ब्रिक्स समिट 2026 वाराणसी: मुख्य एजेंडा, सुरक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की पूरी जानकारी
वाराणसी | 4 जून, 2026
भारत के ब्रिक्स (BRICS) अध्यक्षता वर्ष 2026 के दौरान, वाराणसी में एक महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। यहाँ इस कार्यक्रम पर आधारित एक विशेष लेख है:
वाराणसी में ब्रिक्स-2026 सम्मेलन: सांस्कृतिक विरासत और आर्थिक मजबूती का संगम!
भारत की अध्यक्षता में आयोजित हो रहे ब्रिक्स-2026 (BRICS-2026) शिखर सम्मेलन की कड़ियों को जोड़ते हुए, आज वाराणसी के ताज होटल में एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया जा रहा है। जी-20 के सफल आयोजन के बाद, काशी एक बार फिर दुनिया के उभरते देशों के लिए मेजबान की भूमिका में तैयार है।
वाराणसी में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026: काशी के घाटों से दुनिया को नई दिशा!
प्रमुख विवरण और उद्देश्य
- मेजबानी: इस दो-दिवसीय सम्मेलन (4-5 जून) की मेजबानी भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय कर रहा है।
- मुख्य फोकस: बैठक का प्राथमिक उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से आर्थिक आयामों को सशक्त बनाना है। इसमें काशी के घाटों, ऐतिहासिक धरोहरों, और यहाँ के प्रसिद्ध GI एवं ODOP (एक जिला एक उत्पाद) उत्पादों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा।
- प्रतिभागी: सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, और संयुक्त अरब अमीरात) के बड़े अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत इस साल ब्रिक्स का नेतृत्व कर रहा है, जिसका मुख्य थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखा गया है।
- वाराणसी सहित देश के करीब 60 शहरों में 100 से ज्यादा ऐसी बैठकें और व्यापारिक सम्मेलन प्रस्तावित हैं।
- मुख्य 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन सितंबर 2026 में आयोजित किया जाना है, जिसमें सभी सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों के शामिल होने की संभावना है।
काशी पर प्रभाव
वाराणसी को ब्रिक्स के दौरान सांस्कृतिक राजधानी के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। इससे न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बनारसी साड़ी, हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नए रास्ते भी खुलेंगे।
वाराणसी में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) 2026 सम्मेलन के सांस्कृतिक आकर्षणों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत विवरण यहाँ दिया गया है:
काशी में ब्रिक्स: सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झलक
भारत सरकार इस सम्मेलन को जी-20 की तर्ज पर एक ‘सांस्कृतिक प्रदर्शन’ के रूप में प्रस्तुत कर रही है। प्रतिनिधियों के लिए विशेष कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है:
- गंगा आरती और नौका विहार: प्रतिनिधियों को दशाश्वमेध घाट पर विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती का अनुभव कराया जाएगा, जिसके बाद वे नौका विहार के जरिए काशी के अर्धचंद्राकार घाटों की भव्यता देखेंगे।
- सारनाथ भ्रमण: 4 जून की शाम को डेलीगेट्स ऐतिहासिक सारनाथ का दौरा करेंगे, जहाँ वे धमेख स्तूप और भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश स्थल के दर्शन करेंगे।
- शास्त्रीय संगीत और नृत्य: होटल ताज गंगेज के दरबार हॉल में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में बनारस घराने के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा भारतीय शास्त्रीय संगीत (गायन और वादन) और पारंपरिक नृत्य रूपों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
- हस्तशिल्प प्रदर्शनी: स्थानीय GI और ODOP उत्पादों, जैसे कि बनारसी सिल्क साड़ियाँ और लकड़ी के खिलौनों की एक विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है ताकि ब्रिक्स देशों के बीच व्यापारिक संभावनाओं को तलाशा जा सके।
सुरक्षा और पर्यटन के विशेष इंतजाम
वाराणसी को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है:
- त्रि-स्तरीय सुरक्षा: बैठक स्थल (ताज होटल) और प्रतिनिधियों के भ्रमण स्थलों पर कड़ा पहरा है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के करीब 2,000 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं।
- स्मार्ट सिटी कंट्रोल: प्रतिनिधियों के आवागमन के दौरान यातायात को सुगम बनाने के लिए एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर (ICCC) के जरिए ड्रोन और कैमरों से निगरानी की जा रही है।
- सौंदर्यीकरण: हवाई अड्डे से लेकर मुख्य आयोजन स्थलों तक की सड़कों का जीर्णोद्धार किया गया है और दीवारों पर काशी की संस्कृति को दर्शाती पेंटिंग्स बनाई गई हैं।
आगामी 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (सितंबर 2026)
वाराणसी की यह बैठक सितंबर में होने वाले मुख्य शिखर सम्मेलन की आधारशिला है:
- तिथियाँ: मुख्य शिखर सम्मेलन 12-13 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने की संभावना है।
- प्रमुख मुद्दे: सितंबर के सम्मेलन में वैश्विक शासन में सुधार, ऊर्जा सुरक्षा, और सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार (De-dollarization) जैसे गंभीर विषयों पर राष्ट्राध्यक्ष चर्चा करेंगे।
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