United Nations Day 2026: जानें 24 अक्टूबर का इतिहास और यूएन चार्टर का महत्व

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संयुक्त राष्ट्र दिवस (United Nations Day): इतिहास, महत्व, वैश्विक शांति में भूमिका और 21वीं सदी की चुनौतियाँ
आज की अत्यधिक वैश्वीकृत और परमाणु हथियारों से लैस दुनिया में जब भी दो देशों के बीच युद्ध की स्थिति पैदा होती है, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर तनाव बढ़ता है, या फिर वैश्विक महामारी और जलवायु परिवर्तन जैसी महाविपत्तियां सामने आती हैं, तो पूरी दुनिया की निगाहें एक वैश्विक संस्था की ओर मुड़ जाती हैं — और वह संस्था है संयुक्त राष्ट्र (United Nations – UN)। संयुक्त राष्ट्र दुनिया का सबसे बड़ा, सबसे शक्तिशाली और सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जो वैश्विक मंच पर युद्धों को टालने, शांति स्थापित करने और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत रहता है।
संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के ऐतिहासिक उद्देश्यों को याद करने, इसके चार्टर के सिद्धांतों के प्रति वैश्विक प्रतिबद्धता दोहराने और पूरी मानवता को एक सूत्र में पिरोने के संकल्प के साथ हर साल 24 अक्टूबर को दुनिया भर में ‘संयुक्त राष्ट्र दिवस’ (United Nations Day) बेहद गौरव और अंतरराष्ट्रीय सौहार्द के साथ मनाया जाता है।
इस विस्तृत लेख में हम संयुक्त राष्ट्र दिवस के गौरवशाली इतिहास, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद इसके गठन की पृष्ठभूमि, इसके छह प्रमुख अंगों, वैश्विक शांति व विकास में इसकी भूमिका, भारत के साथ इसके ऐतिहासिक संबंधों और 21वीं सदी के बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में इसके सामने आने वाली गंभीर चुनौतियों पर 1500 से अधिक शब्दों में व्यापक चर्चा करेंगे।
1. संयुक्त राष्ट्र दिवस का संक्षिप्त विवरण (Overview)
संयुक्त राष्ट्र दिवस का मुख्य फोकस अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना, वैश्विक सुरक्षा सुनिश्चित करना और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने के लिए सदस्य देशों को प्रेरित करना है।
| महत्वपूर्ण पहलू | विवरण |
|---|---|
| उत्सव का नाम | संयुक्त राष्ट्र दिवस (United Nations Day) |
| आयोजन की तिथि | 24 अक्टूबर (प्रतिवर्ष) |
| ऐतिहासिक संदर्भ | 24 अक्टूबर 1945 (यूएन चार्टर का आधिकारिक रूप से प्रभावी होना) |
| घोषणा वर्ष | 1947 (संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा) |
| मुख्यालय | न्यूयॉर्क शहर, संयुक्त राज्य अमेरिका (New York, USA) |
| कुल सदस्य देश | 193 सदस्य देश (और 2 पर्यवेक्षक राज्य) |
| मुख्य उद्देश्य | वैश्विक शांति, सुरक्षा, मानवाधिकारों की रक्षा और गरीबी उन्मूलन |
2. इतिहास और स्थापना: राष्ट्र संघ (League of Nations) की विफलता से संयुक्त राष्ट्र तक
संयुक्त राष्ट्र के जन्म की कहानी मानव इतिहास के सबसे विनाशकारी और रक्तरंजित अध्याय — द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945) से जुड़ी हुई है।
क. राष्ट्र संघ (League of Nations) की विफलता:
प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) की विभीषिका के बाद, दुनिया को भविष्य के युद्धों से बचाने के लिए 1920 में ‘राष्ट्र संघ’ (League of Nations) की स्थापना की गई थी। लेकिन यह संगठन अत्यधिक कमजोर था और इसके पास कोई वास्तविक सैन्य या राजनीतिक शक्ति नहीं थी। परिणामस्वरूप, यह संगठन 1939 में द्वितीय विश्व युद्ध को रोकने में पूरी तरह विफल रहा, जिसमें करोड़ों मासूम लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और परमाणु बमों की विनाशकारी शक्ति ने दुनिया को हिलाकर रख दिया।
