-दर-अक्षर (Letter-to-Letter) वैसा ही टाइप करें जैसा भौतिक आधार कार्ड पर छपा है। यदि आधार कार्ड पर नाम की स्पेलिंग गलत भी है, तो आपको पोर्टल पर वही गलत स्पेलिंग ही लिखनी होगी, तभी आधार वेरिफाई होगा।
- लिंग और जन्मतिथि: ध्यान रखें कि आधार कार्ड में दर्ज लिंग (Male/Female) और जन्म का वर्ष (Year of Birth) पोर्टल पर चुने गए विवरण से बिल्कुल मेल खाना चाहिए।
निष्कर्ष (Conclusion)
प्रेरणा पोर्टल यूपी (prernaup.in) केवल एक आधिकारिक वेबसाइट नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, आधुनिक और परिणाम-उन्मुख बनाने की दिशा में उठाया गया एक युगांतरकारी कदम है।
इस डिजिटल प्रणाली ने जहाँ एक ओर कागजी कार्रवाई को कम करके शिक्षकों के बहुमूल्य समय की बचत की है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी साक्षरता (FLN) और डीबीटी (DBT) के सटीक क्रियान्वयन से सीधे गरीब बच्चों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाया है। उत्तर प्रदेश को एक “प्रेरक प्रदेश” बनाने के संकल्प को पूरा करने में यह पोर्टल धुरी का काम कर रहा है।
प्रेरणा पोर्टल से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. प्रेरणा पोर्टल का आधिकारिक यूआरएल क्या है?
Ans: प्रेरणा पोर्टल का आधिकारिक वेब एड्रेस prernaup.in है। इसके अलावा निपुण भारत की मॉनिटरिंग के लिए nipun.prernaup.in का भी उपयोग किया जाता है।
Q2. यदि शिक्षक अपना लॉगिन पासवर्ड भूल जाएं या पोर्टल पर लॉगिन न हो तो क्या करें?
Ans: शिक्षक लॉगिन मुख्य रूप से ओटीपी (OTP) आधारित है, जिसमें पासवर्ड की आवश्यकता नहीं होती। आपको केवल मानव संपदा पोर्टल पर पंजीकृत अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होता है और प्राप्त ओटीपी के जरिए सीधे लॉगिन किया जा सकता है।
Q3. प्रेरणा पोर्टल पर छात्र का डेटा अपडेट न दिखने पर क्या करें?
Ans: कभी-कभी पोर्टल पर सर्वर लोड के कारण कुछ छात्रों का डेटा प्रदर्शित होने में समय लग सकता है। इसके लिए शिक्षक अपने डैशबोर्ड पर ‘Student Count’ या ‘Refresh’ विकल्प का उपयोग कर सकते हैं, अथवा ब्लॉक स्तर के एमआईएस (MIS) प्रभारी से संपर्क कर सकते हैं।
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