उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित प्रेरणा पोर्टल (Prerna Portal) प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रबंधन, छात्र-छात्राओं के डेटा बेस और विभिन्न सरकारी योजनाओं (जैसे डीबीटी, मिड-डे मील) के क्रियान्वयन का एक मुख्य डिजिटल स्तंभ है।
इस पोर्टल पर दर्ज छात्र-छात्राओं की जानकारी जैसे—उनका नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, आधार संख्या और जेंडर—बिल्कुल सही होना अनिवार्य है।
यदि किसी छात्र के नाम की स्पेलिंग में कोई गलती हो जाती है, तो उसे सरकारी योजनाओं का लाभ (जैसे यूनिफॉर्म, बैग, जूता-मोजा और स्वेटर के लिए मिलने वाली डीबीटी धनराशि) मिलने में समस्या आती है। इसके अलावा, भविष्य में टीसी (Transfer Certificate) और बोर्ड परीक्षाओं के प्रमाणपत्रों में भी वही गलत नाम दर्ज हो जाता है।
इस लेख में हम स्कूल के प्रेरणा पोर्टल पर छात्र या छात्रा के नाम में सुधार (Name Correction) करने की पूरी प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, ध्यान रखने योग्य बातें और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।
Table of Contents
प्रेरणा पोर्टल पर नाम सुधार की आवश्यकता क्यों है?
प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज डेटा सीधे छात्र के बैंक खाते और आधार कार्ड से लिंक होता है। नाम में थोड़ी सी भी गड़बड़ी निम्नलिखित समस्याओं को जन्म दे सकती है:
- डीबीटी (Direct Benefit Transfer) में विफलता: यदि छात्र या उसके अभिभावक के नाम की स्पेलिंग आधार कार्ड और बैंक खाते से मेल नहीं खाती, तो डीबीटी (DBT) पेंडिंग या रिजेक्ट हो जाती है।
- शैक्षणिक रिकॉर्ड में खराबी: प्रेरणा पोर्टल से ही छात्रों का डेटा आगे की कक्षाओं और बोर्ड परीक्षाओं के लिए फॉरवर्ड होता है। पोर्टल पर गलत नाम होने से भविष्य के सभी ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) और मार्कशीट में गलत नाम ही छपेगा।
- सरकारी लाभों से वंचना: फ्री किताबों, यूनिफॉर्म, स्कॉलरशिप और अन्य योजनाओं का लाभ रुक सकता है।
नाम सुधार के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
पोर्टल पर किसी भी छात्र का नाम बदलने या सुधारने से पहले विद्यालय के पास ठोस साक्ष्य होने चाहिए। इसके लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- छात्र का आधार कार्ड: नाम की सही स्पेलिंग और जन्मतिथि की जांच के लिए।
- अभिभावक (माता/पिता) का आधार कार्ड: यदि माता-पिता के नाम में सुधार करना हो।
- विद्यालय का छात्र प्रवेश पंजिका (SR Register): स्कूल के मूल रजिस्टर में छात्र का नाम क्या दर्ज है, इसका मिलान करने के लिए। एसआर रजिस्टर ही स्कूल का सबसे प्रामाणिक दस्तावेज माना जाता है।
- अभिभावक द्वारा प्रार्थना पत्र: छात्र के माता या पिता द्वारा हस्ताक्षरित एक लिखित आवेदन पत्र, जिसमें सुधार का कारण और सही नाम स्पष्ट लिखा हो।
प्रेरणा पोर्टल पर नाम सुधारने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया (Step-by-Step Process)
