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ग्लासगो में ऐतिहासिक गर्जना: लवप्रीत सिंह ने स्नैच में तोड़ा कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड, +110kg भारोत्तोलन में जीता रजत
स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (Glasgow Commonwealth Games) के मंच पर भारत के दिग्गज हैवीवेट भारोत्तोलक लवप्रीत सिंह ने अपनी ताकत का ऐसा लोहा मनवाया कि पूरा खेल जगत दंग रह गया। पुरुषों की +110 किलोग्राम (सुपर हैवीवेट) कैटेगरी में प्रतिस्पर्धा करते हुए 28 वर्षीय लवप्रीत सिंह ने स्नैच राउंड में 176 किलोग्राम का रिकॉर्ड तोड़ वजन उठाकर एक नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड (CWG Record) कायम कर दिया है।
इस बेहद रोमांचक और सांसें रोक देने वाले ऐतिहासिक मुकाबले में लवप्रीत सिंह ने कुल 388 किलोग्राम (176kg स्नैच + 212kg क्लीन एंड जर्क) का भार उठाकर रजत पदक (Silver Medal) अपने नाम किया। वह स्वर्ण पदक जीतने से महज 1 किलोग्राम के बेहद मामूली अंतर से चूक गए। न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी ने कुल 389 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता। हालांकि, गोल्ड से चूकने की थोड़ी निराशा के बावजूद लवप्रीत के इस ऐतिहासिक ‘गेम्स रिकॉर्ड’ ने भारत को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित किया है।
मुख्य प्रदर्शन और आंकड़े: एक नजर में
मुकाबले की गंभीरता और लवप्रीत सिंह के शानदार आंकड़ों को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है:
| स्पर्धा / राउंड | लिफ्ट का विवरण (प्रयास) | उठाया गया कुल वजन | मुख्य उपलब्धि / परिणाम |
|---|---|---|---|
| स्नैच (Snatch) | पहला प्रयास: 162kg दूसरा प्रयास: 168kg तीसरा प्रयास: 176kg | 176 किलोग्राम | नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड (CWG Record) एवं व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ (Personal Best) |
| क्लीन एंड जर्क (Clean & Jerk) | पहला प्रयास: 205kg दूसरा प्रयास: 212kg तीसरा प्रयास: 217kg (असफल) | 212 किलोग्राम | व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी |
| कुल योग (Total Lift) | स्नैच + क्लीन एंड जर्क का संयोजन | 388 किलोग्राम | रजत पदक (Silver Medal) एवं नया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ |
स्नैच राउंड की वो ऐतिहासिक लिफ्ट: कैसे बना नया रिकॉर्ड?
वेटलिफ्टिंग में स्नैच को सबसे तकनीकी और कठिन स्पर्धा माना जाता है, जहां खिलाड़ी को एक ही झटके में बारबेल को अपने सिर के ऊपर उठाना होता है। ग्लासगो के ‘एसईसी आर्मडिलो’ एरिना में जब +110kg का मुकाबला शुरू हुआ, तो लवप्रीत सिंह पूरी तरह से एकाग्र और आत्मविश्वास से भरे नजर आ रहे थे।
- शुरुआती प्रयास: लवप्रीत ने अपने पहले प्रयास में 162 किलोग्राम वजन उठाकर सुरक्षित शुरुआत की। इसके तुरंत बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने वजन बढ़ाकर 168 किलोग्राम किया और उसे भी बड़ी सहजता से उठा लिया।
- रिकॉर्ड तोड़ तीसरा प्रयास: तीसरे प्रयास के लिए जब लवप्रीत स्टेज पर आए, तो उन्होंने बारबेल का वजन सीधे 176 किलोग्राम करने का फैसला किया। जैसे ही उन्होंने इस भारी-भरकम वजन को हवा में लहराया और रेफरी की हरी झंडी मिली, पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
- 10 किलो की विशाल बढ़त: इस लिफ्ट के साथ ही उन्होंने पुराना कॉमनवेल्थ गेम्स स्नैच रिकॉर्ड (173kg) ध्वस्त कर दिया और क्लीन एंड जर्क राउंड में जाने से पहले अपने निकटतम प्रतिद्वंदी पर 10 किलोग्राम की विशाल बढ़त हासिल कर ली।
क्लीन एंड जर्क का रोमांच: 1 किलोग्राम का वो फासला