ख. ‘संयुक्त राष्ट्र’ शब्द का उद्भव:
जब द्वितीय विश्व युद्ध अपने चरम पर था, तब दुनिया के शक्तिशाली देशों के नेताओं ने यह महसूस किया कि यदि मानव सभ्यता को पूरी तरह नष्ट होने से बचाना है, तो एक बेहद मजबूत अंतरराष्ट्रीय संगठन का होना अनिवार्य है। 1 जनवरी 1942 को अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट ने पहली बार ‘संयुक्त राष्ट्र’ (United Nations) शब्द का प्रयोग किया था, जब 26 देशों के प्रतिनिधियों ने ‘संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषणा पत्र’ (Declaration by United Nations) पर हस्ताक्षर किए थे।
ग. सैन फ्रांसिस्को सम्मेलन और यूएन चार्टर:
युद्ध की समाप्ति के बाद, अप्रैल से जून 1945 तक अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर में एक ऐतिहासिक सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसे ‘अंतरराष्ट्रीय संगठन पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन’ कहा जाता है। इस सम्मेलन में दुनिया के 50 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और विचार-विमर्श के बाद 26 जून 1945 को संयुक्त राष्ट्र चार्टर (UN Charter) पर हस्ताक्षर किए गए। पोलैंड इस सम्मेलन में उपस्थित नहीं था, लेकिन उसने बाद में इस पर हस्ताक्षर किए, जिससे वह संयुक्त राष्ट्र के 51 संस्थापक सदस्य देशों में शामिल हुआ।
घ. 24 अक्टूबर 1945 का ऐतिहासिक दिन:
संयुक्त राष्ट्र चार्टर को आधिकारिक रूप से प्रभावी होने के लिए सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों (अमेरिका, ब्रिटेन, सोवियत संघ, फ्रांस और चीन) और अधिकांश अन्य हस्ताक्षरकर्ता देशों द्वारा इसे मंजूरी दिया जाना आवश्यक था। 24 अक्टूबर 1945 को यह प्रक्रिया पूरी हुई और संयुक्त राष्ट्र आधिकारिक रूप से अस्तित्व में आ गया। इसी ऐतिहासिक दिन को याद करने के लिए वर्ष 1947 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव पारित कर 24 अक्टूबर को ‘संयुक्त राष्ट्र दिवस’ के रूप में घोषित किया। बाद में 1971 में, इसे एक अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक अवकाश के रूप में मनाने की सिफारिश भी की गई थी।
3. संयुक्त राष्ट्र का उद्देश्य और इसका आदर्श वाक्य
संयुक्त राष्ट्र का मुख्य उद्देश्य इसके चार्टर की पहली पंक्ति में ही स्पष्ट कर दिया गया है — “हम संयुक्त राष्ट्र के लोग, आने वाली पीढ़ियों को युद्ध के अभिशाप से बचाने के लिए प्रतिज्ञाबद्ध हैं।”
चार्टर के अनुसार यूएन के चार मुख्य उद्देश्य हैं:
- पूरे विश्व में अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना।
- राष्ट्रों के बीच समानता और आत्मनिर्णय के अधिकार के सम्मान के आधार पर मैत्रीपूर्ण संबंधों को विकसित करना।
- अंतरराष्ट्रीय आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और मानवीय समस्याओं को हल करने में वैश्विक सहयोग प्राप्त करना।
- इन साझा लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विभिन्न राष्ट्रों के प्रयासों के बीच समन्वय स्थापित करने वाले केंद्र के रूप में काम करना।
4. संयुक्त राष्ट्र की संगठनात्मक संरचना: छह प्रमुख अंग
संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली को सुचारू रूप से चलाने के लिए इसे छह मुख्य अंगों (Principal Organs) में विभाजित किया गया है, जो न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय से काम करते हैं (केवल अंतरराष्ट्रीय न्यायालय को छोड़कर):
क. संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly – UNGA):