प्रेरणा पोर्टल पर छात्रों के विवरण में सुधार करने का अधिकार मुख्य रूप से विद्यालय के प्रधानाध्यापक (Headmaster) या प्रभारी शिक्षक के पास होता है, जो अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर (RMN) के जरिए पोर्टल पर लॉगिन करते हैं। नाम सुधार की प्रक्रिया को हम दो मुख्य भागों में बांट सकते हैं:
भाग 1: प्रेरणा पोर्टल पर लॉगिन करना
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले अपने कंप्यूटर या मोबाइल के ब्राउज़र में प्रेरणा उत्तर प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट
prernaup.inखोलें। - बैंक डेटा अपलोड पर क्लिक करें: होमपेज पर मेन्यू बार में दिए गए “Bank Data Upload” विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद ड्रॉपडाउन में “Teacher Login” को चुनें।
- लॉगिन विवरण भरें:
- ‘New Registration’ या ‘Bank Upload’ में से किसी एक विकल्प को चुनें (सामान्यतः Bank Upload चुना जाता है)।
- अपना 10 अंकों का रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर (RMN) दर्ज करें।
- “Verify” बटन पर क्लिक करें।
- ओटीपी दर्ज करें: आपके मोबाइल पर 4 या 6 अंकों का एक ओटीपी (OTP) आएगा। उसे निर्धारित बॉक्स में भरें और “Login” पर क्लिक करें। इसके बाद आप प्रेरणा पोर्टल के मुख्य डैशबोर्ड पर पहुंच जाएंगे।
भाग 2: छात्र के नाम में सुधार करना (Student Profile Correction)
लॉगिन करने के बाद छात्र के नाम, माता-पिता के नाम या अन्य विवरणों को संशोधित करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:
चरण 1: ‘Student Learning OutComes’ या ‘Student Information’ सेक्शन में जाएं
डैशबोर्ड के बाईं ओर (Left Side Menu) आपको कई विकल्प दिखाई देंगे। छात्र के विवरण में सुधार के लिए आपको “Student Information System” या “Student Profile Correction” (पोर्टल के अपडेटेड वर्जन के अनुसार) के विकल्प पर जाना होगा। आप “Learning Outcome” टैब के अंतर्गत “Student Registration/Correction” पर भी क्लिक कर सकते हैं।
चरण 2: क्लास और सत्र (Session) का चयन करें
अब आपके सामने एक नया पेज खुलेगा। यहाँ आपको निम्नलिखित जानकारियों का चयन करना होगा:
- सत्र (Academic Session): वर्तमान शैक्षणिक सत्र का चयन करें।
- क्लास (Class): उस कक्षा को चुनें जिसमें वह छात्र पढ़ता है जिसके नाम में सुधार करना है।
- सेक्शन (Section): यदि स्कूल में सेक्शन लागू हैं, तो संबंधित सेक्शन चुनें, अन्यथा ‘All’ रहने दें।
इसके बाद “Search” या “Proceed” बटन पर क्लिक करें।
चरण 3: संबंधित छात्र को खोजें
सर्च पर क्लिक करते ही उस कक्षा के सभी नामांकित छात्रों की सूची नीचे प्रदर्शित होने लगेगी। इस सूची में छात्र का एसआर नंबर (SR Number), छात्र का नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि और आधार स्टेटस दिखाई देगा। जिस छात्र के नाम में सुधार करना है, उसकी लाइन के अंत में स्क्रॉल करें।
चरण 4: ‘Edit’ या ‘Modify’ विकल्प पर क्लिक करें
छात्र के नाम के ठीक सामने या लाइन के अंत में आपको “Edit”, “Modify” या “छात्र का विवरण संशोधित करें” का एक बटन दिखाई देगा। उस पर क्लिक करें।
चरण 5: सही नाम और विवरण दर्ज करें
बटन पर क्लिक करते ही छात्र का पूरा रजिस्ट्रेशन फॉर्म संपादन योग्य (Editable Mode) होकर खुल जाएगा।
