Site icon Khas Press

Padma Awards 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 66 हस्तियों को दिया पद्म पुरस्कार, धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण, हेमा मालिनी ने लिया सम्मान!

Padma Awards 2026, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पद्म पुरस्कार 2026, धर्मेंद्र मरणोपरांत पद्म विभूषण हेमा मालिनी, हरमनप्रीत कौर पद्मश्री पुरस्कार 2026, मार्शल आर्ट गुरु के पजनीवेल पीएम मोदी दंडवत प्रणाम, पुडुचेरी सिलंबम

Padma Awards 2026, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पद्म पुरस्कार 2026, धर्मेंद्र मरणोपरांत पद्म विभूषण हेमा मालिनी, हरमनप्रीत कौर पद्मश्री पुरस्कार 2026, मार्शल आर्ट गुरु के पजनीवेल पीएम मोदी दंडवत प्रणाम, पुडुचेरी सिलंबम.png

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित एक भव्य और गरिमामयी नागरिक अलंकरण समारोह (Civil Investiture Ceremony) में देश की 66 असाधारण हस्तियों को प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया है। सोमवार, 25 मई 2026 को आयोजित इस विशेष समारोह के पहले चरण में भारतीय सिनेमा के ‘ही-मैन’ कहे जाने वाले दिवंगत फिल्म स्टार धर्मेंद्र को मरणोपरांत देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘पद्व विभूषण’ से नवाजा गया। इस बेहद भावुक क्षण में उनकी पत्नी, दिग्गज अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी ने राष्ट्रपति मुर्मू के हाथों यह सम्मान ग्रहण किया।

समारोह में खेल, कला, संस्कृति और समाज सेवा जगत से जुड़े कई अन्य चेहरों को भी सम्मानित किया गया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की वर्तमान कप्तान हरमनप्रीत कौर को देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्मश्री’ से नवाजा गया। उनकी कप्तानी और बेहतरीन लीडरशिप के चलते इसी साल (2026) भारतीय महिला टीम ने इतिहास रचते हुए वनडे क्रिकेट वर्ल्डकप का खिताब अपने नाम किया था। वहीं, समारोह का सबसे हृदयस्पर्शी और चर्चा का विषय बनने वाला पल वह था जब पुडुचेरी के प्रसिद्ध पारंपरिक मार्शल आर्ट ‘सिलंबम’ के विख्यात गुरु के. पजनीवेल (के. पजानिवेल) को पद्मश्री से सम्मानित किया गया। सम्मान मंच की ओर बढ़ने से पहले उन्होंने आदर और अटूट श्रद्धा भाव दिखाते हुए जमीन पर लेटकर (दंडवत प्रणाम) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिवादन किया।

वर्ष 2026 के लिए केंद्र सरकार द्वारा कुल 131 हस्तियों को पद्म पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई थी। इस पहले फेज में 66 विजेताओं को उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए मेडल और प्रमाण पत्र सौंपे गए, जबकि शेष बचे 65 विजेताओं को अगले चरण के भव्य समारोह में सम्मानित किया जाएगा, जिसकी आधिकारिक तारीखें आयोग और गृह मंत्रालय द्वारा जल्द ही साझा की जाएंगी।

2026 के पद्म पुरस्कारों का पूर्ण सांख्यिकीय वर्गीकरण

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित किए गए राष्ट्रीय पुरस्कारों को राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष सिविल इन्वेस्टीचर सेरेमनी-I के तहत प्रदान किया गया। इस वर्ष के पुरस्कारों की समग्र संरचना इस प्रकार है:

पुरस्कार का प्रकारप्रथम चरण में वितरित (25 मई 2026)कुल घोषित पुरस्कार (वर्ष 2026)
पद्म विभूषण (Padma Vibhushan)0205
पद्म भूषण (Padma Bhushan)0613
पद्मश्री (Padma Shri)58113
कुल योग (Total)66 हस्तियाँ131 हस्तियाँ

समारोह के पहले दिन वितरित किए गए ये पुरस्कार देश के प्रति निस्वार्थ सेवा, अद्वितीय कौशल और लोक कल्याण की भावना को समर्पित रहे।

पद्म विभूषण (Padma Vibhushan):

पद्म भूषण (Padma Bhushan):

धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण: भारतीय सिनेमा के एक युग का सम्मान