यह संयुक्त राष्ट्र का मुख्य विचार-विमर्श और नीति-निर्माता अंग है। इसे ‘विश्व की लघु संसद’ भी कहा जाता है। इसमें सभी 193 सदस्य देशों को समान प्रतिनिधित्व प्राप्त है और प्रत्येक देश को एक वोट का अधिकार है। यहाँ हर साल सितंबर में वैश्विक नेताओं का महाधिवेशन होता है।
ख. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council – UNSC):
यह यूएन का सबसे शक्तिशाली और कार्यकारी अंग है, जिसका मुख्य काम वैश्विक शांति और सुरक्षा बनाए रखना है। इसमें कुल 15 सदस्य होते हैं — 5 स्थायी सदस्य (P5 – अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस) और 10 अस्थायी सदस्य (जो 2 वर्ष के लिए चुने जाते हैं)। पांच स्थायी सदस्यों के पास ‘वीटो पावर’ (Veto Power) होती है, जिसका अर्थ है कि यदि इनमें से कोई एक देश भी किसी प्रस्ताव के खिलाफ वोट देता है, तो वह प्रस्ताव पास नहीं हो सकता।
ग. आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC):
यह परिषद दुनिया भर में सतत विकास, आर्थिक प्रगति, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए नीतियां तैयार करती है। इसमें 54 सदस्य देश शामिल होते हैं।
घ. न्यास परिषद (Trusteeship Council):
इसका गठन उन 11 ट्रस्ट क्षेत्रों (उपनिवेशों) की देखरेख के लिए किया गया था जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद स्वतंत्र नहीं थे। 1994 में पलाऊ के स्वतंत्र होने के बाद इस परिषद के कार्यों को औपचारिक रूप से निलंबित कर दिया गया है।
ङ. अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (International Court of Justice – ICJ):
यह संयुक्त राष्ट्र का मुख्य न्यायिक अंग है। इसका मुख्यालय द हेग, नीदरलैंड (The Hague, Netherlands) में स्थित है। इसमें 15 न्यायाधीश होते हैं जो विभिन्न देशों के बीच कानूनी विवादों का निपटारा करते हैं।
च. संयुक्त राष्ट्र सचिवालय (UN Secretariat):
यह संयुक्त राष्ट्र का प्रशासनिक और रोजमर्रा का काम संभालने वाला अंग है। इसका नेतृत्व संयुक्त राष्ट्र के महासचिव (UN Secretary-General) करते हैं, जो दुनिया के सबसे प्रमुख राजनयिक माने जाते हैं।
5. मानवीय कल्याण के लिए काम करने वाली यूएन की विशेष एजेंसियां
संयुक्त राष्ट्र केवल राजनीतिक या सैन्य मुद्दों पर ही काम नहीं करता, बल्कि इसकी विभिन्न विशेष एजेंसियां (Specialized Agencies) दुनिया के कोने-कोने में मानवीय कल्याण और विकास के अभूतपूर्व कार्य कर रही हैं:
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO): वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा, महामारियों (जैसे पोलियो, कोविड-19) के उन्मूलन और स्वास्थ्य मानकों को तय करने वाली शीर्ष संस्था।
- युनिसेफ (UNICEF): दुनिया भर के बच्चों की शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए समर्पित बाल कोष।
- यूनेस्को (UNESCO): वैश्विक स्तर पर शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासतों (World Heritage Sites) के संरक्षण को बढ़ावा देने वाली संस्था।
- विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP): युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों में भूखमरी मिटाने और खाद्य सहायता पहुँचाने वाला दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संगठन (जिसे 2020 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला था)।
- यूएनएचसीआर (UNHCR): दुनिया भर में शरणार्थियों (Refugees) के अधिकारों और उनके पुनर्वास के लिए काम करने वाली एजेंसी।
6. भारतीय संदर्भ: भारत और संयुक्त राष्ट्र का अटूट संबंध
भारत का संयुक्त राष्ट्र के साथ संबंध अत्यंत ऐतिहासिक, गहरा और गौरवपूर्ण है। भारत उन 51 संस्थापक देशों में शामिल था जिन्होंने 1945 में यूएन चार्टर पर हस्ताक्षर किए थे।
