How to Apply for Caste, Income, Domicile Certificate in UP Online? उत्तर प्रदेश जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र ऑनलाइन पंजीकरण गाइड (2026)!
उत्तर प्रदेश सरकार ने डिजिटल इंडिया अभियान के तहत प्रशासनिक सेवाओं को नागरिकों के लिए अत्यंत सरल और पारदर्शी बना दिया है। पहले के समय में नागरिकों को अपने बुनियादी सरकारी दस्तावेजों जैसे—जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate), आय प्रमाण पत्र (Income Certificate), और निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate) बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों, तहसीलों और लेखपाल के चक्कर काटने पड़ते थे। इसमें न केवल समय की बर्बादी होती थी, बल्कि कई बार बिचौलियों के कारण लोगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता था।
इन सभी समस्याओं को समाप्त करने के लिए उत्तर प्रदेश शासन के राजस्व विभाग द्वारा e-District (ई-डिस्ट्रिक्ट) पोर्टल की शुरुआत की गई है। इस पोर्टल के माध्यम से राज्य का कोई भी नागरिक घर बैठे अपने कंप्यूटर या मोबाइल फोन की मदद से इन तीनों महत्वपूर्ण दस्तावेजों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। यह लेख यूपी जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र के ऑनलाइन पंजीकरण, आवश्यक दस्तावेजों, पात्रता मानदंडों और आवेदन की स्थिति जांचने की पूरी प्रक्रिया की एक विस्तृत गाइड है।
Table of Contents
इन प्रमाण पत्रों का महत्व और उपयोगिता
किसी भी राज्य के नागरिक के लिए ये तीनों दस्तावेज उसकी कानूनी पहचान, सामाजिक स्थिति और आर्थिक पृष्ठभूमि को प्रमाणित करते हैं। विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी कार्यों में इनका अत्यधिक महत्व है:
- जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate): यह दस्तावेज प्रमाणित करता है कि आवेदक उत्तर प्रदेश की किस विशेष जाति या श्रेणी (अनुसूचित जाति-SC, अनुसूचित जनजाति-ST, अन्य पिछड़ा वर्ग-OBC) से संबंध रखता है। इसका मुख्य उपयोग सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ लेने, शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षित सीटों पर प्रवेश पाने और सरकार द्वारा पिछड़ी जातियों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किया जाता है।
- आय प्रमाण पत्र (Income Certificate): यह प्रमाण पत्र किसी व्यक्ति या उसके परिवार की सभी स्रोतों से होने वाली वार्षिक आय को प्रमाणित करता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से स्कूलों और कॉलेजों में छात्रवृत्ति (Scholarship) के लिए आवेदन करने, शुल्क प्रतिपूर्ति पाने, सरकारी राशन कार्ड बनवाने, और विभिन्न आर्थिक सहायता योजनाओं का लाभ लेने के लिए किया जाता है।
- निवास प्रमाण पत्र (Domicile/Residence Certificate): यह इस बात का कानूनी प्रमाण है कि आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी है। राज्य सरकार की नौकरियों में स्थानीय निवासी होने का लाभ लेने, राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने, निवास आधारित योजनाओं का लाभ उठाने और अन्य पहचान दस्तावेजों (जैसे पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस) के आवेदन में इसका उपयोग अनिवार्य होता है।
आवश्यक दस्तावेज (Required Documents Checklist)
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले आवेदकों को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की स्कैन की हुई प्रतियां (Soft Copies) अपने पास सुरक्षित रख लेनी चाहिए। आवेदन के दौरान इन्हें पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होता है।
1. जाति प्रमाण पत्र के लिए:
- आवेदक का पासपोर्ट साइज फोटो (नवीनतम)
- स्व-घोषणा पत्र (Self-Declaration Form) – इसे ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है।
- राशन कार्ड की छायाप्रति या बिजली का बिल
- परिवार के किसी सदस्य (पिता, भाई या बहन) का पुराना जाति प्रमाण पत्र (यदि उपलब्ध हो)
- ग्राम प्रधान या वार्ड पार्षद द्वारा जारी किया गया जाति प्रमाण पत्र
2. आय प्रमाण पत्र के लिए:
- आवेदक का पासपोर्ट साइज फोटो
- स्व-घोषणा पत्र
- वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए: पिछले महीने की सैलरी स्लिप (Salary Slip) या फॉर्म-16
- दैनिक मजदूर/किसानों के लिए: ग्राम प्रधान, पटवारी या वार्ड पार्षद द्वारा प्रमाणित आय विवरण
- राशन कार्ड या आधार कार्ड
3. निवास प्रमाण पत्र के लिए:
- आवेदक का पासपोर्ट साइज फोटो
- स्व-घोषणा पत्र
- आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र (Voter ID), या पासपोर्ट
- मकान की रजिस्ट्री के दस्तावेज, बिजली का बिल, या गैस कनेक्शन की रसीद
- शिक्षा संबंधी दस्तावेज (जैसे हाईस्कूल या इंटरमीडिएट का सर्टिफिकेट, जिसमें उत्तर प्रदेश के स्कूल का उल्लेख हो)
महत्वपूर्ण नोट: अपलोड किए जाने वाले सभी दस्तावेजों का प्रारूप (Format) .jpg या .jpeg होना चाहिए। फोटो का साइज अधिकतम 20 KB और अन्य दस्तावेजों (जैसे स्व-घोषणा पत्र या आधार कार्ड) का साइज अधिकतम 100 KB होना चाहिए।
यूपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर पंजीकरण की चरण-दर-चरण प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश में जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनवाने के दो तरीके हैं। पहला तरीका ‘Citizen Login (e-Sathi)’ के माध्यम से स्वयं आवेदन करना है, और दूसरा तरीका किसी नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC – Common Service Centre) पर जाकर आवेदन करवाना है। यहाँ हम e-Sathi (citizen login) के माध्यम से खुद ऑनलाइन पंजीकरण करने की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझ रहे हैं:
चरण 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
सबसे पहले अपने कंप्यूटर या मोबाइल के ब्राउज़र में उत्तर प्रदेश ई-डिस्ट्रिक्ट की आधिकारिक वेबसाइट edistrict.up.gov.in खोलें।
चरण 2: सिटीजन लॉगिन (e-Sathi) पर क्लिक करें
होमपेज पर आपको शीर्ष मेनू बार में “Citizen Login (e-Sathi)” का विकल्प दिखाई देगा। इस पर क्लिक करें। क्लिक करते ही एक नया पेज (edistrict.up.gov.in/edistrictcloud/) खुलेगा।
चरण 3: नया उपयोगकर्ता पंजीकरण (New User Registration)
यदि आप पहली बार इस पोर्टल का उपयोग कर रहे हैं, तो आपको एक नया अकाउंट बनाना होगा।
- लॉगिन पेज पर “नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण?” (New User Registration) के लिंक पर क्लिक करें।
- आपके सामने एक पंजीकरण फॉर्म खुलेगा। इसमें निम्नलिखित विवरण सही-सही भरें:
- लॉगिन आईडी: अपनी पसंद की 6 से 8 अक्षरों की एक अनूठी आईडी दर्ज करें और “आईडी की उपलब्धता जांचें” पर क्लिक करें।
- आवेदक का नाम: अपना पूरा नाम लिखें।
- जन्म तिथि: कैलेंडर से अपनी सही जन्म तिथि चुनें।
- लिंग: पुरुष/महिला/अन्य का चयन करें।
- आवासीय पता: अपना पूरा वर्तमान पता दर्ज करें।
- पिन कोड: अपने क्षेत्र का 6 अंकों का पिन कोड डालें।
- जिला: अपने जिले का चयन करें।
- मोबाइल नंबर: अपना चालू मोबाइल नंबर दर्ज करें (इस पर ओटीपी आएगा)।
- ईमेल आईडी: (वैकल्पिक) अपनी ईमेल आईडी दर्ज करें।
- सुरक्षा कोड: स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा (Captcha) कोड भरें।
- सभी विवरण भरने के बाद “सुरक्षित करें” (Save) बटन पर क्लिक करें। आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) भेजा जाएगा।
