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जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के नियमों में बड़ा बदलाव: योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी, जानें नए शुल्क और नियम!

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के नियमों में बड़ा बदलाव, योगी कैबिनेट ने नए प्रस्ताव पर लगाई मुहर!
उत्तर प्रदेश में अब जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया पहले से अधिक आसान, डिजिटल और व्यवस्थित होने जा रही है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में “जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 2026” को मंजूरी दे दी गई है। नई नियमावली के लागू होने के बाद प्रमाण पत्र बनवाने, विलंब शुल्क और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
21 दिन के भीतर पंजीकरण पूरी तरह मुफ्त
नई व्यवस्था के अनुसार यदि किसी बच्चे का जन्म या किसी व्यक्ति की मृत्यु होने के 21 दिनों के भीतर इसकी सूचना संबंधित रजिस्ट्रार को दे दी जाती है, तो जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र बिल्कुल निःशुल्क जारी किया जाएगा। इसके साथ ही अब प्रमाण पत्र डिजिटल माध्यम से भी आसानी से प्राप्त किए जा सकेंगे।

देरी होने पर देना होगा शुल्क
सरकार ने विलंब से पंजीकरण कराने पर शुल्क का नया स्लैब तय किया है ताकि लोग समय पर पंजीकरण कराएं।
नया शुल्क ढांचा
21 दिन के बाद लेकिन 30 दिन के भीतर ₹20 विलंब शुल्क देकर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा।
30 दिन के बाद लेकिन 1 वर्ष के भीतर जिला रजिस्ट्रार या अपर जिला रजिस्ट्रार की अनुमति आवश्यक होगी और ₹50 शुल्क देना होगा।
1 वर्ष से अधिक देरी होने पर जिला मजिस्ट्रेट (DM), SDM या अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अनुमति के साथ ₹100 शुल्क देना पड़ेगा।
बिना नाम के पंजीकरण के लिए भी नया नियम
यदि किसी बच्चे का जन्म बिना नाम के पंजीकृत कराया गया है, तो माता-पिता को 12 महीने के भीतर बच्चे का नाम दर्ज कराना होगा। 12 महीने बाद लेकिन 15 वर्ष के भीतर नाम जुड़वाने पर निर्धारित विलंब शुल्क देना पड़ेगा।
डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन सुविधा पर जोर
नई नियमावली में डिजिटल रिकॉर्ड को प्राथमिकता दी गई है। अब नागरिक इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। इससे सरकारी कार्यालयों के चक्कर कम होंगे और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
रिकॉर्ड हमेशा सुरक्षित रखे जाएंगे
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जन्म रजिस्टर, मृत्यु रजिस्टर और मृत-जन्म रजिस्टर स्थायी अभिलेख होंगे। इन्हें कभी नष्ट नहीं किया जाएगा। इससे भविष्य में कानूनी, सामाजिक और सरकारी कार्यों में रिकॉर्ड उपलब्ध रहने में आसानी होगी।
अतिरिक्त सेवाओं के लिए भी तय हुई फीस
नई नियमावली में रिकॉर्ड खोजने और अतिरिक्त प्रतियां जारी करने की फीस भी तय की गई है।
रिकॉर्ड खोज शुल्क: ₹20
अतिरिक्त वर्ष की खोज: ₹20
प्रमाण पत्र की अतिरिक्त कॉपी: ₹50
Non-Availability Certificate: ₹20


क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र आज स्कूल एडमिशन, पासपोर्ट, सरकारी योजनाओं, पेंशन, बैंकिंग और संपत्ति संबंधी कार्यों के लिए बेहद जरूरी दस्तावेज बन चुके हैं। नई नियमावली से पंजीकरण प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और डिजिटल होगी, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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