क. यूएन पीसकीपिंग (UN Peacekeeping) में भारत का पराक्रम:
भारत संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों (ब्लू हेलमेट्स – Blue Helmets) में अपने सैनिक भेजने वाला दुनिया का सबसे बड़ा योगदानकर्ता देशों में से एक है। भारतीय सेना के जांबाज जवानों ने अफ्रीका, मध्य पूर्व और एशिया के अशांत और युद्धग्रस्त देशों में जाकर लाखों नागरिकों की जान बचाई है और इस प्रक्रिया में हमारे कई सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान भी दिया है। भारत ने ही यूएन के इतिहास में पहली बार पूरी तरह से ‘महिला पुलिस इकाई’ (All-Female Police Unit) को लाइबेरिया में शांति मिशन के लिए भेजा था।
ख. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आवाज:
भारत ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से हमेशा उपनिवेशवाद, रंगभेद (Apartheid) और आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। वर्ष 2014 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र ने रिकॉर्ड बहुमत के साथ 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ (International Yoga Day) के रूप में घोषित किया, जो भारत की सॉफ्ट पावर की एक बड़ी वैश्विक विजय है।
ग. सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की न्यायसंगत मांग:
आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश है, पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति है। इसी आधार पर भारत सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सदस्यता (Permanent Seat) की पुरजोर और न्यायसंगत मांग कर रहा है। भारत का मानना है कि 1945 के भू-राजनीतिक परिदृश्य के आधार पर बनी सुरक्षा परिषद आज के वास्तविक और आधुनिक विश्व का प्रतिनिधित्व नहीं करती।
7. 21वीं सदी में संयुक्त राष्ट्र के सामने प्रमुख चुनौतियाँ और विफलताएं
विश्व मानक दिवस या अन्य अंतरराष्ट्रीय उत्सवों की तरह, संयुक्त राष्ट्र दिवस भी इस संस्था की सफलताओं के जश्न के साथ-साथ इसकी कमियों और वर्तमान वैश्विक संकटों पर आत्मनिरीक्षण करने का दिन है। आज यूएन के सामने कई गंभीर चुनौतियां खड़ी हैं:
- युद्धों को रोकने में बेअसर: हाल के वर्षों में रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व (इजरायल-हमास-लेबनान संकट) में भड़के भीषण युद्धों को रोकने में संयुक्त राष्ट्र और उसकी सुरक्षा परिषद पूरी तरह लाचार नजर आई है। सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों द्वारा अपने हितों के लिए ‘वीटो पावर’ का अत्यधिक दुरुपयोग करने के कारण यह संस्था कोई कड़ा फैसला नहीं ले पाती।
- जलवायु परिवर्तन (Climate Change): पेरिस जलवायु समझौते और विभिन्न कॉप (COP) सम्मेलनों के बावजूद, दुनिया के अमीर और औद्योगिक देश कार्बन उत्सर्जन को कम करने के वादों को पूरा नहीं कर रहे हैं, जिससे पृथ्वी का संकट गहरा रहा है।
- आर्थिक और तकनीकी विभाजन (Digital Divide): दुनिया के गरीब और अमीर देशों के बीच आर्थिक असमानता लगातार बढ़ रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीकों के दौर में गरीब देश वैश्विक विकास की दौड़ में पीछे छूट रहे हैं।
- सुधारों की तत्काल आवश्यकता (UN Reforms): वैश्विक विशेषज्ञ और भारत जैसे देश लगातार यह मांग कर रहे हैं कि संयुक्त राष्ट्र को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए इसकी संरचना में तत्काल व्यापक सुधार किए जाने चाहिए, अन्यथा यह संस्था भी राष्ट्र संघ (League of Nations) की तरह अप्रासंगिक हो जाएगी।
8. संयुक्त राष्ट्र दिवस कैसे मनाया जाता है?
