UP CM Fellowship Programme 2026: नीति-निर्माण से जुड़ने का सुनहरा मौका, स्नातक पास ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

उत्तर प्रदेश के एक आकांक्षी विकास खंड कार्यालय के समीक्षा कक्ष में डिजिटल टैबलेट और लैपटॉप के साथ रीयल-टाइम ग्रामीण डेटा का विश्लेषण करते मुख्यमंत्री फेलोशिप के युवा रिसर्च फेलो।

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम के तहत राज्य के ऊर्जावान, तकनीकी रूप से कुशल और उच्च शिक्षित युवाओं को सरकार की विकास प्राथमिकताओं से जोड़कर नीति-निर्माण, डेटा विश्लेषण और जमीनी स्तर पर योजनाओं की निगरानी (Monitoring) के लिए चुना जाता है, जिसके बदले उन्हें ₹40,000 प्रति माह का मानदेय और टैबलेट के लिए अतिरिक्त भत्ता प्रदान की जाती है। उत्तर प्रदेश सरकार के नियोजन विभाग (Planning Department) द्वारा संचालित यह फ्लैगशिप कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजनरी एजेंडे का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राज्य के सभी 100 ‘आकांक्षी विकास खंडों’ (Aspirational Blocks) और शहरी स्थानीय निकायों में नीतिगत सुधारों को गति देना है। इस योजना का सबसे मुख्य आकर्षण यह है कि युवाओं को सीधे देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक मशीनरी के साथ काम करने, जिलाधिकारी (DM) और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के साथ समन्वय स्थापित करने और नीतिगत बदलावों के सूत्रधार बनने का एक अद्वितीय वैश्विक स्तर का अनुभव मिलता है।

यदि आप उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, एक उच्च शिक्षित स्नातक/परास्नातक या शोधार्थी (Researcher) हैं और शासन की कार्यप्रणाली को करीब से देखते हुए राज्य के आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण में अपना सीधा योगदान देना चाहते हैं, तो इस कार्यक्रम के कड़े पात्रता नियमों, चयन के कड़े चरणों और जिम्मेदारियों को विस्तार से समझना आपके करियर के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।


1. कार्यक्रम की पृष्ठभूमि और ‘आकांक्षी विकास खंड’ (Aspirational Blocks) का विजन

उत्तर प्रदेश भौगोलिक और जनसांख्यिकीय रूप से एक विशाल राज्य है, जिसके सुदूर ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में आज भी विकास के सूचकांकों (Development Indicators) को वैश्विक मानकों पर लाने की बड़ी आवश्यकता है। नीति आयोग के ‘आकांक्षी जिला कार्यक्रम’ की तर्ज पर उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सबसे पिछड़े 100 विकास खंडों (Blocks) की पहचान की और उन्हें ‘आकांक्षी विकास खंड’ घोषित किया। इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, बुनियादी ढांचा, कृषि, जल संसाधन और वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) जैसे 6 प्रमुख क्षेत्रों में सुधार करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।

इन पिछड़े ब्लॉकों में पारंपरिक प्रशासनिक अधिकारियों के पास काम का अत्यधिक बोझ होता है, जिससे वे डेटा के गहन विश्लेषण और आधुनिक तकनीकों (जैसे जीआईएस मैपिंग, रीयल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग) का पूरा उपयोग नहीं कर पाते। इसी प्रशासनिक अंतर (Administrative Gap) को पाटने और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक शत-प्रतिशत पहुँचाने के लिए उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम (UP CM Fellowship Programme) की शुरुआत की गई। सरकार इसके माध्यम से ऐसे मेधावी और आधुनिक दृष्टि रखने वाले युवाओं (शिल्पकारों और तकनीकी चिंतकों) की एक टीम तैयार कर रही है, जो पूरी तरह से डेटा और नवाचार के दम पर इन क्षेत्रों का कायाकल्प कर सकें।


2. कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य

इस प्रतिष्ठित और उच्च स्तरीय फेलोशिप कार्यक्रम के पीछे उत्तर प्रदेश सरकार के निम्नलिखित रणनीतिक और प्रशासनिक उद्देश्य हैं:

  • प्रशासन में युवाओं का समावेशन: नीति-निर्माण और शासन व्यवस्था में युवाओं की ऊर्जा, उनके आधुनिक तकनीकी दृष्टिकोण और नए इनोवेटिव विचारों को जोड़ना।
  • रीयल-टाइम योजनाओं की मॉनिटरिंग: गांवों और ब्लॉकों के जमीनी स्तर पर जाकर यह जांचना कि क्या वास्तव में योजना का लाभ पात्र व्यक्ति को मिल रहा है, और यदि नहीं तो उसमें आ रही बाधाओं की रिपोर्ट सीधे शासन को भेजना।
  • डेटा-संचालित शासन (Data-driven Governance): विभिन्न विकास संकेतकों का सटीक विश्लेषण करना, जिससे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और नियोजन विभाग को भविष्य की रणनीतियां बनाने में ठोस डेटा मिल सके।
  • भावी नीति-निर्माताओं का निर्माण: देश को ऐसे कुशल, संवेदनशील और अनुभवी युवाओं की खेप देना, जो भविष्य में बड़े थिंक-टैंकों, यूएन (UN) जैसी वैश्विक संस्थाओं या प्रशासनिक सेवाओं में जाकर देश का नेतृत्व कर सकें।

3. फेलोशिप के तहत मिलने वाले वित्तीय लाभ और भत्ते (Stipend & Perquisites)

मुख्यमंत्री फेलोशिप कोई साधारण इंटर्नशिप नहीं है; यह एक पूर्णकालिक और उच्च स्तरीय सम्मानजनक पद है, जिसके तहत चयनित रिसर्च फेलोज़ को व्यापक वित्तीय और भौतिक सुविधाएं प्रदान की जाती हैं:

वित्तीय मद / सुविधा का प्रकारप्रति माह / एकमुश्त मिलने वाली धनराशिउपयोग और उद्देश्य
मासिक मानदेय (Stipend)₹30,000 प्रति माहफेलो की मुख्य कार्य परिलब्धियां और पारिश्रमिक।
क्षेत्रीय भ्रमण भत्ता (Travel Allowance)₹10,000 प्रति माहआकांक्षी ब्लॉकों में गांवों के नियमित दौरों और माल/परिवहन खर्चों को पूरा करने के लिए।
कुल निश्चित मासिक राशि₹40,000 प्रति माहसीधे लाभार्थी फेलो के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है।
टैबलेट क्रय हेतु सहायता₹15,000 एकमुश्त (One-time)योजनाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग, डेटा एंट्री और फोटोग्राफी के लिए आधुनिक टैबलेट/स्मार्टफोन खरीदने हेतु।
आवासीय सुविधा (Accommodation)निःशुल्क व्यवस्थासंबंधित विकास खंड (Block) के निरीक्षण भवन/अतिथि गृह या ब्लॉक मुख्यालय पर सुरक्षित रहने की व्यवस्था।
चिकित्सा और अवकाश बीमानियमों के अनुसार देयएक वित्तीय वर्ष के भीतर फेलो को नियमों के तहत आकस्मिक अवकाश (CL) का लाभ भी मिलता है।

4. पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

चूंकि यह कार्यक्रम सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय की प्राथमिकताओं से जुड़ा है, इसलिए इसकी पात्रता शर्तें अत्यंत उच्च और पारदर्शी रखी गई हैं। इसमें किसी भी प्रकार की सिफारिश या ढील की कोई गुंजाइश नहीं होती है:

