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Aadhaar Card Update: आधार अब जन्मतिथि का प्रमाण नहीं, UIDAI ने जारी किया नया नियम

आधार कार्ड पहचान का प्रमाण है, जन्मतिथि का नहीं: UIDAI का बड़ा स्पष्टीकरण 

नई दिल्ली, 28 अप्रैल, 2026

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि आधार कार्ड केवल एक पहचान पत्र (Identity Proof) है और इसे जन्मतिथि (Date of Birth) के वैध प्रमाण के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। प्राधिकरण ने यह जानकारी आधार यूजर्स एजेंसियों (AUAs) और ई-केवाईसी यूजर्स एजेंसियों (KUAs) को भेजे गए एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से साझा की है। 

UIDAI के स्पष्टीकरण की मुख्य बातें:

अन्य मान्य दस्तावेज़
जन्मतिथि के आधिकारिक सत्यापन के लिए अब हाई स्कूल की मार्कशीट, नगर निगम द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट या अन्य सरकारी अधिकृत दस्तावेजों को ही प्राथमिकता दी जाएगी। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसी राज्य सरकारों ने पहले ही इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं कि सरकारी सेवाओं या नियुक्तियों में आधार को जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में स्वीकार न किया जाए।

यह स्पष्टीकरण उन भ्रमों को दूर करने के लिए दिया गया है जहां कई संस्थान आधार को उम्र के पुख्ता सबूत के तौर पर स्वीकार कर रहे थे। 

क्या आप जानना चाहते हैं कि आधार कार्ड में जन्मतिथि अपडेट करने के लिए अब कौन से नए दस्तावेज़ अनिवार्य हैं?

निर्धारित नियमों के अनुसार, अब आधार कार्ड का उपयोग केवल पहचान और पते के प्रमाण के रूप में किया जा सकता है, जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में नहीं। यहाँ इस विषय पर एक विस्तृत लेख दिया गया है:

आधार कार्ड: अब जन्मतिथि का वैध प्रमाण नहीं, UIDAI का नया निर्देश

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक महत्वपूर्ण सर्कुलर जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड (Aadhaar Card) का उपयोग अब जन्मतिथि (Date of Birth) के प्रमाण के रूप में नहीं किया जा सकेगा। आधार केवल एक विशिष्ट पहचान संख्या है जो व्यक्ति की नागरिकता या जन्मतिथि की पुष्टि करने वाला दस्तावेज़ नहीं है।

UIDAI ने क्यों लिया यह फैसला?

UIDAI के अनुसार, आधार कार्ड का मुख्य उद्देश्य “पहचान का प्रमाणीकरण” (Identity Authentication) है। आधार में दर्ज जन्मतिथि अक्सर नागरिक द्वारा प्रदान किए गए किसी अन्य दस्तावेज़ या स्व-घोषणा (Self-declaration) पर आधारित होती है। कई कानूनी मामलों और अदालती फैसलों (जैसे बॉम्बे हाई कोर्ट का हालिया आदेश) में यह कहा गया है कि आधार जन्मतिथि का पुख्ता सबूत नहीं है।

इसी को ध्यान में रखते हुए, ई-केवाईसी (e-KYC) और आधार के प्रिंटेड स्वरूप (Aadhaar Letter/e-Aadhaar) पर अब स्पष्ट रूप से यह चेतावनी लिखी जाने लगी है कि: “आधार पहचान का प्रमाण है, नागरिकता या जन्मतिथि का नहीं।”

अब जन्मतिथि के लिए कौन से दस्तावेज़ होंगे मान्य?

यदि आप किसी सरकारी योजना, पासपोर्ट आवेदन, स्कूल दाखिले या पेंशन के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो जन्मतिथि प्रमाणित करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों को प्राथमिकता दी जाएगी:

  1. जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate): सबसे आधिकारिक दस्तावेज़।
  2. मार्कशीट/स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र: मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी 10वीं या 12वीं की मार्कशीट।
  3. पैन कार्ड (PAN Card): आयकर विभाग द्वारा जारी।
  4. पासपोर्ट (Passport): अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य पहचान।
  5. सर्विस रिकॉर्ड: सरकारी कर्मचारियों के मामले में।

आम जनता पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?

निष्कर्ष:

UIDAI का यह कदम आधार के दुरुपयोग को रोकने और डेटा की सटीकता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने ‘जन्म प्रमाण पत्र’ को संभाल कर रखें, क्योंकि आने वाले समय में यह जन्मतिथि और आयु सत्यापन के लिए सबसे अनिवार्य दस्तावेज़ होगा।

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