भारतीय फिल्म उद्योग (Bollywood) में छह दशकों से अधिक समय तक राज करने वाले और ‘ही-मैन’ के नाम से दर्शकों के दिलों में बसने वाले स्वर्गीय धर्मेंद्र (धर्मेंद्र सिंह देओल) को कला और अभिनय के क्षेत्र में उनके अतुलनीय तथा शाश्वत योगदान के लिए मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। यह पल पूरे राष्ट्रपति भवन के लिए बेहद भावुक कर देने वाला था।

महिला क्रिकेट की सिरमौर हरमनप्रीत कौर को पद्मश्री

खेल की दुनिया में विशेषकर भारतीय महिला क्रिकेट को वैश्विक पटल पर एक नई ऊँचाई और आक्रामकता देने वाली टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर भुल्लर को खेल क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट और असाधारण प्रदर्शन के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

सिलंबम गुरु के. पजनीवेल: सादगी, संस्कृति और दंडवत प्रणाम की अनूठी तस्वीर

राष्ट्रपति भवन में सोमवार को कई बड़े वीआईपी और मशहूर हस्तियाँ मौजूद थीं, लेकिन जिस एक शख्शियत ने अपनी सादगी, अद्भुत कला और गहरी भारतीय संस्कृति के प्रदर्शन से हर किसी का दिल जीत लिया, वे थे पुडुचेरी के रहने वाले 53 वर्षीय के. पजनीवेल (K. Pajanivel)

1. कौन हैं गुरु के. पजनीवेल?

के. पजनीवेल तमिलनाडु और पुडुचेरी की 5,000 साल पुरानी पारंपरिक और अस्त्र-शस्त्र आधारित ऐतिहासिक मार्शल आर्ट ‘सिलंबम’ (Silambam) के प्रख्यात मास्टर और संरक्षक हैं। सिलंबम मुख्य रूप से लाठी और विभिन्न पारंपरिक हथियारों के अनूठे संचालन की एक बेहद कठिन युद्ध कला है। पजनीवेल ने पिछले तीन दशकों से भी अधिक समय से इस कला के संरक्षण, संवर्धन और इसे दुनिया भर में लोकप्रिय बनाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया है।

2. बस क्लीनर से पद्मश्री तक का फर्श से अर्श का सफर

पजनीवेल का यह मुकाम आसानी से नहीं मिला। उनका जीवन घोर गरीबी और कड़े संघर्षों की एक जीवंत दास्तान है:

3. पीएम मोदी को दंडवत प्रणाम: सोशल मीडिया पर छाया भावुक पल

पद्मश्री सम्मान लेने के लिए जैसे ही के. पजनीवेल का नाम पुकारा गया, वे पूरी तरह पारंपरिक भारतीय वेशभूषा में मंच की तरफ बढ़े। मंच के सामने अग्रिम पंक्ति में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बैठे हुए थे।

सम्मान मंच पर कदम रखने से ठीक पहले, गुरु पजनीवेल अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रुके और बिना किसी संकोच के अपनी कला के प्रति समर्पित गुरुओं की प्राचीन परंपरा का निर्वहन करते हुए सीधे जमीन पर पूरी तरह लेट गए (दंडवत प्रणाम किया)। उन्होंने पीएम मोदी के प्रति अपना सर्वोच्च सम्मान प्रकट किया।

यह दृश्य देखकर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भावुक हो उठे। पीएम मोदी तुरंत अपनी सीट से खड़े हुए, आगे बढ़े और अत्यंत सम्मानपूर्वक गुरु पजनीवेल को दोनों हाथों से पकड़कर जमीन से उठाया। प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए उनके प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की और दोनों हाथ जोड़कर उनका अभिवादन स्वीकार किया। राष्ट्रपति भवन के भीतर संस्कृति और सादगी के इस बेजोड़ मिलन को देखकर वहाँ उपस्थित तमाम गणमान्य अतिथियों ने खड़े होकर तालियां बजाईं। यह वीडियो और तस्वीर कुछ ही मिनटों में इंटरनेट और सोशल मीडिया पर जबरदस्त रूप से वायरल हो गई, जिसे लोगों ने “सच्ची भारतीय संस्कृति और गुरु-शिष्य परंपरा का साक्षात उदाहरण” बताया।

मनोरंजन और कला जगत के अन्य बड़े चेहरों को मिला सम्मान

पहले चरण के इस अलंकरण समारोह में सिनेमा, संगीत, कला और संस्कृति के क्षेत्र से आने वाली कई अन्य प्रमुख विभूतियों को भी सम्मानित किया गया:

  1. डॉ. एन. राजम (पद्म विभूषण): देश की जानी-मानी और प्रख्यात वायलिन वादक डॉ. एन. राजम को भारतीय शास्त्रीय संगीत (हिंदुस्तानी संगीत) के क्षेत्र में उनके सात दशकों से अधिक के असाधारण योगदान के लिए राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा पद्म विभूषण से अलंकृत किया गया।
  2. पीयूष पांडे (मरणोपरांत – पद्म भूषण): विज्ञापन और रचनात्मकता (Advertising World) के क्षेत्र में भारत को एक वैश्विक पहचान दिलाने वाले दिग्गज विज्ञापन गुरु पीयूष पांडे को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उनकी ओर से यह सम्मान उनकी पत्नी नीता जोशी ने ग्रहण किया।
  3. अलका याग्निक (पद्म भूषण): 90 के दशक और आधुनिक भारतीय सिनेमा को अपनी सुरीली आवाज से सजाने वाली मशहूर पार्श्व गायिका (Playback Singer) अलका याग्निक को संगीत के क्षेत्र में उनकी जादुई कला के लिए पद्म भूषण सम्मान प्रदान किया गया।
  4. ममूटी (पद्म भूषण): मलयालम और दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज और कल्ट सुपरस्टार ममूटी को अभिनय के क्षेत्र में उनकी अभूतपूर्व कलात्मक यात्रा के लिए पद्म भूषण से नवाजा गया।
  5. आर. माधवन (पद्मश्री): बहुमुखी प्रतिभा के धनी अभिनेता और निर्देशक आर. माधवन को कला और सिनेमा के क्षेत्र में उनकी शानदार सेवाओं के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
  6. प्रोसेनजीत चटर्जी (पद्मश्री): बंगाली सिनेमा के दिग्गज और लोकप्रिय सुपरस्टार प्रोसेनजीत चटर्जी को भी कला क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए पद्मश्री मिला।
  7. सतीश शाह (मरणोपरांत – पद्मश्री): हिंदी सिनेमा और टेलीविजन जगत में हास्य अभिनय को एक नया मुकाम देने वाले दिग्गज स्वर्गीय अभिनेता सतीश शाह को मरणोपरांत पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

‘पीपुल्स पद्म’ (People’s Padma) की बदलती और सशक्त अवधारणा

पिछले कुछ वर्षों में भारत सरकार ने पद्म पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव किया है, जिसे अब आधिकारिक तौर पर ‘पीपुल्स पद्म’ (जनता का पद्म) कहा जाता है। 2026 के इस पुरस्कार वितरण समारोह में भी इसकी साफ झलक देखने को मिली।

पहले जहाँ ये राष्ट्रीय पुरस्कार मुख्य रूप से महानगरों, लुटियंस दिल्ली के गलियारों, रसूखदार राजनेताओं, बड़े उद्योगपतियों या अत्यधिक प्रभावशाली हस्तियों तक ही सीमित माने जाते थे, वहीं अब इसकी कमान देश के जमीनी स्तर के उन ‘गुमनाम नायकों’ (Unsung Heroes) के हाथों में सौंप दी गई है, जिन्होंने बिना किसी प्रचार या आर्थिक लाभ के समाज के अंतिम पायदान पर रहकर देश की संस्कृति, कला, विज्ञान और मानवता की सेवा की है।

गुरु के. पजनीवेल जैसे सुदूर गांव के पूर्व बस क्लीनर का राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में देश के सर्वोच्च नेताओं के सामने रेड कार्पेट पर चलना और देश का सर्वोच्च सम्मान पाना इसी ‘पीपुल्स पद्म’ की बदलती और खूबसूरत तस्वीर को बयां करता है। इस व्यवस्था ने देश के आम नागरिक के भीतर यह भरोसा जगाया है कि यदि आपके पास हुनर है और आप समाज के लिए निस्वार्थ काम कर रहे हैं, तो राष्ट्र आपकी योग्यता को पहचानेगा भी और उसे पूरे सम्मान के साथ शीश पर बिठाएगा भी।

अगले चरण (Phase-2) की तैयारियां और उत्सुकता

साल 2026 के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कुल 131 पद्म पुरस्कारों को मंजूरी दी थी। इनमें से पहले नागरिक अलंकरण समारोह में केवल 66 विजेताओं को ही मेडल सौंपे गए हैं। गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, शेष बचे 65 विजेताओं को अगले चरण (Phase-2) के तहत आयोजित होने वाले एक और भव्य समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

