Site icon Khas Press

Step-by-Step Guide: जनगणना 2027 के लिए ऑनलाइन स्वयं-गणना (Self-Enumeration) कैसे करें?

स्वयं-गणना 2027: डिजिटल जनगणना की ओर भारत का बड़ा कदम

भारत की अगली जनगणना एक ऐतिहासिक घटना होने जा रही है क्योंकि यह देश की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होगी। इस डिजिटल बदलाव का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा स्वयं-गणना (Self-Enumeration – SE) है। यह एक ऐसी सुविधा है जो नागरिकों को अपनी जानकारी स्वयं ऑनलाइन भरने की अनुमति देती है।

स्वयं-गणना क्या है?

स्वयं-गणना एक वैकल्पिक ऑनलाइन प्रक्रिया है जिसमें नागरिक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपने घर और परिवार का विवरण खुद दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए आपको गणनाकर्ता (Enumerator) के घर आने और डेटा रिकॉर्ड करने का इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं होगी।

महत्वपूर्ण समय सीमा और चरण

जनगणना 2027 दो मुख्य चरणों में पूरी की जाएगी:

  1. प्रथम चरण (मकान सूचीकरण और आवास गणना): यह प्रक्रिया अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच होगी। प्रत्येक राज्य में घर-घर जाकर होने वाली गणना से ठीक पहले 15 दिनों की स्वयं-गणना विंडो खोली जाएगी।
  2. द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना): यह मुख्य चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। इसमें जनसांख्यिकीय और सामाजिक-आर्थिक डेटा एकत्र किया जाएगा।

स्वयं-गणना कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)

  1. पोर्टल पर जाएं: आधिकारिक स्वयं-गणना पोर्टल पर लॉगिन करें।
  2. सत्यापन (Verification): अपने मोबाइल नंबर और OTP के जरिए लॉगिन करें।
  3. भाषा का चयन: आप अपनी सुविधा के अनुसार 16 क्षेत्रीय भाषाओं में से किसी एक को चुन सकते हैं।
  4. विवरण भरें: घर की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं (जैसे पानी, बिजली, इंटरनेट) और संपत्ति से जुड़े सवालों के जवाब दें।
  5. SE ID प्राप्त करें: फॉर्म जमा करने के बाद, आपको एसएमएस के जरिए 11 अंकों की स्वयं-गणना आईडी (SE ID) मिलेगी।
  6. अंतिम सत्यापन: जब गणनाकर्ता आपके घर आए, तो उसे बस अपनी SE ID दिखा दें। वह अपने मोबाइल ऐप पर डेटा को सत्यापित (Verify) कर देगा, जिससे आपका समय बचेगा।

स्वयं-गणना के लाभ

स्वयं-गणना में भाग लेकर नागरिक न केवल अपना समय बचाते हैं, बल्कि देश के भविष्य की नीतियों और योजना निर्माण में सटीक योगदान देते हैं। यह डिजिटल इंडिया की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

Census 2027: डिजिटल जनगणना में पूछे जाएंगे ये 31 सवाल, आधार और जाति जनगणना पर बड़ा अपडेट

जनगणना के पहले चरण (HLO – House Listing and Housing Census) में नागरिकों से कुल 31 प्रमुख सवाल पूछे जाएंगे (शुरुआत में यह 34 थे, जिन्हें अब 31 कर दिया गया है)। स्वयं-गणना पोर्टल पर आपको इन्हीं सवालों के जवाब देने होंगे:

मकान और सुविधाओं से जुड़े प्रमुख सवाल:

  1. भवन नंबर: (नगर पालिका या स्थानीय निकाय द्वारा दिया गया नंबर)।
  2. जनगणना मकान नंबर: (गणनाकर्ता द्वारा दिया गया)।
  3. मकान की छत, दीवार और फर्श की सामग्री: (जैसे- पक्का, कच्चा, कंक्रीट, लकड़ी आदि)।
  4. मकान का उपयोग: (निवास के लिए, दुकान के लिए या दोनों के लिए)।
  5. मकान की स्थिति: (अच्छी, रहने लायक या जर्जर)।
  6. परिवार नंबर: (परिवार की पहचान के लिए)।
  7. परिवार के मुखिया का नाम और लिंग।
  8. परिवार के सदस्यों की कुल संख्या।
  9. क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) से है?
  10. मकान का स्वामित्व: (अपना है या किराए का)।
  11. कमरों की संख्या: (परिवार के पास रहने के लिए कितने कमरे हैं)।
  12. विवाहित जोड़ों की संख्या: (घर में रहने वाले विवाहित जोड़े)।
  13. पीने के पानी का मुख्य स्रोत: (नल, हैंडपंप, ट्यूबवेल, कुआं आदि)।
  14. पानी की उपलब्धता: (परिसर के भीतर है या बाहर)।
  15. प्रकाश (Lighting) का मुख्य स्रोत: (बिजली, केरोसिन, सौर ऊर्जा आदि)।
  16. शौचालय की सुविधा: (प्रकार और उपलब्धता)।
  17. गंदे पानी की निकासी: (ड्रेनेज सिस्टम कैसा है)।
  18. स्नान की सुविधा: (बाथरूम है या नहीं)।
  19. रसोई और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन: (खाना पकाने के लिए ईंधन का प्रकार)।
  20. मुख्य आहार: (परिवार में मुख्य रूप से खाया जाने वाला अनाज)।