  • शैक्षणिक योग्यता: आवेदक का भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 60% अंकों के साथ स्नातक (Graduation) या परास्नातक (Post Graduation)/PhD होना अनिवार्य है।
  • आयु सीमा: ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि तक उम्मीदवार की अधिकतम आयु 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • भाषा का ज्ञान: उम्मीदवार को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का उत्कृष्ट ज्ञान (लिखने और बोलने में) होना अनिवार्य है।
  • कंप्यूटर और डिजिटल साक्षरता: उम्मीदवार को कंप्यूटर के बुनियादी उपयोग, एमएस ऑफिस (Excel, Word, PowerPoint), डेटा एनालिसिस टूल्स और सोशल मीडिया के उपयोग में पूरी तरह कुशल होना आवश्यक है।
  • पूर्णकालिक कार्य की प्रतिबद्धता: यह एक पूर्णकालिक फेलोशिप है। इसके चयन के बाद उम्मीदवार किसी अन्य संस्थान से नियमित पढ़ाई, नौकरी या व्यवसाय नहीं कर सकता। फेलो को पूरे 1 वर्ष (या विस्तारित अवधि) के लिए उसी आवंटित आकांक्षी ब्लॉक में रहकर काम करना होगा।

5. आवेदन के लिए आवश्यक प्रमुख शैक्षणिक क्षेत्र (Preferred Core Disciplines)

हालांकि किसी भी विषय का मेधावी स्नातक इसमें आवेदन कर सकता है, लेकिन सरकार निम्नलिखित विशिष्ट क्षेत्रों से उच्च डिग्री या कार्य अनुभव रखने वाले युवाओं को शॉर्टलिस्टिंग में विशेष वरीयता देती है:

  1. कृषि और संबद्ध क्षेत्र: ग्रामीण विकास, कृषि अर्थशास्त्र, सॉइल साइंस, हॉर्टिकल्चर और डेयरी टेक्नोलॉजी।
  2. स्वास्थ्य और पोषण: पब्लिक हेल्थ, न्यूट्रिशन साइंस, हॉस्पिटल मैनेजमेंट और सोशल वर्क (MSW)।
  3. शिक्षा और सामाजिक विकास: शिक्षा नीति, जेंडर स्टडीज, समाजशास्त्र (Sociology) और मानव विकास।
  4. इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग: सिविल इंजीनियरिंग, अर्बन प्लानिंग, रिन्यूएबल एनर्जी (सौर ऊर्जा) और आर्किटेक्चर।
  5. बैंकिंग, वित्त और अर्थशास्त्र: डेटा एनालिटिक्स, वित्तीय समावेशन, इकोनॉमेट्रिक्स और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA)।
  6. आईटी और डेटा साइंस: कंप्यूटर एप्लीकेशन (MCA/B.Tech CS), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डेटा एनालिसिस।

6. कड़े चयन चरणों की प्रक्रिया (Rigorous Selection Process)

मुख्यमंत्री फेलोशिप में चयन पूरी तरह से योग्यता (Merit) और तार्किक क्षमता पर आधारित त्रिस्तरीय प्रक्रिया के माध्यम से होता है:

चरण 1: ऑनलाइन आवेदन और ‘उद्देश्य का विवरण’ (Statement of Purpose – SOP)

  • उम्मीदवारों को आधिकारिक नियोजन विभाग के पोर्टल पर अपने शैक्षणिक विवरण दर्ज करने होते हैं।
  • इसके साथ ही, सबसे महत्वपूर्ण भाग 500 शब्दों का एक ‘उद्देश्य का विवरण’ (Statement of Purpose – SOP) हिंदी या अंग्रेजी में लिखना होता है। इसमें उम्मीदवार को यह समझाना होता है कि वह फेलोशिप क्यों ज्वाइन करना चाहता है और आकांक्षी ब्लॉकों के विकास में उसका क्या विजन है। कमजोर या कॉपीड SOP वाले फॉर्म पहले चरण में ही खारिज कर दिए जाते हैं।

चरण 2: स्क्रीनिंग और मेरिट शॉर्टलिस्टिंग

  • शैक्षणिक योग्यता (10वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन के अंक), उच्च संस्थान का वेटेज (जैसे IIT, IIM, केंद्रीय विश्वविद्यालय) और SOP के मूल्यांकन के आधार पर टॉप उम्मीदवारों की एक कंप्यूटर-जनरेटेड शॉर्टलिस्ट तैयार की जाती है। सामान्यतः कुल उपलब्ध सीटों (जैसे 100 सीटें) के मुकाबले 3 से 4 गुना अधिक उम्मीदवारों को अगले चरण के लिए बुलाया जाता है।