यद्यपि सरकार की ओर से दूसरे चरण के पुरस्कार वितरण समारोह की सटीक तारीखों की घोषणा अभी आधिकारिक रूप से नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि अगले कुछ ही हफ्तों के भीतर राष्ट्रपति भवन में इसके लिए दूसरे समारोह का आयोजन किया जाएगा। दूसरे चरण में भी खेल जगत के कुछ अन्य बड़े सितारों (जैसे रोहित शर्मा), विज्ञान और प्रौद्योगिकी के वैज्ञानिकों, दूरदराज के क्षेत्रों के सामाजिक कार्यकर्ताओं और आदिवासी लोक कलाकारों को सम्मानित किया जाना शेष है।

वर्ष 2026 के सभी 5 पद्म विभूषण (Padma Vibhushan) विजेताओं की सूची

पद्म विभूषण भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है। वर्ष 2026 में कुल 5 महान हस्तियों को इस सम्मान से नवाजा गया है:

1. स्वर्गीय धर्मेंद्र (कला – फिल्म जगत)

2. डॉ. एन. राजम (कला – भारतीय शास्त्रीय संगीत)

3. प्रोफेसर एम. एस. स्वामीनाथन (मरणोपरांत – विज्ञान एवं इंजीनियरिंग)

4. वेंकैया नायडू (सार्वजनिक मामले/Public Affairs)

5. बिंदेश्वर पाठक (मरणोपरांत – सामाजिक कार्य)

पुडुचेरी की प्राचीन कला ‘सिलंबम’ (Silambam) का ऐतिहासिक महत्व

राष्ट्रपति भवन में गुरु के. पजनीवेल द्वारा प्रदर्शित सादगी ने जिस कला को आज चर्चा में ला दिया है, उसका इतिहास बेहद गौरवशाली है:

रोहित शर्मा और अन्य खेल हस्तियों को मिलने वाले पद्म पुरस्कार (Phase-2)

वर्ष 2026 के अगले चरण (Phase-2) में खेल जगत के कई अन्य बड़े सितारों को भी पद्म पुरस्कारों से अलंकृत किया जाना है, जिनके नाम इस प्रकार हैं:

निष्कर्ष: राष्ट्र निर्माण के अनमोल रत्नों का महाकुंभ

25 मई 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित हुआ यह पद्म पुरस्कार समारोह महज एक पुरस्कार वितरण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह विविधता से भरे भारत की असाधारण प्रतिभाओं, अदम्य साहस, कलात्मक सांस्कृतिक धरोहरों और अटूट देशप्रेम के संगम का एक महाकुंभ था।

चाहे सिनेमा स्क्रीन पर दशकों तक दर्शकों का मनोरंजन करने वाले स्वर्गीय धर्मेंद्र का मरणोपरांत मिला सम्मान हो, चाहे देश को गौरवान्वित करने वाली महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर का जोश हो, या फिर अपनी प्राचीन कला ‘सिलंबम’ को बचाने के लिए पूरा जीवन झोंक देने वाले और प्रधानमंत्री के सामने साष्टांग दंडवत करने वाले गुरु के. पजनीवेल की असीम सादगी और विनम्रता हो—इन सभी हस्तियों ने यह साबित किया है कि भारत की असली ताकत उसकी जड़ों, उसकी माटी और उसके लोगों के भीतर छिपी हुई है। इन सभी राष्ट्रीय नायकों को सम्मानित कर वास्तव में देश ने स्वयं को गौरवान्वित किया है।

#PadmaAwards2026, #PresidentDroupadiMurmu, #Dharmendra, #HemaMalini, #HarmanpreetKaur, #KPajanivel, #Silambam, #PadmaVibhushan, #PadmaShri, #PeoplesPadma, #RashtrapatiBhavan, #NationalAwards2026, #IndianCricket, #MartialArtsIndia, #UnsungHeroes
Padma Awards 2026, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पद्म पुरस्कार 2026, धर्मेंद्र मरणोपरांत पद्म विभूषण हेमा मालिनी, हरमनप्रीत कौर पद्मश्री पुरस्कार 2026, मार्शल आर्ट गुरु के पजनीवेल पीएम मोदी दंडवत प्रणाम, पुडुचेरी सिलंबम गुरु पद्मश्री 2026, पद्म पुरस्कार 2026 विजेताओं की पूरी सूची, People's Padma Awards 2026, डॉ एन राजम पद्म विभूषण 2026, Civil Investiture Ceremony 2026, Rashtrapati Bhavan National Awards 2026
Exit mobile version