UP Atal Chevening Scholarship Scheme: पात्रता, लाभ और आवेदन की पूरी प्रक्रिया – जानिए कैसे मिलेगा 100% फुल फंडेड लाभ!

• UP Chief Minister Yogi Adityanath and British High Commissioner Lindy Cameron exchanging the Chevening Scholarship MoU in Lucknow.

‘चिवनिंग-भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी उत्तर प्रदेश राज्य सरकार छात्रवृत्ति योजना’ उत्तर प्रदेश सरकार की एक अत्यंत महत्वाकांक्षी और ऐतिहासिक पहल है। इस योजना के तहत राज्य के मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को यूनाइटेड किंगडम (UK) के शीर्ष और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में एक वर्षीय मास्टर डिग्री की पढ़ाई करने के लिए पूर्ण वित्तीय सहायता (फुल स्कॉलरशिप) प्रदान की जाती है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 7 अगस्त 2025 को राज्य कैबिनेट द्वारा इस योजना को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद 19 अगस्त 2025 को लखनऊ में भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त लिंडी कैमरून और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश सरकार तथा ब्रिटेन के फॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (FCDO) के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह योजना शैक्षणिक सत्र 2025-26 से शुरू होकर अगले तीन वर्षों (2025-26, 2026-27 और 2027-28) तक के लिए प्रभावी की गई है, जिसके बाद वर्ष 2028-29 से इसे पुनः नवीनीकृत करने का प्रावधान है।


योजना का मुख्य उद्देश्य और विजन

इस अंतर्राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना का मूल उद्देश्य उत्तर प्रदेश के होनहार युवाओं को वैश्विक मंच पर उत्कृष्टता प्राप्त करने के समान अवसर देना है।

  1. वैश्विक नेतृत्व और अनुसंधान का विकास: योजना का लक्ष्य राज्य के मेधावी छात्रों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, शोध और नवाचार से जोड़ना है। इससे छात्रों में ग्लोबल थिंकिंग (वैश्विक सोच) और लीडरशिप क्वालिटी (नेतृत्व कौशल) विकसित होगी।
  2. आर्थिक बाधाओं को दूर करना: उत्तर प्रदेश में ऐसे कई मेधावी छात्र हैं जो पैसों की कमी के कारण विदेश जाकर पढ़ने का अपना सपना पूरा नहीं कर पाते। यह योजना यह सुनिश्चित करती है कि प्रतिभा वित्तीय अभाव के कारण पीछे न छूटे।
  3. भारत-ब्रिटेन शैक्षणिक संबंधों को मजबूती: इस पहल के माध्यम से दोनों देशों के बीच ज्ञान और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा, जिससे आपसी संबंध और गहरे होंगे।
  4. उत्तर प्रदेश का विकास: विदेश से उच्च शिक्षा और वैश्विक अनुभव प्राप्त करके जब ये छात्र वापस लौटेंगे, तो वे उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक, आर्थिक और तकनीकी विकास में अपना अमूल्य योगदान दे सकेंगे।

वित्तीय संरचना और बजट प्रावधान

यह छात्रवृत्ति एक को-फंडेड (सह-वित्तपोषित) मॉडल पर आधारित है, जिसका खर्च उत्तर प्रदेश सरकार और ब्रिटिश सरकार का FCDO विभाग मिलकर उठा रहे हैं।

  • प्रति छात्र कुल खर्च: यूके में एक वर्ष की मास्टर डिग्री के लिए प्रति छात्र कुल अनुमानित खर्च 38,048 पाउंड से 42,076 पाउंड (लगभग 45 लाख से 48 लाख रुपये) आता है।
  • उत्तर प्रदेश सरकार का योगदान: कुल खर्च में से लगभग 19,800 पाउंड (लगभग 23 लाख रुपये) प्रति छात्र का वहन उत्तर प्रदेश सरकार करती है।
  • ब्रिटिश सरकार (FCDO) का योगदान: छात्रवृत्ति की शेष राशि का पूरा वहन ब्रिटेन के फॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (FCDO) द्वारा किया जाता है।
  • राज्य का प्रारंभिक बजट: उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना के सफल संचालन के लिए अपने प्रारंभिक वित्तीय वर्ष (2025-26) में 2 करोड़ रुपये का विशेष बजट आवंटित किया था।

छात्रवृत्ति के अंतर्गत मिलने वाले लाभ:

यह एक पूर्ण छात्रवृत्ति (Full Scholarship) है, जिसका अर्थ है कि चयनित छात्रों को अपनी पढ़ाई या रहने के लिए अपनी जेब से कुछ भी खर्च नहीं करना पड़ता। इसके तहत निम्नलिखित खर्चों को पूरी तरह कवर किया जाता है:

  • संपूर्ण शिक्षण शुल्क (Full Tuition Fees)
  • परीक्षा एवं अनुसंधान शुल्क (University Exam & Research Fees)
  • जीवन-यापन भत्ता (Monthly Living Stipend/Allowance)
  • ब्रिटेन आने-जाने का हवाई किराया (Economy class return airfare)

