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यूपी की नई ‘लाइफलाइन’ बनी गंगा एक्सप्रेसवे: मोदी जी ने किया देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे का लोकार्पण

गंगा एक्सप्रेसवे 2026: एक नज़र में मार्ग, सुविधाएं और प्रमुख पर्यटन स्थल– गंगा एक्सप्रेसवे का महत्व, टोल दरें और एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स की पूरी जानकारी!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज, 29 अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का भव्य उद्घाटन किया है। ₹36,230 करोड़ की लागत से बना यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा और देश के सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स में से एक है।

गंगा एक्सप्रेसवे का महत्व और प्रमुख विशेषताएं

यात्रा और कनेक्टिविटी के लिए वरदान

यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों के लिए भी वरदान साबित होगा। साथ ही, यह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे जैसे अन्य प्रमुख सड़क नेटवर्कों से जुड़कर पूरे उत्तर प्रदेश में एक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी ग्रिड बनाएगा।

गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) के लिए निर्धारित टोल दरें और मार्ग में आने वाले प्रमुख पर्यटन स्थलों का विवरण नीचे दिया गया है:

गंगा एक्सप्रेसवे टोल दरें (2026-27)

उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा जारी की गई दरों के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर ₹2.55 प्रति किलोमीटर (कार के लिए) की दर से टोल वसूला जाएगा। पूरे 594 किमी के सफर के लिए श्रेणीवार अनुमानित टोल इस प्रकार है:

प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल (Spiritual Corridor)

यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों और ऐतिहासिक केंद्रों को सीधे जोड़ता है, जिससे ‘आध्यात्मिक सर्किट’ को मजबूती मिलेगी:

  1. गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़): गंगा किनारे स्थित पवित्र तीर्थस्थल। यहाँ का वासुदेव मंदिर प्रसिद्ध है।
  2. कल्कि धाम (संभल): भगवान विष्णु के आगामी अवतार को समर्पित पौराणिक स्थल।
  3. संकट हरण हनुमान मंदिर (हरदोई): स्थानीय आस्था का प्रमुख केंद्र।
  4. चंद्रिका देवी शक्तिपीठ (उन्नाव/लखनऊ मार्ग): प्राचीन सिद्ध शक्तिपीठ।
  5. बेल्हा देवी धाम (प्रतापगढ़): सई नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध देवी मंदिर।
  6. त्रिवेणी संगम (प्रयागराज): एक्सप्रेसवे का अंतिम छोर, जहाँ गंगा, यमुना और सरस्वती का मिलन होता है।
  7. हस्तिनापुर (मेरठ के समीप): महाभारत कालीन ऐतिहासिक और जैन तीर्थस्थल।

सुविधाएं और सुरक्षा

गंगा एक्सप्रेसवे के प्रमुख प्रवेश और निकास द्वार (Interchanges)

यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों को जोड़ता है और इसमें कुल 19 इंटरचेंज बनाए गए हैं। यहाँ प्रमुख जिलों के हिसाब से महत्वपूर्ण ‘एंट्री और एग्जिट’ पॉइंट दिए गए हैं:

  1. मेरठ (प्रारंभिक बिंदु): मेरठ के बिजौली गांव के पास मुख्य टोल प्लाजा से इसकी शुरुआत होती है।
  2. हापुड़: बुलंदशहर रोड (NH-334) के पास से एंट्री।
  3. बुलंदशहर: स्याना रोड के पास इंटरचेंज।
  4. अमरोहा: जोया और गजरौला के पास से एक्सप्रेसवे पर चढ़ने की सुविधा।
  5. संभल: चंदौसी-संभल मार्ग के पास।
  6. बदायूं: दातागंज रोड के पास प्रमुख इंटरचेंज।
  7. शाहजहाँपुर: जलालाबाद के पास (यहीं पर 3.5 किमी लंबी एयरस्ट्रिप भी है)।
  8. हरदोई: बिलग्राम और संडीला मार्ग के पास।
  9. उन्नाव: बांगरमऊ और हसनगंज के पास से कनेक्टिविटी।
  10. रायबरेली: लालगंज के पास इंटरचेंज।
  11. प्रतापगढ़: कुंडा और जेठवारा रोड के पास।
  12. प्रयागराज (अंतिम बिंदु): प्रयागराज के जुडापुर डांडू गांव के पास यह एक्सप्रेसवे समाप्त होता है और नेशनल हाईवे से जुड़ जाता है।

कुछ खास बातें जो यात्रियों के लिए जानना जरूरी हैं:

टिप: यदि आप मेरठ से प्रयागराज जा रहे हैं, तो शाहजहाँपुर के पास बनी एयरस्ट्रिप को देखना न भूलें, जो इस पूरे प्रोजेक्ट का एक मुख्य आकर्षण है।

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