24 अक्टूबर को पूरे विश्व में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भावना को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है:
- न्यूयॉर्क मुख्यालय में विशेष कंसर्ट: हर साल इस दिन न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र महासभा के हॉल में एक भव्य अंतरराष्ट्रीय संगीत कार्यक्रम (UN Day Concert) का आयोजन किया जाता है, जिसमें दुनिया के विभिन्न देशों के कलाकार संगीत के माध्यम से वैश्विक एकता का संदेश देते हैं।
- स्कूलों और कॉलेजों में ‘मॉडल यूनाइटेड नेशंस’ (MUN): शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, वैश्विक मुद्दों और यूएन की कार्यप्रणाली को समझाने के लिए ‘मॉडल यूनाइटेड नेशंस’ (MUN) प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है, जहाँ छात्र विभिन्न देशों के राजनयिक बनकर वैश्विक समस्याओं पर बहस करते हैं।
- इमारतों का नीले रंग में रंगना: इस दिन दुनिया भर की ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित इमारतों व स्मारकों को संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक रंग — नीले रंग (UN Blue) की रोशनी से रोशन किया जाता है, जो वैश्विक शांति और स्थिरता का प्रतीक है।
निष्कर्ष (Conclusion)
संयुक्त राष्ट्र कोई संपूर्ण या त्रुटिहीन संगठन नहीं है, और कई मोर्चों पर इसकी असफलताएं जगजाहिर हैं। लेकिन हमें यह भी स्वीकार करना होगा कि इस संस्था की कमियों के बावजूद, यदि संयुक्त राष्ट्र न होता, तो पिछले आठ दशकों में दुनिया संभवतः तीसरे विश्व युद्ध की विभीषिका और परमाणु विनाश का सामना कर चुकी होती। यूएन ने भले ही दुनिया को पूरी तरह स्वर्ग न बनाया हो, लेकिन उसने इसे नर्क बनने से जरूर रोका है।
संयुक्त राष्ट्र दिवस पूरी मानवता को यह याद दिलाने का एक वार्षिक अवसर है कि हमारी राष्ट्रीय सीमाएं कितनी भी अलग क्यों न हों, जलवायु परिवर्तन, महामारियां और युद्ध जैसी चुनौतियां पूरी पृथ्वी के लिए साझा हैं। इन समस्याओं का समाधान अकेले कोई देश नहीं कर सकता। ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (पूरा विश्व एक परिवार है) के भारतीय दर्शन को आत्मसात कर ही संयुक्त राष्ट्र अपने वास्तविक उद्देश्यों को प्राप्त कर सकता है। आइए, इस 24 अक्टूबर को हम सब मिलकर एक अधिक न्यायपूर्ण, शांतिपूर्ण, हरित और सुरक्षित विश्व के निर्माण में संयुक्त राष्ट्र के शांति प्रयासों का समर्थन करने का वैश्विक संकल्प लें।
“एक विश्व, एक साझा भविष्य — संयुक्त राष्ट्र दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं!”
संयुक्त राष्ट्र दिवस (United Nations Day) से जुड़े कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण और अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs):
Q1. संयुक्त राष्ट्र दिवस हर साल 24 अक्टूबर को ही क्यों मनाया जाता है?