- नाम सुधार: अब ‘Student Name’ वाले बॉक्स में जाएं। वहाँ लिखे पुराने या गलत नाम को मिटाकर, आधार कार्ड और एसआर रजिस्टर के अनुसार बिल्कुल सही स्पेलिंग दर्ज करें।
- यदि माता या पिता के नाम में भी त्रुटि है, तो उसे भी इसी समय सुधार लें।
- ध्यान रखें कि नाम के अक्षरों में स्पेस (Space) और स्पेलिंग की कोई गलती दोबारा न हो।
चरण 6: संशोधन का कारण चुनें (Reason for Correction)
कुछ अपडेट्स के बाद प्रेरणा पोर्टल पर नाम बदलते समय एक ड्रॉपडाउन मेन्यू आता है, जिसमें पूछा जाता है कि आप यह सुधार क्यों कर रहे हैं। आपको वहाँ उपयुक्त कारण चुनना होगा, जैसे—“As per Aadhaar” (आधार के अनुसार) या “Clerical Error” (लिपिकीय त्रुटि)।
चरण 7: डेटा सुरक्षित (Save/Update) करें
सभी सुधारों की एक बार पुनः जांच (Re-verify) कर लें। संतुष्ट होने के बाद नीचे दिए गए “Update” या “Save” बटन पर क्लिक करें। स्क्रीन पर “Student Record Updated Successfully” का एक पॉप-अप मैसेज दिखाई देगा। इस प्रकार छात्र के नाम में सुधार की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी हो जाती है।
यदि छात्र का आधार पहले से सत्यापित (Aadhaar Verified) हो तो क्या करें?
प्रेरणा पोर्टल पर सबसे जटिल समस्या तब आती है जब किसी छात्र का आधार कार्ड पहले से ही पोर्टल पर सफल सत्यापित (Successfully Verified) दिखा रहा हो, लेकिन उसके नाम की स्पेलिंग में कोई त्रुटि हो।
चूंकि आधार वेरिफिकेशन के बाद छात्र का डेटा लॉक हो जाता है, इसलिए शिक्षक सीधे अपने स्तर से उसमें सुधार नहीं कर पाते। ऐसी स्थिति में नाम सुधारने के लिए निम्नलिखित विशेष प्रक्रिया अपनानी पड़ती है:
- खण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO) को प्रार्थना पत्र: विद्यालय के प्रधानाध्यापक को अपने लेटरपैड पर एक पत्र लिखना होगा। इस पत्र में छात्र का एसआर नंबर, वर्तमान गलत नाम, सुधारा जाने वाला सही नाम और आधार संख्या का उल्लेख करना होगा।
- दस्तावेज संलग्न करना: इस प्रार्थना पत्र के साथ छात्र के आधार कार्ड की फोटोकॉपी और स्कूल के एसआर रजिस्टर के संबंधित पेज की फोटोकॉपी (प्रधानाध्यापक द्वारा सत्यापित) लगानी होगी।
- बीआरसी (BRC) से डेटा अनलॉक कराना: इस आवेदन को ब्लॉक संसाधन केंद्र (BRC) पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर या खण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO) के पास जमा करना होता है। बीईओ लॉगिन (BEO Login) के पास छात्र का डेटा ‘Rollback’ या ‘Unlock’ करने का अधिकार होता है।
- पुनः सत्यापन: बीआरसी से डेटा अनलॉक होने के बाद, वह छात्र दोबारा स्कूल के लॉगिन पर ‘Pending’ या ‘Editable’ दिखने लगता है। इसके बाद शिक्षक ऊपर बताई गई सामान्य प्रक्रिया के अनुसार नाम सुधारकर छात्र का आधार दोबारा सत्यापित कर सकते हैं।
प्रेरणा पोर्टल पर नाम सुधार करते समय बरतने वाली सावधानियां
नाम सुधार की प्रक्रिया में की गई एक छोटी सी लापरवाही छात्र के पूरे साल के डेटा को खराब कर सकती है। इसलिए शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