चरण 4: लॉगिन करें और पासवर्ड बदलें
- दोबारा ई-साथी के लॉगिन पेज पर आएं।
- अपनी बनाई हुई लॉगिन आईडी, मोबाइल पर आया ओटीपी (जो अस्थायी पासवर्ड है) और कैप्चा कोड डालकर “Submit” पर क्लिक करें।
- पहली बार लॉगिन करने पर सिस्टम आपको पासवर्ड बदलने के लिए कहेगा। अपना एक मजबूत नया पासवर्ड बनाएं (जिसमें अक्षर, संख्याएं और विशेष वर्ण जैसे @, # शामिल हों) और उसे सुरक्षित रख लें।
ऑनलाइन प्रमाण पत्र आवेदन प्रक्रिया (Application Forms Process)
सफलतापूर्वक लॉगिन करने के बाद आप ई-साथी डैशबोर्ड पर पहुंच जाएंगे। यहाँ आपको “आवेदन भरें” (Fill Application) का विकल्प मिलेगा। आइए तीनों प्रमाण पत्रों को अलग-अलग भरने की प्रक्रिया समझते हैं:
A. जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) के लिए आवेदन:
- डैशबोर्ड पर सेवाओं की सूची में से “जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate)” (हिन्दी या अंग्रेजी, अपनी सुविधा अनुसार) का चयन करें।
- आवेदन फॉर्म खुलते ही सबसे पहले चुनें कि आप ग्रामीण (Rural) क्षेत्र से हैं या नगरीय (Urban) क्षेत्र से।
- व्यक्तिगत विवरण: आवेदक का नाम (हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में), पिता/पति का नाम, माता का नाम दर्ज करें।
- पता: अपना वर्तमान पता, मकान नंबर, मोहल्ला/पोस्ट, जिला, तहसील और ग्राम/वार्ड का चयन करें। यदि स्थायी पता भी यही है, तो “उपरोक्त” (Same as Above) वाले बॉक्स को टिक करें।
- जाति का विवरण: अपनी श्रेणी (जैसे- पिछड़ी, अनुसूचित जाति) चुनें और फिर उपजाति (Sub-caste) की सूची में से अपनी विशिष्ट जाति का चयन करें।
- प्रमाण पत्र बनवाने का कारण: स्पष्ट रूप से लिखें कि आपको यह प्रमाण पत्र क्यों चाहिए (उदा. “छात्रवृत्ति हेतु” या “सरकारी नौकरी हेतु”)।
- दस्तावेज अपलोड: ‘संलग्नक शीर्षक’ (Attachment Title) में जाकर क्रमशः फोटो, स्व-घोषणा पत्र और पार्षद/प्रधान का जाति प्रमाण पत्र या आधार कार्ड चुनें और ‘Choose File’ पर क्लिक करके उन्हें अपलोड करें। अपलोड करने के बाद “दर्ज करें” (Submit) पर क्लिक करें।
B. आय प्रमाण पत्र (Income Certificate) के लिए आवेदन:
- डैशबोर्ड पर “आय प्रमाण पत्र” के विकल्प पर क्लिक करें।
- क्षेत्र (ग्रामीण/नगरीय) का चयन करें और आवेदक, पिता/माता का नाम और पता ठीक उसी तरह भरें जैसे जाति प्रमाण पत्र में भरा था।
- व्यवसाय विवरण: आवेदक का व्यवसाय (जैसे- कृषि, मजदूरी, नौकरी, व्यापार) दर्ज करें।
- परिवार का विवरण: परिवार के सदस्यों की संख्या दर्ज करें। इसके बाद नीचे एक तालिका खुलेगी जहाँ परिवार के सदस्यों के नाम और उनके व्यवसाय से होने वाली वार्षिक आय लिखनी होगी।
- आय का स्रोत: अकुशल भूमिहीन मजदूर, खेती, पेंशन, सेवा या अन्य स्रोतों से होने वाली वार्षिक आय की राशि (रुपयों में) दर्ज करें। सुनिश्चित करें कि यह विवरण आपके द्वारा अपलोड किए जाने वाले आय के प्रमाण से मेल खाता हो।
- क्या इससे पहले कोई आय प्रमाण पत्र जारी हुआ है? यदि हाँ तो उसका विवरण दें, अन्यथा “नहीं” रहने दें।
- राशन कार्ड संख्या (यदि उपलब्ध हो) दर्ज करें।
- प्रमाण पत्र बनवाने का कारण दर्ज करें और आवश्यक दस्तावेज (फोटो, स्व-घोषणा पत्र, सैलरी स्लिप या प्रधान की आख्या) अपलोड करके फॉर्म को सबमिट करें।
C. निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate) के लिए आवेदन:
- डैशबोर्ड से “निवास प्रमाण पत्र” सेवा का चयन करें।
- ग्रामीण या नगरीय क्षेत्र चुनें। आवेदक का नाम, माता-पिता का नाम और जन्म स्थान दर्ज करें।
- निवास की अवधि: यहाँ दो विकल्प होते हैं—”जन्म से” या “वर्षों से”। यदि आप जन्म से उसी स्थान पर रह रहे हैं तो “जन्म से” चुनें। यदि कुछ वर्षों से रह रहे हैं, तो वर्षों की संख्या दर्ज करें।
