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कानपुर से अयोध्या मात्र 90 मिनट में! यूपी में बनेगा 187 KM लंबा हाई-स्पीड RRTS कॉरिडोर!

उत्तर प्रदेश में नमो भारत का मास्टरप्लान तैयार: कानपुर से अयोध्या के बीच दौड़ेगी हाई-स्पीड रैपिड रेल, सफर मात्र 90 मिनट में होगा पूरा

उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (UP-SCR) के तहत विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए एक बड़ी और महत्वाकांक्षी सौगात मिलने जा रही है। नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश में भी परिवहन की अत्याधुनिक और हाई-स्पीड बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसी कड़ी में, औद्योगिक नगरी कानपुर से लेकर रामनगरी अयोध्या तक एक भव्य रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर के निर्माण का मास्टरप्लान तैयार हो चुका है। इस परियोजना के पूरे होने के बाद कानपुर से अयोध्या के बीच का लंबा सफर मात्र 90 मिनट (डेढ़ घंटे) में सिमट जाएगा।

AI Generated Image for Kanpur to Ayodhya

₹32,000 करोड़ की लागत और 187 किलोमीटर का सफर

यह हाई-स्पीड कॉरिडोर कुल 187 किलोमीटर लंबा होगा, जिसकी अनुमानित लागत करीब ₹32,000 करोड़ आंकी गई है। इस महत्वाकांक्षी रेल नेटवर्क को नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) और उत्तर प्रदेश सरकार मिलकर संयुक्त रूप से विकसित करेंगे। परियोजना के तहत ट्रेनें लगभग 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, जिससे न केवल यात्रा समय में भारी कमी आएगी, बल्कि क्षेत्र में व्यावसायिक और औद्योगिक गतिविधियों को भी भारी गति मिलेगी।

दो चरणों में पूरा होगा काम

यात्रियों की सहूलियत और बेहतर कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए इस पूरे प्रोजेक्ट को दो मुख्य चरणों में पूरा करने का प्रस्ताव है:

  1. पहला चरण: कानपुर के नयागंज से शुरू होकर लखनऊ के अमौसी (एयरपोर्ट) तक करीब 67 किलोमीटर लंबा ट्रैक पहले फेज में तैयार होगा। इसके बाद कानपुर से लखनऊ की दूरी सिर्फ 40 मिनट में पूरी की जा सकेगी।
  2. दूसरा चरण: अगले चरण में इस लाइन को अमौसी से आगे बढ़ाकर सुशांत गोल्फ सिटी, बाराबंकी और रायबरेली के रास्ते सीधे अयोध्या तक जोड़ा जाएगा।

रूट मैप: बनने वाले 12 नए अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन

इस कॉरिडोर पर कुल 12 रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा, जो आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। इस रूट के प्रमुख स्टॉपेज इस प्रकार हैं:

इस पूरे नेटवर्क में दिल्ली के सराय काले खां की तर्ज पर लखनऊ को सबसे बड़ा और प्राथमिक रीजनल इंटरचेंज हब बनाया जाएगा, जो चारों प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी को अत्यधिक तेज कर देगा।

[कानपुर: नयागंज] ──► [उन्नाव] ──► [बशीरतगंज] ──► [नवाबगंज] ──► [बंथरा] ──► [अमौसी] │ [अयोध्या] ◄── [भिटरिया] ◄── [सफदरगंज] ◄── [बड़ेल] ◄── [जुग्गौर] ◄── [सुशांत गोल्फ सिटी]

स्टेशनों के इर्द-गिर्द विकसित होंगे 6 विशेष इकोनॉमिक और थीम हब

यह रेल कॉरिडोर सिर्फ एक परिवहन माध्यम नहीं, बल्कि ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति के तहत आर्थिक विकास का एक बड़ा जरिया बनेगा। कॉरिडोर के प्रमुख 6 स्टेशनों के आसपास के क्षेत्रों को विशिष्ट आर्थिक और कमर्शियल हब के रूप में डिजाइन किया जाएगा:

रोज़गार और पर्यटन को मिलेगी अभूतपूर्व उड़ान

प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के माध्यम से उत्तर प्रदेश के 6 प्रमुख जिले (कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली और अयोध्या) एक दूसरे से बेहद करीब आ जाएंगे। इससे रोज़ाना अप-डाउन करने वाले लाखों नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों, छात्रों और रामलला के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। कम समय में सुगम और सुरक्षित सफर मिलने से क्षेत्र के रियल एस्टेट, रोजगार के अवसरों और धार्मिक पर्यटन में एक क्रांतिकारी उछाल आना तय है।

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