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IT सेक्टर में हड़कंप: Cognizant में बड़ी छंटनी की तैयारी, 15,000 नौकरियों पर संकट!

IT सेक्टर में भूचाल; Cognizant में 15,000 नौकरियों पर संकट, भारतीय कर्मचारियों पर सबसे बड़ा खतरा!

आईटी सेक्टर में छंटनी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिग्गज आईटी कंपनी Cognizant ने अपने कारोबार को रीस्ट्रक्चर करने के लिए एक बड़े योजना की घोषणा की है, जिसके तहत दुनिया भर में 12,000 से 15,000 कर्मचारियों की छंटनी की जा सकती है. इस खबर ने भारतीय आईटी वर्कफोर्स के बीच चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि कंपनी का सबसे बड़ा आधार भारत में ही है.

क्यों हो रही है इतनी बड़ी छंटनी?

कंपनी ने इस पुनर्गठन प्रक्रिया को ‘प्रोजेक्ट लीप’ (Project Leap) का नाम दिया है. इसके पीछे के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

भारतीय कर्मचारियों पर सबसे ज्यादा असर

Cognizant के पास दुनिया भर में लगभग 3,57,000 कर्मचारी हैं, जिनमें से 2,50,000 से अधिक भारत में स्थित हैं. विशेषज्ञों का अनुमान है कि कुल छंटनी का एक बड़ा हिस्सा भारत से हो सकता है क्योंकि यहाँ सेवरेंस लागत अन्य देशों की तुलना में कम है. समाचार आउटलेट्स जैसे Zee News और Live Hindustan ने रिपोर्ट किया है कि भारतीय वर्कफोर्स को इस वैश्विक बदलाव का सबसे बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है.

छंटनी और नई भर्तियां साथ-साथ

दिलचस्प बात यह है कि जहाँ एक ओर कंपनी छंटनी की योजना बना रही है, वहीं वह 2026 में 20,000 से अधिक फ्रेशर्स को नियुक्त करने का भी लक्ष्य रखती है. यह स्पष्ट संकेत है कि कंपनी पुराने स्किल्स वाले कर्मचारियों की जगह नई तकनीक (जैसे Generative AI) में कुशल युवाओं को लाना चाहती है।

आईटी क्षेत्र में चल रहे इस बदलाव की अधिक जानकारी के लिए आप Moneycontrol Hindi या NewsBytes जैसे विश्वसनीय स्रोतों पर विस्तृत रिपोर्ट पढ़ सकते हैं.

इस छंटनी के पीछे मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता प्रभाव है। यहाँ कुछ प्रमुख आईटी रोल्स (IT Roles) दिए गए हैं, जिन पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की संभावना है:

  1. मिड-लेवल मैनेजर्स (Mid-level Managers): कंपनियां अब “Lean Structure” अपना रही हैं, जिसका मतलब है कि कम मैनेजर्स के साथ ज्यादा काम। इस वजह से 10-15 साल के अनुभव वाले लोगों पर खतरा सबसे ज्यादा है।
  2. रूटीन कोडिंग और टेस्टिंग (Routine Coding & Testing): AI अब बेसिक कोड लिखने और बग्स (Bugs) ढूंढने में सक्षम है। जो कर्मचारी केवल बेसिक कोडिंग करते हैं, उन्हें अपनी स्किल्स अपडेट करने की सख्त जरूरत है।
  3. डाटा एंट्री और बैक-एंड ऑपरेशन्स: ऑटोमेशन टूल्स अब इन कामों को इंसानों से कहीं ज्यादा तेजी और सटीकता से कर रहे हैं।
  4. सपोर्ट और मेंटेनेंस: जो रोल्स केवल सिस्टम को चालू रखने (System Maintenance) से जुड़े हैं, उन्हें कंपनियां ऑटोमेटेड बॉट्स से बदल रही हैं।

बचने का तरीका क्या है?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अब केवल डिग्री काफी नहीं है। Generative AI, Cloud Computing, और Cyber Security जैसे क्षेत्रों में अपस्किलिंग (Upskilling) ही नौकरी बचाने का एकमात्र तरीका है।

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