चरण 3: साक्षात्कार (Interview) और प्रस्तुतीकरण (Presentation)

  • शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को लखनऊ में नियोजन विभाग की उच्च स्तरीय समिति के समक्ष साक्षात्कार (Interview) के लिए बुलाया जाता है। यहाँ उम्मीदवार की तार्किक क्षमता, उत्तर प्रदेश की ग्रामीण समस्याओं की समझ, नेतृत्व क्षमता (Leadership Quality) और तनाव प्रबंधन का परीक्षण किया जाता है।
  • अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों की सूची आधिकारिक पोर्टल पर जारी की जाती है, जिन्हें 2 से 4 सप्ताह की गहन प्रशासनिक ट्रेनिंग (आईआईएम लखनऊ या अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में) देने के बाद उनके संबंधित आकांक्षी विकास खंडों में तैनात कर दिया जाता है।

7. मुख्यमंत्री फेलो की मुख्य जिम्मेदारियां और कार्य (Role & Responsibilities)

एक फेलो के रूप में नियुक्त होने के बाद, युवा सीधे ब्लॉक स्तर पर जिलाधिकारी (DM) और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के सीधे नियंत्रण में काम करता है। उनके मुख्य कार्य निम्नलिखित होते हैं:

  • क्षेत्रीय भ्रमण (Field Visits): फेलो को हर महीने कम से कम 15 से 20 दिन आवंटित ब्लॉक के सुदूर ग्रामीण अंचलों, प्राथमिक विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनवाड़ी केंद्रों और जल जीवन मिशन के प्रोजेक्ट्स का भौतिक दौरा करना होता है।
  • डेटा संग्रह और विसंगतियों की पहचान: जमीनी स्तर पर जाकर यह देखना कि क्या कागजों पर दिख रहे आंकड़े (जैसे- बच्चों का टीकाकरण या शौचालय निर्माण) जमीन पर भी सच हैं या नहीं।
  • सत्यापन रिपोर्ट (Reporting): फेलो अपनी टिप्पणियों, भू-स्थानिक फोटो (Geotagged Photos) और डेटा के आधार पर एक साप्ताहिक व मासिक प्रगति रिपोर्ट सीधे नियोजन विभाग के सीएम डैशबोर्ड (CM Dashboard) पर अपलोड करते हैं।
  • इनोवेशन और समाधान: यदि किसी ब्लॉक में कुपोषण या ड्रॉप-आउट बच्चों की संख्या अधिक है, तो फेलो स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर विशेष अभियान या अभिनव समाधान (जैसे- डिजिटल क्लासरूम या कम लागत वाले न्यूट्रिशन मॉडल) तैयार करते हैं।

निष्कर्ष और भविष्य की राह

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम केवल ₹40,000 प्रति माह कमाने की कोई साधारण नौकरी नहीं है, बल्कि यह देश के सबसे बड़े राज्य के प्रशासनिक तंत्र के भीतर रहकर वास्तविक भारत (Rural India) की समस्याओं को हल करने का एक अत्यंत गौरवशाली और क्रांतिकारी अवसर है। यह फेलोशिप युवाओं के भीतर से किताबी ज्ञान के अहंकार को हटाकर उन्हें व्यावहारिक, संवेदनशील और निर्णय लेने में सक्षम ‘लीडर’ बनाती है।

यदि आपके पास एक उत्कृष्ट शैक्षणिक रिकॉर्ड है, समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का अटूट जज्बा है और आपका विजन डेटा-संचालित सुधारों पर आधारित है, तो आपको इस योजना के वार्षिक अधिसूचना (Notification) पर लगातार पैनी नजर रखनी चाहिए। अपने ‘स्टेटमेंट ऑफ पर्पस’ (SOP) को आज ही से मजबूत और मौलिक विचारों के साथ तैयार करना शुरू करें। मुख्यमंत्री फेलोशिप के रूप में आपका यह 1 वर्ष का कार्यकाल न केवल आपके करियर के ग्राफ को एक सर्वोच्च ऊंचाई प्रदान करेगा, बल्कि एक सशक्त, आधुनिक और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में आपका नाम हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा देगा।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs): उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम

प्रश्न 1: उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम क्या है?
उत्तर: यह उत्तर प्रदेश सरकार के नियोजन विभाग (Planning Department) द्वारा संचालित एक अत्यधिक प्रतिष्ठित फेलोशिप कार्यक्रम है। इसके तहत देश के उच्च शिक्षित मेधावी युवाओं को राज्य के 100 सबसे पिछड़े ‘आकांक्षी विकास खंडों’ (Aspirational Blocks) में तैनात किया जाता है, जहाँ वे सरकारी योजनाओं की जमीनी निगरानी, डेटा विश्लेषण और नवाचार के माध्यम से विकास कार्यों को गति देते हैं।

प्रश्न 2: इस फेलोशिप के अंतर्गत चयनित युवाओं को प्रति माह कितना मानदेय/स्टाइपेंड मिलता है?
उत्तर: चयनित रिसर्च फेलोज़ को कुल ₹40,000 प्रति माह की निश्चित वित्तीय सहायता दी जाती है, जिसमें ₹30,000 मासिक मानदेय और ₹10,000 क्षेत्रीय भ्रमण (Travel Allowance) भत्ता शामिल होता है। इसके अतिरिक्त, फील्ड वर्क के लिए आधुनिक टैबलेट खरीदने हेतु ₹15,000 की एकमुश्त राशि और रहने के लिए ब्लॉक स्तर पर मुफ्त आवासीय सुविधा प्रदान की जाती है।

प्रश्न 3: फेलोशिप के लिए आवेदन करने की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता क्या है?
उत्तर: इस कार्यक्रम के तहत आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का भारत के किसी भी यूजीसी (UGC) से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक (Graduation) या परास्नातक (Post Graduation)/PhD होना अनिवार्य है।

प्रश्न 4: इस कार्यक्रम के लिए अधिकतम आयु सीमा क्या निर्धारित की गई है?
उत्तर: ऑनलाइन आवेदन सबमिट करने की अंतिम तिथि पर उम्मीदवार की अधिकतम आयु 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।

प्रश्न 5: आवेदन फॉर्म में ‘उद्देश्य का विवरण’ (Statement of Purpose – SOP) लिखना क्यों जरूरी है?
उत्तर: SOP (न्यूनतम 500 शब्द) इस फेलोशिप की चयन प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से चयन समिति उम्मीदवार के विजन, उसकी लेखन शैली, तार्किक क्षमता और आकांक्षी ब्लॉकों के विकास के प्रति उसकी संवेदनशीलता को परखती है। इसी के मूल्यांकन के आधार पर उम्मीदवारों को साक्षात्कार (Interview) के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाता है।

प्रश्न 6: क्या फेलोशिप की अवधि समाप्त होने के बाद यह सरकारी नौकरी में बदल जाती है?
उत्तर: नहीं। यह फेलोशिप मूल रूप से 1 वर्ष की पूर्णकालिक अनुबंध (Contract) अवधि के लिए होती है। फेलो के उत्कृष्ट प्रदर्शन और आवश्यकता के आधार पर इसे मुख्यमंत्री कार्यालय की संस्तुति से 1 और वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है। फेलोशिप पूरी होने पर सरकार द्वारा एक बेहद मूल्यवान आधिकारिक अनुभव प्रमाण पत्र (Experience Certificate) दिया जाता है, जो भविष्य में कॉर्पोरेट, वैश्विक थिंक-टैंकों और उच्च शिक्षा में करियर बनाने के लिए अत्यंत लाभकारी होता है।

प्रश्न 7: इस कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन आवेदन कहाँ और कैसे करना होता है?
उत्तर: इसके लिए जब भी आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं, उत्तर प्रदेश नियोजन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (cmfellowship.upsdc.gov.in) पर लिंक सक्रिय किया जाता है। उम्मीदवार पोर्टल पर जाकर अपने सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्र अपलोड कर और अपना मौलिक SOP लिखकर ऑनलाइन फॉर्म सबमिट कर सकते हैं।


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