- अपना पूरा पता, तहसील, थाना और जनपद का चयन करें।
- प्रमाण पत्र बनवाने का कारण और अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- आवश्यक दस्तावेज जैसे—फोटो, स्व-घोषणा पत्र, निवास का प्रमाण (आधार कार्ड/वोटर आईडी/बिजली बिल) अपलोड करें।
- अंत में “दर्ज करें” बटन पर क्लिक करके फॉर्म को जमा करें।
आवेदन शुल्क का भुगतान (Application Fee Payment)
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक प्रमाण पत्र के आवेदन के लिए एक निश्चित शुल्क निर्धारित किया गया है (वर्तमान में यह प्रति प्रमाण पत्र ₹15 से ₹30 के बीच है)। बिना शुल्क भुगतान के आपका आवेदन संबंधित अधिकारी के पास नहीं भेजा जाएगा।
- फॉर्म सबमिट करने के बाद आपको एक “आवेदन संख्या” (Application Number) प्राप्त होगी। इसे नोट कर लें।
- डैशबोर्ड पर वापस आएं और “सेवा शुल्क भुगतान” (Fee Payment) के विकल्प पर क्लिक करें।
- अपनी आवेदन संख्या दर्ज करें और ‘Submit’ बटन दबाएं।
- भुगतान के विभिन्न माध्यम जैसे—नेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड, या यूपीआई (UPI/QR Code) का चयन करें।
- सफलतापूर्वक भुगतान करने के बाद, स्क्रीन पर एक पावती रसीद (Acknowledgment Receipt) दिखाई देगी। इसे डाउनलोड या प्रिंट करके अपने पास रख लें।
आवेदन के बाद की आंतरिक प्रक्रिया (Backend Verification Process)
एक बार जब आप शुल्क का भुगतान कर देते हैं, तो आपका आवेदन ऑनलाइन माध्यम से आपके क्षेत्र के संबंधित सरकारी अधिकारियों के पास स्थानांतरित कर दिया जाता है। इसकी प्रक्रिया इस प्रकार होती है:
- लेखपाल/पटवारी स्तर: आवेदन सबसे पहले आपके क्षेत्र के राजस्व लेखपाल (ग्रामीण क्षेत्रों में) या राजस्व निरीक्षक (शहरी क्षेत्रों में) के लॉगिन पर जाता है।
- स्थलीय सत्यापन (Field Verification): लेखपाल आपके द्वारा दिए गए विवरणों की जांच करता है। आवश्यकता पड़ने पर वह आपके घर आकर या पड़ोसियों से पूछताछ कर स्थलीय सत्यापन कर सकता है। आय प्रमाण पत्र के मामले में लेखपाल तय करता है कि आपकी घोषित आय वास्तविक है या नहीं।
- आख्या रिपोर्ट (Report Submission): जांच पूरी करने के बाद लेखपाल अपनी सकारात्मक या नकारात्मक ‘आख्या’ (रिपोर्ट) ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर देता है और आवेदन को आगे बढ़ा देता है।
- सक्षम प्राधिकारी (Tehsildar/SDM): लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर सक्षम अधिकारी (आमतौर पर तहसीलदार या नायब तहसीलदार) प्रमाण पत्र को डिजिटल हस्ताक्षर (Digital Signature) के माध्यम से स्वीकृति प्रदान करते हैं। यदि दस्तावेजों में कोई कमी पाई जाती है, तो वे आवेदन को निरस्त (Reject) भी कर सकते हैं।
इस पूरी प्रक्रिया में सामान्यतः 7 से 15 कार्य दिवस (Working Days) का समय लगता है।
आवेदन की स्थिति कैसे जांचें? (How to Track Application Status)
यदि आपने आवेदन कर दिया है और आप जानना चाहते हैं कि आपका प्रमाण पत्र कहाँ तक पहुँचा है, तो आप बिना लॉगिन किए भी इसकी स्थिति जांच सकते हैं:
- उत्तर प्रदेश ई-डिस्ट्रिक्ट के होमपेज (edistrict.up.gov.in) पर जाएं।
- होमपेज पर दाईं ओर आपको “आवेदन की स्थिति” (Application Status) का एक बॉक्स दिखाई देगा।
- अपनी पावती रसीद में अंकित ‘आवेदन संख्या’ (Application Number) दर्ज करें।
- सर्च (Search) आइकॉन पर क्लिक करें।
- स्क्रीन पर एक पॉप-अप विंडो खुलेगी, जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा होगा कि आपका आवेदन अभी लेखपाल के पास लंबित है, स्वीकृत हो चुका है, या निरस्त कर दिया गया है। आप विवरण देखने के लिए अधिकारी के नाम पर भी क्लिक कर सकते हैं।
प्रमाण पत्र डाउनलोड और प्रिंट कैसे करें?