स्नैच में ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने के बाद लवप्रीत सिंह स्वर्ण पदक के सबसे बड़े दावेदार बन चुके थे। लेकिन हैवीवेट वेटलिफ्टिंग के खेल में पासा पलटते देर नहीं लगती। क्लीन एंड जर्क राउंड में न्यूजीलैंड के मौजूदा चैंपियन डेविड एंड्रयू लिटी और भारत के लवप्रीत के बीच एक ऐसी जंग देखने को मिली, जो सीडब्लूजी (CWG) इतिहास के सबसे करीबी मुकाबलों में दर्ज हो गई है।
- लवप्रीत की सुरक्षित लिफ्ट्स: क्लीन एंड जर्क में लवप्रीत ने अपने पहले प्रयास में 205kg और दूसरे प्रयास में 212kg वजन सफलतापूर्वक उठाया। इस समय तक उनका कुल स्कोर 388kg तक पहुंच चुका था।
- न्यूजीलैंड के लिटी का बड़ा दांव: स्नैच में पिछड़ने के बाद न्यूजीलैंड के डेविड लिटी ने क्लीन एंड जर्क के दूसरे प्रयास में सीधे 223 किलोग्राम वजन उठाने का एक बेहद साहसिक और जोखिम भरा फैसला किया। लिटी इस प्रयास में सफल रहे और उन्होंने नया गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए अपना कुल योग 389 किलोग्राम (166kg + 223kg) पर पहुंचा दिया।
- गोल्ड के लिए आखिरी जंग: अब गोल्ड मेडल दोबारा हासिल करने के लिए लवप्रीत सिंह को अपने आखिरी प्रयास में 217 किलोग्राम वजन उठाना था। चूंकि लिटी उनसे आगे निकल चुके थे, लवप्रीत को बैक-टू-बैक (बिना पर्याप्त आराम के) प्लेटफॉर्म पर आना पड़ा। अत्यधिक थकान और दबाव के कारण लवप्रीत अपने अंतिम प्रयास में 217kg बारबेल को नहीं संभाल सके।
- मात्र 1 किलोग्राम के इस बेहद बारीक अंतर से स्वर्ण पदक न्यूजीलैंड के खाते में चला गया और भारत के इस वीर सेनानी को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं इंग्लैंड के एंड्रयू ग्रिफिथ 356 किलोग्राम के कुल योग के साथ तीसरे स्थान (कांस्य पदक) पर रहे।
बर्मिंघम से ग्लासगो तक: ‘कांस्य’ को ‘रजत’ में बदला
लवप्रीत सिंह की यह सफलता अचानक नहीं मिली है, बल्कि यह उनकी सालों की निरंतर मेहनत और कड़े अनुशासन का परिणाम है।
- बर्मिंघम 2022 का सफर: इससे पहले आयोजित बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में लवप्रीत सिंह ने 109 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा की थी और वहां उन्होंने कांस्य पदक (Bronze Medal) जीता था।
- कैटेगरी में बदलाव और सुधार: इस बार उन्होंने अपनी वेट कैटेगरी को अपग्रेड करते हुए +110kg (सुपर हैवीवेट) में हिस्सा लिया। उन्होंने न केवल अपनी कैटेगरी बदली, बल्कि अपने मेडल का रंग भी बदलते हुए ‘कांस्य’ को ‘रजत’ में तब्दील कर दिया। एक उच्च भार वर्ग में आकर सीधे गेम्स रिकॉर्ड तोड़ना उनकी असली क्षमता को दर्शाता है।
अमृतसर के दर्जी के बेटे से लेकर भारतीय नौसेना के गौरव तक
लवप्रीत सिंह की सफलता की कहानी देश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत है।
- शालीन पृष्ठभूमि: पंजाब के सीमावर्ती जिले अमृतसर के बल सिकंदर गांव के रहने वाले लवप्रीत एक बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता गांव में एक छोटी सी दर्जी (Tailor) की दुकान चलाते हैं। वित्तीय कठिनाइयों के बावजूद उनके परिवार ने लवप्रीत के खेल के प्रति जुनून को कभी कम नहीं होने दिया।
- भारतीय नौसेना (Indian Navy) का साथ: लवप्रीत की प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें भारतीय नौसेना में शामिल किया गया, जहां वे वर्तमान में कार्यरत हैं। नौसेना के कप्तान विजय कुमार और खेल विंग के सहयोग ने उन्हें विश्व स्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान कीं, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहराने में कामयाब रहे।
पदक जीतने के बाद क्या बोले लवप्रीत सिंह?