लाभार्थी, चयन प्रक्रिया और प्रमुख विश्वविद्यालय

इस योजना के तहत प्रत्येक वर्ष उत्तर प्रदेश के 5 मेधावी छात्रों का चयन किया जाता है। तीन वर्षों की प्रारंभिक अवधि में कुल 15 छात्रों को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा।

लक्षित ब्रिटिश विश्वविद्यालय:

इस छात्रवृत्ति के माध्यम से छात्रों को यूनाइटेड किंगडम के दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और शीर्ष रैंकिंग वाले विश्वविद्यालयों में दाखिला और पढ़ने का अवसर मिलता है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय (University of Oxford)
  • कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय (University of Cambridge)
  • एडिनबर्ग विश्वविद्यालय (University of Edinburgh)
  • लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (LSE)

चयन के मुख्य चरण:

चूंकि सीटें अत्यंत सीमित (प्रतिवर्ष केवल 5) हैं, इसलिए इसकी चयन प्रक्रिया बेहद पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और योग्यता-आधारित होती है।

  1. चिवनिंग पोर्टल पर आवेदन: इच्छुक उम्मीदवारों को चिवनिंग की आधिकारिक वैश्विक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है।
  2. शैक्षणिक पृष्ठभूमि का मूल्यांकन: आवेदक के स्नातक (Graduation) के अंक, उनकी शैक्षणिक उपलब्धियां और उनके चुने गए कोर्स की प्रासंगिकता को परखा जाता है।
  3. लीडरशिप क्षमता: आवेदक को यह साबित करना होता है कि उनमें भविष्य में एक लीडर बनने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता है।
  4. साक्षात्कार (Interview): प्रारंभिक स्क्रीनिंग के बाद शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों का साक्षात्कार ब्रिटिश उच्चायोग और विशेषज्ञों के पैनल द्वारा लिया जाता है।

आवेदन के लिए पात्रता और आवश्यक शर्तें

इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को चिवनिंग स्कॉलरशिप के वैश्विक मानदंडों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश सरकार की शर्तों को पूरा करना आवश्यक है। यद्यपि विस्तृत दिशा-निर्देश आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होते हैं, सामान्य पात्रता शर्तें इस प्रकार हैं:

  • मूल निवास: आवेदक अनिवार्य रूप से उत्तर प्रदेश का मूल निवासी (Domicile holder) होना चाहिए।
  • शैक्षणिक योग्यता: आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Bachelor’s Degree) की डिग्री होनी चाहिए, जो यूके के मास्टर प्रोग्राम में प्रवेश के लिए पर्याप्त हो।
  • कार्य अनुभव: चिवनिंग के नियमों के अनुसार, आवेदक के पास न्यूनतम दो वर्ष (या 2,800 घंटे) का कार्य अनुभव (Work Experience) होना चाहिए। इसमें पूर्णकालिक नौकरी, अंशकालिक नौकरी (Part-time), इंटर्नशिप या स्वैच्छिक कार्य (Volunteering) भी शामिल हो सकते हैं।
  • भाषा दक्षता: आवेदक को अंग्रेजी भाषा में दक्ष होना अनिवार्य है और उन्हें यूके विश्वविद्यालय की आवश्यकताओं के अनुसार IELTS या अन्य स्वीकृत भाषा परीक्षा उत्तीर्ण करनी पड़ सकती है।
  • वापसी की शर्त: इस छात्रवृत्ति की एक मुख्य शर्त यह है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र को न्यूनतम दो वर्ष के लिए अपने गृह देश (भारत/उत्तर प्रदेश) वापस लौटना होगा, ताकि वे प्राप्त ज्ञान का उपयोग अपने समाज के उत्थान के लिए कर सकें।

योजना का महत्व और सामाजिक-आर्थिक प्रभाव

अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग उत्तर प्रदेश राज्य सरकार छात्रवृत्ति योजना केवल एक वित्तीय सहायता कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के मानव संसाधन में किया गया एक दीर्घकालिक निवेश है।

मुख्य आयामसमाज और छात्रों पर प्रभाव
प्रतिभाओं को वैश्विक मंचउत्तर प्रदेश के ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के होनहार छात्र भी वैश्विक स्तर पर ऑक्सफोर्ड और कैम्ब्रिज जैसे संस्थानों में पढ़कर अंतरराष्ट्रीय पहचान बना सकेंगे।
आर्थिक समानतायह योजना यह सुनिश्चित करती है कि उच्च शिक्षा केवल अमीर परिवारों के बच्चों तक सीमित न रहे, बल्कि गरीब और मध्यम वर्ग के मेधावी छात्र भी विदेश में मुफ्त शिक्षा पा सकें।
राज्य के शिक्षा स्तर में सुधारजब राज्य के छात्र वैश्विक मानकों पर शिक्षित होकर लौटेंगे, तो वे राज्य के भीतर शोध, शिक्षण और नवाचार की संस्कृति को प्रेरित करेंगे।
अटल जी के विचारों को सम्मानभारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी हमेशा युवाओं को शिक्षित और सशक्त बनाने के पक्षधर थे। उनके नाम पर शुरू की गई यह योजना उनकी दूरदर्शिता और राष्ट्र निर्माण के सपनों को सच्ची श्रद्धांजलि है।