संपत्ति और एसेट्स (Assets) से जुड़े सवाल:

  1. रेडियो/ट्रांजिस्टर की उपलब्धता।
  2. टेलीविजन (TV)
  3. इंटरनेट सुविधा: (ब्रॉडबैंड या मोबाइल इंटरनेट)।
  4. लैपटॉप/कंप्यूटर (इंटरनेट के साथ या बिना)।
  5. टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन
  6. साइकिल
  7. स्कूटर/मोटर साइकिल/मोपेड
  8. कार/जीप/वैन

महत्वपूर्ण जानकारी:


भारत की आगामी जनगणना (2027) में जाति आधारित डेटा (Caste Data) का संकलन एक बहुत ही महत्वपूर्ण और चर्चा का विषय है। यहाँ इसके बारे में मुख्य विवरण दिए गए हैं:

जाति जनगणना का स्वरूप (Caste Enumeration 2027)

  1. ऐतिहासिक संदर्भ: 1931 के बाद यह पहली बार होगा जब भारत में जनगणना के दौरान विस्तृत जातिगत डेटा एकत्र किया जाएगा।
  2. दो-स्तरीय प्रक्रिया:
    • SC/ST विवरण: अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) का विवरण पहले की तरह ही दर्ज किया जाएगा।
    • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): इस बार सरकार ओबीसी (OBC) और अन्य जातियों/उपजातियों के लिए अलग से कॉलम या विकल्प शामिल करने पर काम कर रही है।

स्वयं-गणना (Self-Enumeration) में इसे कैसे भरा जाएगा?

जब आप फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना (Population Enumeration) के लिए पोर्टल खोलेंगे, तो जाति से जुड़े सवाल इस प्रकार हो सकते हैं:

इसका महत्व क्यों है?

चुनौतियां और सावधानियां

जनगणना 2027 और स्वयं-गणना (Self-Enumeration) प्रक्रिया में आधार (Aadhaar) की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होने वाली है। सरकार ने इसके लिए नियमों में बदलाव किए हैं ताकि डेटा सटीक और विश्वसनीय हो।

यहाँ बताया गया है कि आधार को इस प्रक्रिया से कैसे जोड़ा जा रहा है:

1. स्वैच्छिक आधार (Voluntary Basis)

जनगणना नियमों में हालिया संशोधन के अनुसार, स्वयं-गणना के दौरान परिवार के सदस्य स्वेच्छा से अपना आधार नंबर दे सकते हैं। हालांकि यह अनिवार्य (Mandatory) नहीं है, लेकिन सरकार इसे प्रोत्साहित कर रही है।

2. डेटा की शुद्धता (Data Accuracy)

3. डिजिटल पहचान और लॉगिन

जब आप Self-Enumeration Portal पर लॉगिन करेंगे, तो आपके मोबाइल नंबर (जो आधार से लिंक है) पर एक OTP आएगा। यह सुनिश्चित करता है कि केवल परिवार का कोई अधिकृत सदस्य ही जानकारी भर रहा है।

4. जन्म और मृत्यु पंजीकरण से लिंक

सरकार की योजना जनगणना डेटा को जन्म और मृत्यु पंजीकरण के राष्ट्रीय डेटाबेस से जोड़ने की है। इसमें आधार एक ‘यूनिक आईडी’ के रूप में काम करेगा, जिससे जनगणना का डेटा समय के साथ (Real-time) अपडेट होता रहेगा।

5. गोपनीयता (Privacy)

सरकार ने स्पष्ट किया है कि:

क्या आपको आधार कार्ड पास रखना होगा?

हाँ, जब आप स्वयं-गणना फॉर्म भरें या जब गणनाकर्ता आपके घर आए, तो परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड पास रखना बेहतर होगा ताकि नाम की स्पेलिंग और जन्म वर्ष बिल्कुल सही दर्ज हो सके।

क्या आप यह जानना चाहते हैं कि विदेशी नागरिकों (Foreign Nationals) या एनआरआई (NRI) के लिए जनगणना के नियम क्या होंगे?

भारत की जनगणना 2027 में विदेशी नागरिकों और अनिवासी भारतीयों (NRI) के लिए नियम काफी स्पष्ट हैं। यहाँ इसकी मुख्य जानकारी दी गई है:

1. विदेशी नागरिक (Foreign Nationals)

2. अनिवासी भारतीय (NRI)

3. स्वयं-गणना (Self-Enumeration) और एनआरआई

4. राजनयिक और दूतावास

मुख्य बिंदु: जनगणना का उद्देश्य यह पता लगाना है कि एक निश्चित समय पर भारत की भूमि पर कुल कितने लोग रह रहे हैं, चाहे उनकी राष्ट्रीयता कुछ भी हो।

Census2027 #DigitalCensusIndia #SelfEnumeration#DigitalJanGanana #CensusIndia #स्वयं_गणना# जनगणना2027 #डिजिटल_जनगणना #BeCounted #DigitalIndia #MakeIndiaCount #MyCensusMyFuture #AmritKaalCensus #SE2027#IndiaCensus #JanGanana#NewIndia #DigitalIndia #जनगणना #SelfEnumeration
Exit mobile version