- स्पेलिंग का मिलान: अंग्रेजी के अक्षरों (Alphabets) को भरते समय विशेष सावधानी रखें। उदाहरण के लिए, ‘KUMARI’ और ‘KM’, या ‘RAM’ और ‘RAMA’ के अंतर को ध्यान से देखें। जो नाम छात्र के वैध आधार कार्ड में दर्ज है, वही पोर्टल पर लिखें।
- जल्दबाजी से बचें: एक बार डेटा सबमिट करने के बाद बार-बार सुधार करना पोर्टल पर संदिग्ध गतिविधियों में गिना जा सकता है और इससे डेटा फ्रीज होने का खतरा रहता है।
- इंटरनेट कनेक्टिविटी: यह प्रक्रिया करते समय सुनिश्चित करें कि आपका इंटरनेट कनेक्शन स्थिर हो। बीच में नेटवर्क कटने से डेटा अधूरा सेव हो सकता है।
- एसआर रजिस्टर को अपडेट रखना: पोर्टल पर नाम सुधारने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपके विद्यालय के प्रवेश पंजिका (SR Register) में भी वही सही नाम दर्ज हो। दोनों जगह डेटा में भिन्नता नहीं होनी चाहिए।
निष्कर्ष
स्कूल के प्रेरणा पोर्टल पर छात्रों के नाम और अन्य विवरणों को शुद्ध रखना शत-प्रतिशत नामांकन और पारदर्शी डीबीटी प्रक्रिया के लिए बेहद जरूरी है। उत्तर प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग ने समय-समय पर पोर्टल के इंटरफेस को सुधारा है ताकि शिक्षकों को डेटा संशोधन में ज्यादा परेशानियों का सामना न करना पड़े।
यदि किसी छात्र का नाम गलत है, तो प्रधानाध्यापक को बिना देरी किए ऊपर दी गई स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया का पालन करते हुए उसे तुरंत सुधारना चाहिए, ताकि छात्र को मिलने वाली सरकारी सहायता बिना किसी रुकावट के सीधे उसके बैंक खाते तक पहुंच सके। डिजिटल होते उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में यह तकनीकी कार्य अब हर शिक्षक के दैनिक दायित्वों का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: क्या प्रेरणा पोर्टल पर नाम सुधार के लिए कोई शुल्क देना पड़ता है?
उत्तर: नहीं, प्रेरणा पोर्टल पर किसी भी प्रकार के डेटा संशोधन या सुधार के लिए कोई शुल्क नहीं है। यह बेसिक शिक्षा विभाग की पूर्णतः निःशुल्क और आधिकारिक व्यवस्था है।
प्रश्न 2: क्या छात्र खुद या उसके अभिभावक घर बैठे प्रेरणा पोर्टल पर नाम सुधार सकते हैं?
उत्तर: नहीं, छात्रों या अभिभावकों के पास प्रेरणा पोर्टल पर सीधे लॉगिन करने का अधिकार नहीं होता है। इसके लिए उन्हें अपने स्कूल के प्रधानाध्यापक या कक्षा शिक्षक से संपर्क करना होगा। सुधार केवल शिक्षक लॉगिन या बीईओ लॉगिन के माध्यम से ही संभव है।
प्रश्न 3: नाम सुधारने के बाद पोर्टल पर नया नाम दिखने में कितना समय लगता है?
उत्तर: यदि सुधार स्कूल स्तर (Teacher Login) से किया गया है, तो सबमिट करते ही डेटा तुरंत अपडेट हो जाता है। लेकिन यदि मामला बीआरसी (BRC) स्तर से अनलॉक कराने का है, तो बीईओ द्वारा रिक्वेस्ट अप्रूव होने में 2 से 4 कार्यदिवस का समय लग सकता है।
प्रश्न 4: अगर माता-पिता का नाम पोर्टल पर गलत है और आधार में अलग है, तो डीबीटी रुक जाएगी?
उत्तर: हाँ, माता/पिता/अभिभावक का नाम और उनका बैंक खाता आपस में लिंक होता है। यदि पोर्टल पर दर्ज नाम और बैंक खाते/आधार के नाम में मिसमैच (Mismatch) होगा, तो डीबीटी का पैसा खाते में ट्रांसफर नहीं हो पाएगा। इसलिए इसमें भी सुधार अनिवार्य है।
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