आवेदन कैसे करें? (How to Apply)

इस छात्रवृत्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल और चिवनिंग के वैश्विक नेटवर्क के माध्यम से संचालित होती है।

  1. सबसे पहले चिवनिंग की आधिकारिक वेबसाइट www.chevening.org/scholarship पर जाएं।
  2. अपने देश (India) और विशिष्ट स्कॉलरशिप के रूप में ‘Uttar Pradesh State Government Scholarship’ के विकल्प को खोजें व चुनें।
  3. पोर्टल पर अपना पंजीकरण करें और आवश्यक जानकारी जैसे शैक्षणिक दस्तावेज, कार्य अनुभव का विवरण और रेफरेंस लेटर (Reference Letters) अपलोड करें।
  4. आवेदन में पूछे गए निबंधों (Essays) को बेहद सावधानी से लिखें, क्योंकि आपकी नेतृत्व क्षमता और करियर विजन का आकलन इन्हीं निबंधों के आधार पर किया जाता है।
  5. आवेदन की अंतिम तिथि से पहले फॉर्म को ऑनलाइन सबमिट कर दें।

यह छात्रवृत्ति योजना उत्तर प्रदेश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। जो छात्र वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाना चाहते हैं और देश का नाम रोशन करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक स्वर्णिम और जीवन बदल देने वाला अवसर है।

‘चिवनिंग-भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी उत्तर प्रदेश राज्य सरकार छात्रवृत्ति योजना’ से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs):

1. यह योजना क्या है और इसे किसने शुरू किया है?

उत्तर: यह उत्तर प्रदेश सरकार और ब्रिटिश सरकार के फॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (FCDO) द्वारा संयुक्त रूप से शुरू की गई एक वैश्विक छात्रवृत्ति योजना है। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश के मेधावी छात्रों को यूनाइटेड किंगडम (UK) के शीर्ष विश्वविद्यालयों में 1 वर्ष के मास्टर डिग्री कोर्स के लिए पूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

2. इस छात्रवृत्ति के तहत कौन-कौन से खर्च कवर किए जाते हैं?

उत्तर: यह एक पूर्ण छात्रवृत्ति (Fully-Funded Scholarship) है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित खर्चों को पूरी तरह कवर किया जाता है:

  • विश्वविद्यालय की पूरी ट्यूशन फीस (Tuition Fees)
  • मासिक रहने का खर्च (Living Stipend)
  • भारत से यूके आने-जाने का इकोनॉमी क्लास का हवाई टिकट (Airfare)
  • वीजा फीस और अन्य शैक्षणिक शोध/परीक्षा शुल्क

3. हर साल उत्तर प्रदेश से कितने छात्रों को चुना जाता है?

उत्तर: इस योजना के तहत प्रत्येक वर्ष उत्तर प्रदेश के 5 मेधावी छात्रों का चयन किया जाता है। प्रारंभिक तीन वर्षों (2025-26 से 2027-28) के दौरान कुल 15 छात्रों को इस योजना का लाभ मिलेगा।

4. क्या इस स्कॉलरशिप के लिए उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है?

उत्तर: हाँ, इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक के पास उत्तर प्रदेश का मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile/Residence Certificate) होना अनिवार्य है।

5. आवेदन के लिए शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव (Work Experience) की क्या शर्तें हैं?

उत्तर:

  • शैक्षणिक योग्यता: आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से स्नातक (Bachelor’s Degree) की डिग्री होनी चाहिए।
  • कार्य अनुभव: चिवनिंग के नियमों के अनुसार, आवेदक के पास न्यूनतम दो वर्ष (या 2,800 घंटे) का कार्य अनुभव होना चाहिए। इसमें फुल-टाइम जॉब, पार्ट-टाइम जॉब, इंटर्नशिप या सोशल वर्क (स्वैच्छिक कार्य) शामिल हो सकते हैं।

6. क्या पढ़ाई पूरी करने के बाद ब्रिटेन (UK) में रुकने की अनुमति है?

उत्तर: नहीं, इस छात्रवृत्ति की एक मुख्य शर्त यह है कि मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद छात्र को न्यूनतम दो वर्ष के लिए अपने गृह देश (भारत/उत्तर प्रदेश) वापस लौटना होगा, ताकि वे वहां प्राप्त ज्ञान का उपयोग अपने राज्य के विकास में कर सकें।

7. चयन प्रक्रिया कैसी होती है और साक्षात्कार (Interview) कौन लेता है?

उत्तर: चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और योग्यता-आधारित होती है। चिवनिंग पोर्टल पर प्रारंभिक स्क्रीनिंग और निबंधों (Essays) के मूल्यांकन के बाद शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों का साक्षात्कार ब्रिटिश उच्चायोग (British High Commission) और विशेषज्ञों के एक पैनल द्वारा लखनऊ या दिल्ली में आयोजित किया जाता है।

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