उत्तर:24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र का आधिकारिक संविधान, जिसे ‘संयुक्त राष्ट्र चार्टर’ (UN Charter) कहा जाता है, सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों और अधिकांश अन्य हस्ताक्षरकर्ता देशों द्वारा स्वीकृत किए जाने के बाद दुनिया भर में प्रभावी हुआ था। इसी ऐतिहासिक स्थापना दिवस को याद करने के लिए प्रतिवर्ष 24 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र दिवस मनाया जाता है।
Q2. संयुक्त राष्ट्र (UN) के कुल कितने सदस्य देश हैं और इसका मुख्यालय कहाँ स्थित है?
उत्तर: वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र में कुल 193 सदस्य देश शामिल हैं। इसके अलावा 2 गैर-सदस्य पर्यवेक्षक राज्य (Non-Member Observer States) भी हैं — ‘वेटिकन सिटी’ (Holy See) और ‘फिलिस्तीन’। संयुक्त राष्ट्र का मुख्य आधिकारिक मुख्यालय न्यूयॉर्क शहर, संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में स्थित है।
Q3. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के पांच स्थायी सदस्य (P5) कौन से हैं और उनके पास क्या विशेष अधिकार है?
उत्तर: सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य देश — अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस हैं। इन पांचों देशों के पास ‘वीटो पावर’ (Veto Power) का एक विशेष और अत्यंत शक्तिशाली कानूनी अधिकार होता है। यदि सुरक्षा परिषद में किसी भी अंतरराष्ट्रीय मुद्दे या प्रस्ताव पर इन पांचों में से कोई एक देश भी असहमत होकर ‘वीटो’ का उपयोग कर देता है, तो वह प्रस्ताव पूरी तरह से खारिज हो जाता है।
Q4. क्या भारत संयुक्त राष्ट्र का संस्थापक सदस्य देश था?
उत्तर: हाँ, बिल्कुल। यद्यपि 1945 में भारत ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के अधीन था, लेकिन भारत उन 51 संस्थापक सदस्य देशों में शामिल था जिन्होंने 26 जून 1945 को सैन फ्रांसिस्को सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र चार्टर पर हस्ताक्षर किए थे।
Q5. संयुक्त राष्ट्र का मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कौन होता है और उनका कार्यकाल कितना होता है?
उत्तर: संयुक्त राष्ट्र के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को ‘महासचिव’ (Secretary-General) कहा जाता है, जो यूएन सचिवालय का नेतृत्व करते हैं। महासचिव की नियुक्ति सुरक्षा परिषद की सिफारिश पर महासभा द्वारा 5 वर्ष के कार्यकाल के लिए की जाती है, और उन्हें दोबारा भी चुना जा सकता है।
Q6. संयुक्त राष्ट्र का कौन सा मुख्य अंग न्यूयॉर्क के बाहर स्थित है?
उत्तर: संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में से केवल अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (International Court of Justice – ICJ) का मुख्यालय न्यूयॉर्क (अमेरिका) के बाहर द हेग, नीदरलैंड (The Hague, Netherlands) में स्थित है। बाकी सभी पांच अंग न्यूयॉर्क स्थित मुख्य यूएन परिसर से ही संचालित होते हैं।
Q7. संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में ‘ब्लू हेलमेट्स’ (Blue Helmets) का क्या अर्थ है?
उत्तर: संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों (UN Peacekeeping Operations) के तहत दुनिया के अशांत क्षेत्रों में तैनात होने वाले सैनिकों, पुलिस अधिकारियों और नागरिक कर्मियों को ‘ब्लू हेलमेट्स’ या ‘ब्लू बेरेट्स’ कहा जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि शांति अभियानों के दौरान सुरक्षा बल संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक हल्के नीले रंग का हेलमेट या टोपी पहनते हैं, जो किसी युद्धक बल के बजाय शांति और सुरक्षा का वैश्विक प्रतीक है।
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