मुकाबले के समापन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए लवप्रीत सिंह के चेहरे पर गर्व और हल्का सा मलाल दोनों साफ झलक रहा था। उन्होंने अत्यंत विनम्रता के साथ कहा:
“जाहिर तौर पर जब आप स्वर्ण पदक के इतने करीब आकर उसे चूक जाते हैं, तो थोड़ा दुख तो होता ही है। स्नैच में नया गेम्स रिकॉर्ड बनाने के बाद मुझे पूरा भरोसा था कि मैं देश के लिए सोना जीतूंगा, लेकिन शायद भगवान को कुछ और ही मंजूर था। क्लीन एंड जर्क के आखिरी प्रयास में थोड़ा समय कम मिला, और यहाँ खेल में आधे किलोग्राम की कीमत भी बहुत बड़ी होती है। मैं अपने मुख्य कोच श्री विजय शर्मा जी, भारतीय भारोत्तोलन महासंघ (IWLF), साई (SAI) और भारतीय नौसेना का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ। यह रजत पदक देश के नाम है, और अब मेरा पूरा ध्यान आगामी एशियाई खेलों (Asian Games) में इस प्रदर्शन को सुधारने और स्वर्ण जीतने पर होगा।”
भारतीय वेटलिफ्टिंग अभियान का शानदार समापन
लवप्रीत सिंह के इस शानदार रजत पदक के साथ ही ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का भारोत्तोलन (Weightlifting) अभियान कुल 8 पदकों (1 स्वर्ण, 6 रजत और 1 कांस्य) के साथ अत्यंत सफलतापूर्वक समाप्त हुआ। लवप्रीत ने आखिरी दिन पदक जीतकर लगातार तीन पदक-विहीन स्पर्धाओं के सूखे को समाप्त किया और भारतीय दल में नई ऊर्जा फूंक दी।
उनका यह ऐतिहासिक गेम्स रिकॉर्ड यह साबित करता है कि भारतीय हैवीवेट भारोत्तोलक अब दुनिया के सर्वश्रेष्ठ एथलीटों को कड़ी टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। देश को अपने इस जांबाज खिलाड़ी पर नाज है।
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में लवप्रीत सिंह द्वारा पुरुषों के +110 किलोग्राम भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) वर्ग में बनाए गए ऐतिहासिक स्नैच रिकॉर्ड और उनके रजत पदक प्रदर्शन से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण सामान्य प्रश्न (FAQs):
प्रश्न 1: लवप्रीत सिंह ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कौन सा नया रिकॉर्ड बनाया है?
उत्तर: लवप्रीत सिंह ने पुरुषों की +110 किलोग्राम (सुपर हैवीवेट) कैटेगरी के स्नैच राउंड में 176 किलोग्राम का सफल भार उठाकर एक नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड (CWG Record) कायम किया। उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में पुराना रिकॉर्ड (173kg) ध्वस्त कर दिया।
प्रश्न 2: लवप्रीत सिंह ने इस प्रतियोगिता में कुल कितना वजन उठाया और उन्हें कौन सा पदक मिला?
उत्तर: लवप्रीत सिंह ने प्रतियोगिता में कुल 388 किलोग्राम का भार उठाया, जिसमें 176 किलोग्राम स्नैच और 212 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क शामिल था। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने रजत पदक (Silver Medal) अपने नाम किया।
प्रश्न 3: लवप्रीत सिंह स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतने से कितने अंतर से चूक गए और स्वर्ण किसने जीता?
उत्तर: लवप्रीत सिंह स्वर्ण पदक जीतने से महज 1 किलोग्राम के बेहद बारीक अंतर से चूक गए। न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी ने कुल 389 किलोग्राम (166kg स्नैच + 223kg क्लीन एंड जर्क) का भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता।
प्रश्न 4: स्नैच राउंड के बाद लवप्रीत सिंह के पास कितनी बढ़त थी?
उत्तर: स्नैच राउंड में रिकॉर्डतोड़ 176kg उठाने के बाद लवप्रीत सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी डेविड लिटी (166kg) पर 10 किलोग्राम की मजबूत और विशाल बढ़त बना ली थी। हालांकि, क्लीन एंड जर्क राउंड में लिटी ने 223kg का नया गेम्स रिकॉर्ड बनाकर इस अंतर को पार कर लिया।
प्रश्न 5: क्या लवप्रीत सिंह ने इससे पहले भी राष्ट्रमंडल खेलों (CWG) में कोई पदक जीता है?
उत्तर: हाँ, लवप्रीत सिंह का यह दूसरा राष्ट्रमंडल पदक है। इससे पहले बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में उन्होंने 109 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा लिया था और वहां कांस्य पदक (Bronze Medal) जीता था। ग्लासगो में उन्होंने अपनी कैटेगरी अपग्रेड कर रजत पदक हासिल किया।
प्रश्न 6: लवप्रीत सिंह मूल रूप से कहाँ के रहने वाले हैं और वे किस संगठन से जुड़े हैं?
उत्तर: लवप्रीत सिंह मूल रूप से पंजाब के अमृतसर जिले के बल सिकंदर गांव के रहने वाले हैं। एक बेहद साधारण पृष्ठभूमि (दर्जी के बेटे) से आने वाले लवप्रीत वर्तमान में भारतीय नौसेना (Indian Navy) में कार्यरत हैं और वहीं से ट्रेनिंग लेते हैं
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