प्रमाण पत्र स्वीकृत होने के बाद आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक एसएमएस (SMS) प्राप्त होगा कि आपका प्रमाण पत्र तैयार है। इसे डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:
- अपने यूजर आईडी और पासवर्ड की मदद से e-Sathi पोर्टल पर लॉगिन करें।
- आपके व्यक्तिगत डैशबोर्ड पर “निस्तारित आवेदन” (Delivered Applications) का एक विकल्प दिखाई देगा। इस पर क्लिक करें।
- सेवा का प्रकार चुनें (Caste, Income, या Domicile)।
- आपके द्वारा आवेदन किए गए और स्वीकृत हो चुके प्रमाण पत्रों की सूची दिखाई देगी। संबंधित आवेदन संख्या पर क्लिक करें।
- आपका डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित (Digitally Signed) प्रमाण पत्र स्क्रीन पर खुल जाएगा।
- नीचे दिए गए ‘Print’ बटन पर क्लिक करके आप इसे पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट में सुरक्षित कर सकते हैं या इसका प्रिंटआउट निकाल सकते हैं।
ध्यान दें: इन डिजिटल प्रमाण पत्रों पर किसी भी अधिकारी के हाथ के हस्ताक्षर या तहसील की भौतिक मोहर की आवश्यकता नहीं होती है। इस पर अंकित डिजिटल हस्ताक्षर और क्यूआर कोड (QR Code) ही इसकी सत्यता का प्रमाण हैं और यह सभी सरकारी कार्यों के लिए पूर्णतः मान्य है।
सामान्य समस्याएं और समाधान (Troubleshooting Tips)
ऑनलाइन आवेदन के दौरान नागरिकों को कुछ तकनीकी या व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यहाँ उनके सरल समाधान दिए जा रहे हैं:
- समस्या 1: शुल्क कट गया लेकिन रसीद जनरेट नहीं हुई।
- समाधान: कभी-कभी बैंक सर्वर में देरी के कारण ऐसा होता है। तुरंत दोबारा भुगतान न करें। 24 से 48 घंटे प्रतीक्षा करें। पोर्टल पर लॉगिन करके ‘Re-verify Fee Payment’ या ‘सेवा शुल्क भुगतान’ लिंक पर जाकर अपनी आवेदन संख्या दोबारा दर्ज करें, आपकी रसीद अपडेट हो जाएगी।
- समस्या 2: आवेदन निरस्त (Reject) हो गया।
- समाधान: निरस्त होने का कारण जानने के लिए आवेदन की स्थिति जांचें। यदि दस्तावेज धुंधले (Blur) होने या गलत जानकारी के कारण आवेदन निरस्त हुआ है, तो कमियों को सुधार कर नए सिरे से आवेदन करें और शुल्क का पुनः भुगतान करें। निरस्त मामलों में शुल्क वापस नहीं होता है।
- समस्या 3: ओटीपी (OTP) प्राप्त नहीं हो रहा है।
- समाधान: सुनिश्चित करें कि आपका मोबाइल नेटवर्क ठीक है और डू-नॉट-डिस्टर्ब (DND) सेवा सक्रिय नहीं है। कभी-कभी पीक आवर्स में सर्वर डाउन होने पर भी ऐसा होता है, ऐसे में देर रात या सुबह के समय प्रयास करें।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार का ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल नागरिक केंद्रित सेवाओं (Citizen-Centric Services) को सुदृढ़ करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनाने की सुविधा ने न केवल आम जनता को सरकारी दफ्तरों की भागदौड़ से मुक्ति दिलाई है, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगाई है। मात्र ₹15-30 के सरकारी शुल्क पर पारदर्शी तरीके से दस्तावेज बन जाना डिजिटल गवर्नेंस की एक बड़ी सफलता है।
राज्य के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर छात्रों और युवाओं को इस ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी होनी चाहिए ताकि वे समय रहते अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज स्वयं बना सकें और अंतिम समय में होने वाली किसी भी परेशानी से बच सकें।
उत्तर प्रदेश जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र ऑनलाइन पंजीकरण से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs):
1. इन प्रमाण पत्रों को ऑनलाइन बनवाने की सरकारी फीस कितनी है?
ई-साथी (e-Sathi) पोर्टल के माध्यम से स्वयं आवेदन करने पर प्रति प्रमाण पत्र सरकारी शुल्क ₹15 है। यदि आप यही आवेदन किसी जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से करवाते हैं, तो आपको वहां निर्धारित सेवा शुल्क (लगभग ₹30) देना पड़ सकता है।
2. प्रमाण पत्र बनकर तैयार होने में कितने दिनों का समय लगता है?
सरकारी नियमों के अनुसार, आवेदन जमा होने और शुल्क भुगतान के बाद प्रमाण पत्र जारी होने में सामान्यतः 7 से 15 कार्य दिवस (Working Days) का समय लगता है।
3. क्या इन ऑनलाइन डिजिटल प्रमाण पत्रों पर तहसील की मोहर या लेखपाल के हस्ताक्षर जरूरी हैं?
जी नहीं, बिल्कुल नहीं। इन ऑनलाइन प्रमाण पत्रों पर सक्षम प्राधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर (Digital Signature) और एक अनूठा क्यूआर कोड (QR Code) होता है। इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी होने के कारण इन पर किसी भौतिक मोहर या हाथ से किए गए हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं होती। यह सभी सरकारी और गैर-सरकारी कार्यों में पूरी तरह मान्य हैं।
4. आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र की वैधता (Validity) कितने समय की होती है?
- आय प्रमाण पत्र: जारी होने की तिथि से 3 वर्ष के लिए वैध होता है।
- निवास प्रमाण पत्र: यह आम तौर पर तब तक वैध रहता है जब तक आप उस स्थान को स्थायी रूप से बदल नहीं लेते। हालांकि, कुछ विशेष सरकारी नौकरियों या संस्थाओं में 6 महीने या 1 साल से अधिक पुराना निवास प्रमाण पत्र नहीं मांगा जाता।
- जाति प्रमाण पत्र: अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) का जाति प्रमाण पत्र जीवनभर (Lifetime) के लिए मान्य होता है। अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के प्रमाण पत्र में ‘क्रीमी लेयर’ की समीक्षा के कारण अक्सर इसे 3 वर्ष बाद अपडेट करना पड़ता है।
5. क्या एक ही ‘लॉगिन आईडी’ से परिवार के अन्य सदस्यों के फॉर्म भी भरे जा सकते हैं?
हाँ, आप अपने ई-साथी पोर्टल की एक ही नागरिक लॉगिन आईडी से अपने परिवार के किसी भी सदस्य (माता, पिता, भाई, बहन या बच्चे) का जाति, आय या निवास प्रमाण पत्र ऑनलाइन भर सकते हैं।
6. ‘स्व-घोषणा पत्र’ (Self-Declaration Form) क्या है और यह कहाँ मिलेगा?
स्व-घोषणा पत्र एक कानूनी दस्तावेज है जिसमें आवेदक यह सत्यापित करता है कि फॉर्म में भरी गई सभी जानकारियां पूरी तरह सच हैं। यह फॉर्म आवेदन प्रक्रिया के दौरान बहुत जरूरी है। आप इसे उत्तर प्रदेश ई-डिस्ट्रिक्ट की आधिकारिक वेबसाइट के होमपेज पर “डाउनलोड” सेक्शन से या ई-साथी पोर्टल के डैशबोर्ड से आसानी से मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।
7. अगर मेरा आवेदन अस्वीकृत (Reject) हो जाता है, तो क्या मेरी फीस वापस मिलेगी?
जी नहीं, आवेदन निरस्त होने की स्थिति में सरकारी शुल्क वापस नहीं किया जाता है। आवेदन जमा करने से पहले हमेशा यह सुनिश्चित करें कि आपके द्वारा अपलोड किए गए दस्तावेज साफ (स्पष्ट) हैं और दी गई जानकारी पूरी तरह सही है।
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